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    ईरान की नई साजिश डोनाल्ड ट्रंप को बनाया निशाना

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने अमेरिका को खुफिया जानकारी दी है, जिसमें ईरान द्वारा डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने की बात कही गई है। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

    Ayatollah Ali Khamenei Life Story | अयातुल्ला अली खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक, 37 साल तक किया शासन, एक मदरसे के छात्र से ईरान के सर्वोच्च नेता बनने तक का सफर

    अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कई दिनों के सार्वजनिक शोक के बाद शुक्रवार तड़के सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उन्हें उनके गृहनगर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया। करीब 37 वर्षों तक ईरान पर एकछत्र राज करने वाले खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों में मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी।मशहद में दफन होने वाले इतिहास के दूसरे शासकअयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के इतिहास के ऐसे दूसरे शासक बन गए हैं, जिन्हें मशहद शहर में दफनाया गया है। उनसे पहले साल 1747 में ईरान के मशहूर शासक नादिर शाह को इस शहर में दफनाया गया था। नादिर शाह ने करीब 11 वर्ष तक ईरान पर शासन किया था और 1747 में उनकी हत्या कर दी गई थी।अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, थम गई थी तेहरान की रफ्तारखामेनेई की अंतिम यात्रा शनिवार को शुरू हुई थी, जिसके बाद कई दिनों तक देश में शोक का माहौल रहा। सुरक्षा और श्रद्धांजलि सभाओं के मद्देनजर ईरानी अधिकारियों ने राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में सड़कों, हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) और तमाम सार्वजनिक गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दिया था। अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा।अयातुल्ला अली खामेनेई को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जा रहा है जिसने दशकों तक बेहद कड़े नियंत्रण के साथ देश की कमान संभाली और पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान के रुख को बेहद सख्त बनाए रखा।इसे भी पढ़ें: अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर अयातुल्ला अली खामेनेई का जीवन परिचय: एक मदरसे के छात्र से ईरान के सर्वोच्च नेता बनने तक का सफरअयातुल्ला अली खामेनेई आधुनिक इतिहास में मध्य पूर्व (Middle East) के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली राजनेताओं में से एक रहे हैं। उन्होंने लगभग 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के रूप में देश की कमान संभाली। उनका जीवन राजनीतिक संघर्षों, इस्लामी क्रांति और पश्चिमी देशों के साथ लगातार टकराव से भरा रहा।शुरुआती जीवन और शिक्षाअली हुसैनी खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के पवित्र शहर मशहद में हुआ था। वह एक रूढ़िवादी धार्मिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता एक मौलवी थे, इसलिए खामेनेई का झुकाव बचपन से ही धार्मिक शिक्षा की ओर था। उन्होंने मशहद और बाद में शिया धर्म के सबसे बड़े केंद्र 'कोम' (Qom) के मदरसों से इस्लामी शिक्षा प्राप्त की। कोम में ही वे इस्लामी क्रांति के जनक अयातुल्ला रुहोल्लाह खमेनी के संपर्क में आए, जिन्हें वे अपना गुरु मानते थे।इसे भी पढ़ें: Sanju Samson को बाहर करने पर R Ashwin का BCCI पर बड़ा हमला, बोले- यह सरासर नाइंसाफी है शाह के शासन का विरोध और जेल यात्राएं1960 और 1970 के दशक में खामेनेई ईरान के तत्कालीन शासक शाह मोहम्मद रजा पहलवी के पश्चिमीकरण और तानाशाही शासन के मुखर विरोधी बन गए। शाह की खुफिया एजेंसी 'सावाक' (SAVAK) ने उन्हें सरकार विरोधी गतिविधियों के लिए कई बार गिरफ्तार किया और जेल में डाला। इन जेल यात्राओं के दौरान उन्हें भारी प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने शाह के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखा।1979 की इस्लामी क्रांति और राजनीति में उदय1979 में जब शाह का शासन उखड़ गया और अयातुल्ला खमेनी के नेतृत्व में 'इस्लामी क्रांति' सफल हुई, तब अली खामेनेई नई सरकार के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए। वह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने तेहरान के जुम्मे की नमाज के इमाम के रूप में कार्य किया, जिससे उनकी जनता पर पकड़ मजबूत हुई।जानलेवा हमला (1981): जून 1981 में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक टेप रिकॉर्डर में छिपे बम से उन पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में वह बाल-बाल बचे, लेकिन उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए पैरालिसिस (लकवाग्रस्त) हो गया।ईरान के राष्ट्रपति (1981-1989)अक्टूबर 1981 में खामेनेई भारी बहुमत से ईरान के तीसरे राष्ट्रपति चुने गए। वह इस पद पर बैठने वाले पहले धर्मगुरु (मौलवी) थे। उनके राष्ट्रपति रहते हुए ही ईरान ने इराक के साथ 8 साल लंबा और खूनी युद्ध (1980-1988) लड़ा, जिसमें उन्होंने सेना का मनोबल बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई।सर्वोच्च नेता के रूप में 37 साल का शासन (1989-हालिया मृत्यु)3 जून 1989 को इस्लामी क्रांति के संस्थापक अयातुल्ला खमेनी के निधन के बाद, 'विशेषज्ञों की परिषद' (Assembly of Experts) ने अली खामेनेई को ईरान का नया 'सर्वोच्च नेता' चुना। ईरान के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता का पद राष्ट्रपति से ऊपर होता है और सेना, न्यायपालिका व विदेश नीति पर उसी का अंतिम नियंत्रण होता है।कट्टर पश्चिम-विरोधी नीति: खामेनेई ने अपने पूरे कार्यकाल में अमेरिका और इजराइल के प्रति बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अमेरिका को "महान शैतान" और इजराइल को एक "कैंसर की गांठ" करार दिया।परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध: उनके नेतृत्व में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया, जिसके कारण अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के बावजूद खामेनेई ने कभी पश्चिमी देशों के सामने घुटने नहीं टेके।क्षेत्रीय प्रभाव (रजिस्टेंस फ्रंट): उन्होंने मध्य पूर्व में 'एक्सिस ऑफ रजिस्टेंस' (जिसमें हिजबुल्लाह, हमास और हूथी विद्रोही शामिल हैं) को मजबूत किया, ताकि क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली प्रभाव को चुनौती दी जा सके।घरेलू नीतियां: देश के भीतर उन्होंने इस्लामी कानूनों को कड़ाई से लागू रखा। कई बार उनके शासन के खिलाफ देश में हिंसक प्रदर्शन भी हुए (जैसे 2009 और 2022 के विरोध प्रदर्शन), लेकिन उन्होंने कड़े नियंत्रण के साथ अपनी सत्ता को बनाए रखा।दशकों तक ईरान को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले और मध्य पूर्व की राजनीति की दिशा तय करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई का सफर 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के साथ समाप्त हो गया, जिसके बाद उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi 

    गुरुग्राम के सुशांत लोक में जबरदस्त एनकाउंटर, 4 बदमाश ढेर; Video

    गुरुग्राम में गुरुवार आधी रात बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. सुशांत लोक इलाके में दीपक नांदल गैंग के बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. इस एनकाउंटर में 4 बदमाश ढेर हो गए हैं और एक गंभीर रूप से घायल है. आधी रात को हुए एनकाउंटर में करीब 25 से 30 राउंड फायरिंग हुए. इसमें तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए है.

    ड्राई एयर रोकेगी मॉनसून का रास्ता! दिल्ली से राजस्थान-गुजरात तक असर

    Monsoon 2026: उत्तर-पश्चिम भारत (Northwest India) के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मॉनसून की रफ्तार धीमी रहेगी. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नॉर्थवेस्ट से आ रही ड्राई एयर के असर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.

    Monsoon Heavy Rainfall | देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत

    दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश में दस्तक दे दी है। भले ही इस साल मानसून अपने तय समय (8 जुलाई) से एक दिन की देरी से पूरे देश में पहुंचा हो, लेकिन इसके आते ही देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बीते बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के कारण देश के विभिन्न राज्यों में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा और बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य वर्षा (73.8 मिमी) से कहीं अधिक है।इसे भी पढ़ें: अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ व भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।किन्नौर में नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 फुट लंबा लोहे का पुल पानी में डूब गया। मानसूनी बारिश के कारण बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। दिल्ली में लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया, पेड़ उखड़ गए और कई जगहों पर भारी यातायात जाम की स्थिति बन गई। तेज बारिश के कारण दिल्ली की हवा भी सितंबर 2023 के बाद सबसे साफ महसूस की गई। शहर के कुछ हिस्सों में 160 मिलीमीटर (मिमी) से अधिक बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और नुकसान की स्थिति बनी रही।इसे भी पढ़ें: Argentina की जीत पर Egypt का हंगामा, रेफरी विवाद पर FIFA का कड़ा जवाब- हमारे फैसलों पर सवाल न उठाएं। इस बीच रोहिणी में इमारत गिरने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। अधिकारियों को दिनभर में जलभराव की 68 शिकायतें मिलीं जबकि भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। जलभराव की शिकायतें विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों, संगम विहार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन क्षेत्र, मुनिरका, सदर बाजार, अलीपुर, बुराड़ी, बदरपुर और द्वारका सहित कई इलाकों से सामने आईं। जलभराव और जाम के कारण आईटीओ, रोहतक रोड, महरौली-बदरपुर (एमबी) रोड, एनएच-48, रिंग रोड, पंजाबी बाग और शादिपुर में भी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। बुधवार को भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए सूरत में बाढ़ का पानी बृहस्पतिवार को धीरे-धीरे उतरने लगा। शहर से छह अन्य शव बरामद किए गए, जिससे पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए सूरत का दौरा किया। महाराष्ट्र में पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में उस जगह पर बचाव कार्य बृहस्पतिवार को भी जारी रहा, जहां एक दिन पहले भारी बारिश के कारण कचरे से बिजली पैदा करने वाले संयंत्र में कूड़े का बड़ा ढेर ढहने से एक इमारत गिर गई थी। बृहस्पतिवार को इमारत के मलबे से एक शव बरामद किया गया, जबकि करीब आठ लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है। ठाणे शहर में पहले हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटना में घायल हुए 64 वर्षीय एक व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया, जिसमें राज्य भर में मानसून की गतिविधि तेज होने के कारण अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया। वहीं, बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि संत कबीर नगर जिले के अलग-अलग गांवों में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि कुशीनगर में बिजली गिरने से 14 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर में भारी बारिश के बाद खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में अस्थायी तंबू पर दीवार गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। शामली जिले के थानाभवन शहर में भारी बारिश के दौरान एक टिन शेड की दीवार गिरने से 49 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान शाहिद के रूप में हुई और उसके दो बेटे अमन (17) और नौमान (15) गंभीर रूप से घायल हो गए। गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सर्वोदय कॉलोनी में तीन वर्षीय पल्लवी अपने घर के बाहर पानी से भरे नाले में डूब गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र-लखनऊ के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। अरुणाचल प्रदेश के छह जिलों में आई बाढ़ और भूस्खलन से घरों, सड़कों व फसलों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बृहस्पतिवार शाम को जारी बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान केयी पन्योर, अपर सियांग, तिरप, चांगलांग, पापुम पारे और अपर सुबनसिरी जिलों में बाढ़ आई व भूस्खलन की घटनाएं हुईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार के लिए शि योमी, सियांग, ईस्ट सियांग, लोअर दिबांग वैली, लोहित और लोंगडिंग जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया।विभाग ने इन इलाकों में गरज, चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार से बारिश कम होने का अनुमान है। इस बीच गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित पूर्वी सियांग और लोअर सियांग जिलों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि टीम ने हाल की बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और यह भी देखा कि क्या केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से तीन मकान, एक गौशाला और कुछ बाग क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 फुट लंबा लोहे का पुल पानी में डूब गया। अधिकारियों के अनुसार, कुप्पा क्षेत्र में पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-5) पर मालिंग नाला के पास भूस्खलन हुआ, जिससे तीन मकान, एक गौशाला और कुछ बाग क्षतिग्रस्त हो गए। बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से कुछ घंटों तक मार्ग भी बाधित रहा। सांगला के तहसीलदार हरदयाल सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर प्रभावित 13 लोगों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कुप्पा क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। अधिकारियों ने बताया कि 100 फुट लंबे लोहे के पुल के पानी में डूब जाने से लिप्पा गांव का किन्नौर जिले के अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 15 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरूद्ध हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बारिश के कारण देहरादून समेत चार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया था। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी बृहस्पतिवार को बारिश हुई। गुरुग्राम में एक लग्जरी अपार्टमेंट परिसर की बालकनी का एक हिस्सा बृहस्पतिवार सुबह ढह गया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य हिस्सों में नोएडा, गाजियाबाद, गाजीपुर और फरीदाबाद में व्यापक जलभराव और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आईं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नोएडा, गाजियाबाद, गाजीपुर और फरीदाबाद से भी बड़े पैमाने पर जलभराव और यातायात जाम की खबरें मिलीं। नोएडा में सेक्टर 16, 33, 12, 62 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों सहित कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर पर गाजीपुर सीमा के पास भारी जलभराव के कारण दिल्ली-गाजीबाद मार्ग पर लंबा यातायात जाम लग गया। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बारिश से उत्पन्न हालात के चलते सरकारी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में निर्माणाधीन बेसमेंट के पास सड़क का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण धंस गया, जिससे वहां खड़ी एक कार और एक स्कूटर गड्ढे में गिर गए। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। आईएमडी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच गया है, जिसके साथ ही पूरे देश में इसकी दस्तक हो गई है। विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरे देश में पहुंचने में एक दिन की देरी हुई है, क्योंकि आमतौर पर आठ जुलाई को देशभर में इसका आगमन हो जाता है। मानसून इस साल चार जून को केरल पहुंचा, जिससे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून-सितंबर) की शुरुआत हुई। आमतौर पर यह राज्य में एक जून को दस्तक देता है। भारत में इस साल जुलाई में अब तक सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है। आईएमडी के मुताबिक, महीने के शुरुआती नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो इस अवधि में होने वाली सामान्य वर्षा 73.8 मिलीमीटर से कहीं ज्यादा है। केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के कारण आईएमडी ने बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया, जिनमें मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड शामिल हैं। विभाग ने राज्य के छह अन्य जिलों-एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड़-के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया।Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

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