Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    व्यापारियों ने की खाद्य सुरक्षा कानून में सुधार की मांग:मेरठ में समस्या बताते हुए विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल

    13 hours ago

    1

    0

    मेरठ में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत व्यापारियों और निर्माताओं को आ रही समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सहायक आयुक्त ग्रेड-2, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मेरठ को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सैंपल भरने, जांच रिपोर्ट जारी करने और कार्रवाई की प्रक्रिया में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं, जिससे व्यापारी वर्ग परेशान है। संगठन ने मांग की कि यदि किसी सैंपल में निर्माता को पार्टी बनाया जाता है तो उसे फार्म-5(क) पंजीकृत डाक से तत्काल भेजा जाए। इसके साथ ही व्यापार मंडल ने यह भी मांग उठाई कि रिटेलर या होलसेलर द्वारा बिल प्रस्तुत करने की स्थिति में ही निर्माता को जिम्मेदार बनाया जाए, क्योंकि बाजार में नकली और डुप्लीकेट उत्पादों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंले कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट निर्धारित 14 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, केंद्रीय प्रयोगशाला में पुनः जांच के लिए नमूने समय पर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि उत्पाद की एक्सपायरी डेट निकलने जैसी समस्या न हो। संगठन ने मांग की कि किसी खाद्य पदार्थ को नष्ट करने या जब्त करने की कार्रवाई केंद्रीय प्रयोगशाला की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाए। इसके अलावा, केवल मानक में कमी पाए जाने पर नमूने को अधोमानक घोषित किया जाए, जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व मिलने पर ही “असुरक्षित” माना जाए। व्यापार मंडल ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा-69 के तहत मामूली मामलों में शमन व्यवस्था लागू करने, पूर्णकालिक न्याय निर्धारण अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा प्राइवेट लैब की रिपोर्ट के आधार पर निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई रोकने की भी मांग की। इसके साथ ही रासायनिक खाद और कीटनाशकों के मानकों को नए सिरे से तय करने तथा सरकार द्वारा भरे गए सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी शामिल की गई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ग्रेटर नोएडा में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा:पुलिस-प्रशासन समझाने में जुटा, विधायक-पुलिस पर लगाए आरोप
    Next Article
    मुजफ्फरनगर में ट्रैफिक पुलिस का अतिक्रमण हटाओ अभियान:मालवीय चौक से शिव चौक तक अतिक्रमण हटा, 112 नो-पार्किंग वाहनों के चालान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment