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    विदेशी दूल्हे के साथ स्टेज पर आरी से लकड़ी काटी:जर्मनी से फिरोजाबाद आई बारात, गुस्ताव ने दुल्हन के नाम की मेहंदी लगाई

    4 hours ago

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    विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन… फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार भी किया। गुस्ताव शेरवानी और साफा में पूरी तरह भारतीय रंग में रंगे नजर आए। खुशी लाल जोड़े में बेहद सुंदर दिखीं। दूल्हा-दुल्हन बॉलीवुड गानों पर झूमते रहे। एक-दूसरे का हाथ थामकर नाचते दिखाई दिए। लोग एक-दूसरे की बात समझ सकें, इसलिए बारात के साथ चार ट्रांसलेटर भी आए थे। दरअसल, फिरोजाबाद की खुशी ने शुक्रवार को जर्मन लड़के गुस्ताव से भारतीय रीति-रिवाज से शादी की। दोनों एक साल से रिलेशनशिप में थे। वरमाला, सात फेरे और विदाई सहित सभी रस्में हिंदू परंपरा से हुईं। विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति को करीब से देखा। सभी रस्मों में भाग लिया। पहले 4 तस्वीरें- जानिए कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी दुल्हन की चाची ज्योति ने बताया कि खुशी और गुस्ताव दोनों एक जर्मन कंपनी में काम करते हैं। खुशी जयपुर में ही पोस्टेड है, जबकि गुस्ताव जर्मनी में काम करता है। एक साल पहले गुस्ताव कंपनी के काम से ही जयपुर आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात खुशी से हुई। खुशी की जर्मन काफी अच्छी है। इससे गुस्ताव को भारत में काफी आसानी हुई। खुशी की मदद से गुस्ताव को भारत रास आ गया। दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आ गए। बात आगे बढ़ी और प्यार हो गया। फिर बात शादी तक पहुंच गई। उन्होंने बताया- दोनों की इंगेजमेंट ग्रीन पार्क में हुई। तीन दिन के प्रोग्राम में गुरुवार को हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम हुआ, इसके बाद शुक्रवार को कॉकटेल पार्टी भी रखी गई, जिसमें गुस्ताव ने खूब मजे लिए। हमारी बेटी जर्मन भाषा अच्छी तरह जानती है। बाकी मेहमानों के लिए भाषा की समस्या से बचने के लिए फूड ट्रांसलेटर की भी व्यवस्था की गई थी। हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की खुशी की चाची ज्योती ने बताया कि खुशी का पूरा परिवार कई साल पहले फिरोजाबाद से जयपुर शिफ्ट हो गया था। खुशी के पिता वहीं पर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। खुशी की पढ़ाई लिखाई भी वहीं हुई। खुशी ने बीटेक और एमबीए किया है। शादी में स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा की। गुस्ताव और खुशी की जोड़ी ने हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की। संदेश दिया कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, न भाषा की, न देश की। गुस्ताव ने कहा- यहां के लोग बहुत मिलनसार गुस्ताफ ने कहा कि भारत एक बड़ा और विविधताओं वाला देश है। यहां अलग-अलग तरह के लोग हैं। भाषाएं हैं। संस्कृति है। हर शहर का अपना तरीका और व्यवहार है। कभी-कभी किसी विदेशी के सामने लोग बहुत औपचारिक लगते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग, खासकर परिवार, बहुत ही स्वागतशील और दिल से मिलनसार होते हैं। यही चीज उन्हें भारत में सबसे अच्छी लगी। उन्होंने बताया- भारत और भारतीय लोगों का अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बड़े देश और छोटे शहर जैसे पिहाम या शिकोहाबाद में प्रदूषण और ट्रैफिक कम है। लोग सहज और मिलनसार हैं। यह का अनुभव बहुत ही प्यारा रहा। ----------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- झांसी में MBA पास भाई को न्यूड करके दफनाया:कपड़े धुलकर रखे; पकड़ा न जाए, इसलिए फोन जंगल में जलाया झांसी में गाली देने पर छोटे भाई ने MBA पास बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद पकड़ा न जाए, इसलिए एक-एक सबूत मिटाने का पूरा प्लान बनाया। घर के पिछले हिस्से में 5 फीट गहरी कब्र खोदी और लाश को न्यूड कर दफना दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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