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    विधायक का 5वीं पास बेटा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठा:रामपुर में CHC निरीक्षण करने पहुंचा, दिए निर्देश, CMO ने 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट, VIDEO

    2 hours ago

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    रामपुर में अपना दल के विधायक शफीक अंसारी का महज पांचवीं पास बेटा बिना किसी प्रोटोकॉल या नियम के तहत सीएचसी के निरीक्षण के लिए पहुंच गया। इमरजेंसी वॉर्ड में घूम-घूमकर मरीजों का हाल-चाल जाना। डॉक्टरों-स्टाफ से पूछताछ की। सीएचसी अधीक्षक के कार्यालय में पहुंचकर अधीक्षक की कुर्सी पर बैठा, दस्तावेज जांचे और डॉक्टरों को फटकार भी लगाई। इस दौरान अधीक्षक और अन्य स्टाफ विधायक के बेटे के सामने बेबस खड़ा दिखा। हैरानी की बात ये है कि बिना प्रोटोकॉल के ही विधायक के बेटे की सुरक्षा में एक दरोगा और तीन सिपाही भी तैनात थे। विधायक का बेटा करीब एक घंटे तक सीएचसी में फुल टशन मारता रहा। घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। जिसका एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो को संज्ञान में लेकर सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश देते हुए 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। एसपी ने भी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि जब इस बाबत विधायक शफीक अंसारी से बात की है तो उन्होंने कहा- मैं क्षेत्र से बाहर था। मुझे सीएचसी की व्यवस्थाओं के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसलिए मैंने खुद ही बेटे को व्यवस्था की जांच करने भेजा था। उसका निरीक्षण के लिए जाना कहीं से गलत नहीं है। निरीक्षण से जुड़ी तस्वीरें देखिए... अब पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए... रामपुर की स्वार-टांडा विधानसभा क्षेत्र से अपना दल के शफीक अहमद अंसारी वर्तमान विधायक हैं। शनिवार सुबह उनका बड़ा बेटा उमैर अंसारी स्वार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिना प्रोटोकॉल के निरीक्षण करने पहुंच गया। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के अनुसार, उमैर ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर मरीजों का हाल जाना। स्टाफ के अटेंडेंस रजिस्टर चेक किए। स्टाफ और डॉक्टरों को निर्देश देने लगा। दवा वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। लैब संचालन और मशीनों की भी स्थिति देखी। इसके बाद उमैर सीएचसी प्रभारी के कार्यालय में पहुंचा। विधायक के बेटे को देखते ही सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव चंदेल अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उमैर सभी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए सीएचसी प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर दस्तावेज चेक करने लगा। इस दौरान डॉ. राजीव बगल में खड़े होकर उसे दस्तावेज दिखाते हुए दिखे। वीडियो में उमैर, सीएचसी के प्रभारी, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ से सवाल-जवाब करते हुए दिखा। उमैर ने सीएचसी अधीक्षक को चेतावनी दी कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। जांच के लिए बाहर न भेजा जाए। अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। उमैर ने करीब एक घंटे तक सीएचसी में घूम-घूम कर विधायक पुत्र होने का पूरा रौब झाड़ा। वीडियो में देखा जा सकता है कि उमैर के साथ एक दरोगा और तीन सिपाही भी सुरक्षा में लगे हुए थे, जो पूरे वक्त उमैर के साथ सीएचसी में घूमते नजर आए। साथ में दो समर्थक भी मौजूद थे। जिम्मेदार बोले- ना कोई अधिकार, ना प्रोटोकॉल सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बताया- वीडियो संज्ञान में आया है। मामले की जांच के लिए ACMO संतोष कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित कर दी गई है। किन-किन प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। टीम को 7 दिनों में रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। सीएमओ ने स्पष्ट कहा- विधायक के बेटे या परिवार के किसी सदस्य को सरकारी संस्थान का निरीक्षण करने का अधिकार नहीं है। किसी अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। एसपी सोमेंद्र मीणा ने कहा- यह जांच की जाएगी कि किस आदेश या किस प्रोटोकॉल के आधार पर विधायक के बेटे के साथ पुलिस कर्मी मौजूद थे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सियासत गर्म, कार्रवाई की मांग अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की। नरपतनगर नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली ने भी बिना अधिकृत पद के निरीक्षण और पुलिस प्रोटोकॉल को नियमों के खिलाफ बताया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बिना किसी आधिकारिक अधिकार के किसी को प्रोटोकॉल दिया जाता है तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुका उमैर, मां नगरपालिका चेयरमैन बताया जा रहा है कि 22 साल का उमैर अंसारी, बालक बाली स्कूल से 5वीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है। वर्तमान में बेरोजगार है। ना तो पार्टी की ओर से कोई पद मिला है। ना ही विधायक प्रतिनिधि के रूप में पद। क्षेत्रीय लोगों का कहना है- उमैर सुरक्षा गार्डों को लेकर दिन भर क्षेत्र में टशन मारता है। उमैर की मां रेशमा परवीन वर्तमान में स्वार नगर पालिका चेयरमैन हैं। विधायक शफीक अंसारी के कुल 3 बच्चे हैं। उमैर घर का सबसे बड़ा है। इसके बाद एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा हमजा अभी सिर्फ 6 साल का है। आजम खान ने पहुंचाया था फर्श से अर्श तक क्षेत्रीय लोगों ने बताया- विधायक शफीक अंसारी के पिता जुम्मा पल्लेदारी का काम करते थे। उनके साथ बेटा शफीक भी पल्लेदारी करता था। इसी दौरान सपा के कद्दावर नेता आजम खान के संपर्क में आया। आजम खान से करीबी रिश्ते ने उन्हें पल्लेदारी से विधायक की कुर्सी तक पहुंचा दिया। इसी बदौलत पत्नी रेशमा को स्वार नगरपालिका में चेयरमैन का पद मिला। हालांकि वर्तमान में उनके आजम खान से रिश्ते ठीक नहीं हैं। कोल्ड स्टोरेज भी चलाते हैं शफीक अपना दल एस जिलाध्यक्ष घनवीर ने बताया स्वार में विधायक शफीक का निजी कोल्ड स्टोरेज है। उन्होंने बेटे उमैर को विधायक प्रतिनिधि बना रखा है। इसी आधार पर उमैर निरीक्षण करने पहुंचा था। इसके अलावा उमैर दुकानें और खेतीबाड़ी संभालता है। क्यों उठा प्रोटोकॉल का सवाल सरकारी नियमों के अनुसार निरीक्षण, समीक्षा और विभागीय निर्देश देने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को होता है। परिवार के सदस्यों को स्वतः यह अधिकार प्राप्त नहीं होता। ऐसे में अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत माना जा रहा है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'अखिलेश का ल्यारी राज चाहिए या धुरंधर सीएम?':लखनऊ में लगीं होर्डिंग्स पर लिखा; मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली के दंगे गिनाए लखनऊ में आज रात में सड़क किनारे होर्डिंग लगा दिए गए। इन पर पूछा गया है आपको क्या चाहिए... अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम। इसमें एक तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर काला चश्मा लगाए हुए लगाई गई है। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कन्या पूजन करते हुए है। दोनों तस्वीरों के नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं और एक्शन की खबर कटिंग लगाई है। इन कटिंग्स के जरिये बताया गया है कि अखिलेश के सीएम रहते मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली आदि में दंगे हुए। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक, मुख्तार पर एक्शन की कटिंग लगी है। पूरी खबर पढ़िए…
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