Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Latest

    SIR की तारीफ करने वाले कांग्रेसी मंत्री बोले- मुझे गलत समझा गया

    कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 'SIR' पर दिए बयान पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रक्रिया का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि कांग्रेस ने 'फॉर्म-7' के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की बीजेपी की साजिश को नाकाम किया है. वह राहुल गांधी के साथ खड़े हैं.

    Israel Election Results | इजरायल में राजनीतिक भूचाल! Benjamin Netanyahu का बहुमत खत्म, अरब पार्टियों पर लगाया चुनावी धांधली का आरोप

    इजरायल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अभूतपूर्व मोड़ सामने आ गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्तारूढ़ 'लिकुड' (Likud) पार्टी ने हाल ही में संपन्न हुए संसदीय चुनावों में धांधली और चुनाव 'चुराए जाने' का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि अरब-नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टियों ने कथित तौर पर विदेशी ताकतों की मदद से इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की है। अंतिम परिणाम सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नेतन्याहू का सत्ताधारी दक्षिणपंथी गुट संसद (Knesset) में अपना स्पष्ट बहुमत खो चुका है। गुरुवार को सार्वजनिक किए गए आधिकारिक नतीजों के बाद देश में राजनीतिक अनिश्चितता और तनाव चरम पर पहुंच गया है।गुरुवार को जारी चुनाव नतीजों के अनुसार, नेतन्याहू के गुट को 53 सीटें मिली हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल को 48 सीटें और अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 19 सीटें मिली हैं। ये नतीजे अगले बुधवार को देश के राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।'यह इजरायली लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका है,' नेतन्याहू की पार्टी का कहना हैनेतन्याहू की पार्टी 'लिकुड' ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि "इजरायल में चुनाव अरब पार्टियों द्वारा चुरा लिए गए हैं।" पार्टी ने चुनाव में धांधली के सबूत पुलिस, शिन बेट (इजरायली खुफिया एजेंसी) और केंद्रीय चुनाव समिति के साथ साझा किए हैं। पोस्ट में कहा गया है, "हम पुलिस और शिन बेट से मांग करते हैं कि अरब पार्टियों द्वारा किए गए इस चुनावी घोटाले की गहन जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। हम केंद्रीय चुनाव समिति से मांग करते हैं कि वे इन आपराधिक कृत्यों की तुरंत जांच करें, जिन्होंने इजरायल में चुनाव की निष्पक्षता और नतीजों को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह इजरायली लोकतंत्र और इजरायली नागरिकों के मतदान अधिकारों पर एक बड़ा प्रहार है। कानून लागू करने वाली एजेंसियों को तुरंत और पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।"इजरायली मीडिया के अनुसार, नेतन्याहू की पार्टी के सदस्य कतर पर आरोप लगा रहे हैं। कई इजरायली कतर को हमास (गाजा स्थित चरमपंथी समूह) का समर्थक मानते हैं। हालांकि, कतर ने तुरंत इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें "बेतुका और खतरनाक" बताया है।इस बीच, अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों के शानदार प्रदर्शन ने इजरायल की राष्ट्रीय पहचान और वहां के अरब नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी पर बहस को फिर से हवा दे दी है। यायर गोलान, जिनकी 'डेमोक्रेट्स' पार्टी सरकार बनाने के लिए अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को गठबंधन में शामिल करने का समर्थन करती है, ने कहा, "अगर हम डरना बंद नहीं करते, तो यहां हमारा कोई भविष्य नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "हमें अब यहूदी वोटों और अरब वोटों के बीच नेतन्याहू द्वारा किए गए नस्लवादी बंटवारे को और स्वीकार नहीं करना चाहिए।" इजरायल के अरब नागरिक मुख्य रूप से उन फिलिस्तीनियों के वंशज हैं, जो 1948 में देश की स्थापना के बाद भी वहीं रह गए थे। फिलिस्तीनी अधिकारों का समर्थन करने के कारण, उन्हें अक्सर भेदभाव का सामना करना पड़ता है और लोग उन्हें शक की नजर से देखते हैं। 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद यह अविश्वास और गहरा गया, जबकि सच्चाई यह है कि मारे गए और अगवा किए गए लोगों में अरब नागरिक भी शामिल थे।Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi 

    सरकार नहीं बनी तो भी अगले साल तक पीएम रह सकते हैं नेतन्याहू, जानिए इजरायल का सिस्टम

    इजरायल चुनाव के शुरुआती नतीजों में किसी भी गठबंधन को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. नेतन्याहू के गठबंधन को 53 और विपक्षी गुट को करीब 48 सीटें मिलने का अनुमान है. ऐसे में नई सरकार बनने तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर पद पर बने रह सकते हैं.

    Alaska में हमनाम उम्मीदवार पर बवाल, Donald Trump ने चुनावी धोखाधड़ी बताकर जांच की मांग की

    (विजय जोशी) वाशिंगटन , 30 अक्टूबर भारत में शायद कम लोगों को यह याद होगा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा सीट पर हेमा मालिनी का मुकाबला एक अन्य हेमा मालिनी से हुआ था। इसी तरह, 2019 के लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट पर राहुल गांधी के सामने एक अन्य राहुल गांधी और यहां तक कि एक रघुल गांधी नाम का उम्मीदवार भी मैदान में था,लेकिन अब ऐसा ही एक मामला अमेरिका के एक सुदूर राज्य अलास्का में सामने आया है जिसने महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से पहले राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भारत में एक ही नाम वाले ऐसे ‘डमी’ उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना कोई नयी बात नहीं है, वे वहां की चुनावी राजनीति में कभी-कभी हास्य का पुट भी जोड़ देते हैं।लेकिन भारत से हजारों मील दूर अमेरिका के अलास्का राज्य में ऐसे ही एक हमनाम उम्मीदवार ने मध्यावधि चुनावों में एक दिलचस्प पहलू जोड़ दिया है। ये चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और लोकप्रियता पर एक तरह से जनमत संग्रह साबित होने वाले हैं। ट्रंप इस विवाद का पूरा राजनीतिक फायदा उठाने में जुटे हैं।यह विवाद कथित तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी की पर्दे के पीछे से चली गई एक चाल का नतीजा है। लगभग सभी जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक, तीन नवंबर को होने वाले प्रतिनिधि सभा और सीनेट के चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी देशभर में डेमोक्रेटिक पार्टी से पिछड़ रही है। कांग्रेस के इन दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी को अलास्का जैसे उसके मजबूत गढ़ों में भी कड़ी चुनौती मिल रही है।अमेरिकी मुख्य भूभाग से अलग स्थित अलास्का में सीनेट चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा सांसद डेनियल सुलिवन का मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार मैरी पेल्टोला से है। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। चुनाव मैदान में एक तीसरा उम्मीदवार भी है, जिनका नाम डेनियल सुलिवन ही है।वह सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक हैं। हालांकि, शुरुआत में इसे कोई बड़ी बात नहीं माना गया, लेकिन बुधवार को न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया। खबर में दावा किया गया कि शिक्षक सुलिवन की उम्मीदवारी पेल्टोला की टीम के सुनियोजित प्रयासों का नतीजा है।इसके तुरंत बाद ट्रंप ने इसे चुनावी धोखाधड़ी करार देते हुए हंगामा खड़ा कर दिया और न्याय विभाग को मामले की जांच के आदेश दे दिए। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि अलास्का के डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेनियल सुलिवन के वोट काटने के लिए जानबूझकर उन्हीं के नाम वाले एक ‘डमी’ उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा, ताकि मतदाता भ्रमित हों और रिपब्लिकन उम्मीदवार को मिलने वाले वोट बंट जाएं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘यह उच्चतम स्तर की चुनावी धोखाधड़ी है... हमारे चुनावों में इस तरह के कृत्य की अनुमति नहीं दी जा सकती।’’ उन्होंने पेल्टोला का नाम मतपत्र से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग भी की।बृहस्पतिवार को ‘सीएनएन’ ने खबर दी कि न्याय विभाग ने इस मामले की आपराधिक जांच में असाधारण तेजी दिखाई है। इसके तहत ग्रैंड जूरी की ओर से दर्जनों नए समन जारी किए गए हैं और संभावित नए आरोपों की पड़ताल की जा रही है। पहली नजर में देखें तो किसी उम्मीदवार के समान नाम वाले दूसरे व्यक्ति का चुनाव लड़ना गैरकानूनी नहीं है।मतपत्र में दोनों सुलिवन के नाम स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्ज हैं। एक के नाम के साथ मौजूदा सांसद होने का उल्लेख है, जबकि दूसरे को किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं बताया गया है। सीएनएन के राजनीतिक विश्लेषक स्टीफन कॉलिन्सन ने लिखा, ‘‘लेकिन ट्रंप वर्षों से डेमोक्रेट्स पर चुनावों में धांधली करने और ऐसी चुनावी धोखाधड़ी की साजिश रचने के झूठे आरोप लगाते रहे हैं, जिसका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं है।अब आखिरकार उन्हें एक ऐसा मामला मिल गया है, जिसे वह अपने मनमाफिक कहानी गढ़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘असली डैन सुलिवन जीतें या हारें, राष्ट्रपति अलास्का में हुई इस कथित गड़बड़ी को जरूर उछालेंगे और दावा करेंगे कि हर जगह डेमोक्रेट नेता भ्रष्ट हैं। खासकर तब, जब मंगलवार (तीन नवंबर) को रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहता है।’’ हालांकि, अमेरिकी कानूनों के तहत चुनाव कराना राज्यों का विषय है। मतपत्र पर किस उम्मीदवार का नाम शामिल किया जाएगा, इसका फैसला राज्य को करना होता है और इसमें संघीय सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।ऐसे में न्याय विभाग की यह जांच अदालत में कानूनी कसौटी पर खरी नहीं उतर सकती। कॉलिन्सन ने लिखा, ‘‘हालांकि, राजनीति में कानून से ज्यादा अहम यह होता है कि लोगों के मन में किसी घटना या मामले को लेकर क्या धारणा बनती है। कई बार यह धारणा वास्तविकता जितनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है।ट्रंप इस बात को आधुनिक दौर के किसी भी अन्य राष्ट्रपति से बेहतर समझते हैं।’’ अगर ट्रंप किसी ऐसे कानूनी विवाद को खड़ा करने के लिए बेचैन दिख रहे हैं, जिसका कोई ठोस आधार नहीं है, तो इसकी वजह भी है। उनके लिए यह बड़ा झटका होगा, यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में संभावित हार के साथ ही 100 सदस्यीय सीनेट का नियंत्रण भी गंवा देती है। सीनेट में दोनों दलों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है और अलास्का समेत कुछ राज्यों के नतीजे तय करेंगे कि वहां किस पार्टी का नियंत्रण होगा।‘न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना’ के एक जनमत सर्वेक्षण में मैरी पेल्टोला को 51 प्रतिशत और सुलिवन को 45 प्रतिशत समर्थन मिलता दिखाया गया है। अगर अलास्का के नतीजे से यह तय होता है कि सीनेट पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा, तो वहां भारी राजनीतिक उठापटक देखने को मिल सकती है। ट्रंप इतनी आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं और इसके लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।भारत में भी 2024 में इसी तरह के दोहरे, मिलते-जुलते या हमनाम उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर कानूनी चुनौती दी गई थी। लेकिन उच्चतम न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों ने इस याचिका को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का नाम राहुल गांधी या लालू प्रसाद यादव होने भर से उसे चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।भारत में ‘डमी’ उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने की कला में सबसे ज्यादा माहिर कांग्रेस नेता अजीत जोगी थे। 2014 में छत्तीसगढ़ की महासमुंद लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चंदूलाल साहू के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए जोगी ने कथित तौर पर चंदूलाल नाम के कम से कम सात अन्य उम्मीदवारों को भी चुनाव मैदान में उतारा था। इसके अलावा तीन उम्मीदवार चंदूराम नाम के भी थे।हालांकि, इन हमनाम उम्मीदवारों के मैदान में होने और उन्हें भी अच्छी-खासी संख्या में वोट मिलने के बावजूद भाजपा के चंदूलाल साहू मामूली अंतर से चुनाव जीत गए। गौर करने वाली बात यह है कि 2014 के चुनाव में हेमा मालिनी हार गई थीं। हालांकि, हारने वाली अभिनेत्री हेमा मालिनी नहीं, बल्कि उनके नाम वाली दूसरी उम्मीदवार थीं।

    तुर्की से सुधर रहे भारत के रिश्ते! ऑपरेशन सिंदूर के समय बढ़ा था तनाव

    एमईए की जॉइंट सेक्रेटरी अल्पना दुबे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को भी दोहराया और कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस रखता है. अल्पना दुबे नई दिल्ली में तुर्की के नेशनल डे सेलिब्रेशन में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुईं.

    शिखर धवन ने चूमा पत्नी का माथा, रीति-रिवाज से सोफी ने किया करवा चौथ

    क्रिकेटर शिखर धवन और उनकी पत्नी सोफी शाइन ने शादी के बाद पहला करवाचौथ मनाया. लाल साड़ी में सोफी ने छलनी से पति का चेहरा देखा तो शिखर ने माथे पर किस कर उनका व्रत खुलवाया. दोनों की रोमांटिक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

    PM Narendra Modi गुजरात में 14000 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे और इस दौरान वह करीब 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त के तहत 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे और दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री एकता नगर भी जाएंगे, जहां सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थित है। यहां वह सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे और नर्मदा आरती में शामिल होंगे।शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री सबसे पहले बनासकांठा में ‘एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ (आईवीएफ) प्रयोगशाला और ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ का दौरा करेंगे। इस दौरान वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग कैसी होगी?जानने के लिए गुजरात के बनासकांठा आइए! 30 अक्टूबर को 127 एकड़ में फैले ‘गोवंश प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र’ की शुरुआत होने जा रही है। यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे विज्ञान और नवाचार हमारे किसानों के कल्याण को बढ़ावा दे रहे हैं।” मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।प्रधानमंत्री इसके बाद एकता नगर में वर्षा वन और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे। मोदी अपने गुजरात प्रवास के दौरान अहमदाबाद मेट्रो के चरण ‘2ए’ और चरण ‘2बी’ की आधारशिला रखेंगे। अहमदाबाद मेट्रो के चरण ‘2ए’ की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे के बीच पांच स्टेशन होंगे, जबकि चरण ‘2बी’ की लंबाई 3.3 किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक के तीन स्टेशन शामिल होंगे।वह लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा रोड (राज्य राजमार्ग संख्या-41) को चार लेन से आठ लेन में परिवर्तित करने और सुदृढ़ करने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना से अहमदाबाद और उत्तरी गुजरात के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री गुजरात प्रवास के दौरान 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और गुजरात में 361 पूर्ण बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन करेंगे।इस परियोजना पर 800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और करीब चार लाख लोगों को लाभ होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी की गई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसपर लगभग 4,950 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं और कोल्ड स्टोरेज शृंखला, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस एवं ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं।प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के रूप में एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन करेंगे। भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय एकता के उत्सव के रूप में परिकल्पित और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के प्रतीक के रूप में यह महोत्सव राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी विशिष्ट परंपराओं, लोक प्रदर्शनों, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटक आकर्षणों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस महोत्सव से एकता नगर और आसपास की जगहों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।यह 15 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।

    चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का कहर, कई राज्यों में अलर्ट!

    चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से देश के कई राज्यों में बेमौसम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश के 49 जिलों में बारिश की चेतावनी है, जबकि बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. बेमौसम बरसात ने किसानों की तैयार फसलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

    Israel Election: संसद में बहुमत गंवाने के बाद Benjamin Netanyahu की पार्टी ने लगाए धांधली के आरोप

    इजराइल में हुए चुनाव के अंतिम नतीजों से दिखायी दे रहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन ने संसद में अपना बहुमत खो दिया है जिसके बाद नेतन्याहू की पार्टी ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों पर चुनाव चुराने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने यह भी आशंका जताई है कि इस कथित साजिश में विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। वहीं विपक्ष ने नेतन्याहू पर अरब आबादी को निशाना बनाने और चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर नतीजों को अमान्य ठहराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।विपक्ष का कहना है कि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद नेतन्याहू खेमे की ओर से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि विपक्ष की अन्य पार्टियां अरब दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने पर सहमत हो जाती हैं, तो संसद में ये बहुमत हासिल कर सकती हैं। हालांकि, ऐसा गठबंधन राजनीतिक रूप से असामान्य और जोखिम भरा होगा।बृहस्पतिवार को चुनाव अधिकारियों की ओर से जारी अंतिम नतीजों के मुताबिक, नेतन्याहू के गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद (नेसेट) में 53 सीट मिली हैं। यह पिछली संसद में उसके पास अधिकतम 68 सीट के मुकाबले काफी कम है। वहीं, मुख्य विपक्षी गठबंधन को 48 सीट और अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को कुल 19 सीट मिली हैं।मतगणना पूरी हो चुकी है, लेकिन नतीजों को अभी आधिकारिक मंजूरी मिलनी बाकी है। इन्हें अगले बुधवार को देश के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए है।मंगलवार को हुए मतदान के बाद ‘एग्जिट पोल’ में नेतन्याहू को झटका लगने के संकेत मिलने के बाद से ही उनकी पार्टी लिकुड अरब नेतृत्व वाली पार्टियों पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है। हालांकि, इजराइल की चुनाव समिति के प्रमुख और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नोआम सोहल्बर्ग के उस बयान के बाद इन आरोपों को और हवा मिली, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके सामने विदेशी हस्तक्षेप से जुड़े गंभीर संदेह रखे गए हैं। सोहल्बर्ग ने इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट को लिखे पत्र में कहा कि वह इन दावों की पुष्टि नहीं कर सकते।हालांकि, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने एजेंसी से मामले की जांच करने का अनुरोध किया। इसके बाद नेतन्याहू की पार्टी ने एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा, इजराइल में चुनाव चुरा लिया गया है। पार्टी ने बिना कोई सबूत पेश किए दावा किया कि कथित विदेशी हस्तक्षेप का मकसद संसद पर विदेशी कब्जा करवाना, इजराइल का इस्लामीकरण करना और दक्षिणपंथी सरकार को सत्ता से हटाना है।इजराइली मीडिया की खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू की पार्टी के कुछ सदस्य चुनाव में पिछड़ने में कतर का हाथ बता रहे हैं। इजराइल में कुछ लोग कतर को गाजा के चरमपंथी संगठन हमास का समर्थक मानते हैं। वहीं कतर ने इन आरोपों को तुरंत खारिज करते हुए इन्हें हास्यास्पद और खतरनाक बताया।

    बुलंदशहर में भरभराकर गिरा दो मंजिला मकान, चाचा-भतीजे की मौत

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के छतारी कस्बे में देर रात एक निर्माणाधीन दो मंजिला मकान अचानक ढह गया. हादसे के वक्त परिवार के तीन सदस्य मकान के अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए. रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान चाचा और भतीजे की मौत हो गई. वहीं, गंभीर रूप से घायल दादी का अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है.

    बचे हुए चावल के फरों से बनाएं कुरकुरा नाश्ता, मिनटों में होगा तैयार

    करवा चौथ पर उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में चावल के फरे बनाए जाते हैं. अगर रात में कुछ फरे बच जाएं, तो उन्हें फेंकने के बजाय सुबह नाश्ते में फ्राई करें. जानें आसान रेसिपी और कुरकुरा बनाने के टिप्स.

    Donald Trump ने पत्रकार के लुक्स पर क्यों कसा तंज?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पत्रकार के एक सवाल पर भड़क गए और उन्होंने रिपोर्टर के वजन व दिखने के तरीके पर निजी टिप्पणियां कीं. रॉयटर्स के पत्रकार ने कंसास और आयोवा की चुनावी रैलियां रद्द होने के पीछे ट्रंप की सेहत को वजह बताया था. जवाब में ट्रंप ने पत्रकार को बीमार और घिनौना कहा तथा फिटनेस सुधारने की सलाह दी. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है.