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    UGC एक्ट लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन:राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, कहा- भेदभाव रोकने के लिए एक्ट महत्वपूर्ण

    8 hours ago

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    अपनी जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने गुरुवार को तिकुनिया पार्क में धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अयोध्या राम निहाल मौर्य के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी एक्ट 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और संविधान सम्मत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी/एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के साथ जातीय अपमान और भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट 2026 को धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम बताया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यह विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18, 21 और 21-क के अंतर्गत समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की भावना को सुदृढ़ करेगा। उनके अनुसार, एक्ट लागू होने से विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मानकों का एकीकरण, प्रशासनिक जवाबदेही और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पीएचडी छात्र रोहित वेमुला, डॉ. पायल तड़वी और आईआईटी छात्र दर्शन सोलंकी जैसे मामलों का उल्लेख किया। राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों और एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, 2018 से 2023 के बीच उच्च शिक्षण संस्थानों में 98 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। वहीं, 2023 में छात्र आत्महत्याओं की कुल संख्या 13,892 तक पहुंच गई थी। पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की है कि यूजीसी एक्ट 2026 को सख्ती से लागू किया जाए। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और हिंसा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी और ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।
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