Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    विधायक जी UGC पर आप का मत क्या है?:लखनऊ में सवर्ण मोर्चा ने बीजेपी MLA को घेरा, बोले-स्टैंड क्लियर करें

    6 hours ago

    1

    0

    लखनऊ पूर्वी भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव को शनिवार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। गोमतीनगर में एक शिलान्यस कार्यक्रम में पहुंचे विधायक को सवर्ण मोर्चा के सदस्यों ने रोक लिया और पूछा- UGC नियमों पर आप का मत क्या है? विधायक ने कहा- घर आइए, तब जवाब देंगे। इस पर भी जब संगठन के सदस्य नहीं माने तो कहा- युवाओं की पढ़ाई लिखाई से जुड़ा मुद्दा है। धैर्य बनाए रखिए। सर्वोच्य न्यायालय से स्टे है। इसके बाद विधायक अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए। 2 तस्वीरें देखिए… BJP के नेता जहां मिलेंगे, सवाल पूछेंगे सवर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा- सवर्ण समाज के नेता लोग जहां भी मिलेंगे। वहां पर उनसे सवाल पूछा जाएगा। सामान्य वर्ग मोर्चा के संयोजक संदीप सिंह ने बताया कि हमें सवाल पूछने से रोका गया। हंगामा करने का आरोप लगा। पुलिस और लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के अधिकारियों ने हमको अपने जनप्रतिनिधि से मिलने से रोका। उन्होंने कहा- अगर हमने वोट दिया है तो उनको (जनप्रतिनिधि) को जवाब देना होगा। सवर्ण मोर्चा के लोग बोले- इधर उधर की बात की सवर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि विधायक से जब पूछा गया तो उनकी तरफ से इधर-उधर की बात की। सीधे इस मुद्दे का जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद वह यहां से चले गए। यूजीसी की गाइडलाइन पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से रोक लगाई गई, लेकिन सरकार की तरफ से इसे खुद वापस नहीं लिया गया है। इससे सवर्ण छात्र-छात्राओं के साथ में विश्वविद्यालयों में अन्याय होगा। पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक इसे वापस नहीं लिया जाएगा। तब तक अभियान चलाकर समाज को जागरूक किया जाता रहेगा। मौके पर सवर्ण मोर्चा की तरफ से प्रवक्ता अभिनव त्रिपाठी, अरविंद पाठक, सर्वजीत सिंह और अभय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लोक अदालत में 2.38 लाख मुकदमों का निस्तारण:25.62 करोड़ की वसूली की गई, बैंक और बीमा कंपनियों के भी मामले निपटे
    Next Article
    राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.58 लाख से अधिक मामले निपटे:आपसी सुलह से ₹46.54 करोड़ का अर्थदंड व समझौता

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment