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    'बहू का अफेयर है...' पिता-बेटे में हुई बहस, फिर फैमिली में मचा कोहराम

    ये कहानी गुजरात के मोरबी की है. यहां एक पिता का 27 साल के बेटे से विवाद हो गया था. विवाद बहू के अवैध संबंधों को लेकर हुआ था. इसके बाद पिता ने खेत में कुदाल से वार कर बेटे की हत्या कर दी. शुरुआत में बेटे के घर नहीं लौटने की बात कहने वाले पिता पर ही पुलिस को शक हुआ और जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

    वाराणसी के आसमान में होगा भारतीय वायु सेना का प्रचंड प्रदर्शन

    वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को आईएएफ का ‘विंग्स ओवर गैंजेस’ एरियल डिस्प्ले. पहली बार छह लड़ाकू विमान एक साथ एरोहेड फॉर्मेशन में. प्रचंड प्रदर्शन में ऑपरेशन सिंदूर के आयुध भी होंगे.

    शहीदों के बलिदान से कायम है शांति, पुलिस की वर्दी बने जनसेवा का प्रतीक: Nagaland ADGP

    (प्रादे27 आवश्यक सुधार के साथ रिपीट) कोहिमा, 21 अक्टूबर नगालैंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रेंचामो पी किकोन ने बुधवार को कहा कि पुलिस की वर्दी जनता के भरोसे, सुरक्षा और बलिदान का प्रतीक होनी चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और समर्पित जनसेवा के जरिए शहीद साथियों की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नगालैंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए किकोन ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका उन आदर्शों पर चलना है, जिनके लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया।उन्होंने अपराध रोकने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ सेवा करने की प्रतिबद्धता मजबूत करने को कहा। किकोन ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान देशभर में 154 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई।उन्होंने कहा कि समाज में बनी हुई शांति पुलिसकर्मियों के बलिदान से कायम है और नगालैंड पुलिस शहीद जवानों के परिवारों को लगातार सहयोग देती रहेगी। किकोन ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में लापता साथियों की तलाश कर रहे 20 सदस्यीय पुलिस दल पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस दल का नेतृत्व उप केंद्रीय खुफिया अधिकारी करम सिंह कर रहे थे।हमले में 10 पुलिसकर्मी मारे गए थे। उन्हीं की याद में हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि नगालैंड पुलिस के नौ सदस्यों का दल सात राज्यों से गुजरने वाली 2,845 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा पर सात अक्टूबर को रवाना हुआ था।दल मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंच चुका है और 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होगा। समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े गए और स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए। किकोन ने कहा कि शहीदों का साहस पुलिसकर्मियों के दैनिक कार्यों और नागरिकों की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मार्गदर्शन करना चाहिए।

    यूपी MLC चुनाव: कैसे सपा ने बढ़ाई योगी के गढ़ गोरखपुर में BJP की टेंशन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक गढ़ गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर बीजेपी के बागियों के सहारे दांव खेलकर समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. इससे पूर्वांचल का सियासी गेम भी रोचक हो गया है.

    BJP युवा मोर्चा की नई टीम में UP के 3 लड़के, मिशन 2027 के लिए साधे समीकरण

    भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां देकर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी सियासी और सामाजिक समीकरणों को और मजबूत करने का बड़ा संदेश दिया है.

    SBI की 14.5 महीने की स्पेशल स्कीम! ₹5 लाख की FD पर मिलेगा धांसू रिटर्न

    SBI Amrit Vrishti FD Scheme: अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं, तो भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अमृत वृष्टि योजना पर नजर डाल सकते हैं. इस 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में सामान्य नागरिकों को 6.45%, वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% और 80 साल से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.05% सालाना ब्याज मिलता है.

    शिमला के पास 7,000 फीट की ऊंचाई पर लग्जरी विला, जानें कितनी है कीमत

    लोढ़ा ने ‘द रिज’ को ऐसी पहाड़ी रिहाइश के रूप में पेश किया, जहां बेहतर सुविधाओं के साथ प्रकृति से जुड़ाव भी बना रहे, यहां परिवार एक साथ समय बिता सकेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए यादें और विरासत बना सकेंगे.

    तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी का ऐलान, शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलेंगे 2 करोड़ रुपये

    राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को 2 करोड़ रुपये मिलेंगे

    टीवी और मोबाइल पर लाइव कैसे देखें भारत बनाम न्यूजीलैंड पहला टी20 मैच, जियो हॉट स्टार पर नहीं आएगा मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की क​प्तानी में टीम इंडिया अपनी अगली टी20 सीरीज के लिए तैयार है। न्यूजीलैंड की कप्तानी मिचेल सेंटनर कर रहे हैं। 22 अक्टूबर को होने वाला पहला मैच आप टीवी और मोबाइल पर लाइव कैसे देख सकते हैं, ये जान लीजिए।

    Priyank Kharge ने RSS को घेरा, कहा- दिखावा छोड़ खुद को Political Party के रूप में दर्ज कराएं

    कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सत्ता परिवर्तन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी की आलोचना की और संगठन के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें वह खुद को पूरी तरह से सांस्कृतिक संगठन बताता है। फ्रांस में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और अल्बानिया, नेपाल तथा बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में भागवत के इस बयान पर कि सत्ता परिवर्तन न तो कभी हुआ है और न ही कभी होगा, खड़गे ने राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी करने के RSS प्रमुख के अधिकार को ही चुनौती दे दी।इसे भी पढ़ें: RSS पथ संचलन के लिए जरूरी है औपचारिक अनुमति, कर्नाटक के मंत्री Priyank Kharge ने दी हिदायतखड़गे ने कहा कि सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है क्योंकि उन्होंने चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्त, मतदाता सूची, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 पर कब्ज़ा कर लिया है। क्या आप इसके बाद भारत में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव होने की उम्मीद कर सकते हैं? तो फिर, मुख्य चुनाव आयुक्त को न्यायिक छूट (जुडिशियल इम्युनिटी) की क्या ज़रूरत है? मोहन भागवत कौन होते हैं टिप्पणी करने वाले? उन्हें ही तय करने दें कि RSS एक सांस्कृतिक संगठन है या राजनीतिक संगठन। वे सिर्फ राजनीति, आर्थिक स्थिति, रक्षा और विदेश नीति के बारे में बात करते हैं। वे कहते हैं कि हमें पाकिस्तान के साथ करीबी संबंध बनाए रखने चाहिए। ये लोग कौन हैं? क्या इनका स्वरूप सांस्कृतिक है या राजनीतिक? उन्हें सांस्कृतिक संगठन होने का यह दिखावा छोड़ देना चाहिए, खुद को रजिस्टर कराना चाहिए और एक राजनीतिक संगठन के रूप में सामने आना चाहिए।कर्नाटक में RSS के प्रस्तावित 'पथ संचलन' (रूट मार्च) के विषय पर, खरगे ने नियमों के पालन पर ज़ोर देते हुए कहा कि कई जगहों पर वे कह रहे हैं कि वे 'पथ संचलन' करने जा रहे हैं और पुलिस को इसकी जानकारी दे रहे हैं। उन्हें सिर्फ जानकारी नहीं देनी चाहिए। उन्हें अनुमति लेनी चाहिए ताकि ज़रूरी इंतज़ाम किए जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस विभाग RSS के इशारे पर काम नहीं करता है। वे बस हमें यह कहकर सूचित नहीं कर सकते कि, ‘हमने आपको जानकारी दे दी है। आप जरूरी इंतजाम कर लें। हम आएंगे और चले जाएंगे।’ कई लोग अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। अगर आप अनुमति मांगते हैं और अनुरोध उचित लगता है, तो हम अनुमति दे देंगे। हम मना नहीं करने वाले हैं। RSS सहित सभी के लिए एक जैसे नियम लागू होते हैं। RSS कानून या संविधान से ऊपर नहीं है। अगर उनके प्रस्तावित रूट मार्च को लेकर कोई समस्या है, तो स्थानीय अधिकारी बातचीत करके उसे सुलझा सकते हैं। लेकिन कृपया पुलिस विभाग और सरकार का सम्मान करना सीखें।इसे भी पढ़ें: Kasaragod Court ने SDPI कार्यकर्ता जैनुल आबिद मर्डर केस में सभी 21 आरोपियों को किया बरीखड़गे ने आगे सवाल उठाया कि क्या RSS ने मार्च के लिए औपचारिक रूप से अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अनुमति मांगनी चाहिए। क्या उन्होंने इसमें ‘अनुमति’ शब्द लिखा है? उन्होंने इसे सिर्फ जानकारी के तौर पर सौंपा और कहा हम इस तरह से कार्यक्रम कर रहे हैं। कृपया उचित कार्रवाई करें।’ क्या उन्हें लगता है कि पुलिसकर्मी उनके लिए काम करते हैं? हम सरकार हैं। मेरे सहित सभी के लिए एक प्रक्रिया तय है। उस प्रक्रिया का पालन करें।

    कॉजपा नेताओं के समर्थन पर Naveen Patnaik पर भड़की Odisha BJP, लगाए गंभीर आरोप

    ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दो नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करने को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक पर राजनीतिक लाभ के लिए देश में ‘‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’’ पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने मंगलवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पटनायक ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की कोशिशों का समर्थन कर रहे हैं। पटनायक ने कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की थी।दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कॉजपा के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले पटनायक ने कहा था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए इतनी लंबी अवधि तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। इस पर भाजपा ने कहा, ‘‘पटनायक अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।’’ पार्टी ने पटनायक पर उन गतिविधियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया, जिन्हें उसने ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की कोशिश बताया।भाजपा ने कहा, ‘‘आप (पटनायक) 24 साल तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे और सत्ता से बाहर हुए अभी बमुश्किल 24 महीने हुए हैं, लेकिन आपने सत्ता परिवर्तन जैसी गतिविधियां शुरू कर दी हैं? अराजक तत्वों और भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी धन से पोषित ताकतों का समर्थन करना, जो बांग्लादेश जैसी हिंसक सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रही हैं, आपके इतिहास को देखते हुए हैरान करने वाला नहीं है। आपने राज्य में हजारों अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बसने दिया।आपने न केवल उन्हें मतदाता बनने दिया, बल्कि अब आप एसआईआर प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे हैं।’’ भाजपा ने कहा कि ओडिशा के लोग हमेशा से शांतिप्रिय रहे हैं और भारत की संप्रभुता का सम्मान करते आए हैं। पार्टी ने कहा, ‘‘हमारे देश की संप्रभुता अस्थायी राजनीतिक प्रचार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। दूसरों के इशारे पर चलना बंद करें।’’ भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने पटनायक की आलोचना करते हुए कहा कि बीजद प्रमुख को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरह प्रचार पाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।बिस्वाल ने कहा, ‘‘भारत एक लोकतंत्र है, भीड़तंत्र नहीं! कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति भंग होने और सार्वजनिक शांति व्यवस्था बाधित होने की आशंका के आधार पर एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नवीन बाबू उच्चतम न्यायालय की ओर राहुल गांधी के मार्च के तरीके को अपनाते हुए न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। किसी पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जाती।हम भारत में फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम और इटली जैसी भीड़तंत्र की स्थिति और सड़कों पर अशांति फैलने का इंतजार नहीं कर सकते।’’ भाजपा की ये टिप्पणियां पटनायक की उस पोस्ट के बाद आईं, जिसमें उन्होंने दास और रांका की तत्काल रिहाई की मांग की थी। पटनायक ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘जय हिंद। #आशुतोष रांका और #सौरव दास की न्यायिक हिरासत की तत्काल समीक्षा की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।प्रतिबंधित क्षेत्र में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए, इतनी लंबी अवधि तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। न्यायपालिका और कार्यपालिका को यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए कि देश के युवाओं का कानून के शासन और संवैधानिक अधिकारों से विश्वास न उठे।’’ कॉजपा प्रमुख अभिजीत दीपके ने दास और रांका को समर्थन देने के लिए बीजद प्रमुख का आभार जताया। इस बीच, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कॉजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज दो मामलों की जांच करेगी।दूसरा मामला, जो कथित तौर पर दास और रांका के जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने से जुड़ा है, सोमवार को अपराध शाखा को सौंप दिया गया था। पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को दास, रांका, अजिंक्य शिंदे और कॉजपा के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर निजी परिसर से होकर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के बाद जंतर-मंतर पहुंचे थे। इससे पहले जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की अधिसूचित सूची से हटाया जा चुका है।वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया और दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बंधपत्रों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के मामले में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई।

    भोपाल थाने में ये क्या हो गया! बदमाशों ने पुलिसकर्मी से मारपीट की, वर्दी फाड़ डाली; VIDEO वायरल

    भोपाल के एक थाने में बदमाशों ने जमकर बवाल काटा। बदमाशों ने थाने के अंदर ही पुलिसकर्मी से मारपीट की और वर्दी तक फाड़ डाली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।