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    Kalyan Banerjee का U-turn: Abhishek संग सुलह, NDA के खिलाफ जंग का ऐलान! TMC में सब ठीक?

    तृणमूल कांग्रेस में चल रही बगावत के बीच, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का समर्थन किया है और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले बागी सांसदों के गुट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को पहले भ्रष्ट कहने के बाद अब उनके साथ सुलह का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि मैंने अभिषेक को बड़ा होते देखा है। उन्होंने कहा है कि मैं उनसे बातें कह सकता हूँ, इसलिए ठीक है। अब हमें NDA के ख़िलाफ़ लड़ना है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: अब Punjab फतह के मिशन में जुटे Amit Shah, दिल्ली में BJP की बड़ी रणनीतिक बैठक में बना प्लानअभिषेक बनर्जी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का काम है। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि विपक्ष पूरी तरह खत्म हो जाए। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना रखने वाली हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। TMC और कांग्रेस के विलय की अटकलों पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ विलय नहीं कर रहे हैं।बागी सांसदों पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्हें जो करना है करने दें। उन्हें BJP की शरण में ही रहना होगा। यह सब एक चाल है। वे अपने चुनाव क्षेत्रों के विकास का हवाला देते हैं, लेकिन जो लोग अपने चुनाव क्षेत्रों में जा ही नहीं सकते, वे क्या काम करेंगे? जब पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र ही खत्म हो गया है। CM के साथ बातचीत के बाद भी पिछले एक महीने में क्या विकास हुआ है? BJP हमें परेशान कर रही है, पुलिस हमें परेशान कर रही है। पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्ष को कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा, जैसी हम कर रहे हैं। जो 19 सांसद BJP में जा रहे हैं, उन्हें BJP स्वीकार नहीं करेगी। इसे भी पढ़ें: TMC सांसद Kirti Azad का सनसनीखेज दावा: Kakoli Ghosh Dastidar कैमरे पर 5 लाख लेते पकड़ी गई थीं, जल्द करूंगा पर्दाफ़ाशTMC प्रमुख ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी और पार्टी के अहम नेताओं में से एक, कल्याण बनर्जी ने बगावती तेवर अपनाते हुए ममता के भतीजे अभिषेक पर पार्टी को बर्बाद करने और उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया था। TMC सांसद ने ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम भी दिया कि वे या तो उन्हें चुनें या अभिषेक बनर्जी को, जिससे पार्टी के भीतर सत्ता के अलग-अलग केंद्रों के बीच संबंधों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

    Gulf of Oman में भारतीयों की मौत पर भड़का India, Modi और Jaishankar का गुस्सा देखकर Trump व Marco Rubio सकते में

    ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने जिस तीखे तेवर में अमेरिका को घेरा है, उसने दोनों देशों के रिश्तों में नई बेचैनी पैदा कर दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बातचीत कर साफ शब्दों में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराई जा सकती।फिनलैंड दौरे पर मौजूद जयशंकर ने रुबियो को फोन कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह एक स्पष्ट संदेश था कि भारतीय नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाली कार्रवाई नई दिल्ली को कतई स्वीकार्य नहीं है। विदेश मंत्री स्तर पर हुई यह बातचीत इस बात का भी संकेत है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर कूटनीतिक और मानवीय संकट के रूप में देख रहा है।इसे भी पढ़ें: टूट गया भारत के सब्र का बांध, आधी रात फोन घुमाकर जयशंकर ने अमेरिका को डांटाघटना की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि भारत ने लगातार दूसरी बार दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया। सामान्यतया भारत विदेशी राजनयिकों को बुलाने के लिए "तलब" जैसे सख्त शब्दों से बचता है, लेकिन इस बार विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में साफ तौर पर कहा कि अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमले अस्वीकार्य हैं और इन हमलों में तीन भारतीयों की "दुखद और टाली जा सकने वाली" मौत हुई है।दरअसल बुधवार को अमेरिकी बलों ने एमटी सेत्तेबेल्लो नामक जहाज पर हमला किया था। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई। इसके अगले ही दिन अमेरिकी बलों ने ओमान तट के पास गिनी बिसाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी जलवीर के इंजन कक्ष पर हेलफायर मिसाइलें दाग दीं। जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन लगातार दो दिनों में भारतीयों को निशाना बनाने वाली इन घटनाओं ने नई दिल्ली को झकझोर दिया।विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी कि नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक सैन्य बल का इस्तेमाल समुद्री व्यापार की सुरक्षा, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करता है। भारत ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं ताकि किसी निर्दोष नागरिक की जान न जाए।इसी बीच इस पूरे विवाद ने तब और नया मोड़ ले लिया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होरमुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारतीय जहाजों पर हुआ ड्रोन हमला "पूरी तरह अस्वीकार्य" है। हालांकि ईरान ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे "बेबुनियाद" बताया। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका तीन भारतीय जहाजों पर हमले और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह के भीतर अमेरिकी बलों ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाया, जबकि अब दोष मढ़ने की कोशिश तेहरान पर की जा रही है। हम आपको बता दें कि ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब माना जा रहा है कि फ्रांस में आयोजित हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हो सकती है।देखा जाये तो यह पूरा संकट उस भीषण युद्ध की देन है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हुई। इसके बाद होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास पैदा हुई नाकेबंदी और सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की समुद्री व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। भारतीय नाविक, जो वैश्विक समुद्री व्यापार की रीढ़ माने जाते हैं, अब इस संघर्ष के सीधे शिकार बनते जा रहे हैं।अब तक इस युद्ध में कम से कम 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता बताया जा रहा है। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की त्रासदी है जिनकी रोजी रोटी समुद्र से जुड़ी थी और जो अचानक युद्ध की आग में झोंक दिए गए।होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की सबसे अहम धमनियों में गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देश इस मार्ग पर अत्यधिक निर्भर हैं। यहां बढ़ते तनाव और समुद्री अवरोध ने तेल और गैस की कीमतों में उछाल ला दिया है। भारत समेत कई देशों के लिए रसोई गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।भारत के सामने अब दोहरी चुनौती खड़ी है। एक तरफ उसे अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, दूसरी तरफ अमेरिका जैसे रणनीतिक साझेदार के साथ संबंधों को भी संतुलित रखना है। लेकिन तीन भारतीयों की मौत के बाद नई दिल्ली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय हित और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेगी।देखा जाये तो पश्चिम एशिया की यह जंग अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गई। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार के साथ साथ भारत की विदेश नीति पर भी गहराई से दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि अमेरिका भारत की कड़ी आपत्तियों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या समुद्र में बेगुनाह नागरिकों की जान बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

    क्या गिरफ्तार होने वाले हैं अभिषेक बनर्जी, बंगाल में जारी बवाल का क्या होगा अंजाम?

    अभिषेक बनर्जी को सीआईडी की तरफ से लगातार समन मिल रहे हैं। पुलिस उनके पीए को भी तलाश रही है। इसी सिलसिले में अभिषेक के घर में पुलिस ने कई घंटे तक जांच की।

    दोपहर के खाने में बनाएं 'धनिया दम आलू', खाते ही सब करेंगे तारीफ!

    गर्मियों में लंच और डिनर में क्या सब्जी बनाएं ये सबसे बड़ी मुश्किल बन जाता है. अगर आप भी रोजाना लौकी-कद्दू खाकर पक गए हैं तो आप धनिया दम आलू बनाकर देख सकते हैं. एक तो यह खाने मे लाजवाब लगता है और दूसरा इसे बनाने में भी कम समय लगता है.

    IND vs AFG Live: धर्मशाला में भारत और अफगानिस्तान का आमना-सामना, बारिश की वजह से टॉस में देरी

    IND vs AFG Live: भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत आज से हो रही है। इस मैच में एक बार फिर सभी की नजरें रोहित शर्मा पर रहने वाली है।

    UP विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर लड़ेगी ओवैसी की पार्टी?

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी की पार्टी ने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. इस फैसले के साथ प्रदेश की सियासत में मुस्लिम वोटर को लेकर चर्चा और तेज हो गई है. AIMIM ने अपनी अभियान की शुरुआत बहराइच से करने की योजना बनाई है जो कि उप विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

    सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलेगें टीएमसी के बागी सांसद

    सोमवार को टीएमसी के बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलने जा रहे हैं. यह मुलाकात इसलिए जरूरी है क्योंकि बाकी सांसदों ने अलग गुट बनाने की मांग की थी. इस बैठक में बागी सांसदों की संख्या बढ़ने का दावा सामने आ रहा है. ऐसे में राजनीतिक बहस और दल के भीतर असंतोष के बीच यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

    TMC से अलग गुट बनाने वाले सांसदों की चिट्ठी में किस-किस के नाम?

    टीएमसी से अलग गुट बनाने की प्रक्रिया शुरू करने वाले 19 सांसदों के नामों से भरी एक चिट्ठी सामने आई है. इस पत्र में उनके अधिकारिक हस्ताक्षर हैं और यह 18 मई को लिखा गया था. यह खास बात है कि सांसदों ने इस गुट गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया है जो राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

    ईरान ने अमेरिका के साथ समझौते से किया इंकार, कहा- ये सिर्फ कयास

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही थी कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो सकता है लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट रूप से बताया है कि अमेरिका के साथ कोई समझौता अंतिम रूप नहीं पाया है. उन्होंने बताया कि इन खबरों का कोई ठोस आधार नहीं है और ये केवल अफवाहें या कयास हैं. यह बयान वैश्विक राजनीति में अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों की स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है.

    केजरीवाल का दावा- समय से पहले हो सकते हैं पंजाब विधानसभा चुनाव, बोले- भगवंत मान होंगे AAP के सीएम फेस

    बठिंडा में एक जनसभा में अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल का नाम लिए बगैर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पंजाब में चुनाव इस साल नवंबर में हो सकते हैं।

    बेबी बंप पर टिकाया चाय का कप-लहराई जुल्फें, मां बनेगी हसीना

    सुरभि प्रेग्नेंट हैं. वो अपनी प्रेग्नेंसी के हर मोमेंट को खुलकर एन्जॉय कर रही हैं. एक्ट्रेस की प्रेग्नेंसी पोस्ट सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं. 

    राजस्थान के Health Minister की फिसली जुबान: 'प्रसूता नाचते हुए आई थीं क्या?' भड़का सियासी बवाल

    राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। "क्या ये गर्भवती महिलाएँ PBM अस्पताल में गंभीर हालत में पहुँची थीं, या नाचते-गाते हुए आई थीं?" स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह की इस टिप्पणी ने राजस्थान में राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। बीकानेर के PBM अस्पताल में हाल ही में माँ बनी छह महिलाओं की बिगड़ती हालत के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए की गई यह टिप्पणी असंवेदनशील मानी जा रही है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर सवाल और तेज़ हो गए हैं। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: अब Punjab फतह के मिशन में जुटे Amit Shah, दिल्ली में BJP की बड़ी रणनीतिक बैठक में बना प्लानयह टिप्पणी गुरुवार को मंत्री के बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल सेंटर, अस्पताल के दौरे के दौरान की गई। जब वे ICU का निरीक्षण कर रहे थे, तो पत्रकारों ने उनसे उन महिलाओं के बारे में सवाल किया जिनकी हालत सिजेरियन (C-सेक्शन) डिलीवरी के बाद गंभीर हो गई थी। बचाव की मुद्रा में आते हुए, सिंह ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा, "आप ही इन्हें बताइए—क्या ये गर्भवती महिलाएँ PBM में गंभीर हालत में आई थीं, या वे नाचते-गाते हुए आई थीं?"मंत्री की इस टिप्पणी से यह संकेत मिलता था कि अस्पताल पहुँचने पर महिलाएँ पहले से ही गंभीर रूप से बीमार थीं; यह बात जल्द ही वायरल हो गई और इसकी व्यापक आलोचना हुई। यह विवाद राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं से जुड़ी कई घटनाओं के बीच सामने आया है। पिछले महीने, कोटा के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में C-सेक्शन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।बाद की जांच में सिस्टम में गंभीर कमियां पाई गईं, जैसे ऑपरेशन के बाद निगरानी में कमी, ऑपरेशन थिएटर में साफ़-सफ़ाई और इन्फेक्शन कंट्रोल के तरीकों में खामियां, और नकली या घटिया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन दिए जाने के आरोप। PBM अस्पताल में C-सेक्शन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और किडनी फेलियर का सामना करना पड़ा, जिससे एक नया संकट खड़ा हो गया। चिंता बढ़ने पर प्रशासन ने मामले की जांच के लिए जल्दबाजी में एक जांच समिति का गठन किया। इसे भी पढ़ें: INDIA बैठक में Rahul Gandhi का दम! बोले- अगर एकजुट हुए तो BJP को हराना आसान हैमंत्री के दौरे के दौरान अस्पताल के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए; यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना दिया और परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मुख्य गेट पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुई धक्का-मुक्की में कई महिलाओं के सड़क पर गिर जाने की खबर है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन टिप्पणियों को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय बलपूर्वक विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री कार्यालय को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए लिखा, “माताओं और बहनों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति से ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जा सकती।” देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।