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    वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक बोले- अगर अमेरिका ने हमला किया तो मुंबई-दिल्ली पर अटैक करेंगे

    17 hours ago

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    पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने भारत को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल, पाकिस्तान पर हमला करता है तो पाकिस्तान को बिना सोचे-समझे भारत पर हमला कर देना चाहिए। बासित ने कहा कि ऐसे हालात में भारत सबसे आसान रास्ता हो सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान को मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। अब्दुल बासित 2014 से 2017 तक भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर रहे थे। इस बयान के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं। खासकर तब, जब दोनों देश परमाणु ताकत रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिका में 1971 बांग्लादेश नरसंहार को मान्यता देने की मांग, संसद में प्रस्ताव पेश अमेरिका की संसद में एक बड़ा प्रस्ताव लाया गया है, जिसमें 1971 में बांग्लादेश में हुए नरसंहार को आधिकारिक तौर पर ‘जनसंहार’ मानने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव सांसद ग्रेग लैंड्समैन ने पेश किया है। इसमें कहा गया है कि 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान की सेना ने बड़े पैमाने पर हत्याएं, बलात्कार और अत्याचार किए, जिन्हें जनसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध माना जाना चाहिए। प्रस्ताव में खास तौर पर यह भी कहा गया है कि बंगाली हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। साथ ही जमात-ए-इस्लामी जैसे समूहों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति से अपील की गई है कि इन घटनाओं को आधिकारिक रूप से स्वीकार करें और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान दें। आंकड़ों के मुताबिक उस समय लाखों लोग मारे गए, 2 लाख से ज्यादा महिलाओं के साथ हिंसा हुई और करोड़ों लोग बेघर हुए। अब तक अमेरिका ने 1971 की घटनाओं को जनसंहार नहीं माना है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो यह एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला होगा। सिडनी के मस्जिद में ऑस्ट्रेलियाई पीएम का विरोध, ‘गेट आउट’ और ‘नरसंहार समर्थक’ के नारे लगे ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज को ईद-उल-फितर की नमाज के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना शुक्रवार को सिडनी के लकेम्बा मस्जिद में हुई, जहां हजारों लोग नमाज के लिए पहुंचे थे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री टोनी बर्क नमाज में शामिल हुए कुछ प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने “गेट आउट” जैसे नारे लगाए और एंथनी को गाजा के नरसंहार का समर्थक बताया। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के इजराइल को समर्थन देने की वजह से वहां के मुस्लिम समुदाय में आक्रोश है। बाद में अल्बनीज ने कहा कि यह कार्यक्रम ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा और इतने बड़े जनसमूह में कुछ लोगों का विरोध सामान्य बात है। इस दौरान विरोध करने वाले एक व्यक्ति को सुरक्षाकर्मी मस्जिद के बाहर ले गए और कुछ देर बाद उसे छोड़ दिया गया। अमेरिका में ड्रग तस्करी से जुड़ी जांच में कोलंबिया के राष्ट्रपति का नाम कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का नाम अमेरिका में चल रही दो अलग-अलग आपराधिक जांचों में सामने आया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ये जांच ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर हो रही है, लेकिन पेट्रो खुद इन मामलों में सीधे आरोपी नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वकील यह जांच कर रहे हैं कि क्या पेट्रो ने 2022 के चुनाव अभियान के दौरान ड्रग तस्करों से मुलाकात की थी या उनसे फंड लिया था। हालांकि, पेट्रो ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोलंबियाई राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर शनिवार को पोस्ट कर कहा कि उन्होंने कभी किसी ड्रग तस्कर से बात तक नहीं की और अपने सहयोगियों को भी ऐसे लोगों से पैसा लेने से मना किया था। फिलहाल पेट्रो पर कोई आरोप तय नहीं हुआ है और जांच शुरुआती दौर में है। लेकिन यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कोलंबिया में 31 मई को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। साउथ कोरिया की फैक्ट्री में ब्लास्ट, 10 की मौत, 59 घायल; जान बचाने बिल्डिंग से कूदे लोग साउथ कोरिया के डेयजॉन शहर में शनिवार सुबह ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री में विस्फोट के बाद आग लग गई। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 59 लोग घायल हैं। हादसे में 4 अब भी लापता हैं। कई कर्मचारी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए, जिससे वे घायल हुए। आग इतनी भीषण थी कि इमारत का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया और बचाव दल को अंदर घुसने में घंटों लग गए। फायर अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने तेज विस्फोट की आवाज सुनी। इसके बाद आग तेजी से पूरे परिसर में फैल गई। आग बुझाने और राहत-बचाव के लिए 500 से अधिक फायरफाइटर्स, पुलिस और इमरजेंसी कर्मी तैनात किए गए। फिलहाल 4 लापता लोगों की तलाश जारी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सभी संसाधनों को जुटाकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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