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    'पिछले जन्म में सांप थी क्या?', रवि किशन की बेटी रीवा पर भड़कीं उर्फी

    डॉली जावेद के 'द अलायंस' से बाहर होने पर उर्फी जावेद ने रिएक्शन दिया. उन्होंने रीवा किशन पर आरोप लगाया कि रीवा ने कहा था कि डॉली को शो में बने रहना चाहिए, लेकिन फिर भी उन्हें बाहर करने के लिए वोट दिया.

    450 घातक रॉकेट लॉन्चर से सेना मचाएगी तबाही, LAC पर मचेगा हाहाकार

    7 किलो वजन, 800 मीटर की रेंज और दुश्मन का नामोनिशान मिटाने की शक्ति। आधुनिक युद्ध अब जज्बे के साथ-साथ सही तकनीक से जीते जाते हैं और भारतीय सेना ने अब वह तकनीक साबित हासिल करने का मन बना लिया है जो पलक झपकते ही दुश्मन के बंकरों को कब्रिस्तान में बदल देगी। भारत सरकार ने 450 यूनिट कार्ल गुस्टाफ मार्क चार रॉकेट लांचर के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी आरएफपी जारी कर दिया है। यह वही हथियार है जिसका नाम सुनते ही दुश्मन की बख्तरबंद गाड़ियों के ड्राइवर रास्ता बदल देते हैं। दरअसल भारतीय सेना दशकों से काल गुस्टाफ का इस्तेमाल कर रही है। हमने इसका मार्क 2 और मार्क 3 देखा है। लेकिन मार्क चार क्यों खास है? इसकी सबसे बड़ी वजह है वजन का खेल। पुराने लॉन्चर को उठाकर पहाड़ों पर चढ़ना किसी सजा से कम नहीं था। मार्क 3 का वजन लगभग 10 किलो था। लेकिन मार्क चार सिर्फ 7 कि.ग्र. का है। एक सैनिक के लिए 3 किग्र वजन कम होने का मतलब है ज़्यादा गोलियां ले जाने की क्षमता और तेज गति। इसे भी पढ़ें: अचानक LoC पहुँचे Army Chief General Dhiraj Seth, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, आतंकवाद रोधी अभियान और तेज हुएदूसरा पॉइंट है लंबाई में छोटा। इसकी लंबाई भी कम की गई है। 1 मीटर से कम जिससे इसे घने जंगलों या फिर तंग बंकरों से चलाना आसान हो गया है। तीसरा पॉइंट है फायरिंग रेंज। इसकी बैरल लाइफ 1500 राउंड की है। यानी यह सालों साल बिना किसी खराबी के सेना की सेवा करेगा। मार्क चार सिर्फ एक पाइप नहीं यह एक स्मार्ट वेपन है। इसमें ऐसे सेंसर्स और साइटिंग सिस्टम लगे हैं जो इसे दुनिया के किसी भी अन्य कंधे से दागे जाने वाले हथियार से बेहतर बनाते हैं। इसमें प्रोग्रामेबल गोलियां दागी जा सकती है। यानी आप तय कर सकते हैं कि गोला दीवार से टकराकर फटेगा या दीवार को भेदकर अंदर जाकर फटेगा। 350 मीटर पर चलते हुए टैंक को उड़ाना हो या 800 मीटर पर बैठे स्नाइपर को इसका निशाना अचूक है। इसमें थर्मल साइड और नाइट विजन लगाने की सुविधा है जिससे रात के अंधेरे में भी भारतीय सेना काल बनकर टूटेगी। भारत की सीमाएं दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण सीमा है। लद्दाख में पारा -20° चला जाता है। जहां इंजन जम जाते हैं और हथियार काम करना बंद कर देते हैं। इसे भी पढ़ें: पाकिस्तानी सैनिकों की लाशें तक घसीटकर ले गया तहरीक-ए-तालिबान, मचा भयंकर बवाल!सेना ने आरएफपी में स्पष्ट शर्त रखी है कि हथियार को इन दोनों चरम स्थितियों में 100% सटीक होना होगा। इसका मतलब है कि चाहे गलवान की बर्फीली घाटी हो या कक्ष का रेगिस्तान कालगुफ मार्क चार हर जगह भारत का कवच बनेगा। यह इनफेंट्री मॉडर्नाइजेशन का वो हिस्सा है जो सीधे फ्रंट लाइन सोल्जर के हाथ में सबसे घातक शक्ति दे रहा है। 

    "खून का बदला लेंगे", पिता के अंतिम संस्कार के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला बयान, इंतकाम लेने की खाई कसम

    मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहला बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि पूरा ईरानी राष्ट्र हजरत हुसैन के खून का बदला लेना चाहता है। उन्होंने पिता के खून और हाल के दो युद्धों के शहीदों का इंतकाम लेने की कसम खाई। हत्यारों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके नाम सबसे ऊंचे से नीचे तक दर्ज हैं और वे बिस्तर पर शांति से मरने का सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे।

    चुपचाप क्या प्लान बना रहा था बलोचिस्तान, पूरा भारत हैरान!

    बलूचिस्तान ने चुपचाप ऐसा प्लान बनाया जिसने भारत समेत पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। कुछ ना होते हुए भी बलूचों ने सिर्फ मिट्टी और पत्थर से वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े देशों की सेनाएं नहीं कर सकती। हालांकि बलूचों ने भारत से एक चीज जरूर मांगी है। जंग लड़ने के लिए दो चीजें बेहद जरूरी है। हौसला और हथियार। लेकिन बलूचिस्तान के फ्रीडम फाइटर्स ने दुनिया को दिखाया है कि हथियार भले ही कम हो, कोई टेक्नोलॉजी ना हो, कोई वॉर रूम भी ना हो, फिर भी दुश्मन की धज्जियां उड़ाई जा सकती हैं। बलूचों ने मिट्टी पत्थर से जंग का मॉडल तैयार किया और पाकिस्तान पर बड़ा हमला कर दिया। ऐसा हमला करने के लिए हौसला चाहिए। पाकिस्तान पर हमला करने के बाद बलोच फाइटर्स ने दुनिया को अपना वॉर रूम दिखाया है। इस वॉर रूम में कोई कंप्यूटर, प्रोजेक्टर या बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन नहीं है। यहां सिर्फ बलूचों की जमीन की मिट्टी और पत्थर हैं। इसे भी पढ़ें: भारत की दहशत में सरहद- महायुद्ध की आहट! पाकिस्तान में घुसे अफगान लड़ाकू विमान, भीषण बमबारी से दहला बलूचिस्तान!इसी मिट्टी और इन्हीं पत्थरों की मदद से बलूचिस्तान के फाइटर्स ने पाकिस्तान पर हमले का प्लान बनाया। पत्थरों की मदद से हमले की लोकेशन का सीन बनाया गया। और पाकिस्तान के सैनिकों पर हमला कर दिया गया। आपको बता दें कि बलूचों ने 72 घंटों में 42 पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया है। मिट्टी और पत्थर से मॉडल बनाना बलूचों की नई स्ट्रेटजी बन गई है। कुछ समय पहले जब बलूचिस्तान के लड़ाकों ने पाकिस्तान की जफर एक्सप्रेस पर हमला किया था तब भी बलूचों ने मिट्टी और पत्थर से मॉडल बनाया था। देखिए किस तरह से रेलवे ट्रैक बनाया गया है। इस मॉडल पर लकड़ियों से इशारा करके बलूच फाइटर्स को बताया जा रहा है कि ट्रेन को किस लोकेशन पर उड़ाना है। जैसे ही ट्रेन बताई हुई लोकेशन पर पहुंची तो उसे उड़ा दिया गया। आपको बता दें कि बलूचों का कहना है कि हमारी प्लानिंग भले ही हाईटेक ना हो लेकिन 100% सफल है। बलूचो का कहना है कि इस मिट्टी में हमारा खून है जो पाकिस्तान के अत्याचारों की कहानी बताता है।इसे भी पढ़ें: पाकिस्तानी सैनिकों की लाशें तक घसीटकर ले गया तहरीक-ए-तालिबान, मचा भयंकर बवाल!अब यही मिट्टी पाकिस्तान को बर्बाद करेगी। मलूचो ने तो यहां तक कह दिया है कि पाकिस्तान को खत्म करने के लिए हमें मॉडर्न हथियारों की जरूरत नहीं है। हम तो पूरे पाकिस्तान को अपनी राइफलल्स से खत्म कर सकते हैं। कुछ समय पहले एक बलूच लीडर ने कहा था कि 1971 में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर करते वक्त भारत को जो बंदूकें सौंपी थी, वो बंदूकें 10-10 गोलियों के साथ हमें दे दीजिए। हम पाकिस्तान को उन्हीं से खत्म कर सकते हैं।

    खामेनेई के दफन होते ही छिड़ा भीषण महायुद्ध!

    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. दोनों देशों के नेताओं के ताजा बयानों ने क्षेत्रीय हालात को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत से इनकार किया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौतों के उल्लंघन के आरोप भी लगा रहे हैं.

    दिल्ली के जसोला में डिमोलिशन के दौरान गिरी दीवार, एक मजदूर की मौत

    दिल्ली के जसोला इलाके में बिल्डिंग तोड़ने के दौरान बड़ा हादसा हो गया. आखिरी दीवार गिराते समय चार मजदूर उसकी चपेट में आ गए. हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

    Pakistan में अजब फैसला! Army Chief आसिम मुनीर अब देश की Population पर भी लगाएंगे लगाम

    पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर देश में कई भूमिकाएँ निभाते हैं। सेना को संभालने के अलावा, वे कूटनीति (जैसा कि अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता के दौरान देखा गया था) में भी शामिल रहते हैं और पाकिस्तान की आर्थिक नीति को भी दिशा देते हैं। इन सबके बीच, उन्हें भारत-विरोधी बयानबाजी के लिए भी समय मिल ही जाता है। अब उनकी जिम्मेदारियों की सूची और लंबी होने वाली है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ को अब पाकिस्तान की बेकाबू होती आबादी की बढ़त पर भी लगाम लगानी होगी। 'द डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री सैयद मुस्तफ़ा कमाल ने इस हफ़्ते की शुरुआत में सीनेट की बैठक में यह घोषणा की। 25.9 करोड़ से ज़्यादा आबादी वाला पाकिस्तान अभी दुनिया का पाँचवाँ सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है। उम्मीद है कि 2030 तक यह इंडोनेशिया को पीछे छोड़कर चौथा सबसे बड़ा देश बन जाएगा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह किसी जनसांख्यिकीय आपदा से कम नहीं है।इसे भी पढ़ें: 90 के दशक में Hurriyat Conference ने जो भारत विरोधी करतूतें की थीं, Amit Shah एक एक करके उनका ले रहे हैं हिसाब!आसिम मुनीर की नई भूमिकाइस तरह, संकट के समय में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सबसे पहले (शायद एकमात्र) जिस व्यक्ति से संपर्क किया, वे आसिम मुनीर हैं। आबादी से जुड़े मुद्दे को हल करने के लिए शरीफ़ ने एक समिति बनाई है, जिसमें मुनीर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह मुद्दा अब सरकार के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सरकार इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और हर स्तर पर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। मुनीर को यह नई ज़िम्मेदारी ऐसे नाज़ुक समय में मिली है जब पाकिस्तान पहले से ही बलूचिस्तान और अफ़ग़ान सीमा के पास सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में आर्थिक तंगी और पुलिस की ज़्यादतियों को लेकर अशांति दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इस हफ़्ते की शुरुआत में अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों और TTP उग्रवादियों ने पाकिस्तान के 42 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी। साथ ही, पिछले कुछ हफ़्तों से पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर तनाव बना हुआ है। ऐसे संवेदनशील समय में लोगों को काबू में करने की ज़िम्मेदारी सेना प्रमुख को सौंपने पर पाकिस्तानियों ने मज़ाक उड़ाया है। हमेशा की तरह, सोशल मीडिया पर मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें सेना प्रमुख की नई भूमिका का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।पाकिस्तान में आबादी तेज़ी से क्यों बढ़ रही है?स्वास्थ्य विभाग ने जिन मुख्य मुद्दों की पहचान की है, उनमें से एक गर्भनिरोधक साधनों की व्यापक उपलब्धता का अभाव है। पाकिस्तान में हर साल औसतन लगभग 67 लाख (6.7 मिलियन) बच्चों का जन्म होता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स में छूट देने की योजना बना रही है। एक और बात है प्रांतों को रेवेन्यू का बंटवारा। अभी, प्रांतों को मिलने वाले रिसोर्स का लगभग 80% हिस्सा आबादी के आधार पर तय होता है। इससे अनजाने में ही राज्यों को ज़्यादा आबादी बढ़ाने का बढ़ावा मिला। हेल्थ मिनिस्टर ने इस हिस्से को घटाकर 50% से कम करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस कदम से ज़्यादा आबादी वाले प्रांतों में बेचैनी हो सकती है। उदाहरण के लिए, पंजाब पाकिस्तान का सबसे ज़्यादा आबादी वाला प्रांत है और शरीफ़ परिवार का गढ़ है। पंजाब राजनीति और सेना का मुख्य केंद्र है। यहाँ सभी अहम फाइनेंशियल संस्थान भी मौजूद हैं। इसलिए, प्रांत शायद ऐसे किसी प्रस्ताव से खुश न हो जो उसके रेवेन्यू को कम करता हो। 

    इधर-उधर नहीं सीधा इजरायल में धमाका, जनाजे के बाद ईरान ने बनाया सबसे खतरनाक प्लान!

    अगर अमेरिका और इसराइल ईरान के खिलाफ नई-नई रणनीति के साथ आ रहे हैं तो ईरान भी प्लानिंग में लगा है। खामनेई के अंतिम संस्कार के बाद जनाजे के बाद फ्री हो जाने के बाद अब ईरान ने तय कर लिया है कि वो इधर-उधर नहीं मारेगा बल्कि सीधे अपने सबसे बड़े दुश्मन इसराइल को दबोचेगा। यह भी जानना अहम है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखेगा तो फिर ईरान बातचीत भी नहीं करने वाला। लेकिन बात इसराइल की करते हैं। ईरान ने अपने इसराइल वाले प्लान पर अमल भी शुरू कर दिया है। ईरान ने तेलअवीव में उसी जगह पर तगड़ी स्ट्राइक अंजाम दी है जिसकी तस्वीरें भी उसने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। क्योंकि इसराइल में जबरदस्त सेंसरशिप है इसलिए ईरान के उन हमलों की तस्वीर इसराइल बाहर तो आने देने से रहा। वैसे भी आरोप लगता है कि इसराइल अपना नुकसान छिपाने में माहिर है। कुछ मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि ईरान ने तेलअवीव में कुछ सैन्य ठिकानों पर बड़े नुकसान पहुंचाए हैं और कुछ लोग मारे भी गए हैं। इसे भी पढ़ें: शहीद पिता के बदले की कसम, आ गए मोजतबा? अली खामेनेई की अंतिम विदाई पर पहला संबोधनहालांकि पश्चिमी मीडिया में यह खबर नहीं है लेकिन ईरान समर्थक हैंडल और कुछ मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही हैं कि ईरान ने इसराइल के न्यूक्लियर ठिकानों पर भी मिसाइल बरसाई है। यानी इसराइल के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है ईरान। हालांकि प्रभासाक्षी ईरानी हैंडल से आ रही इन खबरों की कोई तस्दीक नहीं करता लेकिन ईरान की स्ट्रेटजी में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। ईरान ने इसराइल को धमकी भी दी है कि अगर हमारे संसाधनों को नुकसान पहुंचा फिर चाहे वो पोर्ट हो, बिजली घर हो, अस्पताल हो तो इसराइल को यह बहुत भारी पड़ने वाला है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक कंट्रोल टावर पर हमला किया था। जिसके बाद से ही ईरान आक्रामक है। अब ईरान ने एक नई नीति बनाई है कि कोई भी मारेगा चाहे अमेरिका मारे, चाहे अरब देशों से हमले हो बात वो इसराइल से करेगा और इसराइल को मारेगा। इसराइल को बख्शेगा ही नहीं।इसे भी पढ़ें: Israel ने भारत पर किया तगड़ा ऐलान, ट्रंप भी हैरान!ईरान मामलों के एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान की यह रणनीति जो उसने सीधे इसराइल के खिलाफ बनाई है, वह अपने आप में सीधा सिग्नल है इसराइल को कि सारे फसाद की जड़ आप ही हो। तुम ही अमेरिका को भड़काते हो। इसलिए अब कहीं से भी ईरान का नुकसान होगा तो पिटेगा इसराइल। एक्सपर्ट कहते हैं कि 40 दिनों की जंग में यह साफ हो गया है कि ईरान की मिसाइलों की रेंज में इसराइल का कोना-कोना है। डिमोना हो या हाइफा हर जगह ईरान की बैलेस्टिक और सुपरसोनिक मिसाइलों ने तबाही मचाई है। इसीलिए ईरान की यह रणनीति आगे आने वाले दिनों में इसराइल और अमेरिका को भारी पड़ने वाली है। वैसे भी इसराइल अमेरिका और ईरान की पीस डील से नाराज है और वो चाहता है कि ईरान में इस्लामिक रेवोल्यूशन के खात्मे तक यह जंग चलती रहे। तो अब ईरान ने भी तय कर लिया है कि जंग लड़ने का शौक पाले इसराइल से उसी की जबान में निपटा जाए। 

    ट्रंप की 'किल लिस्ट' वाले दावे के बीच ईरान का बड़ा ऐलान!

    ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिका और इजरायल पर तीखे आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए न्याय और जवाबदेही की मांग जारी रहेगी. अपने संबोधन में उन्होंने देश की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि ईरान अपने सिद्धांतों तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.

    Ayodhya Ram Mandir CEO पद की योग्यता तय, हिंदू होना और 20 Years अनुभव जरूरी; 18 जुलाई तक आवेदन

    अयोध्या राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करने वाली समिति ने 10 जुलाई को नई दिल्ली में हुई बैठक में योग्यता के मानदंडों को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए और उन्हें एडमिनिस्ट्रेशन या फाइनेंस के क्षेत्र में कम से कम 20 साल का अनुभव होना चाहिए। मंदिर मैनेजमेंट का पहले का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, आवेदकों का हिंदू धर्म का अनुयायी होना ज़रूरी है। इसे भी पढ़ें: Kanhaiya Kumar का बड़ा आरोप: Ram Mandir चंदा चोरी महापाप, SC जांच होCEO पद के लिए आवेदन 18 जुलाई तक एक खास ईमेल आईडी पर भेजे जा सकते हैं, जिसे खास तौर पर आवेदन लेने के लिए बनाया जा रहा है। फ़ाइनल सिलेक्शन से पहले कमिटी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेगी। CEO को शुरू में तीन साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाएगा और उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान अयोध्या में ही रहना होगा। सूत्रों के मुताबिक, कमिटी ने सिलेक्शन प्रोसेस में मदद के लिए एक सेक्रेटरी नियुक्त करने का भी फ़ैसला किया है, ताकि अगले महीने तक नियुक्तियां पूरी की जा सकें।इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच सुनवाई करेगी। इसे भी पढ़ें: Ayodhya दान चोरी कांड: Trust का बड़ा एक्शन, अब New Guidelines से होगी दान की गिनतीश्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की VIP दर्शन पास ID को ब्लॉक कर दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि चंपत राय की ID का इस्तेमाल करके पास जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी कोई समस्या नहीं है। यह व्यवस्था अभी भी लागू है। मेरे पास इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है; मौजूदा सिस्टम अभी भी चल रहा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

    कोलकाता एयरपोर्ट की जमीन पर बनी मस्जिद में नमाज बंद

    लगभग 136 वर्ष पूर्व बनी गौरीपुर जामा मस्जिद दमदम हवाई अड्डे के भीतर स्थित है. यह मस्जिद हवाई अड्डे के दो रनवे में से दूसरे या छोटे रनवे के बेहद करीब है. हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार मुख्य रनवे के रखरखाव के लिए बंद होने पर दूसरे रनवे का उपयोग करना पड़ता है. इस दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताएं अधिकारियों के सामने आती हैं.

    Vanshika Murder Case: मौत नहीं, हत्या है...बीजेपी मुख्यालय के बाहर माता – पिता का धरना, सीबीआई जांच पर अड़े

    Vanshikas death case: जयपुर के प्रताप नगर में वंशिका की मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है. वंशिका के माता-पिता भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या है. उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा.