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    वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, सैनिकों की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई

    23 hours ago

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    अमेरिका ने शनिवार रात सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई पिछले महीने पल्मायरा में आतंकी हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक की मौत के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में सीरिया के अलग-अलग इलाकों में ISIS के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने बताया कि इस ऑपरेशन में ISIS के ठिकानों, हथियारों और ढांचों को निशाना बनाया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन इलाकों में और कितने ठिकाने तबाह किए गए। बयान में कहा गया, अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर मारेंगे, चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें। ट्रम्प प्रशासन ने इस जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ नाम दिया है। इसकी शुरुआत 19 दिसंबर को हुई थी। तब सीरिया के ISIS के 70 ठिकानों पर बड़े हमले किए गए थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट 14 जनवरी को ट्रम्प के टैरिफ की कानूनी वैधता पर फैसला सुनाएगा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट 14 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ से जुड़े मामले पर फैसला सुनाने वाला है। यह मामला ट्रम्प सरकार की तरफ से लगाए गए टैरिफ की कानूनी वैधता से जुड़ा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि क्या राष्ट्रपति को इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत इतना बड़ा अधिकार मिलता है। यह कानून 1977 में नेशनल इमरजेंसी हालात के लिए बनाया गया था। ट्रम्प ने बढ़ते व्यापार घाटे को नेशनल इमरजेंसी बताते हुए दुनिया के लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों से आने वाले सामान पर टैरिफ लगाया था। इसी कानून के तहत उन्होंने चीन, कनाडा और मेक्सिको पर भी टैरिफ लगाया था, जहां उन्होंने फेंटेनाइल तस्करी और अवैध ड्रग्स का हवाला दिया था। 5 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इस बात पर सवाल उठाए थे कि क्या इस कानून का इस्तेमाल इतनी बड़ी व्यापार नीति लागू करने के लिए किया जा सकता है। इससे पहले निचली अदालतों ने भी कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने अपने अधिकारों की सीमा पार की थी, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। बांग्लादेश में 11 पार्टियों का गठबंधन मुमकिन, इनमें शेख हसीना के तख्तापलट में शामिल छात्रों की भी पार्टी बांग्लादेश में 11 राजनीतिक दल गठबंधन करके पूर्व पीएम खालिदा जिया की BNP पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। इनमें पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट में शामिल छात्रों की पार्टी NCP भी शामिल हैं। इन दलों का कहना है कि वे सीट बंटवारे के समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं। जल्द ही सभी 11 दलों की एक साथ बैठक भी हो सकती है। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव है। नेताओं का कहना है कि नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख 20 जनवरी से पहले सीट बंटवारे को लेकर समझौते की घोषणा हो सकती है। NCP पार्टी के नेता नाहिद इस्लाम ने बुधवार को कहा कि एक-दो दिनों के भीतर इसकी घोषणा कर दी जाएगी। जमात, इस्लामी आंदोलन और NCP के अलावा इस गठबंधन में बांग्लादेश खिलाफत मजलिस, खिलाफत मजलिस, बांग्लादेश खिलाफत आंदोलन, आमार बांग्लादेश पार्टी, बांग्लादेश नेजाम-ए-इस्लाम पार्टी, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी, जातीय गणतांत्रिक पार्टी और बांग्लादेश डेवलपमेंट पार्टी भी शामिल हैं। शुरुआत में गठबंधन में आठ दल थे, लेकिन बाद में NCP, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और आमार बांग्लादेश पार्टी इसमें शामिल हो गईं। नोबेल इंस्टीट्यूट बोला- ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रांसफर नहीं कर सकती मचाडो नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के हालिया बयान पर नाराजगी जताई है। मचाडो ने कहा था कि वे अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को देना या साझा करना चाहेंगी। संस्था ने शुक्रवार को एक छोटे बयान में कहा कि एक बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद उसे रद्द नहीं किया जा सकता, किसी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, साझा नहीं किया जा सकता या किसी अन्य को दिया नहीं जा सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब मचाडो ने फॉक्स न्यूज के होस्ट शॉन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वे ट्रम्प को व्यक्तिगत रूप से बताना चाहेंगी कि वेनेजुएला के लोग इस पुरस्कार को उन्हें देना या साझा करना चाहते हैं। मचाडो ने ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की सफल अमेरिकी कार्रवाई की है, जो न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक बदलाव की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। पुरस्कार की घोषणा के तुरंत बाद मचाडो ने इसे वेनेजुएला के लोगों के साथ-साथ ट्रम्प को भी समर्पित किया था। ट्रम्प लंबे समय से नोबेल पुरस्कार जीतने की इच्छा रखते हैं और अपने कार्यकाल में इसे हासिल करने की खुलकर कोशिश करते रहे हैं। इससे पहले ट्रम्प ने मचाडो को अच्छी महिला कहा था। ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी की धमकी: सरकार ने खुदा का दुश्मन बताया; हिंसा में अब तक 217 मौतें, 2600 से ज्यादा हिरासत में ईरान में बीते दो हफ्ते से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है। टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अब तक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरी खबर यहां पढ़ें… अमेरिका पर वेनेजुएला में सोनिक हथियार इस्तेमाल करने का आरोप:चश्मदीद बोला- हमले के दौरान सैनिकों को खून की उल्टियां हुईं, नाक से खून बहा अमेरिका पर वेनेजुएला में सोनिक हथियार इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एक बेहद शक्तिशाली और अब तक न देखे गए हथियार का इस्तेमाल किया, जिससे वेनेजुएला के सैनिक पूरी तरह बेबस हो गए थे। एक वेनेजुएलाई सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि ऑपरेशन शुरू होते ही उनके सभी रडार सिस्टम अचानक बंद हो गए। इसके कुछ ही सेकेंड बाद उन्होंने आसमान में बड़ी संख्या में ड्रोन उड़ते देखे। गार्ड के मुताबिक, उन्हें समझ ही नहीं आया कि इस हालात में क्या किया जाए। गार्ड ने आगे दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एक सीक्रेट इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया। यह किसी बहुत तेज आवाज या तरंग (साउंड वेब) जैसा था। इसके तुरंत बाद उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसका सिर अंदर से फट रहा हो। कई सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और कुछ को खून की उल्टियां हुईं। सभी सैनिक जमीन पर गिर पड़े और कोई भी खड़ा होने की हालत में नहीं था। गार्ड ने कहा कि वह नहीं जानता कि यह कोई सोनिक हथियार था या कुछ और। पढ़ें पूरी खबर… रिपोर्ट- ग्रीनलैंड पर हमले का प्लान बना रहे ट्रम्प:स्पेशल कमांडो को जिम्मेदारी सौंपी; जनरल बोले- राष्ट्रपति की जिद 5 साल के बच्चे जैसी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए प्लान बनाने का निर्देश दिया है। डेली मेल के मुताबिक ट्रम्प ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि सैन्य अधिकारी इस विचार से सहमत नहीं दिख रहे हैं। वे इसे कानूनी रूप से गलत मानते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प की यह रुचि घरेलू राजनीति से भी जुड़ी हो सकती है। इस साल के अंत में मिड-टर्म चुनाव होने वाले हैं और रिपब्लिकन ससंद पर नियंत्रण खोने से डर रहे हैं। इसलिए ट्रम्प कोई बड़ा कदम उठाकर लोगों का अर्थव्यवस्था की समस्याओं से ध्यान हटाना चाहते हैं। डेली मेल को एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि, 'जनरलों को लगता है कि ट्रम्प की ग्रीनलैंड योजना बेतुकी और गैरकानूनी है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति की जिद एक पांच साल के बच्चे से निपटने जैसा है।' पढ़ें पूरी खबर…
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