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    '2017 से पहले अपराधियों का था बोलबाला', CM योगी ने सपा पर साधा निशाना

    उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर कानून व्यवस्था, बेटियों की सुरक्षा, गरीबों के राशन की हड़पाई और इंसेफ्लाइटिस जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर तीखा हमला किया.

    तीन दर्जन से ज्यादा देव-विमान, जल विहार और आतिशबाजी

    आगर मालवा के सोयतकलां में डोल ग्यारस यानी जलझूलनी एकादशी श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई. तीन दर्जन से अधिक बाल विग्रहों को देव-विमानों में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया. कंठाल नदी में जल विहार, सामूहिक महाआरती और रात्रिकालीन आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही. वीडियो में जानें इस पर्व का महत्व.

    3 साल की बेटी से दूर होकर भावुक हुईं स्वरा, पति ने संभाला

    स्वरा भास्कर रियलिटी शो राइज एंड फॉल सीजन 2 में बतौर कंटेस्टेंट टीवी पर वापसी कर रही हैं. शो 26 सितंबर से प्राइम वीडियो और एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होगा. स्वरा ने शूटिंग के लिए अपनी बेटी से दूर जाने पर भावुक पोस्ट शेयर की है, जो हर किसी का दिल छू गई.

    नंदीग्राम उपचुनाव: Congress प्रत्याशी Milan Pradhan 2007 के मामले में 7 अक्टूबर तक जेल भेजे गए

    पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में बुधवार को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत में प्रधान के वकील प्रसनजीत जना ने कहा कि प्रधान को पहले ही शस्त्र अधिनियम के एक मामले में पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान 2007 में दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें हत्या और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है।इन आदेशों के कारण प्रधान के लिए अपना चुनाव प्रचार करने का मौका वस्तुत: खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा खाली की गई विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। कांथी अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हत्या के आरोप से जुड़े मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उनकी हिरासत का अनुरोध किए जाने के बाद प्रधान को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।उन्होंने कहा कि पुलिस ने खेजुरी थाने में दर्ज मामले में प्रधान को गिरफ्तार दिखाया और उन्हें रिमांड पर लेने के अनुरोध के साथ कांथी अदालत में पेश किया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह प्रधान की याचिका पर 24 सितंबर को सुनवाई करेगा। प्रधान ने अपनी याचिका में दावा किया है कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य ने इस मामले का उल्लेख नहीं किया था।कांग्रेस उम्मीदवार के अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और कहा कि प्रधान को गिरफ्तार दिखाकर इस मामले में रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया था। प्रधान को लगभग दो दशक पहले दर्ज शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामले में 21 सितंबर को कांथी अदालत ने 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले 19 सितंबर को उन्हें नंदीग्राम में 2007 से जुड़े मामलों में लंबित चार अन्य गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट के संबंध में हल्दिया अनुमंडल अदालत ने तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।वर्ष 2007 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और खेजुरी थानों में प्रधान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने कहा कि लंबित मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या के इरादे से अपहरण, साक्ष्य मिटाने, घर में जबरन घुसने, दंगा करने और शस्त्र कानून के तहत अपराधों के आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, प्रधान को लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

    हर महीने लाखों में बिक्री, इन 5 स्कूटर के लिए मची मारा-मारी

    शहर की भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर स्कूटर ज्यादा आरामदायक साधन समझ आता है. शायद यही वजह है कि भारतीय बाजार में स्कूटर्स की सेल्स में तेजी से इजाफा हो रहा है. ना सिर्फ पेट्रोल बल्कि बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को भी खरीद रहे हैं. ऐसे में हम आपके लिए ऐसे स्कूटर्स की एक लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्हें अगस्त में सबसे ज्यादा खरीदा गया है.

    बैंक में कागज की आड़ लेकर शातिर ने चुराया 60 ग्राम सोना, CCTV में कैद हुई घटना

    आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ग्रामीण बैंक शाखा से करीब 60 ग्राम सोना चोरी का मामला सामने आया है. आरोपी ने कागज की शीट की आड़ लेकर वारदात को अंजाम दिया. मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है.

    जमुई कांड के आरोपी पर हमला, पेशी के दौरान वकील ने जड़ा थप्पड़, VIDEO

    जमुई कांड के आरोपी हरेराम यादव की बुधवार को कोर्ट में पेशी हुई. पेशी बाद जब पुलिस उसे कोर्ट से वापस लेकर जा रही थी, तभी परिसर में मौजूद एक वकील ने उसे थप्पड़ मार दिया.

    दुनिया की दो बड़ी AI कंपनी OpenAI-Antrhopic को चला रहे दो भारतीय?

    गूगल और माइक्रोसॉफ्ट को कई सालों से भारतीय मूल के सीईओ ही चला रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया की दो बड़ी AI कंपनियों में भी भारतीय मूल के इंजीनियर्स लीडर्शिप रोल में हैं? आइए जानते हैं.

    CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर Youth Congress का दिल्ली में प्रदर्शन

    भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की। युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च का प्रयास किया, हालांकि पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया। कांग्रेस की युवा इकाई ने यह प्रदर्शन उस समय किया जब अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और प्रक्रियागत बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि जो खबर सामने आई है, उस पर निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था, जैसा कि बाद में आयोग के सूत्रों ने दावा किया, तो चुनाव आयोग को संबंधित रिकॉर्ड, आपत्तियां और जवाब सार्वजनिक करने चाहिए।इतने बड़े स्तर के सवालों का एकमात्र विश्वसनीय जवाब पारदर्शिता ही है।’’ युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मांग की कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने बार-बार जो आपत्तियां दर्ज कराई हैं उनसे संबंधित रिकॉर्ड और आपत्तियों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा, ‘‘भारत के चुनावों की विश्वसनीयता सिर्फ चुनाव कराने पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि हर योग्य नागरिक उस प्रक्रिया पर भरोसा कर सके जिसके तहत मतदाता सूची तैयार की जाती है।’’ उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को अब इस्तीफा दे देना चाहिए।

    ₹23000 तक जा सकता है ये स्‍टॉक, ब्रोकरेज का बड़ा टारगेट

    डिफेंस सेक्‍टर की एक कंंपनी के शेयर शानदार तेजी दिखा सकते हैं और 23000 रुपये के लेवल को पार कर सकते हैं. यह कंपनी विस्‍फोटक इंडस्‍ट्रीज में एक बड़ी हिस्‍सेदारी रखती है और कंपनी के बाद एक बड़ा ऑर्डर बुक है.

    जिनपिंग के स्वागत में ट्रंप की खास तैयारी, भारत पर क्या असर? 5 प्वाइंट से समझें मुलाकात की अहमियत

    एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप से ठीक मुलाकात से पहले बीजिंग से एक ऐसा कड़ा संदेश सामने आया जिसने पूरी दुनिया के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। चीन ने ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका को साफ-साफ चेता दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। पिछले चार महीने में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले वे मई में पेइचिंग में मिले थे। चीन ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर शी चिनफिंग अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा करेंगे। गुओ ने कहा कि ट्रंप के साथ शिखर सम्मेलन में शी चीन-अमेरिका संबंधों, विश्व शांति और विकास से जुड़े अहम मुद्दों मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे। हांगकांग के 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की एक खबर के अनुसार, शी जॉइंट बेस एंड्रयूज में एक हवाई पट्टी पर उतरेंगे। ट्रंप के वहां व्यक्तिगत रूप से उनका खास स्वागत करने की योजना है, जो बेहद दुर्लभहै। आम तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप विदेशी अतिथियों से वाइट हाउस में मिलते हैं।इसे भी पढ़ें: Russia-China Counter: ग्रीनलैंड में मिलिट्री बेस बनाएगा अमेरिका, हो गई बड़ी डील!अमेरिका ने चीन के सामने AI से जुड़ी ऐसी घटनाओं की जानकारी साझा करने के लिए एक नया 'अधिसूचना तंत्र' बनाने का प्रस्ताव रखा है। न्यू यॉर्क में चीन के डिप्टी पीएम हे लिफेंग से बातचीत के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि दोनों देश साझा लक्ष्यों और खतरों को लेकर एक जैसी समझ विकसित करना चाहते है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली इस बेहद अहम और बहुप्रतीक्षित मुलाकात से ठीक पहले चीन ने ताइवान को लेकर अपना रुख एक बार फिर पूरी तरह से साफ कर दिया है। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्य पत्र पीपल्स डेली ने अपने लेख में ताइवान को अमेरिका के साथ संबंधों में सीधी रेड लाइन करार दिया है। बीजिंग का साफ कहना है कि ताइवान के मुद्दे पर वह किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेगा। और इतना ही नहीं चीन ने अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री और सैन्य संबंधों पर भी तीखा विरोध जताया है।इसे भी पढ़ें: भारत पर बड़ा खुलासा देख चौंके रूस-चीन के लोग, घूम गया अमेरिका का दिमाग!क्यों अहम है ये मुलाकातये वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 % तक टैरिफ लगाने वाला बिल साइन किया है। चीन ने इसे खारिज कर कहा था कि देशों के बीच सामान्य व्यापारिक सहयोग में तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। ईऱान संघर्ष का मुद्दा भी उठ सकता है। आरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागचनी ने पिछले सप्ताह चीन में कहा था कि ईरान कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की उम्मीद करता है।संभावना ये भी है कि ट्रंप चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए दबाव डालने की अपील कर सकते हैं।ये भी उम्मीद जताई जा रही है कि शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप से ताइवान को एन अमेरिकी हथियारों की बिक्री आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Donald Trump और Xi Jinping शिखर वार्ता: व्यापार, ताइवान और तकनीक पर रहेगा जोरभारत के लिए इसमें क्याकूटनीति के जानकारों का यह मानना है कि भले ही डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनफिंग ट्रेड टेरिफ रेयर अर्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर बड़ी डील करने की कोशिश कर रहे हो लेकिन बीजिंग ने ताइवान के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और संप्रभुता के मामलों में वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। पीपल्स डेली ने यह साफ लिखा है कि ताइवान की आजादी के मुद्दे को सही ढंग से संभालना दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता के लिए बेहद ही जरूरी है और अमेरिका को इस पर बहुत सावधानी से कदम उठाना चाहिए और यहीं पर भारत की चिंताएं  भी कहीं ना कहीं बढ़ जाती है। भारत नहीं चाहता कि वाशिंगटन और बीजिंग ताइवान या दक्षिण चीन सागर यानी कि साउथ चाइना सी को लेकर किसी बड़े टकराव में आए या कोई ऐसा जी2 जैसा समीकरण बने जो एशिया के सामरिक संतुलन को बिगाड़ दे। भारत को जो फायदा चीन से हटकर ग्लोबल सप्लाई चेन मिलने से हो रहा था, उस पर भी इन महाशक्तियों के बीच होने वाले समझौतों का असर पड़ सकता है। तो कुल मिलाकर ट्रंप और जिनफिंग की यह मुलाकात आने वाले समय में दुनिया की राजनीति की दिशा तय कर सकती है। 

    घर से दूर लोग नहीं कर पा रहे पितरों का श्राद्ध? ऐसे पाएं पूर्वजों की कृपा

    घर से दूर लोगों के लिए पितृपक्ष में श्रद्धा व्यक्त करने के कई सरल तरीके हो सकते हैं. पितरों के प्रति सच्ची भावना के साथ किए गए सेवा, दान और जीवों के प्रति करुणा के कार्य भी पूर्वजों के स्मरण का माध्यम बन सकते हैं. इसके लिए बड़े आयोजन की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि नियमित रूप से किए गए छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.