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    Development की नई कहानी: Bihar बना देश के लिए सकारात्मक Growth मॉडल

    बिहार ने पिछले दो दशकों में विकास के लगभग सभी प्रमुख सामाजिक एवं आर्थिक संकेतकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के समक्ष एक सकारात्मक विकास मॉडल प्रस्तुत किया है। मानव विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं बुनियादी सेवाओं के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियाँ यह दर्शाती हैं कि बिहार सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मानव विकास सूचकांक (HDI) के अनुसार वर्ष 2006 से 2023 के बीच बिहार का HDI 0.485 से बढ़कर 0.614 हो गया, जो लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि है। यह सुधार राष्ट्रीय औसत वृद्धि (23 प्रतिशत) से अधिक है। इसे भी पढ़ें: जमीन बेचकर बेटे को बनाया Cricketer, Bihar के Vaibhav Suryavanshi की Team India तक की संघर्ष गाथागरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बिहार ने देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच बिहार में बहुआयामी गरीबी 51.89 प्रतिशत से घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई। इस अवधि में 18.13 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर इसी अवधि में गरीबी में 9.89 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई, जबकि बिहार ने उससे लगभग दोगुना सुधार हासिल किया। यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, स्वच्छता एवं बुनियादी सेवाओं के विस्तार हेतु किए गए निरंतर निवेश और लक्षित विकासात्मक हस्तक्षेपों का प्रतिफल है।राज्य की आर्थिक प्रगति भी उल्लेखनीय रही है। वर्ष 2004 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय ₹5,780 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹76,490 हो गई है। यह लगभग 13 गुना (1,223 प्रतिशत) वृद्धि है तथा इस अवधि में राज्य ने लगभग 13 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर दर्ज की है, जो राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर से अधिक है। विकास व्यय में निरंतर वृद्धि ने सामाजिक क्षेत्र में बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए हैं। बिहार का प्रति व्यक्ति विकास व्यय वर्ष 2005-06 के ₹1,463 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में ₹13,279 हो गया है। इसी अवधि में स्वास्थ्य पर व्यय में 14.8 गुना तथा शिक्षा पर व्यय में 13.2 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। संस्थागत प्रसव का प्रतिशत वर्ष 2005-06 के 19.9 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 81.1 प्रतिशत हो गया है, जो चार गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाता है। जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 64.2 वर्ष से बढ़कर 69.5 वर्ष हो गई है। पोषण संबंधी संकेतकों में बिहार का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। बच्चों में ठिगनापन (Stunting) 20 प्रतिशत अंक, कम वजन (Underweight) 20.2 प्रतिशत अंक तथा क्षीणता (Wasting) 8.1 प्रतिशत अंक कम हुई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज सुधार से कहीं अधिक है।  रोजगार के क्षेत्र में भी बिहार का प्रदर्शन सकारात्मक रहा है। पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2024 के अनुसार बिहार की बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 3.2 प्रतिशत से कम है। सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2023-24 में स्वच्छ जल एवं स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा। वहीं अच्छे स्वास्थ्य एवं कल्याण (SDG-3) में राज्य का स्कोर 2018-19 के 44 से बढ़कर 2023-24 में 67 हो गया, जिससे बिहार ‘Aspirant’ श्रेणी से निकलकर ‘Front Runner’ श्रेणी में पहुँच गया। राज्य का समग्र SDG स्कोर भी 48 से बढ़कर 57 हो गया है, जिससे बिहार ‘Performer’ श्रेणी में शामिल हो गया है। इसे भी पढ़ें: Shreyasi Singh का मिशन Sports, Bihar में गाँव-गाँव से निकलेगी नई खेल प्रतिभा!  इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि बिहार ने विकास के सामाजिक और आर्थिक दोनों आयामों पर तेज गति से प्रगति की है। मानव विकास, गरीबी में कमी, स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार, रोजगार तथा सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में राज्य की उपलब्धियाँ विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं।

    जिसने भारत को गोल्ड दिलाए, वो आज खामोशी से चला गया

    आज भारतीय खेल जगत से एक ऐसी खबर आई जिसने करोड़ों खेल प्रेमियों को दुखी कर दिया. जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके मेडल, उनके शिष्य, उनकी उपलब्धियां और भारतीय शूटिंग को दी गई नई पहचान हमेशा उनके नाम को जिंदा रखेगी. जसपाल राणा उन लोगों में थे जिन्होंने भारतीय शूटिंग का इतिहास लिखा.

    कॉमेडी से भरा है अजय की धमाल 4 का ट्रेलर, VFX ने बिगाड़ा खेल

    अजय देवगन की मल्टी स्टारर फिल्म धमाल 4 का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जो पुरानी वाली धमाल की वाइब जरूर देता है. कॉमेडी भी इस बार अच्छी लग रही है, मगर ट्रेलर में दिखाए विजुअल इफेक्ट्स थोड़ा मजा किरकिरा करते हैं.

    Taiwan की घेराबंदी! China के 14 PLA फाइटर जेट और 9 Navy जहाजों से बढ़ा संकट

    ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने अपने समुद्री इलाके के आस-पास चीनी सेना के 14 विमानों की उड़ान (सॉर्टि), नौ नौसैनिक जहाजों और चार सरकारी जहाजों की मौजूदगी का पता लगाया। इन 14 उड़ानों में से 13 ने 'मीडियन लाइन' (सीमा रेखा) को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के 'एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन' (ADIZ) में प्रवेश किया। एक्स पर एक पोस्ट में MND ने कहा कि आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आस-पास PLA के 14 विमानों की उड़ान, PLAN के 9 नौसैनिक जहाजों और 4 सरकारी जहाजों की मौजूदगी का पता चला। 14 में से 13 उड़ानों ने 'मीडियन लाइन' को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के ADIZ में प्रवेश किया। ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नज़र रखी और जवाबी कार्रवाई की। इससे पहले गुरुवार को ताइवान के MND ने अपने आस-पास PLA के 11 एयरक्राफ्ट सॉर्टीज़, छह नेवल जहाज़ और तीन सरकारी जहाज़ देखे। इनमें से 11 में से नौ ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के ADIZ में प्रवेश किया।इसे भी पढ़ें: चीन के सामने ताइवान ने पहली बार दागे दनादन रॉकेट, चौंक गई दुनियाएक्स पर एक पोस्ट में MND ने कहा आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आस-पास PLA के 11 एयरक्राफ्ट सॉर्टीज़, 6 PLAN जहाज़ और 3 सरकारी जहाज़ देखे गए। 11 सॉर्टीज़ में से 9 ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के ADIZ में प्रवेश किया। ROC आर्म्ड फोर्सेज़ ने स्थिति पर नज़र रखी और जवाब दिया। ताइवान पर चीन का दावा एक जटिल मुद्दा है जो ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान चीन का एक अभिन्न अंग है; यह बात उसकी राष्ट्रीय नीति में शामिल है और इसे घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय बयानों का समर्थन भी प्राप्त है।इसे भी पढ़ें: SpaceX IPO के बाद दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बने एलन मस्क, ताइवान से भी बड़े आर्थिक साम्राज्य के मालिकवहीं दूसरी ओर, ताइवान अपनी अलग पहचान बनाए हुए है और अपनी सरकार, सेना व अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से काम करता है। 'यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंडिया' के अनुसार, ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बहस का एक अहम मुद्दा बनी हुई है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संप्रभुता, आत्म-निर्णय और गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों की परीक्षा लेती है।

    बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुबहानल्लाह... वैभव सूर्यवंशी के बाद उनके छोटे भाई आशीर्वाद ने ठोका तूफानी शतक, पिता का सीना चौड़ा, Photos

    Vaibhav Suryavanshi Brother Century: भारतीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने समस्तीपुर में खेले गए एक प्रैक्टिस मैच में 87 गेंदों पर 103 रन बनाकर अपने करियर का पहला शतक जड़ा है।

    Tibet में China का खतरनाक खेल, भारत सीमा के पास बच्चों को दे रहा Military Training

    'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' (ICT) ने चीनी अधिकारियों की कड़ी आलोचना की है। हाल ही में जारी तस्वीरों में तिब्बत के किंडरगार्टन के बच्चों को मिलिट्री-स्टाइल की गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए देखा गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट' द्वारा जारी इन तस्वीरों में तिब्बत के छोटे बच्चों को कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म पहने, चीनी झंडे के नीचे मार्च करते और नकली राइफलें लेकर नकली लड़ाई की ड्रिल (mock combat drills) में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया है। ये तस्वीरें दक्षिणी तिब्बत के सोना (Tsona) शहर में ली गई थीं, जो भारत के करीब है। इन्हें 26 मई, 2026 को जारी एक रिपोर्ट में दिखाया गया था। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, ये गतिविधियां "राष्ट्रीय रक्षा और जातीय एकता" से जुड़े शैक्षिक कार्यक्रमों के तौर पर आयोजित की गई थीं। इनका मकसद छोटे बच्चों में देशभक्ति और सीमा सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना था।इसे भी पढ़ें: आखिर भारत की बढ़ती परमाणु ताकत से चौकन्ना क्यों होने लगा अंतरराष्ट्रीय जगत?ICT ने इस पहल की निंदा करते हुए कहा कि ये दृश्य बहुत परेशान करने वाले हैं और किंडरगार्टन की उम्र के बच्चों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। संगठन का कहना है कि किसी भी बच्चे को पढ़ाई-लिखाई के माहौल में मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग नहीं दी जानी चाहिए और न ही उन्हें लड़ाई-झगड़े या युद्ध जैसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए बढ़ावा दिया जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम का मकसद कम्युनिस्ट पार्टी, चीनी सरकार और स्थानीय समुदायों के प्रति वफादारी बढ़ाना है, साथ ही सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदारी की भावना पैदा करना है। चीनी अधिकारियों ने इन गतिविधियों को जातीय एकता को मज़बूत करने और कम उम्र से ही राष्ट्रीय रक्षा शिक्षा को बढ़ावा देने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा बताया है।इसे भी पढ़ें: अगर भारत ने ये कर दिया! तो PoK में कूद पड़ेगा इजरायलहालांकि, ICT का कहना है कि यह मामला सिर्फ़ मिलिट्रीकरण तक ही सीमित नहीं है। संगठन ने कहा कि तिब्बती बच्चों को लगातार ऐसे वैचारिक अभियानों का हिस्सा बनाया जा रहा है जो सरकारी नैरेटिव को बढ़ावा देते हैं और साथ ही तिब्बती सांस्कृतिक पहचान और विरासत को कमज़ोर करते हैं। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ खास तौर पर सोना (Tsona) जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में चिंता का विषय हैं, जहाँ पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।इसे भी पढ़ें: बहुत बड़ा परीक्षण कर रहा भारत? अचानक कहां जा रहे 11000 लोगइन घटनाओं को तिब्बत में बीजिंग की नीतियों का एक स्पष्ट उदाहरण बताते हुए, ICT ने दुनिया भर की सरकारों, व्यवसायों और नागरिक समाज समूहों से अपील की कि वे चीनी अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाएँ और तिब्बती बच्चों व संस्कृति की बेहतर सुरक्षा के लिए दबाव बनाएँ।

    24 घंटे में $274 अरब, मस्‍क ने अंबानी की नेटवर्थ से 3 गुना ज्‍यादा छापी दौलत!

    पिछले 24 घंटे में दुनिया के सबसे अमीर व्‍यक्ति एलॉन मस्‍क ने अंबानी से तीन गुना ज्‍यादा दौलत कमा ली. ब्‍लूमबर्ग के मुताबिक, उन्‍होंने 24 घंटे में ही 274 अरब डॉलर की कमाई की है.

    Bangladeshi Infiltrators के खिलाफ Suvendu Adhikari का महाएक्शन, Border Areas से लेकर शहरों तक मचा हड़कंप

    पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अब निर्णायक युद्ध शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही जिस सख्त अभियान का ऐलान किया था, वह अब जमीन पर पूरी तरह उतर चुका है। राज्य के गृह विभाग, पश्चिम बंगाल पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त कार्रवाई ने उन घुसपैठिया गिरोहों की नींद उड़ा दी है, जिन्होंने वर्षों से बंगाल की जमीन को अवैध ठिकाने में बदल रखा था।खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद राज्य के संवेदनशील इलाकों की गहन मैपिंग शुरू कर दी गयी है। फर्जी वोटर कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सहारे बंगाल में छिपे बैठे घुसपैठियों की पहचान की जा रही है। यह अभियान केवल सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता, हावड़ा, हुगली और औद्योगिक इलाकों तक फैले पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी है। इसके चलते बंगाल में लंबे समय से सक्रिय अवैध सिंडिकेट अब भय और बेचैनी में जी रहा है।इसे भी पढ़ें: TMC सांसद Kirti Azad का सनसनीखेज दावा: Kakoli Ghosh Dastidar कैमरे पर 5 लाख लेते पकड़ी गई थीं, जल्द करूंगा पर्दाफ़ाशहम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस महानिदेशक और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर अभियान का पूरा खाका तैयार किया है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे सीमावर्ती जिलों में विशेष जांच दल गठित किये गये हैं। इन दलों को साफ निर्देश है कि फर्जी पहचान पत्र बनवाकर भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर तत्व को बेनकाब किया जाये। स्थानीय निकायों और प्रशासनिक इकाइयों के माध्यम से दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच की जा रही है।उधर, भारत बांग्लादेश सीमा पर अभूतपूर्व सतर्कता लागू की गयी है। सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस संयुक्त गश्त कर रहे हैं। नदीय क्षेत्रों और बिना कंटीले तार वाले इलाकों में थर्मल कैमरे, ड्रोन और आधुनिक निगरानी तंत्र तैनात किये गये हैं। लक्ष्य स्पष्ट है, घुसपैठ को शून्य तक पहुंचाना। यह वही सख्ती है जिसकी मांग वर्षों से देशभक्त नागरिक करते रहे थे।सबसे बड़ी चोट उन शहरी नेटवर्कों पर पड़ी है, जिन्होंने घुसपैठियों को रोजगार, पहचान और संरक्षण उपलब्ध कराया। कोलकाता, हावड़ा और हुगली के जूट मिलों, निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे मजदूरों के दस्तावेजों की अचानक जांच शुरू कर दी गयी है। प्रशासन को संदेह है कि अनेक संदिग्ध अपनी पहचान छिपाकर वर्षों से बंगाल में रह रहे हैं। अब यह खेल अधिक दिनों तक चलने वाला नहीं है।उत्तर 24 परगना से दो बड़े मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी ने पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। ये लोग कुछ हजार रुपये लेकर सीमा पार कराने और फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराने का धंधा चला रहे थे। इनके पास से नकली मुहरें और खाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह साफ संकेत है कि घुसपैठ अब केवल सीमा पार की समस्या नहीं, बल्कि संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर संकट बन चुका था।उधर, बांग्लादेश में जमात ए इस्लामी और विपक्षी दलों ने भारत विरोधी प्रदर्शन शुरू कर दिये हैं। उन्होंने भारत पर कथित जबरन वापसी और सीमा पर कार्रवाई को लेकर आरोप लगाये हैं। लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और निर्वासन पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जायेगा। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी ढाका से कहा है कि संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान प्रक्रिया में तेजी लायी जाये ताकि निर्वासन सुचारु रूप से पूरा हो सके।इसके अलावा, भारत और बांग्लादेश के बीच दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीमा पर समन्वित गश्त, खुफिया सूचनाओं के आदान प्रदान और सीमा पार अपराधों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर सहमति बनी है। यह भी तय हुआ है कि मानव तस्करी, तस्करी नेटवर्क और अवैध आवाजाही पर मिलकर प्रहार किया जायेगा। इसका सीधा अर्थ है कि अब घुसपैठियों के लिए दोनों देशों की सीमा पहले जैसी आसान नहीं रहने वाली।वहीं, असम के धुबरी जिले के भोगडांगा और फेसकारकुटी जैसे गांवों की स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि सीमा सुरक्षा में ढिलाई कितनी खतरनाक हो सकती है। ये गांव बाड़ के बाहर स्थित हैं और शाम होते ही भारत से लगभग कट जाते हैं। वहां रहने वाले भारतीय नागरिक वर्षों से घुसपैठ, चोरी और सुरक्षा संकट झेल रहे हैं। सीमा से लगे ऐसे इलाकों की वास्तविकता देश को चेतावनी देती है कि यदि कठोर कदम नहीं उठाये गये तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।बहरहाल, पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी का अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन की रक्षा का निर्णायक अभियान बन चुका है। वर्षों तक राजनीतिक स्वार्थ के कारण जिन घुसपैठियों को संरक्षण मिलता रहा, अब उनके खिलाफ राज्य मशीनरी पूरी ताकत से खड़ी दिखाई दे रही है। बंगाल की जनता भी यह समझ चुकी है कि अवैध घुसपैठ केवल कानून व्यवस्था का प्रश्न नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है।

    Iran-US Peace Deal में बड़ा Breakthrough! Geneva में होर्मुज खोलने, परमाणु वार्ता पर बन सकती है सहमति।

    ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ किसी समझौते की खबरें "सिर्फ अटकलें" हैं, लेकिन उम्मीद है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। CNN ने कई राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस प्रस्तावित समझौते में संघर्ष-विराम को बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और इस्लामिक गणराज्य के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल हो सकता है। सीएनएन के अनुसार, राजनयिक बातचीत से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के लिए जिनेवा पर विचार किया जा रहा है। एक सूत्र ने कहा कि यह कार्यक्रम राजनयिक बातचीत के "दूसरे चरण" की शुरुआत का प्रतीक होगा, जिसमें समझौता ज्ञापन को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।इसे भी पढ़ें: Share Market में लौटे अच्छे दिन! Sensex 1695 अंक उछला, Nifty 23600 के पारयह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के साथ संघर्ष को खत्म करने वाले एक बड़े समझौते की बात कही थी, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।इसे भी पढ़ें: US-Iran टेंशन खत्म होने से बाजार में बहार, Share Market रॉकेट, Sensex 1,695 अंक उछलकर बंदट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि यूरोप में जल्द ही हस्ताक्षर समारोह हो सकता है और इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हमने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक बढ़िया समझौता किया है और अब बस कागज़ात को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। अगले कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाना चाहिए। शायद यूरोप में इस समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हस्ताक्षर होते ही जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) आधिकारिक तौर पर खुल जाएगा। यह जल्द ही, बहुत जल्द हो सकता है - शायद वीकेंड पर यूरोप में। मैं वहां नहीं जा पाऊंगा, लेकिन जेडी (उपराष्ट्रपति) और कुछ अन्य लोग वहां मौजूद रहेंगे। स्टीव विटकॉफ ने बहुत अच्छा काम किया है।CNN की रिपोर्ट के अनुसार, कई सूत्रों ने इस प्रस्तावित समझौते को "इस्लामाबाद समझौता" या "इस्लामाबाद घोषणा" का नाम दिया है। यह नाम बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका को मान्यता देता है, भले ही वह पहले दोनों पक्षों के बीच कोई डील नहीं करवा पाया था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समझौते के नाम के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि ईरान के एक सूत्र ने संकेत दिया कि वियना (ऑस्ट्रिया) पर भी संभावित स्थान के तौर पर विचार किया जा रहा था।इस मामले की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक का हवाला देते हुए CNN ने बताया कि अंतरिम समझौते के तहत मौजूदा युद्धविराम को बढ़ाया जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार की जाएगी।

    रात में दही खाना सही या गलत? गुड़गांव के डॉक्टर ने बताई हकीकत

    रात में दही खाना सही है या गलत? जानिए सीनियर डॉक्टर और ग्लोबल रिसर्च से कि क्या वाकई डिनर में दही खाने से सेहत बिगड़ती है या यह केवल एक मिथक है.

    इंडियन आइडल जीतकर कमाई शोहरत, अल्लाह के लिए कुर्बान करेगा करियर

    हरियाणा के मेवात इलाके के एक छोटे से कस्बे में जन्मे सलमान आज एक बड़े स्टार बन चुके हैं. उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था. आर्थिक तंगी के कारण वो 8वीं तक पढ़ाई कर पाए. 

    चंबल से निकला टीम इंड‍िया का कप्तान! इनके अंडर खेलेंगे द्रविड़ के बेटे अन्वय

    ग्वालियर (चंबल) के युवा क्रिकेटर यशवर्धन सिंह चौहान को टीम इंड‍िया की अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया है. 302 रन की रिकॉर्ड पारी खेलने वाले यशवर्धन ने अपने पिता, परिवार और कोचों को सफलता का श्रेय दिया. श्रीलंका दौरे के लिए उत्साहित यशवर्धन का सपना भारत की जर्सी पहनकर राष्ट्रगान के दौरान मैदान पर खड़ा होना है.