Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    WSJ Report: US-Israel के घातक हमलों के बाद भी Iran की Missile Power बरकरार, मिडिल ईस्ट में बढ़ा बड़ा खतरा

    19 hours ago

    1

    0

    'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हफ़्तों तक हमले किए जाने के बावजूद, ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं। हाल के हमलों से पता चलता है कि तेहरान ने अपने हथियार प्रोग्राम के कुछ हिस्सों को फिर से तैयार कर लिया है और वह अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए खतरा पैदा करने में सक्षम है।मिलिट्री एनालिस्ट्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि जॉर्डन में मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस पर ईरान के हालिया हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। माना जा रहा है कि यह हमला तेहरान के सबसे एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम में से एक, 'खेबर शेकन' मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल करके किया गया था।इसे भी पढ़ें: Iran के सपोर्ट में उतरे ऐसे खतरनाक लड़ाके, Bab-Al-Mandeb बंद, MBS को अमेरिका बचा पाएगा?यह मिसाइल सिस्टम उन ज़मीन के नीचे बने ठिकानों में रखा गया था, जिन्हें इस साल की शुरुआत में अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में निशाना बनाया गया था।रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में ज़मीन के नीचे बने इन मिसाइल ठिकानों पर लगातार बमबारी के बावजूद, ईरान ने कुछ सुरंगों के रास्ते फिर से खोल दिए हैं, वहाँ तक जाने वाली सड़कें ठीक कर ली हैं और कुछ जगहों से मिसाइल ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये घटनाक्रम अमेरिका के सामने बनी चुनौती को दिखाते हैं; अमेरिका ईरान के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जबकि तेहरान जवाबी हमले करता रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। WSJ की रिपोर्ट में बताया गया है कि जॉर्डन में हुआ हमला पांच दिनों के अंदर अमेरिकी सेना पर चौथा हमला था। इससे पता चलता है कि ईरान का मिसाइल भंडार खत्म नहीं हुआ है और हो सकता है कि उसने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की अपनी क्षमता में सुधार किया हो। 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़' में ईरान प्रोग्राम के सीनियर डायरेक्टर बेहनम बेन तालेब्लू ने WSJ को बताया, "अरब दुनिया के खिलाफ ईरान की धीरे-धीरे अपनाई जा रही 'स्कॉर्च्ड-अर्थ' (सब कुछ तबाह करने वाली) नीति का मकसद अमेरिका को इस इलाके से पीछे हटने पर मजबूर करना है, न कि उसे और मजबूती से डटे रहने के लिए उकसाना।"रिपोर्ट में अमेरिका के पहले के अनुमानों और युद्ध के मैदान की मौजूदा स्थिति के बीच अंतर को भी उजागर किया गया।इसे भी पढ़ें: West Asia Crisis: Jordan ने Aqaba में मार गिराईं Iranian Missiles, US Strikes के बाद क्षेत्र में भारी तनावअप्रैल में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह से बेकार हो चुका है और उसके लॉन्चर व मिसाइलें खत्म और बर्बाद हो चुकी हैं तथा लगभग पूरी तरह से बेअसर हैं। हालांकि, आज सीनेट एप्रोप्रिएशन्स कमेटी की सुनवाई के दौरान हेगसेथ ने माना कि अमेरिका को कभी यह उम्मीद नहीं थी कि ईरान अपनी सारी हमला करने की क्षमता खो देगा। हेगसेथ ने कहा हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि वे हमला करने की क्षमता पूरी तरह खो देंगे। सवाल यह है कि अमेरिका जैसे दुश्मन के खिलाफ वे किस स्तर पर हमला कर सकते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Lalit Modi के भारत लौटने का रास्ता साफ, Tribunal ने 2009 IPL मामले में ED की भारी पेनल्टी को किया रद्द
    Next Article
    West Asia Crisis: Jordan ने Aqaba में मार गिराईं Iranian Missiles, US Strikes के बाद क्षेत्र में भारी तनाव

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment