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    यार कर्ज कैसे चुकाऊं? दोस्त बोला- मेरे सेठ को लूट लो, काम चल जाएगा

    'मेरे सेठ को लूट लो तो तुम्हारा काम चल सकता है...' दोस्त ने ये आइडिया दिया और कर्ज में डूबे झांसी के रहने वाले सुरेंद्र के सामने पैसे जुटाने का रास्ता खुल गया. इसके बाद सेठ की रेकी हुई, साथियों को लोकेशन दी गई और 12 अगस्त को व्यापारी पर गोली चलाकर लूट की कोशिश हुई. लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो साजिश की कहानी सामने आ गई.

    महुआ के समर्थन में उतरे थरूर, सर्किट हाउस विवाद पर सरकार को घेरा

    नादिया जिला प्रशासन द्वारा तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कृष्णानगर सर्किट हाउस से आधी रात को हटाने की कथित कोशिश पर विवाद गहरा गया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने महुआ का समर्थन करते हुए कहा कि भीड़ के निशाने पर होने पर सरकार का काम सांसद को सुरक्षा देना है, कमरा खाली कराना नहीं.

    Guinness World Record: न्यूजर्सी में 1,300 से अधिक ध्वजों से बनी 250 की आकृति

    योषिता सिंह न्यूयॉर्क, 16 अगस्त अमेरिका के न्यूयॉर्क त्रि-राज्यीय क्षेत्र में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन उस समय एक विश्व रिकॉर्ड के साथ हुआ जब अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के सम्मान में 1,300 से अधिक अमेरिकी ध्वजों को ‘250’ की आकृति में सजाया गया और उनके चारों ओर भारतीय तिरंगे लगाए गए। न्यूयॉर्क त्रि-राज्यीय क्षेत्र से आशय न्यूयॉर्क शहर और उसके आसपास के उस विस्तृत महानगरीय क्षेत्र से है, जो न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी और कनेक्टिकट प्रांतों में फैला है। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के संयुक्त समारोह के दौरान शनिवार को न्यूजर्सी के पार्सिपनी स्थित वेटरन्स मेमोरियल पार्क में ‘लारजेस्ट फ्लैगपोल नंबर’ (ध्वजदंडों से बनाई गई सबसे बड़ी संख्या) का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया गया।न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने प्रवासी भारतीय संगठन ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स न्यूयॉर्क-न्यूजर्सी-न्यू इंग्लैंड’ (एफआईए) के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी जोहो ने इसमें सहयोग दिया। आयोजकों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘भारत की स्वतंत्रता के 80 वर्ष और अमेरिका की स्थापना के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भारत-अमेरिका मित्रता तथा दोनों देशों एवं उनके लोगों को करीब लाने में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के निरंतर योगदान की यादगार अभिव्यक्ति था।’’ भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क त्रि-राज्यीय क्षेत्र और अमेरिका के अन्य हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें यह आयोजन भी शामिल था।शनिवार के आयोजित कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों, निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा उद्योग और सामुदायिक संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। न्यूजर्सी के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेल कैल्डवेल, अमेरिकी सांसद अनालिलिया मेजिया, न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनय श्रीकांत प्रधान और पार्सिपनी के मेयर पुलकित देसाई ने कार्यक्रम को संबोधित किया। बयान के अनुसार वक्ताओं ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।भारतीय महावाणिज्य दूत ने दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी तथा आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में भारतीय समुदाय की भूमिका पर जोर दिया। बयान में कहा गया कि गिनीज विश्व रिकॉर्ड ने दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका को भी रेखांकित किया। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भी ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जिनमें बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया।‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स’ की ओर से टाइम्स स्क्वायर पर आयोजित वार्षिक समारोह में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान भारत की विरासत और भारत-अमेरिका की स्थायी साझेदारी को प्रदर्शित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। स्वतंत्रता दिवस से पहले अमेरिका के कई प्रांतों के गवर्नर ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में 15 अगस्त को ‘भारत दिवस’ घोषित करने संबंधी घोषणापत्र जारी किए।अमेरिकी सांसदों, गवर्नर तथा विभिन्न शहरों और कस्बों ने देश के आर्थिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक जीवन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की और दोनों देशों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया। न्यूयॉर्क की ‘एम्पायर स्टेट बिल्डिंग’ और बोस्टन के ‘प्रूडेंशियल सेंटर’ समेत प्रमुख इमारतों को भारतीय तिरंगे के रंगों से रोशन किया गया।

    शाहरुख- अजय और टाइगर की बढ़ी मुसीबतें, FDA ने भेजा नोटिस

    महाराष्ट्र एफडीए ने बॉलीवुड एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. 'विमल इलायची' के विज्ञापन के जरिए बैन पान मसाले का सरोगेट प्रचार करने के आरोप में तीनों स्टार्स को नोटिस भेजा गया है.

    सिक्किम में भारी बारिश के बीच आया लैंडस्लाइड, कई इलाके प्रभावित

    पश्चिम सिक्किम में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की तस्वीरें सामने आई हैं. रिंबी और सिंगलिताम इलाके में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है... पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गया, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है... फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है.

    हर फील्ड में कामयाबी दिलाएगा बुध का गोचर, 4 राशियां भाग्यशाली

    Budh Gochar 2026: 22 अगस्त से बुध देव सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं. जानिए किन 4 राशियों के लिए यह गोचर करियर में सफलता और आर्थिक लाभ लेकर आ रहा है.

    'मेरी मौत का जिम्मेदार...' ममता के करीबी आशीष बनर्जी ने अपने सुसाइट नोट में क्या लिखा?

    पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के शव के पास से कथित तौर पर एक सुसाइड नोट भी मिला है. इस सुसाइड नोट में उन्होंने अपने बच्चों को राजनीति में न आने की नसीहद दी है.

    भारी बारिश से सड़ी फसल, ट्रैक्टर किसान चलाने को मजबूर किसान

    रेवाड़ी जिले में लगातार भारी बारिश और जलभराव से किसानों की बाजरे की फसल बर्बाद हो गई है. खेतों में 2 से 3 फीट पानी भरने से कटाई के लिए तैयार फसल सड़ गई, जिससे कई किसान खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाने को मजबूर हैं.

    Atal Bihari Vajpayee को CM Yogi ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनका जीवन राष्ट्र प्रथम का उदाहरण

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति के शिखर पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।” उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय लोकतंत्र में शुचिता, राजनीति में नैतिकता और राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी का संपूर्ण जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का जीवंत उदाहरण है।योगी ने कहा कि राष्ट्रोन्नति के प्रति वाजपेयी का अटूट संकल्प आज भी प्रत्येक देशवासी को ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर वाजपेयी की कविता की पंक्तियां—“हार नहीं मानूंगा, रार नयी ठानूंगा…काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं...” साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने अपने ओजस्वी विचारों और दूरदर्शी नेतृत्व से भारतीय राजनीति को नयी ऊंचाई दी और उनका राष्ट्रसेवा को समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।इसे भी पढ़ें: Yogi Adityanath ने Nana Patekar की सराहना की, महाराष्ट्र के किसान परिवारों की मदद को किया यादउत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाजपेयी को भारतीय राजनीति का अजातशत्रु, ओजस्वी कवि और पूर्व प्रधानमंत्री बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विचारों में अडिगता, व्यवहार में विनम्रता और निर्णयों में राष्ट्रहित उनके सार्वजनिक जीवन की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण से सिद्ध किया कि सिद्धांतों की मजबूती और लोकतांत्रिक सहमति के साथ भी देश को प्रभावी नेतृत्व दिया जा सकता है।इसे भी पढ़ें: Shankar Mahadevan ने UP Police के गीत खाकी का सितारा को अपनी सबसे बड़ी कमाई बतायामौर्य ने कहा कि पोखरण के ऐतिहासिक निर्णय से भारत को सामरिक सामर्थ्य देने से लेकर आधुनिक अवसंरचना की मजबूत नींव रखने तक वाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी दूरदृष्टि, कर्मनिष्ठा तथा देश के प्रति अटूट समर्पण सदैव पथ आलोकित करते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का युगपुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पाठक की देखरेख में लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में ‘अटल स्मृति संध्या’ का आयोजन किया गया है।इसके मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ होंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री अशोक चक्रधर एकल काव्यपाठ करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में हुआ था।इसे भी पढ़ें: Yogi Adityanath ने शिवपाल के बयान पर कसा तंज, कहा- SP आजम खान के जरिये दंगा भड़काना चाहती हैउन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।

    Indiana Flood: अमेरिका में भीषण तूफान और बाढ़ से 5 लोगों की मौत, आपातकाल लागू

    अमेरिका के इंडियाना प्रांत में इस सप्ताह भीषण तूफान और बाढ़ के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंडियानापोलिस में व्हाइट नदी के किनारे स्थित इलाकों में शनिवार को जलस्तर बढ़ने के कारण बचावकर्मियों ने नौकाओं की मदद से कई लोगों को सुरक्षित निकाला।इसे भी पढ़ें: Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 5 जिलों में 62 हजार प्रभावितप्रांत में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंडियाना के लिए आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है और प्रांत को संघीय आपदा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इंडियानापोलिस के महापोर जो हॉगसेट ने कहा कि शहर 30 से अधिक वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है।इंडियानापोलिस अग्निशमन विभाग की प्रवक्ता रीटा रीथ ने बताया कि शनिवार तक 95 लोगों और 45 पालतू जानवरों को बचाया गया तथा आपात सेवा केंद्र को दिनभर में मदद के लिए सैकड़ों फोन आए। गवर्नर कार्यालय ने बताया कि डेलावेयर काउंटी में 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इंडियाना के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पिछले एक सप्ताह में खराब मौसम के कारण एक बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है।इसे भी पढ़ें: ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश!राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में दो दिन के दौरान 28 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई। एंडरसन और नोबल्सविले में व्हाइट नदी का जलस्तर 7.32 मीटर से अधिक पर पहुंच गया और इसने 1913 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

    Ashish Banerjee का शव बीरभूम के TMC कार्यालय में फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद

    पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट के हताताला पाड़ा इलाके में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है।पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। सूत्रों ने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बनर्जी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस कथित ‘सुसाइड नोट’ में लिखी बातों की जांच कर रही है।इसे भी पढ़ें: Vidya Vahini Yojana से छात्राएं होंगी आत्मनिर्भर, CM Rekha Gupta ने बांटी Cycle, आसान हुई School की राहतृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बनर्जी ने 2001 से 2026 तक राज्य विधानसभा में रामपुरहाट निर्वाचन क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व किया था। वह विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पूर्ववर्ती सरकार में स्कूली शिक्षा एवं कृषि समेत विभिन्न विभागों के मंत्री भी रहे। उन्होंने 2026 का विधानसभा चुनाव रामपुरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ध्रुव साहा से 24,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए थे।इसे भी पढ़ें: World U20 Championships में भारत ने जीते कुल तीन पदक, पूजा सिंह सातवें स्थान पर रहींपार्टी सूत्रों ने बताया कि चुनाव में हार के बाद बनर्जी राजनीति में खास सक्रिय नहीं थे। तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल के पार्टी का जिलाध्यक्ष रहने के दौरान बनर्जी बीरभूम में पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इस साल हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार और उसके 15 वर्ष के शासन का अंत होने के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है।तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व विधायक और नेता भ्रष्टाचार से संबंधित जांच का सामना कर रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बनर्जी ने आत्महत्या की और यदि ऐसा है तो उन्हें किस वजह से यह कदम उठाना पड़ा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कथित ‘सुसाइड नोट’ की सामग्री से उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी मिलने की संभावना है।

    Afghanistan में Taliban पाबंदी से 22 लाख लड़कियां शिक्षा से दूर, 20,000 महिला शिक्षकों की कमी का खतरा

    (गजाल हबीबयार, ओटावा विश्वविद्यालय) ओटावा, 15 अगस्त (द कन्वरसेशन) तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में वापस लौटने के कुछ ही हफ्तों के भीतर लड़कियों के कक्षा छह से आगे की पढ़ाई करने पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध अब तक नहीं हटाया गया है। अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है, जहां लड़कियों और महिलाओं को औपचारिक रूप से माध्यमिक और उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोका गया है।इसके बाद के वर्षों में, अफगानिस्तान की महिलाओं को उन ज्यादातर क्षेत्रों में काम करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया, जहां वे पहले कार्यरत थीं। लगभग 22 लाख किशोरियों को लगभग 1,800 दिनों से माध्यमिक विद्यालय जाने से रोका गया है। यूनिसेफ के 2026 के एक विश्लेषण के अनुसार, इन प्रतिबंधों के कारण 2030 तक अफगानिस्तान में 20,000 महिला शिक्षकों और 5,400 स्वास्थ्यकर्मियों की कमी हो सकती है।इन पाबंदियों की वजह से देश को पहले ही हर साल अनुमानित 8.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हो रहा है। सितंबर, 2025 से तालिबान बलों ने संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों समेत अफगान महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों में प्रवेश करने से भी रोक दिया है। जनवरी 2026 में महिला सरकारी कर्मचारियों को 2021 से घर पर रहने के लिए मिल रहा कम किया गया वेतन भी बंद कर दिया गया।मैंने ऐसा कुछ पहले भी एक बार होते हुए देखा था। तब मैं 1996 में छोटी लड़की थी, जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था। इस दूसरी पाबंदी (2021 से लगाई गई) के बारे में जो बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है, वह यह नहीं है कि ऐसा दोबारा हुआ।बल्कि यह है कि इस बार दुनिया की विफलता जागरूकता की कमी के कारण नहीं है। हर कोई जानता है कि अफगान लड़कियों के साथ क्या हो रहा है। विफलता यह है कि इस सच्चाई को जानने के बावजूद तालिबान को इसकी कोई वास्तविक कीमत नहीं चुकानी पड़ी है।तालिबान के सत्ता में आने के कुछ ही दिनों के भीतर, अफगान महिलाएं काबुल की सड़कों पर “रोटी, काम, आजादी” के नारे लगाते हुए उतर आई थीं। तब से वे जोखिम उठाते हुए लगातार यही मांग करती आ रही हैं। अफगान महिलाओं के समूहों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं और प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि इसके जवाब में उन्हें गिरफ्तारियों और यातनाओं का सामना करना पड़ा है।फरवरी 2026 में भी काबुल की लड़कियों ने सड़कों पर उतरकर शिक्षा के अधिकार की मांग की थी। लेकिन जहां विरोध प्रदर्शन करना बहुत खतरनाक हो गया है, वहां अफगान महिलाओं ने इसके बजाय एक शांत तरीका अपनाया है: उन्होंने घरों से संचालित भूमिगत स्कूलों का अनौपचारिक नेटवर्क बनाया है, जहां उन लड़कियों को पढ़ाया जाता है, जिनके पास अन्यथा कक्षा में पढ़ने का कोई अवसर नहीं होता। तालिबान के साथ अंतरराष्ट्रीय संपर्क का मुख्य माध्यम संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चल रही दोहा प्रक्रिया है।वर्ष 2023 से तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, जिनका उद्देश्य अंततः अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से शामिल करना है—जिसमें सामान्य राजनयिक संबंध, तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता और देश की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तथा व्यापार में सामान्य रूप से फिर से भागीदारी शामिल है। तालिबान के आग्रह पर महिलाओं और अफगान नागरिक समाज के समूहों को मुख्य वार्ताओं से बाहर रखा गया है। इसके बजाय, वे अलग से और मुख्य वार्ताओं से इतर मुलाकात करते हैं।वर्ष 1996 में मेरी उम्र कम थी और मेरी अंतिम परीक्षाएं होने में कुछ ही सप्ताह बाकी थे, तभी तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। उस रात बिजली नहीं थी, इसलिए हम रेडियो के आसपास इकट्ठा हुए और सुना कि हमें अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया है, लेकिन लड़कियों के लिए स्कूल अगली सूचना तक बंद किए जा रहे हैं। शुरुआत में, मैं समझ नहीं पाई कि इसका क्या मतलब था।एक छोटी छात्रा होने के नाते, अंतिम परीक्षाएं रद्द होने की खबर से मैं खुश थी, इसलिए मैं यह बात अपनी दादी को बताने के लिए दौड़ पड़ी। लेकिन अंधेरे गलियारे में कुछ दूर जाने के बाद मुझे असलियत समझ में आई: अगले साल स्कूल नहीं होगा। मैं वहीं बैठ गई और रोने लगी।मेरे माता-पिता मेरी बहन और मुझे पाकिस्तान ले गए ताकि हम अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। ऐसा फैसला कई अफगान परिवारों के लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं था। हमारे लिए भी यह आसान नहीं था।विदेश में रहने वाले हमारे रिश्तेदारों ने हमारी पढ़ाई का खर्च उठाकर हमारा समर्थन किया। मेरी कुछ सहेलियां स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं और, जहां तक मुझे पता है, इसके बजाय उनकी शादी कर दी गई। आगे चलकर मैं अफगान सरकार में खान एवं पेट्रोलियम मंत्रालय की निदेशक, फिर उपमंत्री और उसके बाद कार्यवाहक मंत्री के पद पर सेवा देने वाली पहली महिला बनी।मेरी पीढ़ी के लिए वे परिस्थितियां बदल गई थीं। लेकिन इस पीढ़ी के लिए भी वे बदलेंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है—सिर्फ जागरूकता से यह बदलाव नहीं आएगा। अफगान महिलाएं पिछले पांच साल से लगातार विरोध और संघर्ष करके यह दिखा रही हैं कि वे लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध को हमेशा के लिए स्वीकार नहीं करेंगी।ऐसे में यह सवाल उठता है कि बाकी दुनिया ने तालिबान के इस प्रतिबंध के खिलाफ इतना कम प्रयास करके ही संतोष क्यों कर लिया है।