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    UP के Chief Secretary ने Expressway और औद्योगिक परियोजनाओं की समय-सीमा तय की

    लखनऊ, एक अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित विभिन्न एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, औद्योगिक केंद्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई परियोजना समीक्षा समूह की बैठक में इन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं में निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखा जाए।राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, बैठक में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की निविदाओं को अंतिम रूप देने के लिए 15 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा तय की गई। बयान के अनुसार, इसी तरह चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की निविदाओं को 30 अक्टूबर 2026 तक अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की निविदाओं को अंतिम रूप देने के लिए 30 नवंबर 2026 की समय-सीमा तय की गई।गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में ‘यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स’ (यूपीआईएमएलसी) तथा उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (यूपीआईडीसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं के लिए शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि परियोजनाओं के अगले चरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहने और सामने आने वाली अड़चनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

    सारण के पानापुर में Dry Ration पहुंचाने के लिए Patna से Helicopter ने भरी उड़ान

    माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सारण जिले के पानापुर प्रखंड में ड्राई राशन के एयर ड्रॉप हेतु स्टेट हैंगर, पटना से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। इस दौरान पटना के जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित रहे तथा राहत सामग्री के एयर ड्रॉप से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं का स्वयं निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया।मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत के मार्गदर्शन एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल के निर्देशानुसार विभागीय संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार एवं कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, मो. आसिफ इकबाल भी मौके पर उपस्थित रहे तथा राहत सामग्री के एयर ड्रॉप से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।जिला प्रशासन, सारण द्वारा आज अतिरिक्त राशन पैकेट्स की मांग की गई। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए गोरखपुर से हेलीकॉप्टर मंगवाया गया है, जिसके माध्यम से आवश्यक राशन पैकेट्स को एयर ड्रॉप हेतु भेजा जा रहा है।राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित एवं आपदा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु दृढ़ संकल्पित एवं प्रतिबद्ध है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्परता से उठाए जा रहे हैं। 

    अगर आपकी फ़्लाइट हाईजैक हो जाए तो किसी इजरायली...नेतन्याहू ने दे डाली बड़ी सलाह

    7 अक्टूबर के हमले की बरसी से कुछ दिन पहले, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई कॉकपिट की घटना को इज़राइल से जुड़े एक बड़े संदेश में बदलने में बिल्कुल देर नहीं की। उन्होंने कॉकपिट के अंदर हमलावर को काबू करने में मदद करने वाले यात्रियों की जमकर तारीफ की। फॉक्स न्यूज़ (Fox News) से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा मुझे नहीं पता कि अगली बार किसका विमान हाईजैक होगा, लेकिन यह ज़रूर सुनिश्चित करें कि आपकी बगल वाली सीट पर कोई इज़राइली बैठा हो।" इस घटना के बाद इज़राइल के लोगों में गर्व की लहर दौड़ गई कि कैसे यात्रियों ने विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया और एक बड़े जानलेवा हादसे को टालने में मदद की। इज़राइल में यात्रियों के काम की तेज़ी से तारीफ़ होने लगी और इसे राष्ट्रीय गर्व का विषय माना गया। इस बहादुरी भरे कदम को आम लोगों की पहल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया गया, जिन्होंने तब ज़िम्मेदारी संभाली जब विमान पर गंभीर संकट मंडरा रहा था।इसे भी पढ़ें: Flydubai के पायलट पर हमला करने वाला को-पायलट कट्टरपंथी था, Israel PM का खुलासायात्रियों की बहादुरी के लिए इज़राइल करेगा सम्मानइज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कहा कि वह उन पाँच यात्रियों को नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे, जिन्होंने कॉकपिट में जाकर स्थिति को संभाला था। यह घटना तब हुई जब ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान पर कब्ज़ा करने की कोशिश की। हर्ज़ोग ने कहा आपने दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डाला और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। आज पूरी दुनिया ने इज़राइली समाज का एक सुंदर और साहसी चेहरा देखा है। हीरो माने जाने वालों में यानिव हायून भी शामिल थे, जो एक प्लंबर हैं और जिन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की थी। हायून इस घटना के एक अहम चेहरे बन गए, जब उन्होंने बताया कि कैसे वे कॉकपिट में दौड़े और हमलावर को काबू में करने में मदद की, जबकि घायल कैप्टन का इलाज चल रहा था।यात्रियों के इज़राइल लौटने पर नेतन्याहू बेन गुरियन एयरपोर्ट पर हायून से मिले। हायून ने वही खून से सनी टी-शर्ट और जींस पहनी हुई थी जो उसने संघर्ष के दौरान पहनी थी। नेतन्याहू ने उसे गले लगाया और पूछा तुम एक हीरो हो। तुमने यह कैसे किया?इसे भी पढ़ें: Captain Smit Machhar के परिवार से मिले भारतीय राजदूत, UAE में शुरू हुई जांचहायून ने जवाब दिया हम शेरों की कौम हैं। उसने को-पायलट के साथ हुई शारीरिक हाथापाई का भी ज़िक्र किया और नेतन्याहू से कहा दुर्भाग्य से हम उसे मार नहीं पाए, लेकिन उसे ठीक होने में कुछ समय लगेगा। यह बहादुरी जल्द ही इज़राइल की राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई। यात्रियों का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करने और उनके काम की सराहना करने के नेतन्याहू के फैसले की कुछ इज़राइलियों ने तारीफ़ की, लेकिन विपक्ष के नेताओं ने प्रधानमंत्री पर इस घटना का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए करने का आरोप भी लगाया।

    SBI समेत बैंकों में हर शनिवार छुट्टी? सामने आया अपडेट

    हर शनिवार बैंक बंद होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. PIB फैक्ट चेक ने इसे फर्जी बताया है. फिलहाल बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं. 5 डे वर्किंग की मांग पर चर्चा जारी है.

    बिग बॉस में 'लॉलीपॉप' पर विवाद, काजी की टीम ने आम्रपाली को घेरा

    बिग बॉस 20 में 'लॉलीपॉप' विवाद के बीच काजी तौकीर की टीम ने आम्रपाली दुबे से 'लॉलीपॉप लागेलू' गाने पर उनके डांस वीडियो के बारे में सवाल किया. टीम ने पूछा कि जब काजी ने इस शब्द का इस्तेमाल किया, तो इसे 'डबल मीनिंग' क्यों माना.

    Delhi High Court का फैसला: सिर्फ वैध वीजा होने से विदेशी को नहीं मिलता भारत में प्रवेश का कानूनी अधिकार

    नयी दिल्ली, एक अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश पाने का कोई स्वतः प्राप्त अधिकार नहीं है और न ही वह ऐसे अधिकार का कानूनी रूप से दावा कर सकता है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि वैधानिक व्यवस्था के तहत वीजा होने मात्र से भारत में प्रवेश का पूर्ण और बिना शर्त अधिकार नहीं मिल जाता। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने 30 सितंबर को पारित एक आदेश में कहा, ‘‘...वैधानिक व्यवस्था में ऐसी परिस्थितियों का स्पष्ट प्रावधान है जिनमें आवश्यक यात्रा दस्तावेज होने के बावजूद किसी विदेशी नागरिक को निर्दिष्ट आधारों पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता एवं अखंडता, किसी अन्य देश के भारत के साथ संबंध और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कारणों के अलावा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य आधार भी शामिल हैं।’’ अदालत ने कहा कि वीजा जारी करना, प्रवेश की अनुमति देने से इनकार करना या आव्रजन मंजूरी देना सरकार का संप्रभु कार्य है और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति एवं प्रशासनिक विवेक से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। अदालत ने तुर्कमेनिस्तान की एक महिला की याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं। महिला ने केंद्र को यह निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था कि वह उसे 25 मार्च को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं देने के कारणों का उल्लेख करते हुए एक लिखित और तर्कसंगत आदेश दे।याचिकाकर्ता ने उसके कारोबारी वीजा के आधार पर उसे भारत में प्रवेश की अनुमति देने का निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया था। महिला ने कहा कि उसके पास वैध पासपोर्ट और कारोबारी वीजा था लेकिन इसके बावजूद उसे भारत में प्रवेश नहीं दिया गया और तुर्कमेनिस्तान वापस भेज दिया गया जबकि उसके साथ यात्रा कर रहे उसके पति को भारत में प्रवेश की अनुमति मिल गई थी। प्राधिकारियों ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि केवल वैध वीजा होने के आधार पर किसी विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश का कोई निहित या ऐसा अधिकार नहीं मिलता जिसे छीना नहीं जा सके।प्राधिकारियों के वकील ने दलील दी कि वीजा जारी किया जाना और भारत में प्रवेश की अनुमति मिलना दो अलग-अलग विषय हैं। उन्होंने कहा कि प्रवेश की अनुमति आव्रजन संबंधी वैधानिक व्यवस्था और सक्षम प्राधिकारियों को दी गई शक्तियों के अधीन होती है। वकील ने कहा कि महिला के संबंध में प्रतिकूल सूचनाएं मिली थीं जिसके बाद सक्षम आव्रजन प्राधिकारी ने यह निर्णय लिया कि उसे भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लिया गया। प्राधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि महिला द्वारा उसके माता-पिता और पति के बारे में दिए गए विवरण में विसंगति थी। अदालत ने यह भी गौर किया कि यात्रा के उद्देश्य के संबंध में उसके पास न तो कोई ‘बिजनेस कार्ड’ था और न ही कोई निमंत्रण पत्र।वह अपने देश में अपने कारोबार से संबंधित विवरण भी नहीं दे सकी और कारोबारी वीजा हासिल करने के बावजूद उसने खुद को ‘गृहिणी’ बताया था।

    ड्रम में शव, ऊपर सीमेंट और आंगन में कब्र... ऐसे खुला 3 हत्याओं का राज

    गुजरात के कोसंबा में चार साल पुराने हत्याकांड की जांच के दौरान तीन हत्याओं का राज खुला. पुलिस के मुताबिक, माधवदास ने अपनी पत्नी को हत्या के मामले में फंसाने के लिए पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पूछताछ आगे बढ़ी तो उसकी ही भूमिका सामने आ गई. जांच में पता चला कि एक महिला के शव को ड्रम में रखकर सीमेंट से सील किया गया और बाद में घर के आंगन में दफना दिया गया.

    Delhi Court ने Cyber Fraud के आरोपियों को दी Bail, गिरफ्तारी की भाषा पर उठाए सवाल

    दिल्ली की एक अदालत ने 1.15 करोड़ रुपये के कथित साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को रेगुलर ज़मानत दे दी है। अदालत ने कहा कि उन्हें हिरासत में रखने का कोई फ़ायदा नहीं है और यह भी देखा कि उनकी गिरफ़्तारी की वजह उन्हें उस भाषा में नहीं बताई गई थी जिसे वे समझते और जानते हैं। एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने योगेशभाई और अमित गोहिल की ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली। इन दोनों को 2 सितंबर को गुजरात के भावनगर में गिरफ़्तार किया गया था। यह गिरफ़्तारी नई दिल्ली के स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के सिलसिले में हुई थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 308, 318(4), 319 और 340 के तहत अपराधों का आरोप लगाया गया था। आरोपियों की ओर से वकील सैयद कामरान अली और यूसुफ़ खान पेश हुए। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों आवेदकों को 50,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक ज़मानत (श्योरिटी) भरने पर रेगुलर ज़मानत पर रिहा किया जाए, साथ ही कुछ शर्तें भी लगाई गईं।इसे भी पढ़ें: चलती स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी: दिल्ली पुलिस ने दाखिल की 398 पन्नों की चार्जशीट, 51 गवाह और DNA रिपोर्ट शामिलकोर्ट ने खास तौर पर इस बात की जांच की कि आरोपी को गिरफ्तारी के आधार किस तरह बताए गए थे। कोर्ट ने देखा कि वह दस्तावेज़ हिंदी में तैयार किया गया था, जिसमें अंग्रेज़ी शब्द और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी। दोनों आवेदकों ने गुजराती-मीडियम स्कूलों में प्राइमरी लेवल तक पढ़ाई की थी और हिंदी उनके विषयों में से एक थी। जांच अधिकारी ने कहा था कि आवेदक हिंदी समझते थे और गिरफ्तारी के आधारों की कॉपी उनके परिवार वालों को भी दी गई थी। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले को संवैधानिक ज़रूरत के नज़रिए से देखा, जिसके तहत गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी आज़ादी छीनने के कारणों के बारे में ठीक से जानकारी देना ज़रूरी है। पंकज बंसल बनाम भारत संघ और मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का ज़िक्र करते हुए, कोर्ट ने कहा कि ज़रूरत सिर्फ़ गिरफ्तारी के आधार वाला दस्तावेज़ सौंपने की नहीं थी, बल्कि यह पक्का करने की भी थी कि गिरफ्तार व्यक्ति गिरफ्तारी के कारणों को असल में समझे, ताकि वह वकील से सलाह ले सके और सही कानूनी उपाय अपना सके।इसे भी पढ़ें: चलती स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी: दिल्ली पुलिस ने दाखिल की 398 पन्नों की चार्जशीट, 51 गवाह और DNA रिपोर्ट शामिलकोर्ट ने गिरफ्तारी वाले दिन ही 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' की धारा 35(3) के तहत जारी नोटिस के मामले पर भी विचार किया। कोर्ट ने 'अमनदीप सिंह जौहर बनाम दिल्ली राज्य' मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस प्रावधान में नोटिस मिलने और गिरफ्तारी के बीच कोई तय न्यूनतम समय-सीमा नहीं बताई गई है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी माना कि साइबर और डिजिटल धोखाधड़ी की जांच में मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मौजूद सबूत शामिल हो सकते हैं, जिन्हें डिलीट या दूर से ही मिटाया (रिमोटली वाइप) जा सकता है। इसलिए, उचित मामलों में कस्टडी में पूछताछ ज़रूरी हो सकती है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी को यह देखना होगा कि क्या मामले के तथ्यों के आधार पर ऐसी कस्टडी वास्तव में ज़रूरी है। 

    ओमानी पायलट से सच उगलवाना चाहता है इजरायल, लेकिन फंस रहा एक पेच

    इजरायल ने साफ को कहा है कि ओमानी पायलट इस प्लेन को कब्जे में लेकर इसे क्रैश करना चाहता था. अब इजरायली सरकार ने इस पायलट के प्रत्यर्पण की मांग की है. लेकिन सऊदी अरब से इजरायल के कूटनीतिक रिश्ते है हीं नहीं.

    पीएम मोदी-ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत, ट्रेड और डिफेंस पर हुई चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर एक बेहद महत्वपूर्ण बातचीत हुई है. दोनों नेताओं के बीच रूस पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद यह पहली टेलीफोनिक चर्चा थी. इस खास बातचीत के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सहित कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

    Gen-Z Trend के जरिए Akhilesh Yadav का तंज, बोले- एक कचौड़ी दो समोसा, BJP पर नहीं भरोसा

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय बीजेपी-शैली की इमरजेंसी से गुज़र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाशिए पर मौजूद वर्गों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो रहे हैं और आवाज़ उठाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश यादव ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे एक 'कचौड़ी, दो समोसा...' राइम का इस्तेमाल सत्ताधारी दल पर तंज कसने के लिए किया।इसे भी पढ़ें: Punjab में Drugs के मुद्दे को वोट का सौदा न बनाए BJP, Mundra Port का जिक्र कर बोले Bajwaसोशल मीडिया के ट्रेंड हो रहे पंक्ति को लेकर अखिलेश यादव  ने नया नारा दिया। "एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा।" उन्होंने इस अनोखे अंदाज़ के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और शासन पर निशाना साधा। यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। सब लोग भाजपा को हटाने में सपा की मदद करें। आने वाले समय में पीडीए और जेन जी भाजपा का सफाया कर देंगे। जनता को भाजपा पर भरोसा नहीं है। नई पीढ़ी के लोग भाजपा से बहुत नाराज हैं, समाजवादी पार्टी नई पीढ़ी के नौकरी, रोजगार के लिए अपने घोषणा पत्र में कई चीजें शामिल करेगी। समाजवादी सरकार ने लैपटाप बांटा, आईटी सिटी बनाया, डायल 100 और अन्य सेवाओं की शुरुआत की। आने वाले समय में भी इसी तरह के काम होंगे। भविष्य में टेक्नालॉजी को जोड़कर किसान, गरीब और नई पीढ़ी के लिए काम करेंगे।यादव ने कहा कि विकास का पैसा भाजपाइयों की जेब में जा रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। नदियां नहीं साफ हुई, बजट का पैसा साफ हो गया। हालत यह है कि मुख्यमंत्री जी गोरखपुर की सड़क को ही ठीक नहीं बना पाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में 45 किलोमीटर में 74 गड्ढे हो गए हैं। 91 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे सात हजार करोड़ में बनी है, इसमें बजट की लूट हो गयी। जमकर गोरखधंधा हुआ। सपा सरकार में बना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे आज भी बिना मेंटेनेंस के उसी तरह से चल रहा है। कहीं कोई गड्ढा नहीं है।इसे भी पढ़ें: Urdu Festival पर BJP के विरोध के बीच बोले मंत्री UT Khader, वेन्यू बदलना प्रतिष्ठा का सवाल नहींअखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। इस सरकार में एक भी यूनिट नई बिजली नहीं बनी। जब बिजली नहीं बनायी है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जहां जाएंगे, उन्हें जनता के सवालों को सुनना ही पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी, भाजपा को चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए। भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर दिया है, लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। मीरापुर में महिलाओं पर पुलिस द्वारा रिवाल्वर तानने वाली तस्वीर कोई नहीं भूल सकता है। उत्तर प्रदेश में हुए सभी उपचुनाव रामपुर, मीरापुर, कुन्दरकी, बीकापुर, कटेहरी में भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर बेईमानी और धांधली की। भाजपा ने टारगेट करके वोट काटा। उन्होंने कहा कि भाजपा हटेगी, तभी लोकतंत्र बचेगा। समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग की नियुक्ति के तरीके के खिलाफ हैं। "एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा।"•⁠ ⁠माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/oGwhij2DTA— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 1, 2026

    छोटे घर में बिखरा रहता है सामान? इन 8 छिपी हुई जगहों का करें इस्तेमाल

    छोटे घर या 1BHK में सामान रखने की जगह को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं. ऐसे में आप घर की इन 8 छिपी हुई जगहों का इस्तेमाल करके अपने घर को नीट, क्लीन और मॉडर्न लुक दे सकते हैं. जिनको अक्सर लोग खाली छोड़ देते हैं.