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    उन्नाव में श्रमिक संगठनों ने सरकार की नीतियों का विरोध:राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मजदूर-किसान विरोधी नीतियों पर जताई आपत्ति

    17 hours ago

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    उन्नाव में विभिन्न श्रमिक फेडरेशनों के आह्वान पर गुरुवार को श्रमिक संगठनों ने सरकार की कथित मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के विरोध में एक बैठक आयोजित की। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट उन्नाव को सौंपा गया। बैठक को संबोधित करते हुए एटक के प्रांतीय उपाध्यक्ष कामरेड बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि उद्योगपति वित्तीय पूंजी के बल पर देश के संसाधनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और सरकार की नीतियां उन्हें संरक्षण दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों और मजदूरों का उत्पीड़न बढ़ रहा है तथा श्रमिकों के अधिकारों में लगातार कटौती हो रही है। उनके अनुसार, लंबे संघर्षों के बाद मिले श्रमिक अधिकार धीरे-धीरे कमजोर किए जा रहे हैं। कामरेड बलवंत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी शक्तियों के साथ की जा रही नीतिगत डीलों से देश की आर्थिक संप्रभुता प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर किसानों और मजदूरों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पर पड़ेगा। उन्होंने श्रमिकों से लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी श्रमिक समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। बताया कि जनपद स्तर पर श्रमबंधु की बैठकें आयोजित कराने के लिए कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन नियमित बैठकें न होने से औद्योगिक मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने मजदूर वर्ग से जाति और धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज को सौंपा गया। ज्ञापन में श्रमिक हितों की रक्षा, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनपद में श्रमबंधु की नियमित बैठकें कराने की मांग की गई। इस अवसर पर राज्य काउंसिल सदस्य अखिलेश तिवारी, संजय कुमार जायसवाल, अनिल कुमार शर्मा, बलराम, भगवानदीन, राकेश, फिरोज अहमद, राम शंकर, राजेश सहित अनेक श्रमिक साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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