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    वाराणसी की सुमेधा जापान में लगाएंगी गोल्ड पर निशाना:एशियन पैरा गेम्स-2026 के लिए पहुंची जापान, बोलीं- ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना लक्ष्य

    8 hours ago

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    जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले एशियन पैरा गेम्स-2026 में यूपी के 13 खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इनमें 6 महिलाएं और 7 पुरुष हैं। इन खिलाड़ियों से एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जूडो, पावरलिफ्टिंग, शूटिंग और टेबल टेनिस में पदक जीतने की उम्मीद रहेगी। इस टीम में काशी की गोल्डन गर्ल सुमेधा पाठक भी शामिल है। सुमेधा 10 मीटर एयर पिस्टल की तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। इसमें सिंगल, डबल और मिक्स्ड डबल शामिल है। सुमेधा अपने पिता के साथ जापान पहुंच चुकी हैं। सुमेधा ने हाल ही में वर्ल्ड पैरा चैम्पियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल का सिल्वर मेडल जीता था। वाराणसी से रवाना होने से पहले सुमेधा ने कहा कि उनका लक्ष्य और सपना पैरा ओलिंपिक में हिस्सा लेना है और एशियन गेम्स में पदक जीत कर वह मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसे में मेरी पूरी कोशिश होगी की बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से मै यहां गोल्ड जीतूं और ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करूं। जानिए कौन है सुमेधा पाठक… 10वीं में मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस ने छीने पैर, 11वीं से थामा पिस्टल पैरा शूटर के जीवन में सबसे बड़ा मोड़ साल 2013 में आया, जब वे 10वीं कक्षा में थीं। उन्हें मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस (MDR-TB) नामक गंभीर बीमारी हो गई। इस बीमारी के कारण उनकी कमर से लेकर पैरों तक का हिस्सा पूरी तरह पैरालाइज (लकवाग्रस्त) हो गया। हालांकि, इस बड़ी मुसीबत के आगे घुटने टेकने के बजाय उन्होंने 11वीं कक्षा से निशानेबाजी (शूटिंग) में कदम रखा। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में कड़ी मेहनत और अभ्यास शुरू किया। 2018 से शुरू हुआ पदकों का सफर साल 2018 में उन्होंने प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके पिता ब्रजेश पाठक बताते हैं कि 2018 में मिली इस सफलता के बाद उन्होंने चेन्नई में आयोजित जीवी मावलंकर प्रतियोगिता में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीता। इसके बाद से वे लगातार देश के लिए पदक जीत रही हैं। अब तक की प्रमुख उपलब्धियां * 2018: प्री-स्टेट शूटिंग में गोल्ड मेडल और चेन्नई के जीवी मावलंकर में ब्रॉन्ज मेडल। * 2021: दूसरी पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल। * तीसरी और चौथी पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप: शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। * 2022: फ्रांस के सेटूरेक्स वर्ल्ड कप और कोरिया में आयोजित टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल (रजत पदक)। * 2023: चीन में आयोजित एशियन पैरा गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचकर सातवां स्थान हासिल किया। * 2026: इस साल भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दो बड़े पदक हासिल किए। आने-जाने में होती थी परेशानी, पिता ने घर को ही बना दिया शूटिंग रेंज शारीरिक दिक्कतों के कारण उन्हें बाहर शूटिंग रेंज तक आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अपनी बेटी के सपने को टूटने से बचाने के लिए उनके पिता ब्रजेश पाठक ने एक अनोखा कदम उठाया। उन्होंने घर के अंदर ही 10 मीटर पिस्टल की एक शूटिंग रेंज तैयार कर दी। रोज 3 घंटे अभ्यास और 1 घंटा योग अब वे घर पर बने इसी रेंज में हर रोज कम से कम तीन घंटे शूटिंग का कड़ा अभ्यास करती हैं। इसके अलावा, अपने खेल में एकाग्रता (फोकस) बढ़ाने के लिए वे रोजाना एक घंटा योग करती हैं और हाथों की मजबूती के लिए विशेष स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज भी करती हैं। उनका यह सफर देश के लाखों युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
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