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    उन्नाव में 'स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प' कार्यशाला:अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण

    5 hours ago

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    उन्नाव कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में "स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड ने की। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चित्रा शर्मा ने कार्यशाला में बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग बढ़ने के साथ ही साइबर खतरे भी बढ़े हैं। उन्होंने इंटरनेट का प्रयोग सावधानी और सतर्कता से करने की सलाह दी। शर्मा ने डीप फेक, एआई वॉयस स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट स्कैम जैसे बढ़ते साइबर अपराधों का उल्लेख किया। उन्होंने साइबर हाईजीन प्रैक्टिसेस अपनाने और अच्छी डिजिटल आदतें विकसित करने पर जोर दिया। शर्मा ने पासवर्ड सुरक्षा, संदिग्ध लिंक से बचने, ओटीपी व निजी जानकारी साझा न करने तथा सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट रखने जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी नवप्रभात रंजन ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और एआई के सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाना है। साथ ही, साइबर हाईजीन के सर्वोत्तम अभ्यासों को बढ़ावा देना और प्रमुख साइबर खतरों व उनके निवारण की तकनीकों का प्रशिक्षण देना भी शामिल है। रंजन ने यह भी जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अतिरिक्त, www.cybercrime.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इंटरनेट युग में लगभग सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने इंटरनेट का प्रयोग करते समय सतर्कता और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। गोंड ने कहा कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा संबंधी जानकारियों को गंभीरता से अपनाना चाहिए। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, नगर मजिस्ट्रेट राजीव राज, जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमानाथ राय, जिला सूचना पर्यटन अधिकारी संतोष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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