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    13 साल बाद भी सचिन का जलवा बरकरार! ब्रांड वैल्यू में विराट को टक्कर

    सचिन तेंदुलकर की कहानी बताती है कि किसी खिलाड़ी का ब्रांड सिर्फ उसके खेलते रहने तक सीमित नहीं होता. करीब 13 साल पहले क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद उनकी लोकप्रियता, भरोसे और विश्वसनीयता ने 'ब्रैंड सचिन' को रिटायर नहीं होने दिया.

    Satya Niketan Building Collapse: पांचवीं गिरफ्तारी, PG संचालक सुधांशु को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

    नयी दिल्ली, नौ सितंबर दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढह गई इमारत में ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) का संचालन करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह इस मामले में अब तक हुई पांचवीं गिरफ्तारी है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया था जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई थी और पांच अन्य ज़ख्मी हैं।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीजी संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने भवन ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया था। वहीं, इमारत के तलघर में मरम्मत का काम संभाल रहे ठेकेदार सोनाज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था।पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान महेश ने कहा कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत की रख-रखाव का काम देखता था और परिवार ने अगस्त, 2025 में पीजी संचालक ‘हॉस्टल डेज’ को यह इमारत पट्टे पर दी थी। सूत्रों ने बताया कि सुधांशु हॉस्टल डेज़ पीजी संचालित करने वाले दो कारोबारी साझेदार में से एक है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि इमारत के मालिक महेश ने अगस्त 2025 में सुधांशु और उसके कारोबारी साझेदार शुभम त्यागी को संपत्ति पट्टे पर दी थी।बाद में दोनों ने परिसर को हॉस्टल डेज़ नाम से पेइंग गेस्ट आवास के रूप में संचालित करना शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि त्यागी फिलहाल फरार है और उसका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जांचकर्ता किराएदारों के साथ हुए समझौते की जांच कर रहे हैं जिसके तहत पीजी संचालित किया जा रहा था।पुलिस सूत्रों के अनुसार, दस्तावेज़ में लिखा है कि पीजी संचालक किरायेदारों के साथ होने वाली किसी भी जनहानि या खतरे के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। इसमें कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि छात्रावास सीलिंग, आग, भूकंप, भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं सहित उसके नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण व्यक्तिगत चोट, हानि या सामान की क्षति के लिए मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। समझौते में कहा गया है कि निर्धारित अवधि से पहले छात्रावास छोड़ने वाले किरायेदार छात्रावास शुल्क या सुरक्षा राशि को वापस पाने के हकदार नहीं होंगे।इसमें कहा गया है कि पीजी आवास बुक करने के लिए भुगतान की गई पंजीकरण राशि वापस नहीं की जाएगी। समझौते में छात्रावास शुल्क और सुरक्षा राशि वापस नहीं किए जाने से संबंधित प्रावधान भी थे। इसमें संचालकों को अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार, बकाया राशि का भुगतान न करने या अन्य नियमों के उल्लंघन के मामले में किरायेदारों को हॉस्टल से बाहर निकालने का अधिकार दिया गया था।समझौते के अनुसार, माता-पिता और अभिभावकों को किरायेदारों के कमरे में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया था।

    'ठीक हूं...', 2 साल बाद बोलीं अलका याग्निक, इमोशनल हुए फैन्स

    बॉलीवुड की मशहूर सिंगर अलका याग्निक को 23 जून 2026 को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. वो पिछले दो साल से सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस नामक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं. इलाज के दौरान वो स्पॉटलाइट से दूर थीं. अब उन्होंने फैन्स से दिल की बात की है.

    इस महीने आया बिजली का बिल सही है या नहीं? ऐसे मिनटों में लगेगा पता

    बिजली का बिल भरने से पहले उसे एक बार अच्छे से चेक कर लें. मीटर की रीडिंग, बिजली की खपत, कनेक्शन का लोड, मीटर की स्थिति, पुराना बकाया और बिल भरने की आखिरी तारीख जरूर देखें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपका बिजली का बिल सही है या उसमें कोई गलती है.

    भारत रत्न वैज्ञानिक को साबित करनी होगी पहचान! SIR नोटिस

    भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव को चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में नाम की स्पेलिंग गलती के चलते नोटिस भेजा गया है. पुरानी वोटर लिस्ट में उनका नाम प्रोफ सीएनआर राव था, लेकिन नई लिस्ट में गलती से Proff लिख दिया गया, जिसे सेल्फ नेम मिसमैच कहा गया है.

    CBSE के थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर SC में सुनवाई, छात्रों को राहत देने पर विचार 

    CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिस पर लगातार छात्रोंं और अभिभावकों के बीच चिंता देखने को मिल रही है. इसे लेकर आज 2026-27 शैक्षणिक सत्र से तीसरी भाषा अनिवार्य करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कक्षा 6 के छात्रों को कुछ राहत देने पर विचार करने को कहा है. 

    पंजाब से बड़ी खबर, सरकारी कर्मचारियों के DA के मामले में सरकार के साथ बनी सहमति, हड़ताल खत्म

    पंजाब से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है और सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। महंगाई भत्ते के मामले में सरकारी कर्मचारियों की सहमति सरकार के साथ बन गई है।

    रोटी-सब्जी खाकर हो गए बोर? ट्राई करें गुजरात की पालक दाल ढोकली

    दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाने का कभी मन नहीं करता है और ना ही बनाने का इच्छा होती है. ऐसे में आप गुजराती पालक की दाल ढोकली बना सकते हैं, जिसका स्वाद कमाल होता है और इसे बनाने में भी कुछ ही समय लगता है. जानें आसान रेसिपी.

    Justice Ravindra Ghuge ने Calcutta High Court के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली

    कोलकाता, नौ सितंबर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने न्यायमूर्ति रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की बुधवार को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में लंबित मामलों से निपटने और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ‘‘इस महान संस्थान में अंतिम हितधारक आम लोगों का विश्वास अडिग रहे।’’ अदालत कक्ष-एक में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश ने अदालतों को अधिक सुलभ बनाने और उनके कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘जैसा कि हम भविष्य की ओर देख रहे हैं, हमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि समाज के सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के लिए न्याय के दरवाजे खुले रहें।’’ मुख्य न्यायाधीश ने पीठ और बार को ‘‘न्याय रथ के दो पहिए बताते हुए कहा, ‘‘मैं अपनी बहन और भाई न्यायाधीशों तथा इस जीवंत बार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रथ सुचारू और निष्पक्ष रूप से आगे बढ़े।पीठ और बार को न्याय के स्वर्ण रथ के दो पहिए बताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, मैं सहयोगियों तथा इस जीवंत बार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रथ सुचारू और निष्पक्ष रूप से आगे बढ़े।’’ शपथ ग्रहण और नागरिक अभिनंदन के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक का सफर किया और कुछ ज्यादा अंतर नहीं पाया। हमारे महान राष्ट्र, भारत के सबसे पुराने उच्च न्यायालय का नेतृत्व सौंपा जाना एक सम्मान की बात है जिसे शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय को एक ऐसा संस्थान बताया जिसने भारत के संवैधानिक मूल्यों और न्यायिक परिदृश्य को आकार दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से बंगाल भारत के पुनर्जागरण का प्रमुख केंद्र और स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण धरती रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई उच्च न्यायालय जैसे एक अन्य ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित संस्थान से यहां आने के बाद मैं निरंतरता, जिम्मेदारी और साझा संवैधानिक उद्देश्य की गहरी भावना महसूस कर रहा हूं।’’ न्यायमूर्ति घुगे को 21 जून 2013 को मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और एक जून 2026 को उन्हें वहां कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उच्च न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, 1990 में कोल्हापुर स्थित शाहजी विधि महाविद्यालय और औरंगाबाद स्थित एमपी विधि महाविद्यालय से पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उन्होंने उसी वर्ष मुंबई उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की थी। उन्होंने शुरूआत में लगभग 2,000 मामलों में श्रमिकों और यूनियनों का प्रतिनिधित्व किया और उच्च न्यायालय, श्रम और औद्योगिक अदालतों और न्यायाधिकरणों में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निजी उद्योगों सहित लगभग 250 उद्योगों के लिए मामलों की पैरवी की।

    सूरत में स्टंट पड़ा भारी! ऑटो ने बचाई युवक की जान!

    सूरत के कीम रेलवे ओवरब्रिज से एक युवक करीब 40 फीट नीचे गिर गया. बताया जा रहा है कि मोनू नाम का 21 वर्षीय युवक स्टंट या शॉर्टकट के दौरान संतुलन बिगड़ने से गिरा. नीचे खड़े ऑटो रिक्शा पर गिरने से उसकी जान बच गई, हालांकि वाहन क्षतिग्रस्त हुआ. पुलिस के सामने युवक ने टिकट लेने की जल्दी में शॉर्टकट लेने की बात कही. मामले की जांच अब जारी है.

    ऑटो से 3 करोड़ ले जा रहा था कारोबारी का स्टाफ, 1 करोड़ लूट कर फरार हुए बदमाश

    दिल्ली के ITO के पास सोमवार शाम स्कूटी सवार दो बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर एक ऑटो को रोककर करीब एक करोड़ रुपये की लूट कर ली. बताया जा रहा है कि ऑटो में एक नामी कारोबारी का स्टाफ करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी लेकर जा रहा था. बदमाश नोटों से भरा एक बैग लेकर फरार हो गए.

    UP Elections से पहले SP का 'नीला' दांव: Student Wing का ड्रेस कोड बदला, Dalit वोटर आएंगे साथ?

    समाजवादी पार्टी (SP) ने दलित वोटरों और युवाओं से जुड़ने की कोशिश में अपने छात्र संगठन, 'समाजवादी पार्टी छात्र सभा' ​​का ड्रेस कोड बदल दिया है। अब पारंपरिक लाल रंग की जगह नीली जींस और नीली टी-शर्ट पहनी जाएगी। यह फ़ैसला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच लिया गया है। मंगलवार को लखनऊ में होने वाले छात्र सभा के सम्मेलन में यह नया ड्रेस कोड देखने को मिलेगा, जहाँ पदाधिकारी और कार्यकर्ता नई नीली पोशाक में नज़र आ सकते हैं। इसे भी पढ़ें: दिल्ली की मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम शामिल, AAP ने उठाए प्रक्रिया पर सवालइस बदलाव को सिर्फ़ संगठन का फ़ैसला नहीं, बल्कि दलित युवाओं के बीच पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ाने की एक राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रंगों का पारंपरिक रूप से राजनीतिक महत्व रहा है। जहाँ नीला रंग दलित राजनीति और बी.आर. अंबेडकर की विचारधारा से जुड़ा है, वहीं समाजवादी पार्टी की पहचान पारंपरिक रूप से लाल और हरे रंगों से रही है। इस माहौल में, स्टूडेंट विंग के लिए मुख्य रंग के तौर पर नीले रंग को चुनने के फैसले को एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि SP अपने पारंपरिक यादव-मुस्लिम सपोर्ट बेस से आगे बढ़कर दलित वोटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फ़ॉर्मूले को 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी अहमियत भी मिली। इस बदलाव के समय को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह आने वाले चुनावों की तैयारियों और युवा वोटरों को संगठित करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होंगे, जिसमें दो सबसे प्रमुख पार्टियों - भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी - के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: महिपाल ढांडा को ‘जाट समाज पर कलंक’ बताना ओछी और संकीर्ण राजनीति: शमशेर खरकमौजूदा सत्र में उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 चुने हुए सदस्य हैं, जिनमें से 258 भारतीय जनता पार्टी से, 107 समाजवादी पार्टी से और 13 अपना दल से हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके उत्तर प्रदेश में वापसी करने की कोशिश कर रही है और 2027 के चुनावों में जीत पर नज़र बनाए हुए है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।