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    धान की नर्सरी के लिए बीज तैयार, रेट तय नहीं:आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय से खाली लौट रहे किसान, रोपाई पर संकट

    15 hours ago

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    आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के बीज विधायन संयंत्र में धान की नर्सरी के लिए बीज उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक उनकी कीमत तय नहीं हो सकी है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वांचल के कई जिलों से किसान उन्नत किस्म के धान बीज खरीदने के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन कीमत निर्धारित न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, आजमगढ़, जौनपुर, गोंडा और बस्ती सहित कई जिलों से किसान पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन बीज खरीदने के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। किसान सुबह से केंद्र पर पहुंचकर दोपहर तक इंतजार करते हैं, लेकिन कर्मचारियों द्वारा यही बताया जाता है कि बीज पूरी तरह उपलब्ध है, पर शासन स्तर से अभी तक कीमत तय नहीं की गई है। इसी वजह से बिक्री शुरू नहीं हो पा रही है। 8 उन्नत प्रजातियों के बीज तैयार बीज विधायन संयंत्र के प्रभारी ऋषभ सिंह ने बताया कि फिलहाल धान की आठ उन्नत प्रजातियां तैयार हैं। इनमें एमटीयू-7029, बीपीटी-5204, सांभा सब-1, काला नमक केएन-01, केएन-02, एनडीआर-2064, एनडीआर-2065 और सरजू-52 शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी प्रमाणित बीज हैं और बेहतर उत्पादन के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। अन्य प्रजातियां उपलब्ध होते ही किसानों को भी उपलब्ध करा दी जाएंगी। नर्सरी डालने का समय नजदीक धान की फसल के लिए किसान आमतौर पर 20 मई तक नर्सरी डालना शुरू कर देते हैं। नर्सरी तैयार होने में 20 से 25 दिन का समय लगता है। ऐसे में 28 अप्रैल तक भी बीज की कीमत तय न होना किसानों की तैयारियों को प्रभावित कर रहा है। समय पर बीज न मिलने के कारण खेत की जुताई, खाद की व्यवस्था और मजदूर तय करने की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बीज की कीमत तय नहीं हुई, तो नर्सरी डालने में देरी होगी। इससे धान की रोपाई पिछड़ जाएगी और उत्पादन पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। किसानों ने कुलपति और शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बीज की कीमत तय कर बिक्री शुरू कराई जाए, ताकि वे समय पर नर्सरी डाल सकें और खेती प्रभावित न हो।
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