Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    थानाभवन ईओ पर 50 लाख रुपए के गबन का आरोप:जांच रिपोर्ट सौंपी गई, चेयरमैन ने सहारनपुर कमिश्नर से शिकायत की थी

    2 hours ago

    1

    0

    शामली जिले की थानाभवन नगर पंचायत में 50 लाख रुपए के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में अधिशासी अधिकारी (ईओ) और नगर पंचायत अध्यक्ष आमने-सामने हैं। अध्यक्ष ने इस संबंध में सहारनपुर मंडलायुक्त से लिखित शिकायत की थी। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी गई है। 21 जनवरी 2026 को सहारनपुर मंडलायुक्त को एक शिकायत भेजी गई। इस शिकायत में ईओ पर डीजल खर्च के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता और लाखों रुपये प्रति माह के गबन का आरोप लगाया गया है। चैयरमेन की शिकायत के अनुसार, ईओ की नियुक्ति से पहले जहां मासिक डीजल खर्च करीब 2.25 लाख रुपए था, वहीं बाद में यह बढ़कर 3.25 से 3.50 लाख रुपए तक पहुंच गया। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में 5 से 6.92 लाख रुपए तक का मासिक खर्च दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि डीजल से संबंधित सभी पर्चियों पर ईओ के हस्ताक्षर होते थे और पूरा कार्य उनकी निगरानी में होता था। वहीं, लॉग बुक न होने का भी आरोप लगाया गया, जबकि नवंबर 2025 के बाद निगरानी बढ़ने पर पुरानी तारीखों में लॉग बुक तैयार किए जाने की बात कही गई। ईओ ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, अधिशासी अधिकारी जितेंद्र राणा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जब भुगतान हो रहा था, तब उसे रोका क्यों नहीं गया? अगर गबन हुआ है तो भुगतान किस आधार पर पास किया गया? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की जांच पूरी होकर आगे भेजी जा चुकी है। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने 7 नवंबर 2025 के बाद ही डीजल पर्चियों पर हस्ताक्षर करने शुरू किए, इससे पहले के खर्चों की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। इस पूरे मामले में नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले से ही ठेकेदारों पर लाखों रुपए के बंदरबांट के आरोप लगते रहे हैं, ऐसे में अब 50 लाख रुपए के गबन का मामला स्थानीय प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरा है। फिलहाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आ पाएगी। तब तक यह मामला कस्बे की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कोरी भुईयार समाज की बैठक में उपेक्षा पर चर्चा:समाज के उत्थान और तरक्की के लिए एकजुट होने का आह्वान
    Next Article
    लखनऊ में सपा विधायक का फर्श पर बैठकर प्रदर्शन:नगर निगम मुख्यालय घेरा, बोले- पानी नहीं मिल रहा, जलकर बढ़ गया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment