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    देवरिया इंटरमीडिएट रिजल्ट: टॉप-10 में 9 छात्राएं शामिल:सलोनी IAS, तूलिका फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं; संघर्ष से मिली सफलता

    6 hours ago

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    यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों में देवरिया जिले के 37,288 छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। जिले की टॉप-10 सूची में 10 मेधावियों ने जगह बनाई है, जिनमें 9 छात्राएं और केवल 1 छात्र शामिल है। इन टॉपर्स में दर्जी, दुकानदार, सफाई कर्मी और शिक्षकों के परिवारों से आने वाली बेटियां भी शामिल हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत के बल पर जिले में अपनी पहचान बनाई है। जिले में प्रथम स्थान सलोनी प्रजापति ने हासिल किया है। उन्होंने 500 में से 468 अंक (93.60%) प्राप्त किए। पथरदेवा क्षेत्र के दिल्ली पट्टी गांव की निवासी सलोनी के पिता गया प्रजापति एक किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि मां लीलावती देवी गृहिणी हैं। सलोनी प्रतिदिन लगभग 5 घंटे पढ़ाई करती थीं और भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया और बताया कि उन्होंने जेईई भी क्वालिफाई किया है। दूसरे स्थान पर प्रेस्टीज इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्रा तूलिका चौरसिया रहीं, जिन्होंने 459 अंक (91.80%) प्राप्त किए। उनके पिता गुलाबचंद चौरसिया शिक्षक हैं और मां गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी तूलिका फैशन डिजाइनर बनने का सपना देखती हैं। वह रोजाना 4 घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं और मोबाइल से दूरी बनाए रखती थीं। तीसरे स्थान पर रहीं काजल पाल ने 458 अंक (91.60%) हासिल किए। उनके पिता रमाशंकर पाल सफाई कर्मी हैं। काजल ने बताया कि उन्होंने रोजाना 5 घंटे सेल्फ स्टडी के साथ-साथ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी लिया। सातवें स्थान पर रहीं आराधना चौरसिया ने 451 अंक (90.20%) प्राप्त किए। उनके पिता मनोज कुमार दुकानदार हैं। आराधना भी आईएएस बनने का सपना देख रही हैं और प्रतिदिन सुबह-शाम 4 घंटे पढ़ाई करती थीं। सलेमपुर की अर्शिया खातून ने 449 अंक (89.80%) के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया। उनके पिता सिलाई का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद अर्शिया ने मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह पारिवारिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टर बनना चाहती हैं। इन सभी छात्रों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद भी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
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