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    रूस के मिसाइल हमलों के बाद आधे यूक्रेन की बिजली गुल!

    रूस ने ल्वीव समेत कई यूक्रेनी क्षेत्रों के ऊर्जा केंद्रों पर रात और सुबह हमले किए, जिसके बाद 12 क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई. क्षतिग्रस्त उपकरणों पर दबाव रोकने के लिए पूरे देश में उद्योगों की बिजली सीमित होगी और कुछ क्षेत्रों में हर घंटे कटौती की जाएगी.

    दलेर मेहंदी के नशे में गाने की क्या है सच्चाई? कपिल शर्मा ने बताया

    उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों के बाद अब बॉलीवुड और संगीत जगत के सितारे उनके समर्थन में उतर आए हैं. मीका सिंह के बाद कपिल शर्मा ने दलेर मेहंदी का बचाव किया है.

    Manoj Joshi ने Sardar Patel बनने के लिए 7 साल किया शोध, पढ़ीं 260 से ज्यादा किताबें

    (जितेंद्र गुप्ता) नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर अभिनेता मनोज जोशी ने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में पटेल की भूमिका निभाने को बड़ा चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा बताने के साथ ही कहा कि इस नाटक के लिए सात साल तक गहन शोध और 260 से ज्यादा किताबों का अध्ययन किया गया। मनोज जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा, “किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व को मंच पर जीवंत करने के लिए उसके विचारों, व्यक्तित्व, कार्यशैली और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को गहराई से समझना जरूरी होता है।इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में सरदार पटेल की भूमिका निभाने की तैयारी की।” जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका देश के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है जिसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जरूरत है। सरदार पटेल के किरदार को निभाने में सबसे बड़ी चुनौती को याद करते हुए उन्होंने कहा कि केवल संवाद याद करना पर्याप्त नहीं था बल्कि उनके व्यक्तित्व, स्पष्टवादिता, निर्णय लेने की क्षमता, बोलने के अंदाज और शारीरिक हाव-भाव को समझना भी जरूरी था। इसके लिए ऐतिहासिक पुस्तकों, दस्तावेजों और उपलब्ध दृश्य सामग्री का सहारा लिया गया।एक ऐतिहासिक किरदार को विश्वसनीय बनाने वाले तत्वों के बारे में मनोज जोशी का कहना था कि कलाकार को उसके व्यक्तित्व में उतरना पड़ता है और इस भूमिका के लिए सिर्फ मेकअप में ही उन्हें लगभग पौने दो घंटे लगते हैं। ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ का मंचन दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में आगामी शनिवार और रविवार को होगा। पांच भाषाओं में करीब 180 फिल्मों में काम कर चुके मनोज जोशी रंगमंच पर ‘चाणक्य’ की भूमिका के लिए भी जाने जाते हैं और इस नाटक का देशभर में 1800 से ज्यादा बार मंचन हो चुका है।नाटक के निर्देशक विरल रच्छ ने कहा कि ‘एक अखंड भारत का निर्माण’ का उद्देश्य केवल इतिहास को मंच पर दोहराना नहीं, बल्कि दर्शकों को उस दौर की परिस्थितियों, फैसलों और राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस नाटक की परिकल्पना पर लगभग एक दशक पहले चर्चा शुरू हुई थी और लेखिका गीता माणिक ने विषय पर लंबे समय तक शोध किया तथा करीब सात वर्षों तक अध्ययन करते हुए 260 से अधिक पुस्तकों का संदर्भ लिया। नाटक के निर्देशक ने कहा कि इस विषय में नाटक, फिल्म या वेब सीरीज के लिए भी काफी संभावनाएं हैं, लेकिन मंच पर इसे प्रस्तुत करने की अपनी अलग चुनौती है और सीमित समय में इतने व्यापक ऐतिहासिक घटनाक्रम को प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना आसान नहीं था।मनोज जोशी की सरदार पटेल की भूमिका को लेकर पूछे गये एक सवाल पर विरल ने बताया कि जोशी और लेखिका गीता माणिक के बीच इस विषय पर लंबे समय तक चर्चा होती रही और बाद में निर्देशक के रूप में वह इस प्रयास से जुड़े और नाटक ने आकार लिया। निर्देशक ने बताया कि नाटक में करीब 26 कलाकार शामिल हैं और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए कलाकारों के सामूहिक प्रयास और तकनीकी सहयोग से प्रस्तुति को व्यापक रूप दिया गया है। देश के मौजूदा हालात में सरदार पटेल के विचार कितने प्रासंगिक हैं, यह पूछने पर मनोज जोशी ने कहा कि सरदार पटेल की विरासत केवल भारत के एकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से सार्वजनिक जिम्मेदारी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता जैसे महत्वपूर्ण मूल्य भी सामने आते हैं।जोशी ने बताया कि नाटक के प्रसंगों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है।

    शाम को होना था रावण दहन, लेकिन समय से पहले ही जल गया पुतला, जानें वजह

    इंदौर के इंद्रपुरी में दशहरे पर रावण दहन की तैयारियों के बीच रावण के पुतले में अचानक आग लग गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसके बाद पुतले में लगे पटाखे भी फूटने लगे. घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुतला जलकर खाक होने के बाद आयोजकों ने नया पुतला बनाने का काम शुरू कर दिया.

    मुंबई में जयशंकर से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो, ट्रेड डील पर बोले- हमें तो बहुत उम्मीद है

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर चर्चा की. जयशंकर से मुलाकात से पहले ही रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि ट्रेड डील जल्द फाइनल होने वाली है.

    'तो क्या यहां भी कोर्ट में आग लगा देनी चाहिए...', संजय राउत को केंद्रीय मंत्री ने फटकारा

    संजय राउत अल्बानिया की सुप्रीम कोर्ट लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर कायम दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का प्रदर्शन देश हित में है. संजय राउत ने कहा था कि लोगों ने अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जला दिया क्योंकि वहां कोर्ट करप्ट पीएम की मदद कर रहा था. भारत को इस पर ध्यान देना चाहिए.

    फ्रेशर्स इन पदों से शुरू कर सकते हैं करियर, जानें कितनी मिलेगी सैलरी?

    जॉब मार्केट की हालात दिन पर दिन खराब होती जा रही है. एआई में बढ़ते निवेश की वजह से फ्रेशर्स को भी नौकरी मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. हालांकि, कई कंपनियां कुछ ऐसे पदों पर हायरिंग करती हैं, जिससे करियर शुरू करने वाले युवा को कुछ स्किस सिखा सकती है.      

    ओवैसी ने बढ़ाई सपा की मुश्किल? अखिलेश का आजम दांव!

    ओवैसी की रामपुर रैली के बाद अब अखिलेश यादव आजम खान से मिलने जेल पहुंच रहे हैं। क्या AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की यूपी में बढ़ती सक्रियता ने समाजवादी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है? या अखिलेश यादव की यह मुलाकात पार्टी के पुराने सियासी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश है?

    वृषभ राशि के व्यापार में तेजी रहेगी, जानें आपके लिए कल कैसा होगा दिन

    Kal Ka Rashifal 21 October 2026: वृषभ राशि वालों का प्रबंधन और कामकाज बेहतर रह सकता है. व्यापार में तेजी बनाए रखने के साथ अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश सफल होगी. अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पद-प्रतिष्ठा मजबूत होगी. सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के योग हैं.

    Siddharth Khera भगोड़ा घोषित, 400 करोड़ के Maritime फ्रॉड में दिल्ली कोर्ट का बड़ा आदेश

    दिल्ली की एक अदालत ने कथित 400 करोड़ रुपये के सीगल मैरीटाइम एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में सिद्धार्थ खेड़ा को भगोड़ा घोषित कर दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) दीपाक्षी राणा ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत 30 दिनों की कार्यवाही की अवधि बीत जाने के बाद भी सिद्धार्थ खेड़ा अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने 30 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा को इस मामले में भगोड़ा घोषित किया जाता है।संबंधित थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।’’ यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण के अनुरोध के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा लेने की अनुमति दिए जाने के एक साल बाद सामने आया है। उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर, 2025 के अपने आदेश में कहा था कि जांच एजेंसी ‘‘मुख्य आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा ले सकती है।’’ उच्चतम न्यायालय ने जांचकर्ताओं को इस मामले के अन्य आरोपियों से अतिरिक्त दस्तावेज प्राप्त करने और जांच में उनका सहयोग लेने की अनुमति भी दी थी। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने जनवरी 2022 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल थीं। आरोपों के अनुसार सिद्धार्थ खेड़ा और उनके पिता अजय खेड़ा ने सीगल की व्यावसायिक गतिविधियों और उससे होने वाले भुगतानों को एज्योर इंटरनेशनल एलएलसी तथा उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी की ओर स्थानांतरित कर दिया था। सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के पूर्व कार्यकारी निदेशक अजय खेड़ा को 22 सितंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष दिसंबर में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।दिल्ली उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2023 में उन्हें जमानत दे दी थी।

    क्या सपा संग गठबंधन पर फंसा पेंच? कांग्रेस ने यूपी के लिए 150 सीटों की योजना तैयार की, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान

    कांग्रेस ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की उन सीटों की एक सूची तैयार की है, जिन पर वह आगामी चुनावों में चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इस पूरी प्रक्रिया पर नज़र रख रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे पर सहमत हो पाएंगी। दोनों ही दल साथ आने के इच्छुक हैं, फिर भी बातचीत का दौर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कांग्रेस काफी बड़ी संख्या में सीटों पर अपना दावा पेश करने की तैयारी कर रही है, जबकि SP प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस आधार पर होना चाहिए कि चुनाव जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा कहाँ है।इसे भी पढ़ें: Party Workers की गिरफ्तारी पर भड़के Akhilesh Yadav, BJP पर लगाया प्रशासन के Misuse का बड़ा आरोपकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ एक बैठक की। उन्होंने बताया कि इस बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा हुई, जहां कांग्रेस को लगता है कि उसकी स्थिति मजबूत है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने उन सीटों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिन पर वह चुनाव लड़ना चाहती है।प्रियंका पूरे राज्य में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं का आकलन करने के लिए पार्टी नेताओं के साथ लगातार बातचीत भी कर रही हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, हालांकि सीटों की अंतिम संख्या समाजवादी पार्टी के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत करने के लिए एक टीम गठित कर सकती है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, दोनों पार्टियां सबसे पहले उन निर्वाचन क्षेत्रों की सूची तैयार करेंगी और एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी, जहां से वे चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद, वे आमने-सामने बैठकर अपने-अपने दावों पर चर्चा करेंगी और एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेंगी जो दोनों को मंजूर हो। यह बातचीत विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है, क्योंकि कांग्रेस ज्यादा सीटें चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है।इसे भी पढ़ें: Albania Violence पर Sanjay Raut का विवादित बयान, BJP बोली- लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा विपक्षहालाँकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा एक पेचीदा मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस राज्य में अपनी मौजूदगी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहती है, जबकि अखिलेश यादव ने प्रस्ताव दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा चुनावी ताकत के आधार पर होना चाहिए। सपा प्रमुख ने हाल ही में कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन तो होगा, लेकिन सीटों का बंटवारा जीत की संभावनाओं के आधार पर तय किया जाना चाहिए। उनके सुझाए गए फॉर्मूले के अनुसार, जिस पार्टी या उम्मीदवार के जीतने की संभावना ज्यादा हो, उस सीट पर पहला दावा उसी का होना चाहिए।