Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Women's Bill पर DMK का दक्षिणी दांव, क्या फिर Delimitation पर फँसेगा आरक्षण?

    10 hours ago

    1

    0

    एमके स्टालिन की अगुवाई वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने रविवार को केंद्र सरकार से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के अपने रोडमैप को स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि यह कोटा भविष्य में होने वाले परिसीमन (delimitation) से जोड़ने के बजाय निचले सदन की मौजूदा सदस्य संख्या पर आधारित होना चाहिए। यह मांग DMK के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने संसद के मॉनसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान उठाई। संसद का यह सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसे भी पढ़ें: TVK MLA Bribery Case: मेघालय प्रोजेक्ट'की जांच में फंसा Senior Journalist, चेन्नई पुलिस ने जब्त किया फोनबैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि DMK लोकसभा में मौजूदा संख्या-बल के आधार पर महिला आरक्षण बिल के पक्ष में है, लेकिन हम परिसीमन के मुद्दे पर और स्पष्टता चाहते हैं। शिवा ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया का दक्षिणी राज्यों पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए और उन्होंने सरकार से इस बारे में और स्पष्टता की मांग की। शिवा ने कहा कि अगर इससे दक्षिणी राज्यों पर असर पड़ता है, तो इसे 25 साल के लिए टाल दिया जाना चाहिए।इससे पहले, DMK ने तय किया था कि पार्टी मौजूदा रूप में परिसीमन बिल का विरोध जारी रखेगी—जो आबादी पर आधारित है और महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा है। पार्टी नए बिल का इंतज़ार करेगी और उसमें दी गई सिफारिशों के आधार पर आगे का फ़ैसला लेगी। कांग्रेस ने भी परिसीमन बिल का विरोध करने का ऐलान किया है और कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष की एकता बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। कांग्रेस, सांसदों, विधायकों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री के कार्यकाल को एक साथ करने से जुड़े प्रस्तावित बिल का भी विरोध करेगी। इसे भी पढ़ें: Kudankulam Nuclear Power Project में बड़ी सेंधमारी, Dark Web पर हजारों संवेदनशील Data Leak होने से हड़कंप17 अप्रैल, 2026 को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में फ्लोर टेस्ट पास नहीं कर सका। इस विधेयक का मकसद संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाना और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को तेज़ी से लागू करना था। इसे पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट मिले, जो संविधान के अनुसार ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत (मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों का) से काफी कम था। यह बताना ज़रूरी है कि सरकार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में विशेष दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Kiren Rijiju का दावा, विपक्ष का walkout सिर्फ 'सांकेतिक' था, सरकार चाहती है संसद में सार्थक चर्चा
    Next Article
    Mayawati की मांग: Monsoon Session में महंगाई, बेरोजगारी और Women's Safety पर हो बात

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment