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    वाराणसी एयरपोर्ट पर CISF जवानों को CPR ट्रेनिंग:आपात स्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए किया गया प्रशिक्षित

    20 hours ago

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    वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 400 जवानों और अधिकारियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण आपातकालीन स्थितियों में, जैसे कि किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने या दिल का दौरा पड़ने पर, उनकी जान बचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डे जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर अचानक किसी की तबीयत बिगड़ने पर प्रशिक्षित जवान तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान कर सकते हैं। इससे मरीज को अस्पताल पहुंचने तक स्थिर रखने में मदद मिलेगी। इस प्रशिक्षण का संचालन वाराणसी के चिकित्सक और सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने किया। उन्होंने जवानों को बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद शुरुआती कुछ मिनट, जिन्हें 'गोल्डन टाइम' कहा जाता है, बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। डॉ. द्विवेदी ने समझाया कि यदि इस 'गोल्डन टाइम' में सही तरीके से सीपीआर शुरू कर दिया जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने तत्काल सहायता शुरू करने के महत्व पर जोर दिया। जवानों को डमी मॉडल्स पर सीपीआर का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इस दौरान छाती पर दबाव देने, कृत्रिम सांस देने और आपातकालीन स्थिति को संभालने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। वास्तविक जैसी परिस्थितियां बनाकर जवानों को मौके पर काम करने का अनुभव भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर CISF की कमांडेंट सुचिता ने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सहायता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से जवान अब किसी भी आपातकालीन स्थिति में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाएंगे। कमांडेंट सुचिता ने यह भी उल्लेख किया कि हवाई अड्डे जैसे व्यस्त स्थान पर तैनात जवानों को हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक जवानों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए तैयार किया जा सके। इससे किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में तत्काल और प्रभावी मदद सुनिश्चित की जा सकेगी।
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