Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'विपक्ष SIR में वोट कटने का भ्रम फैला रहा है':कानपुर में BJP के क्षेत्रीय अध्यक्ष बोले- घुसपैठिए अब लुंगी उठाकर बांग्लादेश भाग रहे

    8 hours ago

    1

    0

    कानपुर में समाजवादी पार्टी द्वारा SIR को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि देशभर में विपक्ष ने SIR का पहले से ही विरोध शुरू कर दिया था। कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए, जबकि यह पहली बार नहीं है जब SIR हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी आठ बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन तब इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। अब जब प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है तो विपक्ष अनावश्यक विरोध कर रहा है। विपक्ष ने घुसपैठियों को वोटर बनाया प्रकाश पाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष की परेशानी इस बात से है कि उन्होंने बांग्लादेशी और रोहिंग्या जैसे घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल कराया। अब जब ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं तो वे बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव इस प्रक्रिया से असहज हैं। ‘लुंगी उठाकर भाग रहे घुसपैठिए’ पाल ने कहा कि SIR के तहत वर्ष 2003 से अब तक की मैपिंग की जा रही है। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि घुसपैठिए डरकर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें वोटर बनाया था, वही अब इसका विरोध कर रहे हैं। SIR का अपना अर्थ बताया प्रकाश पाल ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित हो रही है। हालांकि SIR का आधिकारिक अर्थ चुनाव आयोग तय करता है, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि उनके लिए S का मतलब ‘सिर्फ’, I का मतलब ‘इंडियन’ और R का मतलब ‘रहेंगे’ है—यानि सिर्फ भारतीय ही रहेंगे, बाकी कोई नहीं। विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह वर्ष 2019 में सीएए को लेकर मुस्लिम समुदाय को भ्रमित किया गया था, उसी तरह अब SIR को लेकर भी गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब तक किसी मुसलमान को भारत से बाहर किया गया है? पाल ने कहा कि जब अखिलेश यादव इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं तो उनके विधायक भी उसी राह पर चल रहे हैं। कानपुर शहर से SIR को लेकर कई आपत्तियां भेजी गई हैं। उन्होंने मांग की कि शहर के कब्रिस्तानों और ऐतिहासिक स्थलों पर अवैध रूप से रह रहे लोगों की जांच होनी चाहिए। जो वैध मतदाता नहीं हैं, उन्हें मतदान का अधिकार नहीं मिलना चाहिए और घुसपैठियों को देश में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव कभी यह बयान नहीं देंगे कि घुसपैठियों को बाहर किया जाए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखीमपुर में 37 लाख की सड़क का सैंपल फेल:डीएम के निरीक्षण के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल, घटिया सामग्री की शिकायत
    Next Article
    बस्ती में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:परिजन बोले- कथा में गया था, घर नहीं लौटा, पारिवारिक कलह की आशंका

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment