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    दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों के साथ बैठक बड़ी सफलता रही: मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार

    बेंगलुरु, 28 जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में राज्य से निर्वाचित सांसदों के साथ अपनी बैठक को ‘बड़ी सफलता’ करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को हुई बैठक ने यह साबित कर दिया कि ‘‘एकता में ही ताकत है’’। उन्होंने रेखांकित किया कि कर्नाटक के विकास के लिए अलग-अलग दलों के नेताओं को मिलकर काम करने की जरूरत है।मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि इस बैठक को सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली और विपक्ष के नेताओं ने भी इसके उद्देश्य और मुख्यमंत्री के समावेशी दृष्टिकोण की सराहना की। सीएमओ के मुताबिक केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, शोभा करंदलाजे और वी. सोमन्ना, राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार, और राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने कहा कि उन्होंने ‘‘पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में सांसदों को ऐसी बैठक में शामिल होते नहीं देखा’’ और इसे ‘‘अपनी तरह की पहली घटना’’ बताया। बयान के मुताबिक उन्होंने बैठक बुलाने के लिए शिवकुमार की तारीफ की और इस प्रयास को ‘‘प्रशंसनीय’ करार दिया।सीएमओ ने कहा, ‘‘इस बैठक से एक स्पष्ट संदेश गया कि एकता में ही ताकत है।’’ बयान के मुताबिक, ‘‘नेताओं ने मुख्यमंत्री की उस अपील का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर कर्नाटक के विकास के लिए मिलकर काम करें।’’ बैठक में केंद्रीय मंत्री जोशी, सोमन्ना और करंदलाजे के साथ लोकसभा सदस्य बोम्मई, शेट्टार, पी सी गद्दीगौदर, सागर खंड्रे, डॉ मंजूनाथ, तेजस्वी सूर्या, पी सी मोहन, डॉ सुधाकर, सुनील बोस, प्रियंका जारकीहोली, प्रभा मल्लिकार्जुन, श्रेयस पटेल, यदुवीर वाडियार, बी वाई राघवेंद्र, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी और कोटा श्रीनिवास पुजारी शामिल हुए। राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति, जयराम रमेश, अजय माकन, सैयद नासिर हुसैन, नारायण भंडागे, एम नागराज, मंसूर खान और पवन खेड़ा भी बैठक का हिस्सा थे। सीएमओ के मुताबिक केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और एच.डी. कुमारस्वामी, साथ ही राज्यसभा सदस्य मल्लिकार्जुन खरगे, जग्गेश, लहर सिंह और डॉ. वीरेंद्र हेगड़े पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी।

    मेटा ने हटाया पीएम मोदी का वीडियो, बाद में दी सफाई

    मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर सफाई देते हुए कहा कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी थी। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, वीडियो गलती से रिमूव हुआ था जिसे अब बहाल कर दिया गया है।

    उप्र: संत गुरु रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में भरकर 27 राज्यों में भेजी जाएगी

    वाराणसी (उप्र), 28 जुलाई संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर सीर गोवर्धन स्थित उनकी जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में भरकर उत्तर प्रदेश सहित 27 राज्यों में भेजी जाएगी जहां गांव-गांव और बस्ती बस्ती में उसका पूजन कर संत रविदास के सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को प्रसारित किया जाएगा। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ लाल सिंह आर्य ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास महाराज की जन्मस्थली पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और देशभर से संत समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।संत रविदास की जयंती पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा के लिए भाजपा के प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में बैठक की जिसमें उन्होंने व्यवस्था, आगंतुकों के स्वागत, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा आदि की समीक्षा की। धर्मपाल सिंह ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और आध्यात्मिक चेतना का अमर संदेश देता है तथा उनके विचार आज भी समाज को एकता, सद्भाव और समरसता के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस बीच, लाल सिंह आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में जन्मस्थली की मिट्टी से भरे 131 कलशों का पूजन और आरती की जाएगी और एक जनसभा भी होगी जिसके लिए 28 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों से 131 टोलियां सीर गोवर्धनपुर पहुंचेंगी और कलशों में पवित्र मिट्टी भरी जाएगी।उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को सभी 131 कलश वाहनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों, देश के 27 राज्यों और छह क्षेत्रों के लिए रवाना किए जाएंगे। इन कलशों के माध्यम से रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी देशभर के गांवों और बस्तियों तक पहुंचाई जाएगी जहां उसका पूजन किया जाएगा। आर्य ने बताया भारतीय जनता पार्टी 29 जुलाई 2026 से लेकर 20 फरवरी 2027 तक देशभर में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास सामाजिक समरसता अभियान चलाने जा रही है जिसका मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है।’’ उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को देशभर के मंदिरों में दीपोत्सव मनाया जाएगा और कलश वंदन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

    कंधमाल हिंसा की जांच आयोग रिपोर्ट गायब होने के मामले में ओडिशा सीआईडी ने शुरू की जांच

    भुवनेश्वर, 28 जुलाई ओडिशा पुलिस के अपराध शाखा विभाग (सीआईडी) ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या और उसके बाद 2008 में कंधमाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी जांच आयोग की रिपोर्ट गायब होने के मामले में मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जब यह घटना हुई थी, तब राज्य में बीजू जनता दल (बीजद) की सरकार थी। इससे पहले इस मामले की जांच भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय कर रहा था।लेकिन मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को मामले की जांच सीआईडी को सौंपने का आदेश दिया था। रिपोर्ट गायब होने के मामले में 10 जून को राजधानी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच पुलिस आयुक्तालय कर रहा था। गृह विभाग के संयुक्त सचिव शरत चंद्र मरांडी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।शिकायतकर्ता ने कहा था कि इन दोनों रिपोर्टों के गायब होने की परिस्थितियां इस बात का संदेह पैदा करती हैं कि दस्तावेजों को जानबूझकर हटाया गया, अपने पास रखा गया, छिपाया गया, नष्ट किया गया या किसी अन्य अवैध तरीके से इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले को सीआईडी अपराध शाखा को उस समय सौंपा, जब तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों — नौकरशाह से नेता बने वीके पांडियन, यूएन बेहरा और राजेश वर्मा — पूछताछ के लिए समन भेजे जाने के बावजूद जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुए। आरोप है कि जून 2024 में सत्ता परिवर्तन के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो जांच आयोगों की रिपोर्ट गायब हो गई थीं।इसी दौरान बीजद सत्ता से बाहर हुआ था और राज्य में भाजपा की सरकार बनी थी। ये तीनों पूर्व आईएएस अधिकारी बीजद सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात थे, जब न्यायमूर्ति एएस नायडू आयोग ने 2016 में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। सीआईडी अपराध शाखा ने पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।इनमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत गायब करने, साक्ष्य के रूप में पेश किए जाने से रोकने के लिए दस्तावेज नष्ट करने और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी के पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष मिश्रा को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सीआईडी अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक अनिरुद्ध राउत्रे जांच की प्रगति की निगरानी करेंगे। नायडू आयोग की रिपोर्ट के अलावा 2016 में हुए सम अस्पताल अग्निकांड की राजस्व संभागीय आयुक्त जांच रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री कार्यालय से गायब होने की बात सामने आई है।हालांकि, सूत्रों के अनुसार सीआईडी अपराध शाखा केवल कंधमाल हिंसा से जुड़ी आयोग रिपोर्ट गायब होने के मामले की जांच करेगी। फाइलों के गायब होने की घटना के बाद ओडिशा में राजनीतिक विवाद उठ गया है। खासतौर पर कंधमाल हिंसा से जुड़ी नायडू आयोग की रिपोर्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई थी।बीजद ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट गायब नहीं हुई हैं, बल्कि भाजपा सरकार ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें दबा दिया है। पार्टी ने कहा कि सरकार पाठ्यपुस्तकों में गलतियों, बढ़ते अपराध और खाद की कमी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।

    Japan Earthquake Alert: 7.1 तीव्रता के भूकंप से दहला दक्षिणी जापान, JMA ने जारी की Tsunami Warning

    जापान के दक्षिणी हिस्से में 7.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता जापान के 'शिंडो' स्केल (झटकों को मापने का पैमाना) पर अधिकतम सात के स्तर पर मापी गई। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नुकसान की स्थिति का जल्द से जल्द आकलन करें। सरकार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे इंसानी जान को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दें और आपातकालीन आपदा राहत कार्यों में कोई कसर न छोड़ें। जापान सरकार ने कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाज़ाकी प्रांतों के लिए भूकंप की इमरजेंसी चेतावनी जारी की; ये सभी जापान के दक्षिणी क्यूशू द्वीप पर स्थित हैं।एक हफ़्ते में दूसरा भूकंप25 जून को उत्तरी जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं हुई और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ। जापान दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंप-संभावित देशों में से एक है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ़ फ़ायर" के पश्चिमी किनारे पर चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है। लगभग 12.5 करोड़ लोगों की आबादी वाले इस द्वीप समूह में हर साल सैकड़ों झटके महसूस किए जाते हैं और दुनिया के कुल भूकंपों में से लगभग 18 प्रतिशत यहीं आते हैं। इनमें से ज़्यादातर भूकंप हल्के होते हैं, हालाँकि इनसे होने वाला नुकसान उनकी जगह और ज़मीन की सतह के नीचे उनकी गहराई पर निर्भर करता है। यहाँ के लोगों के मन में 2011 में आए समुद्र के नीचे 9.0 तीव्रता वाले ज़बरदस्त भूकंप की यादें आज भी ताज़ा हैं; उस भूकंप के कारण आई सुनामी में लगभग 18,500 लोग मारे गए या लापता हो गए और फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट तबाह हो गया।

    रिसेप्शन नहीं होगा,लखनऊ में होगी शादी...रिंकू और प्रिया का वेडिंग प्लान

    Rinku Singh Priya Saroj Wedding: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और सांसद प्रिया सरोज की शादी को लेकर नई जानकारी सामने आई है. प्रिया ने बताया कि उनकी इच्छा गांव से शादी करने की थी, लेकिन अब शादी लखनऊ से होगी और अलग से रिसेप्शन नहीं होगा. उन्होंने बताया नवंबर या दिसंबर में चुनाव से पहले वह रिंकू के साथ फेरे ले लेंगी. 

    झारखंड में 16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, छह वांछितों पर था 39 लाख रुपये का इनाम

    रांची, 28 जुलाई झारखंड पुलिस के समक्ष मंगलवार को 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इनमें से छह माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ बासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है, जो 128 मामलों में वांछित था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था।उन्होंने कहा, ‘‘आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में से छह पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम था। इनमें पांच महिला सदस्य भी शामिल हैं। समूह में एक क्षेत्रीय समिति सदस्य और एक जोनल समिति सदस्य भी शामिल हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में उप-जोनल समिति के दो सदस्य और एरिया समिति के दो पदाधिकारी भी शामिल हैं।उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य संतोष महतो का आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। अधिकारी ने बताया, ‘‘संतोष महतो कई जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज 128 मामलों में वांछित था। उस पर एक मार्च को मनोहरपुर, छोटानागरा और जरियाकेला थाना क्षेत्रों की सीमा से लगे जंगल में हुए आईईडी विस्फोट में शामिल होने का आरोप था, जिसमें कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हुआ था।’’ झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने माओवादियों के आत्मसमर्पण को राज्य पुलिस की एक और बड़ी उपलब्धि बताया।उन्होंने कहा, ‘‘हम राज्य से उग्रवाद और अपराध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। झारखंड पुलिस राज्य को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के अपने लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।’’ अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के जोनल समिति सदस्य चंदन लोहरा ने भी आत्मसमर्पण किया। वह 78 मामलों में वांछित था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम था।पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने छह इंसास राइफल, दो एके-47 राइफल, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस पुलिस को सौंपे। हथियार डालने वालों में उप-जोनल समिति सदस्य अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल और सुखलाल बिरजिया उर्फ अकेला भी शामिल हैं। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था।इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन के एरिया समिति सदस्य सुदेश होंहागा उर्फ सोनाराम होंहागा और रिसिव ने भी आत्मसमर्पण किया। दोनों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, जोनल समिति सदस्य संतोष मांझी उर्फ जगबंधु ने भी पुलिस के सामने हथियार डाल दिए।पुलिस ने दावा किया कि पूरे झारखंड में चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक 93 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, 45 ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 22 माओवादी मारे गए हैं।

    अरुणाचल प्रदेश: केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने मुख्यमंत्री के रूप में 10 साल पूरे होने पर पेमा खांडू को बधाई दी

    ईटानगर, 28 जुलाई केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित संसद भवन में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से मुलाकात की और पूर्वोत्तर राज्य की सत्ता का नेतृत्व करने के 10 साल पूरे करने पर उन्हें बधाई दी। रीजीजू ने खांडू के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने पिछले दशक में अवसंरचना, सामाजिक क्षेत्र और शासन में सुधार के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज संसद भवन में अरुणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पेमा खांडू जी से मुलाकात की।उनके कार्यकाल के 10 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उनके नेतृत्व में राज्य ने अवसंरचना, सामाजिक क्षेत्र और शासन में सुधार के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।’’ खांडू ने केंद्रीय मंत्री का समर्थन के लिए आभार जताया और राज्य की विकास यात्रा का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता को दिया। मुख्यमंत्री ने 17 जुलाई 2016 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और हाल ही में राज्य सरकार के प्रमुख के तौर पर एक दशक पूरा किया है।

    'श्वेता ने लगाए झूठे आरोप-बना ड्राइवर', तलाक पर बोले राजा चौधरी

    श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की शादी सात साल चली, लेकिन घरेलू विवादों और परिवार के दबाव के कारण यह टूट गई. राजा ने आरोप लगाया कि श्वेता ने उन पर झूठे आरोप लगाए और उनकी मां का हस्तक्षेप शादी के टूटने की बड़ी वजह थी.

    बच्चे को स्कूल में डंस लिया सांप, स्कूल स्टाफ की लापरवाही से गई जान

    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक स्कूल में सांप के काटने से तीसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र अंशू की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि बच्चे ने शिक्षकों को सांप के काटने की जानकारी दी थी, लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया और न ही उसे अस्पताल भेजा गया. बाद में स्कूल ने बच्चे के बीमार होने की सूचना दी.

    देहरादून में भारी बारिश से पखवाड़े भर पहले खुला पुल का संपर्क मार्ग धंसा, यातायात रुका

    देहरादून, 28 जुलाई देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के भारी बारिश के कारण, करीब एक पखवाड़े पहले यातायात के लिए खोले गए पुल का संपर्क मार्ग धंस गया जिससे उस पर आवागमन रोक दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने नंदा की चौकी में स्थित पुल का गहनता से निरीक्षण किया और पाया कि उसका मूल ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से संपर्क मार्ग के नीचे की मिट्टी बह गई जिससे उसका एक हिस्सा धंस गया।अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद पुल पर यातायात प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर संबंधित एजेंसियों के तकनीकी कर्मचारी और पुलिस एवं प्रशासनिक अमला मौजूद है तथा क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए अतिशीघ्र मार्ग को ठीक कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे वाहनों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।देहरादून के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने भी बारिश के बीच तकनीकी इंजीनियरों की टीम के साथ स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क सुचारू करने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष सितंबर में आयी प्राकृतिक आपदा के दौरान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसके निकट एक वैकल्पिक अस्थाई पुल तैयार कर यातायात सुचारू कर दिया गया था। लेकिन इस माह की 12 तारीख को हुई भारी बारिश के दौरान वह अस्थाई पुल भी ढह गया जिसके बाद प्रशासन ने मरम्मत किए गए पुराने पुल को उसी दिन यातायात के लिए खोला था।कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार ने प्रदेश की जड़ें खोखली कर दी हैं जहां 16 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत किया गया पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका। सरकार की खराब कार्यशैली के विरोध में मौके पर धरना देने के बाद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार और प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपनी नाकामी छुपाने के लिए केवल संपर्क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘संपर्क मार्ग पुल का हिस्सा होता है और केवल संपर्क मार्ग के धंसने की बात कहकर आप अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।’’ धस्माना ने प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री को बर्खास्त किए जाने तथा पुल के मरम्मत कार्यों की निगरानी करने वाले इंजीनियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

    राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मौसम विभाग ने दी जानकारी

    जयपुर, 28 जुलाई राजस्थान के कई इलाकों में आज और कल एक नए परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है।साथ ही अन्य मानसूनी परिस्थितियों के कारण आज मंगलवार से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 29 जुलाई से कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर व बीकानेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी एवं अतिभारी बारिश हो सकती है।तीस जुलाई से दो अगस्त के दौरान भी पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहने तथा कहीं-कहीं भारी एवं अतिभारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं मंगलवार सुबह तक बीते चौबीस घंटों के दौरान राज्य में अनेक जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ एवं सिरोही जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई।सबसे अधिक 67.0 मिलीमीटर (भारी वर्षा) वर्षा राश्मी (चित्तौड़गढ़) और आबू रोड (सिरोही) में हुई।