Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Latest

    डीयू में बजा चुनावी बिगुल! 18 सितंबर को वोटिंग, 19 को आएंगे नतीजे

    दिल्ली विश्वविद्यालय ने डूसू चुनाव 2026 की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना के बाद विजेता घोषित किया जाएगा. नामांकन 10 सितंबर तक भरे जाएंगे. छात्र संगठनों ने नए छात्रों को रिझाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है.

    कार खरीदारों की चांदी! अगस्त में इन गाड़ियों पर 2.5 लाख तक की छूट

    Car Discount Offers: अगस्त से ऑटो सेक्टर के लिए फेस्टिव सीजन की शुरुआत मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए दिग्गज कार कंपनियां अपने मॉडलों पर भारी छूट दे रही है. आइये देखें किस कार की खरीदारी पर आप कितनी बचत कर सकते हैं.

    संसद के 19 दिन: हंगामे में ₹102 करोड़ का नुकसान?

    संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया... लेकिन पीछे छोड़ गया हंगामा, स्थगन और करोड़ों के नुकसान का सवाल. 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चले सत्र में दोनों सदनों का तय समय के मुकाबले बेहद कम काम हो सका. PRS Legislative Research के आंकड़ों के आधार पर करीब 141 घंटे का निर्धारित समय काम में नहीं आ पाया.

    'Narendra Modi रात को नहीं सो पा रहा, हम उन्हें पागल कर देंगे', Rahul Gandhi का बड़ा दावा

    यह देखते हुए कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अब अपनी बात रखना शुरू कर दिया है और इसे अब रोका नहीं जा सकता, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को तब तक जगाए रखेंगे जब तक वे पद नहीं छोड़ देते, और यह लड़ाई देश की मूल भावना और संस्कृति के लिए है। यहाँ 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी रात भर नहीं सो पाता है। हम इनको पागल कर देंगे। अमित शाह So called चाणक्य भाग गया। अमित शाह पार्लियामेंट में नहीं घुस पाया।' इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का अहंकार ले डूबा Monsoon Session, Ravi Shankar Prasad बोले – देश की राजनीति जिद से नहीं चलेगीराहुल ने कहा, 'हमारा काम बहुत आसान है और हम उसे पागल कर देंगे। मैं आपको बता रहा हूँ, नरेंद्र मोदी रात को सो नहीं पाते हैं। इसके कई कारण हैं। एक तो साफ़ कारण है, और कई छिपे हुए कारण भी हैं। आपने अमित शाह को देखा—उन्हें क्या कहा जाता था? चाणक्य, और क्या? सरदार पटेल। वे कहाँ गायब हो गए हैं? वे 20 दिनों तक संसद भवन नहीं आ पाए। क्यों? क्योंकि पहली बार, वे भारत की आवाज़ को महसूस कर रहे हैं। और अब उन्हें एहसास हो गया है कि यह देश अपनी बात कहना बंद नहीं करेगा।'उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीतिक विचारधारा भारत पर ऐसी व्यवस्था थोपने की है जिससे उन्हें और कुछ खास लोगों को फायदा हो। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संकेत दिया कि विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट हो गया है और जब तक पीएम मोदी और अमित शाह अपने पदों से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे सो नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष अब अपनी बात रखने लगे हैं। अब इसे रोका नहीं जा सकता। यह 'थैंक यू, टाटा, गुडबाय' वाला मामला है। मेरी बात याद रखना - जिस दिन तक नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देते और अमित शाह पद नहीं छोड़ते, वे दोनों सो नहीं पाएंगे। हम उन्हें जगाए रखेंगे - पूरी रात जगाए रखेंगे - जब तक कि वे आखिरकार हार न मान लें और यह न कह दें, 'यह हमारे बस की बात नहीं है; हमें माफ कर दो, हमें जाने दो।' और हम अपने देश की संस्कृति और मूल्यों के लिए बिना नफरत और बिना हिंसा के यह लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा देश नफरत का देश नहीं है; यह स्नेह, प्रेम, भाईचारे और अहिंसा का देश है। हम यह बात सभी को साबित करके दिखाएंगे।राहुल गांधी ने सरकार पर भारत की विदेश नीति को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध छिड़ गया। भारत के लिए—अगर उसने अपनी ताकत को पहचाना होता और उसका नेता इंदिरा गांधी जैसा कोई होता—तो यह दुनिया का सबसे बड़ा मौका था। कैसा मौका? ईरान हमारा पुराना दोस्त था, अमेरिका हमारा दोस्त था और रूस भी हमारा दोस्त था। हम आगे आ सकते थे, अहम भूमिका निभा सकते थे और इन दोस्ती का फ़ायदा उठा सकते थे। लेकिन असल में क्या हुआ? ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके बजाय, पाकिस्तान ने दखल दिया और हमारी जगह ले ली; पाकिस्तान मध्यस्थ बन गया, जबकि भारत और मोदी जी बस देखते रह गए।राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें इन दिनों सीधे मोदी जी के ऑफ़िस से जानकारी मिल रही है; अंदर ज़बरदस्त बगावत चल रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ वीडियोज़ का भी ज़िक्र किया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाक़े में LAC के पास चीन की पेट्रोलिंग गतिविधियों के बारे में दावे किए गए हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार ऐसी रिपोर्टों को प्रकाशित न होने देने के लिए दबाव डालती है। हमारे पेट्रोलिंग वाले इलाक़ों में—खासकर अरुणाचल में—चीन ने हमें पेट्रोलिंग करने से रोक दिया। उन्होंने असल में कहा, 'देखो, यह सब ठीक है—यह ज़मीन तुम्हारी ही है—लेकिन तुम यहाँ पेट्रोलिंग नहीं कर सकते।' राजनाथ सिंह, अमित शाह और नरेंद्र मोदी पूरी तरह से बेअसर हो गए हैं। वे सभी मीडिया एडिटर्स को फ़ोन कर रहे हैं और कह रहे हैं, 'इसे अपने अख़बारों में न छापें; इस ख़बर को दबा दें।' वे बिना सोचे-समझे देश को सीधा नुकसान पहुँचा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने फोन पर जाना Sukhbir Badal का हाल, Nanded में हुआ था कृपाण से हमलाउन्होंने आरोप लगाया कि गलवान घटना के बाद, प्रधानमंत्री ने एक बैठक की - एक ज़ूम कॉल। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत की ज़मीन का एक इंच भी हिस्सा नहीं लिया है। सेना ने कहा कि हमारी ज़मीन ले ली गई है। ज़रा सोचिए कि चीन को क्या संदेश गया: चीनी बातचीत करने वालों ने हमारे बातचीत करने वालों से पूछा, 'आप क्या बकवास कर रहे हैं? आपके अपने प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई ज़मीन नहीं गई है।' तो, अंदरूनी तौर पर, उन्होंने देश को बर्बाद कर दिया है; उन्होंने हमारी विदेश नीति को तहस-नहस कर दिया है। और उन्होंने यह सब सिर्फ़ अपने राजनीतिक ढांचे को फ़ंड देने और अडानी जी से फ़ंड हासिल करने के लिए किया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "...Our job is very simple, and we can drive them crazy. I'm telling you, Narendra Modi does not sleep at night. There are different reasons. There is an obvious reason, and there are many hidden reasons too. You… pic.twitter.com/sZM4puhi6I— ANI (@ANI) August 13, 2026

    अब कैंची अटैक की तैयारी में हूती, सऊदी पर होगा दो तरफा हमला?

    ईरान हिमायती इस्लामिक रेजिस्टेंस यानी इसराइल के खिलाफ प्रतिरोध की धुरी के एक अहम ग्रुप यमन के अंसारुल्लाह को छेड़कर ऐसा लग रहा है सऊदी अरब ने मुसीबत मोल ले ली है। यमन के हूतियों ने लाल सागर सऊदी के लिए बैन कर रखा है। ना सिर्फ बैन है बल्कि हमले भी अंजाम दे रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर एक ऐसा खौफनाक खतरा मंडरा रहा है जिसने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नींद उड़ा दी है। अब मीडिया रिपोर्ट्स और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर बेहद खौफनाक खतरा मंडरा रहा है। खबर है कि रेजिस्टेंस के ग्रुप सऊदी पर एक साथ दो तरफ से अटैक कर सकते हैं। सऊदी अरब के नॉर्थ बॉर्डर से हसदुशाबी, कताइयब हिजबुल्ला, अल नुजवा और कताइयब सैयद अल शोहदा जैसी तंजीमे हमला बोलेंगी और साउथ की तरफ से यमन पर कब्जा जमाए बैठे हूतियों की प्रोफेशनल आर्मी मिसाइलों, ड्रोंस और लंबी दूरी के रॉकेटों से सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल देंगी। इसे भी पढ़ें: Fake Intelligence से बढ़कर है खतरा, Strait of Hormuz पर Donald Trump के दावे को Araghchi ने नकारावैसे भी हूतियों और सऊदी अरब की दुश्मनी 15 साल से भी ज्यादा पुरानी है। जब सऊदी पर उत्तर और दक्षिण की तरफ से एक साथ सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमले होंगे तो सऊदी अरब में लगा अमेरिकी डिफेंस का चक्रव्यूह टूट जाएगा। यह कैंची की तरह काटने वाला अटैक होगा। जैसे कैंची के दो अलग-अलग सिरे साथ जुड़ते हैं तो कोई भी चीज कट जाती है। ठीक उसी तरह सऊदी अरब को काटने की तैयारी है। हो सकता है सऊदी को पहले से इस प्लान की भनक हो तभी तो उसने पिछले दिनों अमेरिका के साथ मिलकर इराक में हजो शाबी के ठिकानों पर भीषण हमले अंजाम दिए थे। खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस हमले का असली मकसद सऊदी अरब की इकोनमी की कमर तोड़ना है और उसके बुनियादी ढांचे को तबाह करना है। सऊदी अरब के एक सीनियर अफसर ने सीएनएन से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया है ऐसा मीडिया रिपोर्ट दावा करती हैं। इसे भी पढ़ें: Iran और अमेरिका हमारे दोस्त, फिर पाकिस्तान कैसे बना Mediator? Foreign Policy पर राहुल गांधी ने PM मोदी को घेरावो कहते हैं कि उन्हें खुफिया एजेंसियों से मल्टीपल कोऑर्डिनेटेड अटैक की कई रिपोर्ट्स मिली हैं। इन रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि यह हमले आने वाले कुछ समय में हो सकते हैं। गौरतलब है कि हूं को ला रहे एक प्लेन पर सऊदी अरब ने उस वक्त हमला किया था जब वह ईरान से आयतुल्लाह खामने के जनाजे में शामिल होकर लौट रहे थे। वो हमला तो फेल हो गया लेकिन हूती सऊदी अरब के पीछे पड़ गए हैं और यह जंग अब बड़ी होती जा रही है। पानी में ऊपर की ओर उतर आया और समंदर से निकलकर किनारों पर बहता हुआ यह तेल देखिए। ऐसा लग रहा है जैसे समंदर से तेल की झील फूट पड़ी हो। यह ईरान का समुद्र है। ऐसा नहीं है कि ईरान का समंदर तेल छोड़ने लगा है। दरअसल, यह उन जहाजों और तेल टैंकरों से निकला ऑयल है जिन्हें ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मोस में उड़ा दिया था या डुबो दिया। यह ईरान के दुश्मनों के उन जहाजों का तेल है जिन्हें उसकी परमिशन के बिना आबनाए होमोस से गुजारा जा रहा था। ईरान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह वीडियो गश्त कर रहा है। जिसमें समंदर के किनारों पर तेल ही तेल नजर आता है। ईरान में आईआरजीसी नेवी ने पहले भी वीडियो दिखाते हुए कई दावे किए हैं और कई वीडियो में दिखाया गया है कि अगर स्टेट ऑफ हुर्मस पर ईरान को इग्नोर करके कोई भी जहाज निकालने की कोशिश की गई तो अंजाम यह होगा। जो लोग अमेरिका के आर्डर को फॉलो कर रहे हैं उनका हश्र यह है। 

    LAC पर भारत-चीन सेना की झड़प? बीजिंग से क्या जवाब आया

    भारत चीन सीमा पर एक बार फिर हलचल की खबरों के बीच चीन का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस बयान के बाद कई सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल अरुणाचल प्रदेश के पास चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ने और हाल में भारतीय चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों पर जब चीन के प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन बस इतना कहा गया कि फिलहाल चीन भारत सीमा पर हालात आमतौर पर स्थिर हैं। यानी चीन ने ना तो किसी नई सैन्य घटना की पुष्टि की और ना ही अरुणाचल प्रदेश के पास अपनी सेना की गतिविधियां बढ़ने की खबरों को साफ तौर पर खारिज किया।इसे भी पढ़ें: क्या था माओ का 5 फिंगर प्लान, जिसे फॉलो करते हुए जिनपिंग बढ़ा सकते हैं भारत की टेंशनचीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोज याकुन से मीडिया ने सीधा सवाल किया। उनसे पूछा गया कि भारतीय सोशल मीडिया पर चीन की सीमा के पास बड़ी सैन्य गतिविधियों के वीडियो सामने आ रहे हैं। साथ ही भारत सरकार के एक प्रवक्ता ने हाल की सीमा घटना से इंकार नहीं किया है। ऐसे में क्या हाल में भारत और चीन के बीच कोई सैन्य घटना हुई है और क्या चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन भारत सीमा पर हालात फिलहाल आमतौर पर स्थिर हैं। चीन और भारत ने पिछले हफ्ते चीन भारत सीमा मामलों पर बातचीत और तालमेल के लिए बने वर्किंग मैकेनिज्म की 36वीं बैठक की। दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिए बातचीत बनाए रखने और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इतने सीधे सवाल के बावजूद चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरों पर कोई जवाब नहीं दिया। इसे भी पढ़ें: Arunachal Pradesh के 27 स्थानों के मानक नाम आधिकारिक Map में शामिल किए गएदरअसल पिछले कुछ वक्त में सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैली और कई तरह के दावे किए गए कि कुछ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसेसरी जिले में तिब्बत से सटे टैक्सिंग इलाके के पास भारतीय और चीनी सेना की पेट्रोलिंग टीमें आमने-सामने आ गई थी और इसी के बाद तमाम तरह की खबरें फैलने लगी। लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की और अब जब चीनी प्रवक्ता से सीधा सवाल पूछा गया तो उन्होंने भी बस इतना कह के बात पलट दी कि फिलहाल भारत चीन सीमा पर सब कुछ स्थिर है। आपको बता दें भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर पुराना विवाद है। चीन इस पूरे राज्य पर अपना गलत दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत बताता है। चीन इसे जंगना कहता है। वहीं बार-बार भारत चीन के इन दावों को पूरी तरह खारिज करता है और साफ़ कहता है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट और अभिन्न हिस्सा है। भारत ने हाल ही में कहा था कि चीन के साथ सीमा से जुड़े मामलों को वो बेहद गंभीरता से लेता है। नई दिल्ली ने साफ किया कि एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे जरूरी है क्योंकि सीमा पर हालात दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करते हैं। आपको बता दें भारत ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के आधिकारिक नाम तय करने को लेकर चीन की आपत्ति भी खारिज कर दी। भारत का कहना है कि नाम बदलने या किसी तरह का दावा करने से जमीन पर वास्तविकता नहीं बदल जाएगी।इसे भी पढ़ें: India-China Relation क्या वाकई सुधर रहे हैं? चीन में रह रहे भारतीयों ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है! दरअसल यह पूरा घटनाक्रम इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत और चीन के रिश्ते 2020 की गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई दौर की बातचीत की।

    सेना की वर्दी में आए पुतिन, उठाया कागज, भारत पर बड़ा खुलासा

    रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन अचानक सेना की वर्दी में आए और यह महत्वपूर्ण कागज पढ़ने लगे। इस कागज को पढ़ने के बाद पुतिन ने ऐसा ऐलान किया जो कई देशों को परेशान कर सकता है। पुतिन ने भारत का नाम लेकर बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है। दरअसल भारत से करीब 7000 किमी दूर एक इलाका है जहां दुनिया की महाशक्तियों के बीच एक बहुत बड़ी जंग शुरू हो चुकी है। बर्फ से ढका यह इलाका आर्कटिक है। पुतिन ने कहा है कि आर्कटिक एक नया जिओपॉलिटिकल फ्रंटियर बन रहा है और अब भारत इसका फायदा उठाने के लिए रूस के साथ आ चुका है। पुतिन ने कहा है कि भारत अब उन देशों में शामिल हो चुका है जो नॉर्दन सी रूट पर कदम रखेंगे। इसे भी पढ़ें: Russia के नोवोरोस्सियस्क नौसैनिक अड्डे पर हमले का Zelenskyy का दावा, बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्तदरअसल रूस भारत को उस आर्कटिक पर लेकर पहुंचा है जहां पर कई बार तापमान -50° तक गिर जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में ग्लोबल वार्मिंग के चलते इस इलाके का तापमान बढ़ने लगा। बर्फ पिघलने लगी और बर्फ पिघलने के बाद कई नए रास्ते खुलने शुरू हो गए। बर्फ पिघलने की वजह से आर्कटिक से आने-जाने के नए शिपिंग रूट तैयार हो रहे हैं। इन नए शिपिंग रूट्स का इस्तेमाल अब व्यापार, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। अब इन्हीं शिपिंग रूट्स पर दावा ठोकने के लिए रूस ने भारत के साथ एक बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। आर्कटिक की बर्फ पिघलने से तीन मुख्य शिपिंग रूट्स तैयार हो रहे हैं। इनमें पहला है नॉर्थ वेस्ट पैसेज, दूसरा है ट्रांस पोलर सी रूट और तीसरा है नॉर्दन सी रूट। भारत के लिए नॉर्दन सी रूट सबसे महत्वपूर्ण है। अभी तक इस इलाके में भारत ने सिर्फ एक उंगली रखी है लेकिन अब पैर जमाने की बारी आ गई है। इसे भी पढ़ें: BRICS पेमेंट सिस्टम पर RBI का बड़ा ऐलान, क्या है CBDC का मास्टर प्लानआपको बता दें कि आर्कटिक के विशाल बर्फीले इलाकों को लेकर रूस, अमेरिका, यूरोप और चीन के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो चुकी है। यह इलाका भारत से दूर है, लेकिन भारत के लिए बहुत जरूरी है। इसीलिए अब रूस भारत को इस इलाके में रणनीतिक बढ़त दिलवा सकता है। आपको बता दें कि आर्कटिक किसी एक देश का नहीं है। आर्कटिक आठ तटीय देशों में बंटा हुआ है। जिनमें कनाडा, डेनमार्क, ग्रीनलैंड, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, रूस, स्वीडन और अमेरिका शामिल हैं। डॉनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा इसीलिए करना चाहते हैं ताकि आर्किटिक में अमेरिका की पकड़ और दावेदारी मजबूत हो जाए। भारत इस इलाके में फिलहाल हिमाद्री रिसर्च स्टेशन के जरिए साइंटिफिक रिसर्च का काम कर रहा है। लेकिन भारत अब इस इलाके में अपनी मौजूदगी को बढ़ाना चाहता है। लेकिन आपके मन में सवाल होगा कि आर्कटिक के पीछे इतनी बड़ी जंग शुरू क्यों हुई है? ऐसे में आपको बता दें कि आर्किटिक की बर्फीली जमीन के नीचे रेयर अर्थ, क्रिटिकल मिनरल्स, तेल और गैस के असीम भंडार हैं। आर्कटिक की जमीन के नीचे अरबों का खजाना दबा है। ऐसे में जब इस इलाके की बर्फ पिघल रही है तो खजाना निकालना भी आसान हो गया है। बर्फ पिघल रही है तो आर्कटिक तक पहुंचना भी आसान हो रहा है। ऐसे में रूस भारत के साथ मिलकर बहुत एक्टिव हो गया है। रूस इस इलाके में बड़ा दावेदार है। लेकिन रूस के पास इतने रिसोर्सेज नहीं है कि वो अकेले ही इस इलाके पर अपना वर्चस्व बना पाए क्योंकि यहां पर रूस अमेरिका और यूरोपीय दुश्मनों से घिरा है। 

    'US से कॉपी-पेस्ट की एथेनॉल पॉलिसी', गडकरी के पुराने वीडियो से उठे सवाल

    सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पुराना वीडियो शेयर किया है. बिना तारीख वाले इस वीडियो में नितिन गडकरी भारत में मानक तय करने की प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को लेकर बात करते दिखाई दे रहे हैं.

    1 साल से ऐसे कलेक्ट्रेट के पास पहुंच रहा दिव्यांग

    कौशांबी में ट्राई साइकिल के लिए दिव्यांग दीनानाथ मिश्र का वीडियो वायरल है. उनका दावा है कि वह लंबे समय से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं. अधिकारी के मुताबिक, आवेदन और शारीरिक परीक्षण हो चुका है और साइकिल मिलते ही उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. अधिकारी के मुताबिक, साइकिल उपलब्ध होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी.

    Meta का बड़ा एक्शन, डिलीट किए 7 लाख अकाउंट, ये है वजह

    Meta ने करीब 7 लाख अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है. ये अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे. कंपनी ने यह फैसला ऑस्ट्रेलिया कानून के चलते लिया है. कंपनी ने इन अकाउंट को संदिग्ध माना है कि ये 16 साल से कम उम्र के यूजर्स इस्तेमाल कर रहे थे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

    UPSSSC: असिस्टेंट अकाउंटेंट और ऑडिटर का फाइनल रिजल्ट जारी

    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक मुख्य परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है. सामान्य और विशेष श्रेणियों के तहत कुल 668 सहायक लेखाकार पदों में से 570, 950 विशेष चयन पदों में से 866, और 209 लेखा परीक्षक पदों में से 206 अभ्यर्थी सफल हुए हैं.

    पहले PAK फोड़ेगा एटम बम! प्रोफेसर का बड़ा दावा, सच हो चुकी हैं दो भविष्यवाणियां

    प्रोफ़ेसर जियांग ज़्यूकिन अपनी भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें वे अलग-अलग सिद्धांतों के आधार पर सही ठहराते हैं. प्रोफेसर जियांग का मानना ​​है कि अगर किसी टकराव में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है, तो पाकिस्तान ऐसा करने वाला पहला देश हो सकता है.