Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    युद्ध से कानपुर के उद्योग पर संकट:चेयरमैन बोले- कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, सरकार से मांग- टैक्स वसूली पर रोक लगे

    11 hours ago

    2

    0

    ईरान और इजरायल, अमेरिका के बीच युद्ध का असर उद्योगों पर पड़ रहा है। कानपुर में बुधवार को शहर के उद्यमियों ने बैठक कर चर्चा की। उन्होंने कहा ये संकट कोराना जैसा हो सकता है, लगातार फैक्ट्री मे कम बंद करने की स्थिति हैस क्योकि कच्चा माल मंहगा हो रहा है। दूसरी तरफ औधोगिक क्षेत्रों में विभागों के अधिकारी टैक्स की वसूली कर रहें है। हमारे पास काम नहीं है, तो टैक्स कैसे दें। इंडस्ट्रियल एरिया के चेयरमैन ने टैक्स वसूली कार्यवाई को सरकार से रोकने की मांग की है। बैठक में कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन विजय कपूर ने सैकड़ों उद्यमियों और 100 से अधिक फैक्ट्री मालिकों के साथ मौजूदा व्यापारिक संकट पर चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि बाजार में कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और गैस की किल्लत के कारण उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विजय कपूर ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में करीब 80 फीसदी तक इजाफा हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्लास्टिक दाने और केमिकल जैसे कच्चे माल की जमाखोरी कर कालाबाजारी कर रहे हैं, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गैस की कमी के कारण मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है, जिससे फैक्ट्रियों में काम ठप पड़ता जा रहा है। कई इकाइयों में उत्पादन लगातार घट रहा है और श्रमिक टिक नहीं पा रहे हैं। उद्यमियों ने सरकार से मांग की कि मौजूदा संकट को देखते हुए कुछ समय के लिए टैक्स वसूली पर रोक लगाई जाए। विजय कपूर ने कहा कि केस्को, जीएसटी और हाउस टैक्स की वसूली युद्ध समाप्त होने के एक महीने बाद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग के चलते वसूली का दबाव बना रहे हैं, जबकि उद्योग इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति अपने स्तर पर मजदूरों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कच्चे माल की महंगाई और काम की कमी के चलते स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मंडल में सभी स्कूल बसों की फिटनेस की होगी जांच:मंडलायुक्त ने दिए निर्देश, परिवहन विभाग 250 बसों को कर चुका है अनफिट
    Next Article
    औरैया में भाजपा कार्यसमिति की पहली बैठक:क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने पदाधिकारियों को ईमानदारी से काम करने को कहा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment