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    Karnataka की राजनीति में हलचल: Siddaramaiah ने कहा - 2028 में नहीं लड़ेंगे विधानसभा Election

    कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने रविवार को घोषणा की कि वे 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति का माहौल भ्रष्ट हो गया है और बढ़ती उम्र व गिरती सेहत ने उनके इस फैसले को प्रभावित किया है। यह घोषणा सिद्धारमैया के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से हटने और उनकी जगह डीके शिवकुमार के आने के कुछ हफ़्ते बाद की गई है। हालांकि, अपने बयान में कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने अपने फैसले के लिए उम्र, सेहत और राजनीति के बदलते स्वरूप को वजह बताया। इसे भी पढ़ें: बिहार के सीवान में छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 इस्तेमाल करने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को घेराX पर एक पोस्ट में सिद्धारमैया ने कहा कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव या भविष्य का कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने लिखा कि मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं अब 79 साल का हो गया हूं। हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है। तब तक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा। मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी। अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और लोगों के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे।सिद्धारमैया ने कहा कि चूंकि आज राजनीति का माहौल दूषित हो गया है, इसलिए मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा। हालांकि, राजनीति में सक्रिय रहते हुए मैं लोगों के सुख-दुख और उनकी परेशानियों के लिए आवाज़ उठाता रहूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वरुण निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने उनसे एक बार फिर चुनाव लड़ने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने भविष्य में कोई भी चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। इसे भी पढ़ें: BJP का Guru Ravidas जयंती पर 'समरसता संकल्प' महाअभियान, 7 महीने चलेगा देशव्यापी आयोजनअपने पुराने चुनावी अभियानों को याद करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि जब उन्होंने पहले चुनाव लड़ा था, तो उनके चुनाव क्षेत्र के लोगों ने पैसे देकर उनकी जीत पक्की की थी। उन्होंने कहा कि अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि अब ऐसा समय आ गया है कि अगर हम चुनाव लड़ते हैं, तो हमें लोगों को पैसे देने होंगे। आज की राजनीति पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी है। ईमानदार राजनीति के लिए कोई जगह नहीं बची है। इसी वजह से मैंने भविष्य में चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

    'मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC रूम का एक्टिविस्ट नहीं', इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद आज धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश को रिप्लाई करते हुए प्रधान ने कहा, आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नोट ए एसी रूम एक्टिविस्ट।

    यूटीयू प्रश्नपत्र लीक मामला: आरोपी सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष गुप्ता पर लगा आजीवन प्रतिबंध

    देहरादून, 27 जुलाई वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने सेमेस्टर परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक करने के आरोपी एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पर सभी शैक्षणिक कार्यों के लिए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, सेमेस्टर परीक्षा 2025-26 के प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में संलिप्तता के आरोप के दृष्टिगत डॉ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से शिक्षण कार्य, पठन-पाठन, प्रश्नपत्र तैयार करने एवं सभी शैक्षणिक कार्य हेतु आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे पहले, आरोपी सहायक प्रोफेसर को विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से आगामी सात वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया गया था तथा उसके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।देहरादून के ‘शिवालिक कॉलेज आफ इंजीनियरिंग’ ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि कथित प्रश्नपत्र लीक की इस घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है, इसलिए विद्यार्थियों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।यूटीयू ने अपनी उच्चस्तरीय जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को सही पाए जाने के बाद पिछले सप्ताह इंजीनियरिंग के दो विषयों— मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स और इलैक्ट्रोमेगनेटिक फील्ड थ्योरी की परीक्षाएं निरस्त कर दी थीं और उनकी पुनर्परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया था। आरोप है कि ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स विषय का प्रश्नपत्र बाहय पेपर सेटर के तौर पर डॉ गुप्ता ने तैयार किया था जिसके प्रश्न उन्होंने कथित तौर पर व्हाटसएप और आंतरिक पोर्टल पर कुछ छात्रों के साथ साझा कर दिए। लेकिन जांच समिति ने उनके द्वारा तैयार किए गए एक अन्य विषय इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी के प्रश्नपत्र में भी इसी प्रकार की विसंगति और गोपनीयता भंग होने की आशंका के मद्देनजर उसे निरस्त करने की सिफारिश की थी।

    केरल में ओणम की तैयारियां तेज: 10 अगस्त से मिलेंगी मुफ्त किट, खाद्य मंत्री अनूप जैकब ने दी जानकारी

    तिरुवनंतपुरम, 27 जुलाई केरल के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने सोमवार को कहा कि विभाग और सप्लाईको ने फसल उत्सव ओणम के लिए तैयारियों का अंतिम चरण पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि त्योहार के दौरान आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता किफायती दरों पर सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त किट वितरण, विशेष चावल वितरण, बाजार हस्तक्षेप उपाय और मेलों का आयोजन किया जाएगा। जैकब ने यहां आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार के 100 दिवसीय कार्यक्रम के तहत विभाग ने 76,338 ऑनलाइन आवेदनों में से 73,024 नए प्राथमिकता राशन कार्डों को मंजूरी देकर रिकॉर्ड बनाया है।उन्होंने बताया कि नए लाभार्थियों को मुफ्त राशन वितरण की शुरुआत तीन अगस्त से होगी, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन करेंगे। मंत्री ने कहा कि शेष आवेदनों में से 1,353 को दस्तावेजों की कमी के कारण वापस किया गया, जबकि 2,011 आवेदन खारिज किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार ने संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए स्थानीय निकायों को वार्डवार सूची भी उपलब्ध कराई है।ओणम की तैयारियों के संबंध में जैकब ने बताया कि सरकार ने 1,65,932 मीट्रिक टन चावल और 24,506 मीट्रिक टन गेहूं का प्रबंध किया है। गैर-प्राथमिकता (नीले कार्ड) वाले राशन कार्ड धारकों के लिए विशेष चावल वितरण अगले महीने शुरू होगा। उन्हें 10.90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से तीन किलोग्राम चावल और 8.70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दो किलोग्राम गेहूं दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि अंत्योदय अन्न योजना (पीले कार्ड) लाभार्थियों और कल्याणकारी संस्थानों में रहने वाले लोगों को 6,09,305 मुफ्त ओणम किट बांटने के लिए सरकार ने 53 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। सोलह वस्तुओं वाली इस किट की अनुमानित कीमत 854 रुपये है। इनका वितरण 10 अगस्त से शुरू होकर 25 अगस्त तक पूरा किया जाएगा।बाजार हस्तक्षेप के तहत सप्लाईको तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में 8 से 25 अगस्त तक ‘ओणम मेगा ट्रेड फेयर’ आयोजित करेगा। इसके अलावा 11 जिलों में जिला स्तरीय मेले और 126 विधानसभा क्षेत्रों में ओणम बाजार लगाए जाएंगे। इस वर्ष तिरुओणम 26 अगस्त को मनाया जाएगा।

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से खत्म नहीं होगा नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद: शिवसेना (उबाठा)

    मुंबई, 27 जुलाई शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को दावा किया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक का मामला केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से खत्म नहीं होगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश को नुकसान पहुंचा रही है। पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे तीखे संपादकीय में सरकार के प्रस्तावित लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 विधेयक को महज छलावा करार दिया।पार्टी का आरोप है कि यह कानून पहले जैसा ही है, बस जुर्माने और सजा के आंकड़ों में बदलाव किया गया है। संपादकीय में कहा गया कि इन कॉकरोच के आगे क्या झुकना, यह नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का शुरुआत से ही रुख था। संपादकीय के अनुसार ‘‘अहंकारी’’ सरकार ने कॉकरोच पर लाठीचार्ज किया और उन पर बंदूकें तानीं लेकिन देश के युवाओं ने जंतर-मंतर नहीं छोड़ा।संपादकीय में दावा किया गया, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह मामला खत्म नहीं होगा। ‘बड़े प्रधान’ (प्रधानमंत्री मोदी) और उनके प्रशासन का कामकाज देश के लिए नुकसानदेह रहा है। गृह मंत्री अमित शाह के हाथ खून से सने हैं और जनता का गुस्सा उन पर भी फूटेगा।’’ संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया कि ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है, जो वास्तव में पुराने कानून जैसा ही है बस इसमें जुर्माने और सजा के आंकड़े में बदलाव कर इसे और सख्त किया गया है।पार्टी का आरोप है कि यह विधेयक छात्रों और उनके माता-पिता को मूर्ख बनाने का एक तरीका है। दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के हफ्तों चले आंदोलन के बाद शनिवार को प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस आंदोलन ने परीक्षाओं में गड़बड़ी और नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दों पर लाखों लोगों को एकजुट करने का काम किया।सरकार द्वारा कॉजपा की अन्य मांगों को मान लेने के बाद पार्टी ने आंदोलन वापस ले लिया। इन मांगों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ‘‘सम्मानजनक’’ मुआवजा देना और दिल्ली एवं भारतीय जनता पार्टी शासित अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को वापस लेना शामिल था। विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और शाह मजाक का पात्र बन गए हैं क्योंकि युवाओं ने सरकार की आलोचना करने के लिए रचनात्मक नारे और मीम का सहारा लिया।पार्टी ने कहा कि कॉजपा के आंदोलन के दौरान युवाओं की रचनात्मकता और डिजिटल तकनीक को नए पंख लग गए थे। पार्टी ने कहा कि 20 छात्रों की आत्महत्याओं ने आक्रोश को भड़काया और देश को एकजुट किया, जिसके कारण युवा प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर उतर आए। पार्टी ने दावा किया कि शाह ने छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया और जरूरत पड़ने पर गोली चलाने के भी आदेश दिए थे।पार्टी ने कहा कि गृह मंत्री जवाबदेही से बच नहीं सकते और प्रधानमंत्री मोदी को अंततः अपने ‘‘अमानवीय’’ कृत्यों के लिए देश से माफी मांगनी होगी।

    मंगलुरु में महिला कर्मचारी के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर एपीएमसी कार्यालय का घेराव, कार्रवाई की मांग

    मंगलुरु (कर्नाटक), 27 जुलाई कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) के सचिव सीएच मोहन के खिलाफ ग्रुप डी की एक महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए महिलाओं के एक समूह ने सोमवार को यहां बैकमपाडी में एपीएमसी कार्यालय का घेराव किया। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य प्रतिभा कुलई की अगुवाई में करीब 25 महिलाओं ने एपीएमसी कार्यालय में प्रवेश किया और इस कथित दुराचार को लेकर कार्रवाई की मांग की। कुलई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एपीएमसी में कार्यरत महिला सफाईकर्मी से बार बार संपर्क कर उसे अपनी मांग मानने के लिए समझौता करने को कहा।उन्होंने बताया कि मोहन ने उस महिला को अपनी मांग मानने का संकेत देने के लिए सोमवार को हरी साड़ी पहनने को कहा था और धमकी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर वह अपनी नौकरी गंवा सकती है। कुलई के मुताबिक, अपने दो बच्चों का अकेले पालन पोषण कर रही महिला ने इस कथित उत्पीड़न के बाद इलाके की एक बुजुर्ग महिला से संपर्क किया और इसके बाद यह मामला स्थानीय महिलाओं के संज्ञान में आया जिन्होंने उस अधिकारी से निपटने के निर्णय किया। उन्होंने कहा, “वह महिला प्रति माह 15,000 रुपये कमाती है और अधिकारी उसकी कमजोर वित्तीय स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास कर रहा है।हमने उसे चेतावनी दी है कि यदि उस महिला को कुछ हुआ तो उसके लिए वह अधिकारी जिम्मेदार होगा।” इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के लिए मोहन उपलब्ध नहीं था। तत्काल यह भी पता नहीं चल सका कि क्या इन आरोपों के संबंध में पुलिस के पास कोई शिकायत की गई है या नहीं।

    बिहार के सीवान में छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 इस्तेमाल करने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

    नयी दिल्ली, 27 जुलाई कांग्रेस ने बिहार के सीवान में प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर एके-47 का इस्तेमाल किए जाने को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘बर्बरता’ का आरोप लगाया और सवाल किया कि क्या अब भाजपा की सरकारों में विद्यार्थी ‘‘आतंकवादी’’ हो गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कांस्टेबल एके-47 राइफल का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पीटीआई- इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरण कुमार झा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वीडियो में दिखाई दे रहा कांस्टेबल जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) में तैनात है, जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर एके-47 से गोली चलाए जाने और सैकड़ों विद्यार्थियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की खबरें आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया, ‘‘कहां गया आपका वादा कि विद्यार्थियों पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा?’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत विद्यार्थियों पर घातक हमले और ‘‘बर्बरता’’ की जा रही है।उन्होंने कहा कि दिल्ली में विद्यार्थियों पर ‘पैलेट’ गन का और बिहार में एके-47 का इस्तेमाल किया गया। गांधी ने कहा, ‘‘मोदी जी, देश के विद्यार्थियों से माफ़ी मांगिए और जिन्होंने विद्यार्थियों हमला किया है, उन्हें कुचला है, उनपर कार्रवाई कीजिए, न कि विद्यार्थियों पर।’’ एके-47 राइफलों के इस्तेमाल की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी आतंकवादी नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार और पश्चिम बंगाल में अब भी विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।मैंने सुना है कि प्रदर्शन में शामिल लड़कियों के माता-पिता को फोन कर पूछा गया कि उन्होंने अपनी बेटियों को प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति क्यों दी। हालांकि मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या लड़कियां प्रदर्शन नहीं कर सकतीं? पैलेट गन, एके-47 का इस्तेमल किया गया?क्या वे आतंकवादी हैं? इन लोगों (सरकार) को क्या हो गया है?’’ कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। वेणुगोपाल ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अमित शाह कहां छिपे हैं?उन्हें बताना चाहिए कि बिहार में एके-47 और दिल्ली में विद्यार्थियों के प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया।’’ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी कहा कि मूल सवाल यह है कि क्या निहत्थे और अहिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन या एके-47 राइफलों का इस्तेमाल उचित है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका जवाब है- बिल्कुल नहीं। उच्चतम न्यायालय ने प्रदर्शनों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तय की है।अधिकारियों को पहले निषेधाज्ञा की घोषणा करनी चाहिए, फिर जरूरत पड़ने पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, उसके बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल होना चाहिए। केवल सबसे गंभीर परिस्थितियों में ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट या मौके पर मौजूद सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गोली चलाने का आदेश दे सकता है।’’ तिवारी ने कहा, ‘‘बिहार में निहत्थे विद्यार्थियों के साथ जो हुआ, वह बर्बर, अमानवीय और अत्याचार था। उच्चतम स्तर से स्पष्ट आदेश के बिना अत्यधिक और दमनकारी बल का इस्तेमाल कभी नहीं किया जाना चाहिए।’’ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि ‘बिहार बंद’ के दौरान सीवान में पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोलीबारी की।उन्होंने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों पर एके-47 से सीधे गोली चलाई। सात हत्या के मामलों का आरोपी जब मुख्यमंत्री बन जाए, तब लोकतंत्र में पुलिस निर्दोष छात्रों पर इसी तरह गोलियां चलाती है।’’ तेजस्वी यादव का इशारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर था, जिन्हें वह अक्सर ‘‘हत्या के सात मामलों के आरोपी’’ बताकर निशाना साधते रहते हैं।

    E20 से जुड़े फर्जी AI वीडियो पर एक्शन, HC से मिली मुकदमा चलाने की मंजूरी, अपराध साबित होने पर किसको और कितनी होगी सजा?

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित मानहानि वाली पोस्ट और डीपफेक कंटेंट के लिए Google, X और Meta जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ सिविल मानहानि का मुकदमा दायर करने की इजाज़त दे दी।'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस अभय आहूजा की बेंच ने गडकरी को यह मुकदमा दायर करने की मंज़ूरी तब दी जब उनके वकील संदीप एस. लड्डा ने दलील दी कि कथित मानहानि वाला कंटेंट मुंबई में यूज़र्स के लिए अलग-अलग इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध था। इससे बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में मामले का एक बड़ा हिस्सा बनता है।इसे भी पढ़ें: E20 Fuel से Maruti Suzuki की Grand Vitara Strong Hybrid हो गयी खराब, मारुति और डीलर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग ने अपनाया सख्त रुख'लेटर्स पेटेंट' के क्लॉज XII के तहत दायर अपनी याचिका में गडकरी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन गलत, गुमराह करने वाली और मानहानि करने वाली सामग्री पब्लिश की गई, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को केंद्र की E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) पॉलिसी से कथित तौर पर होने वाले आर्थिक लाभ से जोड़ा गया। याचिका में कहा गया कि ये आरोप बेबुनियाद हैं क्योंकि इथेनॉल-ब्लेंडिंग पॉलिसी का संचालन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय करता है, न कि गडकरी के नेतृत्व वाला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय।इसे भी पढ़ें: Nitin Gadkari का Master Plan: भारत में चलेंगी Flying Buses, ₹22 लाख करोड़ के फ्यूल इम्पोर्ट को कम करने की तैयारीप्रस्तावित सिविल केस में गडकरी ने कथित तौर पर मानहानि करने वाली सामग्री के पब्लिकेशन और सर्कुलेशन पर स्थायी और अनिवार्य रोक लगाने की मांग की है। इस सामग्री में ऐसा कंटेंट शामिल है जिसमें उन पर झूठे बयान थोपे गए हैं, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, और उनकी सहमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, चेहरे के हाव-भाव और आवाज़ का इस्तेमाल करते हुए AI से बनाए गए ऑडियो और विज़ुअल का इस्तेमाल किया गया है। केंद्रीय मंत्री का दावा है कि इस सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा, गुडविल, सम्मान और पब्लिक इमेज को "गंभीर और अपूरणीय" नुकसान पहुंचा है, साथ ही उनके पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद, गडकरी अब मेटा, X, गूगल और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ मानहानि का सिविल केस करेंगे और मानहानि करने वाले और मनगढ़ंत कंटेंट के कथित प्रसार के खिलाफ कानूनी उपाय मांगेंगे। 

    उफनते नाले में बह गई कार, 15 घंटे से पति-पत्नी की तलाश जारी

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भारी बारिश के बीच घोघरा नाले के तेज बहाव में एक कार बह गई. कार में सवार पति-पत्नी देवनारायण पटेल और सविता पटेल लापता हैं. रविवार शाम से पुलिस, बचाव दल और स्थानीय ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे हैं. तेज बहाव और अंधेरा होने से अभियान में दिक्कत आई, लेकिन सोमवार सुबह फिर से रेस्क्यू तेज कर दिया गया.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में आए लोगों को दिया भरोसा, हर समस्या का होगा निष्पक्ष समाधान

    लखनऊ, 27 जुलाई (भाषा)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में आए फरियादियों को भरोसा दिया कि हर समस्या का उचित और निष्पक्षता से समाधान किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, योगी ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ के दौरान विभिन्न जिलों से आए प्रत्येक व्यक्ति से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यहां आए लोगों से कहा कि आप परेशान कतई न हों, सरकार हर समस्या का निष्पक्ष समाधान कराएगी।योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण और समस्याओं का समाधान शीघ्रता से कराया जाए। बयान के अनुसार, अपराध व जमीन पर कब्जा किए जाने संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में बेवफाई के शक में प्रेमी ने प्रेमिका की चाकू मारकर हत्या की, आरोपी गिरफ्तार

    (शीर्षक में बदलाव के साथ रिपीट) सूरजपुर, 27 जुलाई छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बेवफाई के शक में पार्क में अपनी 19 वर्षीय प्रेमिका की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना रविवार रात करीब आठ बजे सूरजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेहरू पार्क में हुई।अधिकारी ने बताया कि मृतका की पहचान राधिका राजवाड़े के रूप में हुई है। वह अपने प्रेमी रितेश राजवाड़े (23) के साथ पार्क में थी, तभी दोनों के बीच विवाद हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रितेश को शक था कि राधिका किसी अन्य व्यक्ति से बात करती है, जिसके कारण दोनों के बीच कहासुनी हुई।उन्होंने बताया कि गुस्से में आकर आरोपी ने कथित तौर पर चाकू निकाला और राधिका की गर्दन पर कई बार वार कर दिए। इसके बाद वह मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गया। अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने गंभीर रूप से घायल युवती को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।हालांकि, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पार्क और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जबकि आरोपी का पता लगाने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया।अधिकारी ने बताया कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने घेराबंदी कर पीढ़ा इलाके के एक जंगल से रितेश राजवाड़े को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने के शक में अपराध करने की बात स्वीकार की। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।