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    दलित छात्रा के सुसाइड के बाद रेप की FIR लिखी:चित्रकूट में मां बोली- पुलिस मैडम ने कहा था 'कोई चोट नहीं, हम कैसे मान लें'

    17 hours ago

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    चित्रकूट में 16 साल की दलित लड़की ने छेड़छाड़ से परेशान होकर घर में फांसी लगाकर जान दे दी। आरोपी गांव के ही तीन लड़के हैं, जिनकी उम्र 15 से 16 साल के बीच है। एक आरोपी प्रधान का भतीजा है। लड़की मां ने कहा, थाने में बेटी से पुलिस मैडम ने कहा था कि तुम्हारा तो कपड़ा तक नहीं फटा है। कोई चोट भी नहीं है, हम कैसे मान ले। मुकदमा दर्ज कराओगी तो शादी भी नहीं होगी। थाने में पैसा लेकर दो दिन बाद आरोपियों को छोड़ दिया गया। लड़की के सुसाइड के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों पर रेप की एफआईआर दर्ज कर ली है। लड़की 11वीं में पढ़ती थी। उधर, पुलिस का दावा है कि लड़की की एक डायरी मिली है, जो वह खुद लिखती थी। उसमें प्यार- मोहब्बत की बातें लिखी हैं। एक पन्ने पर लिखा है- अदालत इश्क की होगी, मुकदमा मेरे प्यार का होगा। ना दिल होता ना दिल रोता…। पुलिस अफेयर के एंगल पर भी जांच कर रही है। तीनों आरोपी ब्राह्मण समाज के हैं, लिहाजा सुसाइड के बाद राजनीति शुरू हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट भी किया है। इधर, एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब सिलसेलवार पूरी घटना पढ़िए… 5 मार्च को छेड़छाड़, 40 दिन बाद सुसाइड लड़की के पिता के मुताबिक, बेटी होली (4 मार्च) के दिन कुएं पर पानी भरने जा रही थी। गांव के 3 लड़कों ने रास्ते से बेटी को दबोच लिया और अरहर के खेत में ले जाकर छेड़छाड़ की। शिकायत करने पहुंचा तो कोर्ट बंद था, जिससे गांव लौट गया। बेटी बीमार थी, परेशान होकर मंगलवार, 14 अप्रैल की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 6 मार्च को लड़की के परिवार वाले थाने शिकायत करने पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपियों और उनके परिवार के लोगों को थाने बुलाया था। वहां पर दोनों पक्षों में समझौता कराया गया था। इसका जिक्र पुलिस की डायरी में दर्ज है। चित्रकूट एसपी अरुण कुमार सिंह के अनुसार, युवती की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कुछ लड़कों पर जबरन रंग लगाने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, बाद में माता-पिता ने लिखित रूप से कार्रवाई न करने की बात कही थी। यह मामला जीडी में दर्ज किया गया था। मामले की हर पहलू की जांच की जा रही है। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पहाड़ी थाना पुलिस ने उस दिन का वीडियो ‘दैनिक भास्कर’ को दिया है, जो थाने में सुलहनामा हुआ था। इसमें लड़की कह रही है कि उसे तीनों लड़कों ने रंग लगाया था। मुकदमा नहीं लिखवाना है। मुकदमा नहीं लिखवाने की बात पिता और मां ने भी कही थी। मां-पिता खेत गए थे, घर में बेटी ने जान दे दी मंगलवार की देर रात लड़की के मां-बाप और दो बहनें (उम्र 10 और 12 साल) खेत पर काम करने गए थे। लड़की घर पर अकेले थी। तभी पीड़ित ने फांसी लगा ली। जब माता–पिता घर लौटे तो वह फंदे पर झूलती मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। लड़की की सुसाइड के बाद पिता और मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां ने क्या-क्या बताया, पूरी कहानी पढ़िए… लड़की की डायरी में प्यार और जान देने की बातें पुलिस ने लड़की के घर की जांच की। लड़की की एक डायरी मिली है। जिसमें एक पन्ने पर लिखा है– हम गरीब घर के हैं। जान बड़े–बड़े सपने की जिद नहीं करते। हमके प्यार और इज्जत दिला। हम तुम्हारे अमीरी पर नहीं मरते हैं। सांवरिया सेठ की अदालत में जीवंत रखना। मैं रहूं या ना रहूं, मेरे प्यार को हमेशा सलामत रखना। एक जगह लिखा है– अदालत इश्क की होगी। मुकदमा मेरे प्यार का होगा। गवाही मेरा दिल देगा। मुल्जिम तेरा मेरा प्यार होगा। कहीं तुम्हें याद करते–करते मर भी गई ना तो मेरे मइयत पर आओगे ना आखरी बार आंसू बहाओगे ना। कोई पूछेगा क्या ताल्लुक था उनका–तुम्हारा। मुझे अपनी महबूब बताओगे ना… आखिरी में लिखा– ना दिल होता ना दिल रोता ना दिल दिल से जुदा होता ना आप हसीन होते ना आप पे दिल आता। इसके बाद से पुलिस अब अफेयर के एंगल पर जांच कर रही है। पहाड़ी थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि ताजा तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पहले दी गई शिकायत और वर्तमान आरोपों में क्या अंतर है। अखिलेश ने लिखा– दलित लड़की को न्याय नहीं मिला तो फांसी लगा ली इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर लिखा– भाजपा शासित उप्र के चित्रकूट में गैंगरेप की पीड़ित एक दलित लड़की ने इस लिए फाँसी लगाकर जान दे दी क्योंकि उसे न्याय नहीं मिला। भाजपा राज में यही महिला सुरक्षा की सच्चाई है बाक़ी सब ढोंग और मिथ्या प्रचार है। भाजपा जाए तो महिला का मान बच पाए! -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… लखीमपुर में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल:भीड़ ने महिला को पीटा; पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़, आग लगाई लखीमपुर खीरी जिले में अंबेडकर जयंती पर मंगलवार शाम बवाल हो गया। ग्रामीणों ने बिना परमीशन डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी, जिसका एक महिला ने विरोध किया। पुलिस ने मूर्ति हटवाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। धक्का-मुक्की और छीना-झपटी में मूर्ति टूट गई। इस पर भीड़ ने मूर्ति हटवाने वाली महिला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने महिला को भीड़ से निकालकर उसकी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…
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