Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    युवक को 7 दिन डिजिटल अरेस्ट रख ठगे 11.21 लाख:दोस्त घर आए तो ठग बोले- अंदर आए तो अभी पुलिस भेज देंगे, फर्जी ACP ने धमकाया

    4 hours ago

    1

    0

    बाबूपुरवा थानाक्षेत्र में साइबर ठगों ने एक युवक को 7 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। शातिर ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बनकर हवाला कारोबार में शामिल होने की बात कहकर डराया। इसके बाद दूसरे आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का एसीपी बताकर सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 11.21 लाख रुपए वसूल लिए। डिजिटल अरेस्ट के दौरान परिचित घर आए तो आरोपियों ने उन्हें डराते हुए कहा कि इन्हें घर के अंदर मत आने दो,वरना अभी पुलिस भेज देंगे। कॉपरेटिव बैंक में करते थे कैश कलेक्शन का काम किदवई नगर एम-ब्लॉक निवासी राजेश कुमार शुक्ला कॉपरेटिव बैंक में कैश कलेक्शन का काम करते थे। वर्ष 2013 में बैंक बंद होने के बाद से वह घर पर ही रहते हैं। 6 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को भारत संचार निगम लिमिटेड से बताते हुए आरोप लगाया कि उनके नाम पर हवाला लेन-देन के लिए 4 बैंक खाते चल रहे हैं। इसके बाद शातिर ने जेल जाने की बात कह डराया। पीड़ित के अनुसार अगले दिन शातिर ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल की। इस बार खुद को वीरेंद्र बताने वाले युवक ने उनसे संपर्क किया। उसने बातों पर यकीन दिलाने के लिए डिजिटल गिरफ्तारी का आदेश दिखाया। उसने फर्जी एफआईआर की कॉपी उनके व्हाटसएप पर भेजी। कुछ देर में पुलिस घर भेजने की बात कहकर वीडियो कॉल उठाने का दबाव बनाया। वीडियो कॉल कर वर्दी में दिखाया पुलिस अधिकारी उन्होंने फोन उठाया तो एक पुलिस अधिकारी अपने कार्यालय में बैठा दिखा। उसने खुद को बांद्रा क्राइम ब्रांच के एसीपी बताया और उनके साथ अभद्रता से बात की, जिससे वह काफी डर गए। कॉल करने वाले आरोपी ने उन्हें गंभीर मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। डर के कारण वह उनके झांसे में आ गए। आरोपियों ने उनसे कहा कि उनके खातों में जो रकम है, वह हवाला की है। इसकी जांच की जाएगी। इसलिए इस धनराशि को उनके बताए गए खाते में भेजना होगा। सही पाए जाने पर 13 अप्रैल तक रकम लौटा दी जाएगी। डर के कारण पीड़ित ने 9 अप्रैल को एक खाते में 10.23 लाख रुपए और 11 अप्रैल को गूगल पे के जरिए 98 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बैंक ट्रांजेक्शन से आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इसके बाद से आरोपियों ने कॉल नहीं किया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। राजेश के मुताबिक तीन लोग थे, जो अलग-अलग समय पर वीडियो कॉल के जरिए से उनकी निगरानी करते थे। पहले दिन उन्हें आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। कॉल डिटेल व बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अस्पतालों में अग्निशमन उपायों की स्थिति:हाईकोर्ट करेगा प्रदेशभर के अस्पतालों का निरीक्षण
    Next Article
    BHU-कैंपस से सटे हैदराबाद गेट पर लड़की से हुई बतजमीजी:स्कॉर्पियो सवार युवकों का वीडियो बनाकर वायरल किया, पुलिस ने 1 को किया गिरफ्तार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment