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    यूपी में 39 ऐतिहासिक स्मारकों को राज्य संरक्षण मिला:सरकार ने सांस्कृतिक विरासत सहेजने के लिए उठाया बड़ा कदम

    2 hours ago

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    उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को पर्यटन भवन में आयोजित राज्य पुरातत्व सलाहकार समिति की बैठक में 41 चिह्नित स्मारकों को राज्य संरक्षण में लेने की समीक्षा की गई।इनमें से 39 स्मारकों को संरक्षण प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। इस दौरान प्रमुख सचिव अमृत अभिजात, राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में विरासत स्थलों के संरक्षण और उनके विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए कार्य किया जाएगा सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। वर्तमान में राज्य पुरातत्व विभाग के अधीन 278 स्मारक संरक्षित हैं,जिन्हें वर्ष 2027 तक बढ़ाकर 300 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें,ताकि इन ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके। ऐतिहासिक इमारतें और पुरातात्विक टीले शामिल चिह्नित किए गए स्थलों में प्राचीन मंदिर,किले, ऐतिहासिक इमारतें और पुरातात्विक टीले शामिल हैं। इनमें से कुछ स्थल लगभग 2,500 साल पुराने हैं, जबकि कुछ टीले 3,000 साल तक पुराने बताए जा रहे हैं। ये स्थल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करते हैं।प्रमुख स्थलों में लखनऊ का मूसा बाग,कानपुर नगर का पंचमुखी मंदिर, हरदोई का नागेश्वर मंदिर, उन्नाव का महेपासी टीला, झांसी का गोंडवानी मंदिर,रामपुर का तूती का मकबरा, वाराणसी का शिव मंदिर और महोबा का श्री वासुदेव मंदिर शामिल हैं। स्थलों को पर्यटन से जोड़कर विकसित किया जाएगा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कुछ स्थलों को पर्यटन से जोड़कर विकसित किया जाएगा।प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सुझाव दिया कि कुषाण काल से जुड़े स्थलों को मिलाकर ‘कुषाण ट्रेल’ विकसित की जा सकती है।साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए लाइब्रेरी, इंटरप्रिटेशन सेंटर और छोटे कॉफी कॉर्नर जैसी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी।
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