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    Bhupesh Baghel को Supreme Court से झटका, चुनाव याचिका पर दायर अर्जी खारिज

    नयी दिल्ली, तीन नवंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वह नयी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने पाटन विधानसभा क्षेत्र से 2023 में उनके निर्वाचन के खिलाफ दायर चुनाव याचिका की विचारणीयता पर कोई प्रारंभिक मुद्दा तय करने से इनकार करने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री की उस याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने 2023 में उनके निर्वाचन के खिलाफ भाजपा नेता विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका को चुनौती दी थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई में देरी करने की कोशिशों पर मंगलवार को नाराजगी जताई।पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव याचिकाओं का निस्तारण उचित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। न्यायमूर्ति मोहना ने पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा से कहा, ‘‘मुकदमे को आगे बढ़ने दें। आप देरी कर रहे हैं।’’ सिब्बल ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने यह मानने में त्रुटि की है कि फैसले के लिए कोई प्रारंभिक मुद्दा नहीं बनता है।उन्होंने कहा कि अदालत को या तो समय-सीमा के सवाल पर शुरुआती मुद्दे के तौर पर फैसला करना चाहिए, या फिर यह कहने से बचना चाहिए कि ऐसा कोई मुद्दा है ही नहीं। सिब्बल ने कहा, ‘‘दो मांगें हैं। एक यह कि शुरुआती मुद्दे पर फैसला किया जाए, या फिर यह न कहा जाए कि कोई मुद्दा नहीं है।(उच्च न्यायालय द्वारा) यह कहा गया कि कोई मुद्दा नहीं है।’’ न्यायमूर्ति मोहना ने कहा, ‘‘आप यह दलील पहले भी दे सकते थे’’ और किसी उचित आधार के बिना कोई मुद्दा तय नहीं किया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश ने भी सवाल किया कि उन्होंने अपने लिखित बयान में जरूरी आपत्तियों को शामिल करने के लिए उसमें संशोधन की मांग क्यों नहीं की। यह उल्लेख करते हुए कि चुनावी विवादों का निपटारा एक तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए, न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि इस याचिका पर विचार करने से और भी अर्जियां आ सकती हैं, जिससे कार्यवाही में देरी हो सकती है।उन्होंने कहा, ‘‘यह मुकदमे में देरी करने का एक और तरीका है। अगर हम इसकी अनुमति दे देते हैं, तो आप संशोधन की मांग करेंगे। चुनावी मामलों का निस्तारण एक तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।’’ सिब्बल ने कहा कि भूपेश बघेल संशोधन के लिए कोई अर्जी दायर नहीं करेंगे और उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि उनके इस बयान को रिकॉर्ड में लिया जाए।पीठ ने कहा कि वरिष्ठ वकील के अनुरोध पर उसने याचिकाकर्ता पर जुर्माना नहीं लगाने का फैसला किया है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘याचिका खारिज की जाती है। हम उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हैं।’’ भाजपा नेता विजय बघेल ने एक याचिका दायर कर 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में पाटन निर्वाचन क्षेत्र से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी थी।विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदान से ठीक पहले के 48 घंटे की अवधि के दौरान चुनाव प्रचार पर लगी रोक का उल्लंघन किया, और निर्वाचन क्षेत्र में एक जुलूस निकाला। उन्होंने भूपेश बघेल के निर्वाचन को रद्द करने का भी अनुरोध किया था।

    दिवाली पर काशी विश्वनाथ धाम में खास सजावट, जानें...

    धनतेरस और दिवाली पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे. ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी जारी रहेगी, लेकिन अन्नकूट उत्सव की तैयारियों के चलते 9 नवंबर दोपहर से 10 नवंबर शाम तक बुकिंग बंद रहेगी. वहीं, 24 नवंबर 2026 को देव दीपावली पर काशी के गंगा घाटों और मंदिर परिसर में लाखों दीप जलाए जाएंगे.

    Valmiki Tiger Reserve और गयाजी चिड़ियाघर के लिए भूपेंद्र यादव से मिले Samrat Chaudhary

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में औद्योगिक विकास, निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए वन भूमि के उपयोग से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में उपलब्ध बंजर वन भूमि का औद्योगिक एवं विकासात्मक उद्देश्यों के लिए उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में बिहार के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं से संबंधित वन भूमि के अपयोजन (Forest Land Diversion) के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से 45.9 हेक्टेयर वन भूमि पर गयाजी चिड़ियाघर के निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने का प्रस्ताव, जमुई जिला में प्रस्तावित सौर ऊर्जा एवं इस्पात उद्योगों की स्थापना के लिए कुल 9,000 एकड़ आवश्यक भूमि में से 4,340 एकड़ वन भूमि के अपयोजन की स्वीकृति का प्रस्ताव, गयाजी जिला के डोभी में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (Integrated Manufacturing Cluster) की स्थापना के लिए कुल 1,600 एकड़ भूमि में से 1,308.72 एकड़ वन भूमि के अपयोजन का प्रस्ताव, पश्चिम चम्पारण जिला में वाल्मीकि व्याघ्घ्र आरक्ष (Valmiki Tiger Reserve) के अंतर्गत 5.8 किलोमीटर लंबे मदनपुर-पनियहवा पथ की मरम्मत तथा इसे प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव, मुंगेर जिला के तारापुर अनुमंडल के अंतर्गत संग्रामपुर में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कुल 114 एकड़ भूमि में से 84 एकड़ आवश्यक जंगल झाड़ भूमि के अपयोजन की स्वीकृति का प्रस्ताव तथा मुंगेर जिला के भीमबांध क्षेत्र में ईको टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को विकसित करने के लिए आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने का प्रस्ताव शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) से संबंधित वैधानिक प्रावधानों एवं पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन एवं आधारभूत संरचना को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित वैधानिक प्रावधानों, प्रतिपूरक वनीकरण तथा पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इन प्रस्तावों के शीघ्र परीक्षण तथा नियमानुसार आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु सहयोग का अनुरोध किया।

    आज रात आपका कनेक्शन कट जाएगा... साइबर ठगों का खतरनाक पैंतरा!

    WhatsApp पर गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. ठग फर्जी मैसेज भेजकर APK ऐप डाउनलोड करवाते हैं और बैंक अकाउंट खाली करने की कोशिश करते हैं. जानिए कैसे काम करता है यह स्कैम और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

    दिवाली से पहले प्रदूषण का 287 दिनों का रिकॉर्ड टूटा... AQI 450 के पार, दिल्ली में सांस लेना भी दुश्वार!

    दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 दर्ज हुआ और 10 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया. दिवाली से पहले बिगड़ती हवा के बीच सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए चरण 2 लागू किया है.

    अमेरिका में छाई, भारत में कमजोर रामायण, धुरंधर 2 से भी पिछड़ी

    फिल्म रामायण का एडवांस बुकिंग क्रेज के मुकाबले काफी धीमा नजर आया है. इंडिया में पहले दिन फिल्म 40 करोड़ भी नहीं जुटा पा रही है. लेकिन अमेरिका में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.

    सार्वजनिक धन के उपयोग में जवाबदेही जरूरी, PAC सुधारात्मक कदम उठाए: Om Birla

    तिरुवनंतपुरम, तीन नवंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि सरकारी खजाने से निकाले जाने वाले एक-एक रुपये का उचित हिसाब रखा जाना चाहिए और उसका पूरा उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए उसे मंजूरी दी गई है। बिरला ने संसद तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों (पीएसी) के सभापतियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक धन के उपयोग के प्रति जवाबदेही लोकतंत्र की एक अनिवार्य शर्त है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र केरलम विधानसभा में आयोजित किया गया।इसमें मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के सी वेणुगोपाल सहित अन्य लोग शामिल हुए। बिरला ने कहा कि पीएसी की सिफारिशों की वास्तविक उपयोगिता तभी सामने आती है, जब उनके परिणामस्वरूप व्यवस्था में ठोस सुधार हों और भविष्य में कमियां दोहराई न जाएं। उनका कहना था कि कि लोक लेखा समितियां यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं कि सार्वजनिक धन निर्धारित उद्देश्यों पर खर्च हो, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और जहां भी कमियां सामने आएं, वहां समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी कामकाज में नई प्रौद्योगिकियों, बड़े सार्वजनिक निवेश और कई संस्थानों की बढ़ती भागीदारी के कारण पीएसी की भूमिका का महत्व कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग स्वीकृत उद्देश्यों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। जनता का प्रत्येक रुपया उसकी आकांक्षाओं और योगदान का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे वित्तीय अनुशासन के उच्चतम मानकों के अनुरूप खर्च किया जाना चाहिए।बिरला के अनुसार, संसद और राज्य विधानसभाओं की जिम्मेदारी केवल कानून बनाने और सरकारी नीतियों पर चर्चा करने तक सीमित नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी उनका दायित्व है कि सरकारी खर्च स्वीकृत बजट के अनुरूप हो और उससे अपेक्षित सार्वजनिक लाभ प्राप्त हों। उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी धन जनता का है।उसके उपयोग के प्रति जवाबदेही लोकतंत्र की अनिवार्य शर्त है।’’ हालांकि, बिरला ने यह भी स्पष्ट किया कि लेखा परीक्षा रिपोर्टों में दर्ज प्रत्येक आपत्ति को भ्रष्टाचार का मामला नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार ये आपत्तियां प्रक्रियागत खामियों, टाले जा सकने वाले खर्च, कार्यों के क्रियान्वयन में देरी, निगरानी की कमी या योजनाओं के कार्यान्वयन में कमियों से संबंधित होती हैं। उन्होंने कहा कि इन खामियों के कारणों की पहचान करना, जिम्मेदारी तय करने में मदद करना और सुधारात्मक उपाय सुझाना समितियों के काम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।बिरला का कहना था कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों और आपत्तियों की पीएसी संसदीय स्तर पर जांच करती है तथा संबंधित विभागों के जवाब और उनके द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करती है। उन्होंने कहा कि कैग तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सरकारी कामकाज की लेखा परीक्षा करता है, जबकि पीएसी इन निष्कर्षों को संसदीय जवाबदेही, सुधार और आगे की कार्रवाई से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि पीएसी का काम सामान्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होता है, जहां विभिन्न दलों के सदस्य सार्वजनिक धन और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषयों पर मिलकर विचार-विमर्श करते हैं।बिरला के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था तेजी से बदल रही है। बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और डिजिटल सेवाओं में सार्वजनिक निवेश बढ़ा है तथा सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक खर्च का दायरा पहले से अधिक व्यापक और जटिल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे में पीएसी के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि खर्च निर्धारित नियमों और स्वीकृत बजट के अनुसार हुआ या नहीं, बल्कि योजनाओं के प्रदर्शन और उनके परिणामों का आकलन करना भी लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है।बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी सार्थक होगा, जब विकास के लिए आवंटित संसाधन देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें।

    दिवाली पार्टी के लिए पुराने सूट को दें नया लुक, ट्राई करें ये 5 तरीके

    दिवाली पार्टी में हर बार नया सूट खरीदने की जरूरत नहीं है. अलमारी में रखे पुराने सिंपल सूट को भी कुछ आसान फैशन हैक्स से नया और स्टाइलिश लुक दिया जा सकता है. जानिए घर में रखीं चीजों से ही पुराने सूट को रीस्टाइल करने के तरीके.

    साउथ ब्लॉक से खत्म होगा रिश्ता, शौर्य भवन में शिफ्ट होंगे सेना अधिकारी

    साउथ ब्लॉक से सेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारी नवंबर के अंत तक नए परिसरों में शिफ्ट हो सकते हैं. सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ शौर्य भवन जाएंगे. यह बदलाव भारत के रक्षा प्रशासन के पुनर्गठन का महत्वपूर्ण चरण होगा.

    NDA से बाहर भी विकल्प खुला, अकेले चुनाव लड़ने को तैयार चिराग पासवान

    2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम बयान में, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने मंगलवार को संकेत दिया कि अगर हालात की मांग हुई, तो उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से बाहर रहकर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। यह कहते हुए कि उनकी पार्टी हर स्थिति के लिए "100 प्रतिशत तैयार" है, पासवान ने बताया कि हालांकि गठबंधन का स्वागत किया जाएगा, लेकिन LJP (RV) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है। ANI को दिए एक खास इंटरव्यू में, उत्तर प्रदेश के लिए अपनी पार्टी की रूपरेखा बताते हुए, पासवान ने आने वाले कुछ प्रमुख कार्यक्रमों की घोषणा की, जिनमें वाराणसी में एक बड़ी रैली और लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस समारोह शामिल है।इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, ईरानी मिसाइल ठिकानों पर किए हमलेपासवान ने पटना में पत्रकारों से कहा हम उत्तर प्रदेश के लिए 100% तैयार हैं। हमारी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। परसों काशी में हमारी एक बड़ी जनसभा है, और इस बार हम 28 नवंबर को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस भी मनाएंगे। मुझे विश्वास है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में खुद को एक मजबूत दावेदार और एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित करेगी। उत्तर प्रदेश चुनावों में गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी कुछ भी पक्के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन पार्टी हर स्थिति के लिए तैयार है। अभी किसी भी बात पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हालांकि, मैं हर स्थिति के लिए तैयार हूं। NDA के साथ हमारा राष्ट्रीय स्तर का गठबंधन है, और बिहार में भी हम गठबंधन में हैं। मैंने अलग-अलग राज्यों में गठबंधन की व्यवस्थाओं का सम्मान किया है। झारखंड में हमारे विधायक हैं, और दिल्ली में हमने मिलकर चुनाव लड़ा था। इसे भी पढ़ें: Jailer 2 ने दुनिया भर में 810 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, सोमवार को 'उड़ता तीर', 'दृश्यम 3' और अन्य फिल्मों की कमाई धीमी पड़ीपासवान ने पूर्वोत्तर में पार्टी की स्वतंत्र उपस्थिति की ओर भी इशारा करते हुए कहा, "नागालैंड में हमने अकेले चुनाव लड़ा था और आज वहां हमारे दो विधायक हैं। अगर कोई गठबंधन बनता है, तो यह अच्छी बात होगी। लेकिन अगर हालात कुछ और मांग करते हैं, तो लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है।" यह सब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच हो रहा है, जहां BJP और समाजवादी पार्टी (SP) एक अहम चुनावी मुकाबले की तैयारी कर रही हैं।

    UP MLC Election: Varanasi में सपा की जीत पर Akhilesh Yadav बोले, डबल इंजन की दोहरी हार

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को धन्यवाद दिया। इन क्षेत्रों से पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव विजयी रहे। यादव ने इन नतीजों को उन लोगों के लिए "दोहरी हार" बताया, जो बार-बार "डबल इंजन सरकार" की बात करते थे। वाराणसी में बोलते हुए, यादव ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के समर्थन के लिए उनकी आभारी है और इस जीत का श्रेय बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि मैं शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के सभी मतदाताओं को धन्यवाद देना चाहता हूँ और उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ। बाबा विश्वनाथ ने हमें दो बार आशीर्वाद दिया है। उनके आशीर्वाद से आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव, दोनों ही जीत गए हैं।इसे भी पढ़ें: विपक्षी हुंकार शक्ति-प्रदर्शन नहीं, जनकल्याण का कारण बनेसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी को अपनी जीत पर कोई घमंड नहीं है, लेकिन उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो 'डबल इंजन' सरकार, 'डबल स्पीड' और 'डबल विकास' की बातें करते थे। यादव ने कहा हमें इस जीत पर कोई घमंड नहीं है, लेकिन जो लोग लगातार 'डबल इंजन' सरकार, 'डबल स्पीड' और 'डबल विकास' की बातें करते थे, उन्हें अब 'डबल हार' का सामना करना पड़ा है। उन्हें 'डबल नुकसान' और 'डबल जीरो' मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता ने वाराणसी के साथ किए गए बर्ताव का जवाब दिया है; उन्होंने वाराणसी को बाबा विश्वनाथ की धार्मिक नगरी बताया। मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ और पाल समुदाय के लोगों पर लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए, उन्होंने प्रशासन पर शहर की संस्कृति और विरासत को मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सबको याद है कि उन्होंने बाबा विश्वनाथ की धार्मिक नगरी के साथ कैसा बर्ताव किया मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ से लेकर पाल समुदाय पर लाठीचार्ज तक। इसे भी पढ़ें: कांग्रेस की रैली - ‘खाली खाली कुर्सियां, खाली खाली तम्बू हैं’ और भेजा...?उन्होंने शहर की संस्कृति और विरासत को मिटाने की कोशिश की, और जनता ने उन्हें इसका जवाब दे दिया है।" एमएलसी चुनावों में, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों में से भाजपा ने छह सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिलीं। भाजपा ने आगरा ग्रेजुएट्स, बरेली-मुरादाबाद टीचर्स, लखनऊ टीचर्स, मेरठ टीचर्स, मेरठ ग्रेजुएट्स और गोरखपुर-फैजाबाद टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। ​​समाजवादी पार्टी ने इलाहाबाद-झांसी ग्रेजुएट्स, वाराणसी टीचर्स और आगरा-अलीगढ़ टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की।