Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मऊ कलेक्ट्रेट पर सुभासपा का प्रदर्शन::जातिसूचक टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

    2 hours ago

    1

    0

    मऊ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और अतिदलित समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बिच्छे लाल राजभर ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा वंचित वर्गों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की आवाज उठाने वालों के खिलाफ लगातार जातिसूचक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं और समर्थकों पर ऐसी टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि "छोटी जाति" और "नीच जाति" जैसे शब्दों का प्रयोग समाज के कमजोर वर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। 'संविधान की भावना के खिलाफ हैं ऐसी टिप्पणियां' सुभासपा नेताओं ने कहा कि इस तरह की भाषा संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और सम्मान के सिद्धांतों के विपरीत है। उनका कहना था कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरीब और कमजोर वर्गों को धमकाने, प्रताड़ित करने, उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करने और सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणियां करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग सुभासपा ने मांग की कि सभी मामलों में राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखीं। सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई की मांग ज्ञापन में जातिसूचक टिप्पणियां करने वालों पर कानूनी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ साइबर कानून के तहत कार्रवाई, गरीब एवं वंचित वर्गों के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच, शिकायतों पर बिना राजनीतिक दबाव के कार्रवाई और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पीलीभीत में सपा नेता हाउस अरेस्ट:जगदेव जग्गा, हेमराज वर्मा समेत दर्जनों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने किया नजर बंद
    Next Article
    विजिलेंस टीम थाने पर रिश्वत मांगने का आरोप, ऑडियो वायरल:किसान का कथित आरोप 25 हजार मांगे, 7 हजार ऑनलाइन दिए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment