Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वाराणसी में अमित यादव को STF खींचकर ले गई:CM योगी ने कफ सिरप सिंडिकेट में दिखाई थी फोटो

    4 hours ago

    1

    0

    यूपी में कोडीन कफ सिरप केस में STF ने आरोपी अमित यादव को वाराणसी से गिरफ्तार किया है। अमित यादव, शुभम जायसवाल सिंडीकेट का सदस्य है। STF ने उसे खींचकर गाड़ी में बिठाया। पुलिस लाइन ले जाकर पूछताछ की गई। टीम इसके बाद काली स्कॉर्पियों से लखनऊ लेकर रवाना हो गई है। अमित यादव पर वाराणसी में तीन और लखनऊ के मुकदमा दर्ज है। अमित यादव का प्रकरण सीएम योगी ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में उठाया था। एक फोटो भी दिखाई थी, जिसमें वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ था। इसके बाद से अमित लापता था और टीम उसकी तलाश में जुटी थी। 3 फोटो देखिए… अब पढ़िए कैसे पकड़ा गया? STF ने कफ सिरप सिंडिकेट में कई गिरफ्तारी की है। विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह से पूछताछ में अमित यादव का नाम सामने आया। उसे वाराणसी में काशीधाम के पास हरहुआ रिंगरोड से गिरफ्तार किया गया। अमित ने पूछताछ में बताया- वह पहले वाराणसी के हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी की युवजन सभा का प्रदेश सचिव रह चुका है। उसका परिचय कॉलेज चुनाव के दौरान छात्र शुभम जायसवाल से हुआ था। शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म के माध्यम से एबॉट कंपनी की कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप का बड़ा कारोबार रांची (झारखंड) और वाराणसी में संचालित होता था। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी जांच में सामने आया कि कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। इसकी मांग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में अधिक है। अभियुक्त के अनुसार, शुभम जायसवाल के कहने पर उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल’ (सप्तसागर दवा मंडी, थाना कोतवाली, वाराणसी) के नाम से लगभग एक लाख बोतल कफ सिरप खरीदी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई गई। आरोप है कि इन बोतलों को अन्य फर्मों में फर्जी बिक्री दर्शाकर तस्करों को ऊंचे दाम पर बेचा गया और अवैध लाभ अर्जित किया गया। दर्ज धाराएं और आगे की कार्रवाई गिरफ्तार अभियुक्त अमित के खिलाफ मुकदमा संख्या 182/2024 में भारतीय दंड संहिता की धाराएं 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, 201 तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(ग) /21 (ग)/29 थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में दर्ज है। 5 पॉइंट में जानिए कैसे कोडीन युक्त कफ सिरप के नेटवर्क का खुलासा हुआ अब पढ़िए, शुभम जायसवाल पर क्या आरोप हैं? अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल सहित काशी के 28 दवा कारोबारियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप है कि 100 करोड़ की 89 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप खरीदी और बेची गई। काशी के ही 93 मेडिकल स्टोर के नाम पर 84 लाख शीशी प्रतिबंधित कप सिरप खरीदी-बेची गई है। जिस मेडिकल स्टोर के नाम पर कारोबार दिखाया गया, उनमें से ज्यादातर मौके पर नहीं मिले। बाद में बंगाल और बांग्लादेश तक फैले इस अवैध कारोबार के नेटवर्क के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि 9 बंद फर्मों को कफ सिरप बेचा गया। इनमें मेसर्स सृष्टि फार्मा, जीटी इंटरप्राइजेज, शिवम फार्मा, हर्ष फार्मा, डीएसए फार्मा, महाकाल मेडिकल स्टोर, निशांत फार्मा, वीपीएम. मेडिकल एजेंसी और श्री बालाजी मेडिकल के नाम शामिल हैं। आयुक्त के मुताबिक, सिर्फ कोडीन युक्त सिरप की खरीद-बिक्री के लिए ही फर्जी फर्में बनाई गईं। सोनभद्र, जौनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, चंदौली समेत अन्य जनपदों में भी शुभम जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज हैं। हाथ जोड़कर खुद को बेगुनाह बताया था सरगना ने किंगपिंग शुभम जायसवाल ने 14 दिन पहले वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया था। कहा था- मैंने कोई जहरीली सिरप नहीं बेची। मेरी द्वारा बेची गई दवाओं से बच्चों की मौत नहीं हुई। मैं क्लियर करना चाहता हूं, ये सभी बातें झूठी हैं। फेंसिडिल (Phensydil) सिरप न तो जहरीली है, न ही प्रतिबंधित है। न ही इससे बच्चों की मौत हुई है। सपा प्रमुख अखिलेश और अन्य नेताओं से मैं कहना चाहता हूं कि ऐसी राजनीति न करें। लोगों को भ्रम में न डालें। मैं सीएम योगी से हाथ जोड़कर कहता हूं कि मैं बेगुनाह हूं। मुझे फंसाया जा रहा है। सीएम जी, हमारी मदद कीजिए। आप जांच करा लीजिए। मेरे पास हर तरह के सबूत हैं। पढ़ें पूरी खबर क्या सच में फेंसिडिल के इस कफ सिरप से किसी की मौत हुई है? यूपी के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। पिछले दिनों मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों के कफ सिरप का जो प्रकरण सामने आया था, वो तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी की कोल्ड्रिफ दवा थी। इससे दोनों राज्यों में 24 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी। उस सिरप के एक बैच में 48.6 प्रतिशत डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया। यही वह जहरीला रसायन है, जिससे पहले गांबिया, उज्बेकिस्तान व भारत में बच्चों की मौतें हुई थीं। जबकि एबॉट कंपनी की फेंसिडिल कफ सिरप वयस्क लोगों के खांसी के लिए बनी है। इसमें ट्राइप्रोलिडिन हाइड्रोक्लोराडइ और कोडीन फास्फेट का मिश्रण होता है। इसका उपयोग लोग नशे के रूप में करते हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट का दावा है कि दवा के रूप में सेवन से अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए सिपाही मीनाक्षी के चेहरे पर शिकन नहीं,जज को देखती नहीं:14 दिन की रिमांड बढ़ी, जालौन में इंस्पेक्टर ने अफेयर में जान दी थी जालौन के कुठौंद में इंस्पेक्टर के सुसाइड मामले में आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ गई है। कोर्ट में पेशी कै दौरान मीनाक्षी एकटक जज को देखती रही। उसके चेहरे पर जरा-सी भी शिकन नहीं थी। मामले में अगली पेशी 1 जनवरी 2026 को होगी। तब तक वो जेल में ही रहेगी। पूरी खबर पढ़िए
    Click here to Read more
    Prev Article
    पिता ने महज ढाई लाख रुपये में बेच दिया अपना बेटा, वजह जान चौंक जाएंगे आप
    Next Article
    कश्मीर से कन्याकुमारी के लिए निकली रथयात्रा अयोध्या पहुंची:रथयात्रा श्रीरामकोट की परिक्रमा पर निकली,राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वागत किया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment