Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    US ने बदला फैसला, RAF Fairford से सभी B-1 Bomber सीधे अमेरिका के होम बेस भेजे

    24 minutes from now

    1

    0

    अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है और उन्हें अमेरिका में उनके होम बेस पर भेज दिया है। ऐसा एक नए, अज्ञात खतरे के कारण किया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ब्रिटिश अधिकारी उस मिलिट्री बेस को निशाना बनाने की ईरान की कथित साजिश की जांच कर रहे हैं, जहां अमेरिकी विमान तैनात थे। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात बॉम्बर विमान अब अमेरिका में अपने होम बेस पर लौट आए हैं। अधिकारी ने CNN को बताया, "हम अब यह बता सकते हैं कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमान अमेरिका में अपने होम बेस पर वापस भेज दिए गए हैं। अमेरिका ने इस नए खतरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि क्या इसका संबंध ब्रिटेन में जांच की जा रही ईरान की कथित साजिश से है। CNN के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने इस घटनाक्रम को वास्तविक घटना बताया है।इसे भी पढ़ें: Caribbean Sea में संदिग्ध ड्रग बोट पर US Military का हमला, 4 लोगों की मौतयह कदम क्यों चर्चा में है?बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेजने का फैसला इसलिए खास तौर पर चर्चा में है क्योंकि, CNN के सूत्र के अनुसार, अमेरिकी सेना के लिए ऐसे विमानों को क्षेत्र के किसी दूसरे बेस पर भेजने के बजाय सीधे होम बेस पर वापस बुलाना असामान्य बात थी। इसलिए, यह वापसी RAF फेयरफोर्ड के आसपास सुरक्षा की कड़ी जांच और ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के लिए खतरे के माहौल के बीच हुई है। RAF फेयरफोर्ड अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए एक ऑपरेशनल बेस रहा है और इसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया जाता रहा है। नतीजतन, यह वापसी ब्रिटिश बेस से अमेरिकी लंबी दूरी के स्ट्राइक विमानों की तैनाती में एक अहम बदलाव को दर्शाती है।इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन के एयरबेस से अमेरिका ने चुपचाप वापस बुलाए अपने सारे 'परमाणु' बॉम्बर! दुश्मन के निशाने पर था एयरबेस! सुरक्षा में बहुत बड़ी चूककथित साज़िश के मामले में पांच लोग गिरफ़्तारयह घटनाक्रम पिछले महीने ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा RAF फेयरफ़ोर्ड को निशाना बनाने की कथित ईरानी साज़िश के सिलसिले में की गई गिरफ़्तारियों के बाद हुआ है। पुलिस ने 27 सितंबर को एयरबेस के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के शक में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया। संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक थे, जिनकी उम्र 23 से 25 साल के बीच थी और वे लंदन इलाके के रहने वाले थे। बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तीन वैन की तलाशी ली गई, जिनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला।इसे भी पढ़ें: 12.5 करोड़ लोगों...SIR विवाद के बीच ट्रंप ने भारत के चुनाव को लेकर ऐसा क्या लिखा, बाद में झट से डिलीट किया ट्वीटट्रंप ने संदिग्धों की रिहाई की आलोचना कीपांच लोगों की ज़मानत पर रिहाई की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की। इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं ऐसा नहीं करता।" इसके बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को कथित साज़िश के सिलसिले में एक और संदिग्ध को गिरफ़्तार किया, जो 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाला व्यक्ति था। इन गिरफ़्तारियों और उसके बाद हुई जांच के कारण RAF फेयरफ़ोर्ड के आसपास सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।इसे भी पढ़ें: Caribbean Sea में संदिग्ध ड्रग बोट पर US Military का हमला, 4 लोगों की मौतईरान ने शामिल होने से इनकार कियाइस बीच, ईरान ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कथित साज़िश में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है। तेहरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और आरोपों के बाद तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया। अमेरिकी बॉम्बर्स की हालिया गतिविधि इसी पृष्ठभूमि में हुई है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने नई रिपोर्ट की गई धमकी और कथित ईरानी साज़िश के बीच कोई सीधा संबंध सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं किया है। उस धमकी की खास प्रकृति भी उजागर नहीं की गई है, जिसके कारण विमानों को अमेरिका लौटना पड़ा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Imran Khan की रिहाई के लिए PTI के मार्च ने शहबाज-मुनीर को हिलाया, इस्लामाबाद के रास्ते बंद, धारा 144 लागू, 2000 कार्यकर्ता गिरफ्तार
    Next Article
    12.5 करोड़ लोगों...SIR विवाद के बीच ट्रंप ने भारत के चुनाव को लेकर ऐसा क्या लिखा, बाद में झट से डिलीट किया ट्वीट

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment