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    Social Media पर भ्रामक खबर फैलाने वालों सावधान! Delhi Police ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

    दिल्ली पुलिस ने 24 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बारे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट का खंडन करते हुए दो स्पष्टीकरण जारी किए। पुलिस ने इन दावों को झूठा और गुमराह करने वाला बताया और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस ने एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताया और दावा किया कि उसने हाल ही में विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया है। आंतरिक जांच से पुष्टि हुई है कि आधिकारिक रिकॉर्ड में ऐसा कोई अधिकारी मौजूद नहीं है।  इसे भी पढ़ें: बिहार में RJD को करारा झटका, Lalu के पुराने वफादार Mortunjay Tiwari BJP में शामिलदिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बता रहा है और दावा कर रहा है कि उसने हाल ही में चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया है। यह दावा झूठा है। दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड की जांच करने पर ऐसा कोई सब-इंस्पेक्टर नहीं मिला है जिसकी जानकारी वीडियो में बताए गए विवरण से मेल खाती हो।फोर्स ने कहा कि यह वीडियो झूठा और गुमराह करने वाला है और ऐसा लगता है कि यह जान-बूझकर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश है। ऐसे नकली कंटेंट को बनाने, फैलाने या उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सिर्फ़ दिल्ली पुलिस की तरफ़ से जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और बिना पुष्टि किए दावों को शेयर करने से बचें। इसे भी पढ़ें: Congress के Imran Masood ने Sonam Wangchuk को बताया 'दूसरा Anna', BJP ने किया पलटवारएक दूसरे स्पष्टीकरण में, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी का गर्भस्थ शिशु खत्म हो गया। विभाग ने पुष्टि की कि भगदड़ जैसी स्थिति में उन्हें चोटें आईं और उनका इलाज चल रहा है, लेकिन वे न तो शादीशुदा हैं और न ही गर्भवती। आधिकारिक बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया पर चल रहे ये दावे पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाले हैं कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी का गर्भस्थ शिशु खत्म हो गया। वायरल तस्वीरें तब ली गई थीं जब भगदड़ जैसी स्थिति में अधिकारी को चोटें आई थीं। वह महिला न तो शादीशुदा है और न ही गर्भवती, और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। कृपया बिना पुष्टि की गई जानकारी को शेयर या आगे न बढ़ाएं। केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

    जंतर-मंतर पर कांस्टेबल ने उतारा पुलिस बैज, जानें मामला

    जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह ने नौकरी छोड़ने का दावा करते हुए पुलिस बैज मंच पर सौंप दिया. हालांकि, पुलिस का कहना है कि वह अभी सेवा में हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है.

    IRGC का Ali Al Salem Air Base पर विध्वंसक हमला, US Army की मौत पर Pentagon के आंकड़ों पर उठे सवाल

    ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में नए सिरे से हमले किए, जिनमें अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अली अल सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद कुवैत की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रोक दिया। रिपोर्ट के अनुसार, तनाव बढ़ने के इस दौर में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और एरबिल की ओर भी हमले किए। इस बीच, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB पर जारी एक बयान में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने "ऑपरेशन नस्र 2 के 27वें चरण" के तहत इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली।इसे भी पढ़ें: अब यूरोप में सीधे घुस जाएंगी ईरानी मिसाइलें? IRGC ने दी ऐसी धमकी, कांपे अमेरिका के दोस्तIRGC ने कहा कि उसने कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस पर बहुत भारी और एडवांस्ड विनाशकारी ड्रोन से हमला किया। उसने दावा किया कि उसने गोला-बारूद के एक बहुत बड़े भंडार को निशाना बनाया और लगातार हुए धमाकों से वह पूरी तरह नष्ट हो गया। बयान में यह भी दावा किया गया कि बेस पर मौजूद कर्मियों के लिए बने छह बड़े शेल्टर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि "तीन अन्य शेल्टर" "बुरी तरह क्षतिग्रस्त" हुए। साथ ही, यह आरोप लगाया गया कि "बड़ी संख्या में दुश्मन के लोग" मारे गए और घायल हुए। IRGC ने अमेरिका पर युद्ध के मैदान में हुए नुकसान को छिपाने का आरोप भी लगाया। उसने दावा किया कि वाशिंगटन हताहतों की संख्या के बारे में "अपने ही लोगों से झूठ बोल रहा है" और "अमेरिकी मीडिया से इस युद्ध की सच्चाई की जांच करने" तथा "असली आंकड़ों और सेंसरशिप के तरीकों को उजागर करने" की मांग की।इसे भी पढ़ें: आखिर कैसे थमेगा अमेरिका-ईरान युद्ध? कबतक राहत पाएगी दुनिया? समझिएइसमें आगे कहा गया है कि आक्रमणकारियों के खिलाफ दंडात्मक अभियान जारी हैं। इस बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, बुधवार को पेंटागन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ईरान युद्ध के दौरान 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत की सूचना दी।लेकिन गुरुवार तक, पता चला कि युद्ध विभाग ने हताहतों की आधिकारिक संख्या कम कर दी थी और बताया कि युद्ध में 14 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। आंकड़ों में इस बदलाव के जवाब में, तीन सैन्य अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस बदलाव का एक कारण यह था कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताहांत मारे गए चार सैनिकों (तीन जॉर्डन में और एक उत्तरी ईरान में) को सूची से हटाने का फैसला किया था। इसका कारण यह बताया गया कि राष्ट्रपति द्वारा अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा के बाद इन सैनिकों की मौत हुई थी। पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव, जोएल वाल्डेज़ ने इस बदलाव का कारण वेबसाइट पर "अस्थायी डेटा व्यवधान" बताया, जिसे उन्होंने जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।

    NEET Paper Leak: बिहार में CS की सख्त बैठक, अफसरों को उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    NEET पेपर लीक मामले को लेकर पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा हेतु आज बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित सभी जिलों के ज़िलाधिकारी, पुलिस उप-महानिरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान स्थिति के प्रति सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाना तथा शांति-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समन्वय स्थापित करना था। इसे भी पढ़ें: बिहार विधानसभा: मॉनसून सत्र के पहले दिन 10 अहम विधेयक पेश, जुआ और ऑनलाइन सट्टेबाजी पर लगेगी रोकप्रमुख निर्देश एवं अधिकारियों के वक्तव्य:1. पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन: कुंदन कृष्णन ने छात्रों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और स्थिति को संवाद के माध्यम से संभालने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:* सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण और संवाद: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे बातचीत करें। उग्र रुख अपनाने के बजाय उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें।* अंबेडकर हॉस्टल और छात्र मंचों से जुड़ाव: पुलिस अधिकारी अंबेडकर हॉस्टलों और विभिन्न अंबेडकर स्टूडेंट फोरम्स में जाकर छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करें ताकि उनके बीच व्याप्त असंतोष और भ्रम को दूर किया जा सके।* चिह्नित क्षेत्र और निगरानी: विरोध प्रदर्शन के संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और भारी फुटफॉल वाले स्थानों को चिह्नित किया जाए।* अराजक तत्वों पर नज़र: उपद्रवी और हिंसक तत्वों की पहचान के लिए पोस्टर/चित्र जारी किए जाएं। सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाए जा रहे भ्रामक और उत्तेजक कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखी जाए।* तकनीक का इस्तेमाल: निगरानी के लिए सीसीटीवी , वीडियोग्राफरों और सभी उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए।* बल प्रयोग अंतिम विकल्प: किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग  को अंतिम कदम के रूप में ही रखा जाए। प्राथमिकता शांतिपूर्ण बातचीत और नियंत्रण की होनी चाहिए।2. पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार:डीजीपी श्री विनय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी संसाधनों को दुरुस्त रखने पर जोर दिया:* उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता: सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।* कोचिंग संस्थानों पर निगरानी: कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच के लिए उनसे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपस्थिति का लिखित ब्योरा मांगा जाए।* सोशल मीडिया पर पहचान: सोशल मीडिया पर शांति भंग करने वाले 117 संदिग्धों/व्यक्तियों की तस्वीरें जारी कर पुलिस मुख्यालय द्वारा सख्त निगरानी रखी जा रही है।* सीसीटीवी और वीडियो कवरेज: सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में वीडियो कैमरे और सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित किए जाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना का साक्ष्य दर्ज हो सके।* निरंतर संचार: क्षेत्र में तैनात पुलिस बलों और जिला मुख्यालयों के बीच निर्बाध संचार बनाए रखा जाए।3. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश:मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र को एकीकृत होकर काम करने का निर्देश दिया:* सख्त सतर्कता एवं समन्वय: सभी डीएम और एसपी अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतें तथा सिविल प्रशासन और पुलिस के बीच निरंतर समन्वय स्थापित रखें।* छात्रों के भविष्य की सुरक्षा: कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए यह ध्यान रखा जाए कि निर्दोष छात्रों को कोई परेशानी न हो और स्थिति को परिपक्वता के साथ संभाला जाए।* अफ़वाहों पर तुरंत रोक: भ्रामक समाचारों और अफवाहों का खंडन तुरंत आधिकारिक सूचनाओं के माध्यम से किया जाए।* चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी: मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

    मंदिर से चुराया था कान्हाजी का झूला, तालिब, आबिद और गुलबहार अरेस्ट

    सहारनपुर के थाना कोतवाली देहात पुलिस ने शिव मंदिर में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके कब्जे से मंदिर से चोरी किए गए पीतल के घंटे, लोटे, बड़े दीपक, कान्हाजी का झूला और इन्वर्टर बरामद किया. तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया.

    हिमाचल: मलबा गिरने से सूमो दबी, 13 की मौत

    हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से एक सूमो टैक्सी दब गई. हादसे में 6 माह के शिशु समेत 13 लोगों की मौत हुई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं. राहत एवं बचाव कार्य जारी है. पांगी-भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

    CJP Protest: दिल्ली पुलिस AI से कैसे पहचान रही प्रोटेस्टर्स के चेहरे?

    NEET पेपर लीक पर जंतर मंतर में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार प्रोटेस्ट जारी है. इसी बीच दिल्ली पुलिस एआई से लैस सिस्टम यूज करके प्रोटेस्टर्स की पहचान कर रही है. आइए जानते हैं ये टेक काम कैसे करता है.

    धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के कितने नजदीक? अटकलों के बीच दावों का घमासान

    NEET और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हैं. CJP और विपक्ष की मांग के बीच सरकार ने स्थिति साफ की है. सोनम वांगचुक का अनशन खत्म हो चुका है, पीएम मोदी का सख्त कानून का ऐलान कर चुके हैं और शिक्षा विभाग के अफसरों पर गाज गिर चुकी है. लेकिन, आगे स्टोरी पेंचीदा होती जा रही है.

    सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, कई लोगों के मरने की आशंका; शरीर के अंग कटकर दूर जा गिरे

    सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया है। विस्फोट से कई लोगों की मरने की आशंका है। कंपनी के बाहर कई लोगों के शव के चिथड़े दिखाई दिए। हालांकि प्रशासन ने हताहतों के संख्या की पुष्टि नहीं की है।

    दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाकों में ऐप-बेस्ड कैब, फूड डिलीवरी कंपनियां सीमित रखें सेवाएं, पुलिस की सलाह

    दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाकों में ऐप-बेस्ड कैब, फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स कंपनियां सीमित रखें सेवाएं, पुलिस ने दी सलाह

    2026 Commonwealth Games| FIFA के बाद अब CWG!क्या फिर रचा जाएगा इतिहास??|Teh Tak Part 4

    फुटबॉल के फीफा महाकुंभ के बाद अब खेल प्रेमियों पर राष्ट्रमंडल खेलों का खुमार चढ़ने वाला है, क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स का रण आज (23 जुलाई) से 2 अगस्त तक सजने जा रहा है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में भारत का तिरंगा लहराने के लिए भारतीय एथलीटों का दल पूरी तरह से तैयार होकर मैदान में उतर चुका है। इस बार भारत की ओर से पैरा एथलीटों सहित कुल 125 खिलाड़ी (77 पुरुष और 48 महिला) पदक जीतने का सपना लेकर स्कॉटलैंड पहुंचे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत हमेशा से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल रहा है और इस बार भी उम्मीदें आसमान पर हैं। अगर पिछले रिकॉर्ड्स पर नजर डालें, तो बर्मिंघम 2022 के खेलों में भारतीय सूरमाओं ने कुल 61 पदक अपने नाम किए थे। 2022 के इन मुकाबलों में भारत की झोली में शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक आए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत से लेकर अब तक भारत ने कुल 564 पदकों की विशाल ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत के इस ऑल-टाइम ऑल-स्टार रिकॉर्ड में 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। गलास्गो की सरजमीं पर उतरे भारतीय जांबाज इस बार भी पुराने सभी रिकॉर्ड्स को तोड़ते हुए एक नया इतिहास रचने के इरादे से आए हैं। देशभर के करोड़ों खेल प्रेमियों की निगाहें अब ग्लासगो पर टिकी हैं, जहाँ से एक बार फिर पदकों की स्वर्णिम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।सीमित खेलों वाले कॉमनवेल्थ गेम्सग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वरूप काफी छोटा कर दिया गया है। इसमें सिर्फ़ 10 खेल शामिल हैं, जबकि 2022 के बर्मिंघम गेम्स में 19 खेल थे। ग्लासगो में होने वाले 10 खेल हैं: एथलेटिक्स, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, वेटलिफ्टिंग, 3x3 बास्केटबॉल, लॉन बॉल्स, नेटबॉल, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, जूडो और बॉक्सिंग। इस बार जिन खेलों को शामिल नहीं किया गया है, वे हैं: बैडमिंटन, क्रिकेट, हॉकी, स्क्वैश, टेबल टेनिस, ट्रायथलॉन, रेसलिंग, बीच वॉलीबॉल और रग्बी सेवन्स।लेकिन ऐसा क्यों?इसका सीधा जवाब है - आर्थिक कारण। शुरुआत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में होने वाले थे। लेकिन, इवेंट से तीन साल पहले ही विक्टोरिया ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए गेम्स की मेज़बानी से हाथ खींच लिए। इससे कई लोगों ने खेलों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए, कुछ ने तो इसे विलुप्त तक घोषित कर दिया। तभी ग्लासगो ने हस्तक्षेप किया। लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास पूर्ण पैमाने पर आयोजन की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं है, इसलिए उन्होंने खेलों का एक छोटा, संक्षिप्त और सीमित संस्करण प्रस्तावित किया। इसके अलावा, पैसे बचाने के लिए 10 खेलों का आयोजन सिर्फ़ चार जगहों पर किया जाएगा, जो सभी सेंट्रल ग्लासगो में 12 किलोमीटर के दायरे में होंगे। साथ ही, एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ एथलीट विलेज के बजाय होटलों में ठहरेंगे। ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी भी छोटे स्तर पर होंगी। भारत के पदक जीतने की संभावनाओं पर असरग्लासगो खेलों के संक्षिप्त होने के कारण, भारत के पदक जीतने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। उदाहरण के लिए, बैडमिंटन को खेलों से हटा दिया गया है। पिछले संस्करण में, भारत ने इस खेल में छह पदक जीते थे, जिनमें लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु द्वारा जीते गए स्वर्ण पदक शामिल थे। कुश्ती, जिसने भारत को 2022 में 12 पदक दिलाए थे, इस बार के टूर्नामेंट में शामिल नहीं है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से टेबल टेनिस को भी हटा दिया गया है  जिसमें सात मेडल मिले थे> साथ ही हॉकी और क्रिकेट को भी, जिनमें भारत ने कुल तीन मेडल जीते थे। असल में 2022 बर्मिंघम गेम्स में भारत के जीते 61 मेडलों में से 30 ऐसे खेलों से आए थे जिन्हें ग्लासगो गेम्स में शामिल नहीं किया गया है। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान और ओलंपियन विरेन रासकिन्हा ने एक स्पोर्ट्स इवेंट में कहा कि इन खेलों को हटाने से एक खालीपन आ जाएगा। यह कॉमनवेल्थ गेम्स बहुत अलग होने वाला है, क्योंकि हमारे कई मेडल दिलाने वाले खेल इसमें शामिल नहीं हैं। इसलिए, इसका असर हमारे मेडल टैली पर 100 प्रतिशत पड़ेगा।इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी सबसे ज्यादा नजरनीरज चोपड़ा (भाला फेंक)ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा फिर भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद होंगे। उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग)मीराबाई चानू अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। अगर वह इस बार भी स्वर्ण जीतती हैं तो लगातार तीसरे राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी।लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा मुक्केबाजी)टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और 2023 की विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहेन भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।गुरिंदरवीर सिंह (100 मीटर दौड़)भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह ने इस साल 10.09 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। राष्ट्रमंडल खेलों में उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।प्रणति नायक (आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स)भारतीय जिम्नास्टिक्स की अनुभवी खिलाड़ी प्रणति नायक पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीतने के इरादे से ग्लासगो उतरेंगी।भारत के युवा खिलाड़ियों पर भी रहेंगी नजरइस बार भारतीय टीम में सर्वेश कुशारे और ज्ञानेश्वरी यादव जैसे युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से भविष्य के बड़े सितारे बनने की उम्मीद की जा रही है।इसे भी पढ़ें: Why the Commonwealth was Formed? | बाल्फोर घोषणा और राष्ट्रमंडल का सच!|Teh Tak Chapter 1 

    कोर्ट की कार्यवाही का वीडियो शेयर करने पर SC का नियम?

    सुप्रीम कोर्ट ने बिना पूर्व अनुमति अदालत की कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को पोस्ट, रीपोस्ट, एडिट या मोनेटाइज करने पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये आदेश समाचार रिपोर्टिंग पर लागू नहीं होगा. साथ ही, सभी हाईकोर्ट से अदालत की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर बनाए गए नियमों और व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट भी तलब की गई है.