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    मैनपुरी में सर्पदंश बढ़ा, झाड़-फूंक से हो रहीं मौतें:6 महीने में 194 लोग शिकार, डॉक्टर बोले- समय पर अस्पताल पहुंचें

    13 hours ago

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    मैनपुरी में बरसात के मौसम के साथ ही सर्पदंश के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से जून तक जिले में 194 लोग सांप के काटने का शिकार हुए। जुलाई के शुरुआती 15 दिनों में ही 31 नए मामले सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार, झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने से इलाज में देरी हो रही है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी से जून के बीच 194 सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से दो गंभीर मरीजों को उच्च केंद्र रेफर किया गया, जबकि शेष का सफल उपचार जिला अस्पताल में ही किया गया। जुलाई में बारिश बढ़ने के साथ ही सर्पदंश के मामलों में और तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों की जान एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन से बचाई जा सकती है। हालांकि, कई परिजन पहले झाड़-फूंक या तांत्रिकों के पास जाते हैं, जिससे इलाज में अनावश्यक देरी होती है। इस देरी के कारण मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। पांच लोगों की मौत की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पिछले वर्ष 2023 में जिले में सर्पदंश के 255 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें दो लोगों की मौत हुई थी। एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है और जिला अस्पताल में सर्पदंश के इलाज की पूरी व्यवस्था है। डॉ. सिंह ने लोगों से अपील की कि सांप काटने पर हर मिनट कीमती होता है। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत 108 एंबुलेंस या किसी अन्य साधन से मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। रात में टॉर्च लेकर चलें, नंगे पैर खेतों या झाड़ियों में न जाएं, घर और आसपास कूड़ा-कचरा जमा न होने दें तथा ऐसे स्थानों से दूरी बनाए रखें जहां सांपों के छिपने की संभावना रहती है। डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता और समय पर इलाज ही सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
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