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    ईरान के प्रस्ताव को ट्रंप ने कहा- नहीं मान सकते, फिर तेल में लगी आग

    Crude Oil Price Surge: कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में एक बार फिर से आग लगी नजर आ रही है. अमेरिका और ईरान में शांति प्रस्ताव पर सहमति न बन पाने की खबर के बाद Brent Crude का दाम एक झटके में 4.50 फीसदी उछल गया.

    Pakistan Terrorist Killed: हाफिज सईद का एक और करीबी पहुंचा जहन्नुम , भारत के एक और दुश्मन का काम तमाम

    पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा के एक टॉप कमांडर की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई. वह हाफिज सईद का करीबी था और भारत के खिलाफ साजिशों में शामिल रहा था. लगातार हो रही टारगेट किलिंग से आतंकी संगठन में डर और अस्थिरता बढ़ गई है.

    Motorola Razr Fold: मोटोरोला ला रहा है अपना फोल्डेबल स्मार्टफोन, इस दिन होगा भारत में लॉन्च, अभी जानिए फीचर्स

    Motorola Razr Fold: पिछले कई दिनों से मोटोरोला के फोल्डेबल स्मार्टफोन Motorola Razr Fold के लॉन्च को लेकर चर्चा चल रही है। लेकिन अब Motorola Razr Fold की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है।

    "शुभेंदु अधिकारी ने 5000 TMC कार्यकर्ताओं की जान बचाई", तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता रिजु दत्ता का बड़ा दावा

    तृणमूल कांग्रेस से निलंबित नेता रिजु दत्ता के सुर अचानक बदल गए हैं और उन्होंने बीजेपी नेता और सीएम शुभेंदु अधिकारी की तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए हैं।

    नॉर्थ कोरिया कब-कब किसी देश पर कर सकता है परमाणु हमला?

    नॉर्थ कोरिया के संविधान परमाणु हमलों को लेकर बने नियमों में बदलाव किया गया है और कहा गया है कि किम जोंग उन की हत्या हो जाती है तो परमाणु हमला किया जा सकता है.

    12 या 13 मई, अपरा एकादशी कब है? नोट करें सही तिथि

    Apara Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है और ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी के रूप में जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को जीवन के कष्टों से राहत मिलती है.

    नफरत की राजनीति या युद्ध की तैयारी? “दो विचारधाराओं की लड़ाई” कहकर क्या संदेश दे रहे हैं आसिम मुनीर?

    पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हालिया बयान ने एक बार फिर दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि मुनीर के भाषण लगातार ऐसी विभाजनकारी और नफरत फैलाने वाली सोच को बढ़ावा दे रहे हैं, जो भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी को और गहरा करती है। खास बात यह है कि पहलगाम आतंकी हमले से ठीक पहले मुनीर ने जो भाषण दिया था और अब भारत-पाक संघर्ष के एक साल पूरा होने के अवसर पर जो भाषण दिया है, उनमें एक समान विचारधारा साफ दिखाई देती है।रविवार को रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय में आयोजित समारोह में आसिम मुनीर ने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को “दो विचारधाराओं की लड़ाई” बताया। मुनीर ने दावा किया कि यह केवल दो सेनाओं या देशों के बीच पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि “सच्चाई और झूठ” के बीच निर्णायक संघर्ष था, जिसमें पाकिस्तान विजयी रहा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की रणनीति भारत से बेहतर थी और पाकिस्तान ने संघर्ष के दौरान भारत के 26 ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।इसे भी पढ़ें: Asim Munir के हवाई दावे, बोले- भारत के खिलाफ हमारी रणनीति बेहतर, India ने की थी सीज़फायर की मांगमुनीर का यह बयान उस समय आया है जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरा होने पर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख को दोहराया है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ढांचे उसकी पहुंच से बाहर नहीं हैं और देश अपनी सुरक्षा तथा आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा।हम आपको बता दें कि विशेषज्ञों और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले आसिम मुनीर द्वारा दिया गया भाषण इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि तैयार करने वाला साबित हुआ था। 17 अप्रैल 2025 को इस्लामाबाद में प्रवासी पाकिस्तानियों को संबोधित करते हुए मुनीर ने खुलकर कहा था कि मुसलमान और हिंदू “दो अलग राष्ट्र” हैं। उन्होंने कहा था कि दोनों समुदाय धर्म, परंपराओं, रीति रिवाजों और सोच के स्तर पर पूरी तरह अलग हैं और यही “दो राष्ट्र सिद्धांत” की बुनियाद है।अपने उसी भाषण में मुनीर ने कश्मीर को पाकिस्तान की “शहरग” यानि गले की नस बताया था और कहा था कि पाकिस्तान कभी भी कश्मीरियों को “भारतीय कब्जे” के खिलाफ उनके संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेगा। उनके इस बयान को कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी अत्यंत भड़काऊ और हिंदू विरोधी बताया था। भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की उत्तेजक भाषा ने आतंकवादी संगठनों को वैचारिक आधार और मनोबल दिया, जिसके बाद पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया गया।अब यदि अप्रैल 2025 के भाषण और रविवार को दिए गए भाषण की तुलना की जाए तो दोनों में एक स्पष्ट समानता दिखाई देती है। अप्रैल वाले भाषण में मुनीर ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच स्थायी वैचारिक विभाजन को रेखांकित किया था, जबकि अब उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संघर्ष को “दो विचारधाराओं की लड़ाई” बताया है। दोनों ही मौकों पर उन्होंने धार्मिक और वैचारिक पहचान को संघर्ष का आधार बनाने की कोशिश की। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की भाषा शांति और संवाद की संभावनाओं को कमजोर करती है तथा कट्टरता और नफरत को बढ़ावा देती है।विश्लेषकों के अनुसार मुनीर की बयानबाजी केवल सैन्य या राजनीतिक संदेश नहीं है, बल्कि वह पाकिस्तान में एक ऐसी सोच को मजबूत कर रही है जिसमें भारत विरोध और धार्मिक विभाजन को राष्ट्रीय पहचान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यही कारण है कि उनके भाषणों को लेकर पाकिस्तान के भीतर और बाहर दोनों जगह चिंता जताई जा रही है।इस बीच, पाकिस्तान में सेना के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि वह “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अगुवाई वाली टीम के एक साधारण कार्यकर्ता” हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और लोगों ने इसे पाकिस्तान की नागरिक सरकार पर सेना के बढ़ते प्रभुत्व का संकेत बताया।हम आपको यह भी बता दें कि अपने भाषण में आसिम मुनीर ने यह भी कहा कि भविष्य के युद्ध बहु आयामी होंगे और पाकिस्तान तकनीक, हथियारों तथा प्रशिक्षण के स्तर पर अपनी तैयारियां मजबूत कर रहा है। उन्होंने नई पनडुब्बियों, रॉकेट सेना और लड़ाकू विमानों की खरीद का भी उल्लेख किया। हालांकि साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि पाकिस्तान शांति चाहता है और अपनी प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखेगा।उधर, भारत का कहना है कि उसकी सभी कार्रवाइयां केवल सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हैं और उसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन जिस तरह पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की ओर से लगातार धार्मिक और वैचारिक विभाजन पर आधारित बयान दिए जा रहे हैं, उससे क्षेत्र में तनाव कम होने की बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इस तरह की नफरत फैलाने वाली भाषा जारी रही तो दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और भरोसे का वातावरण बनाना और कठिन हो जाएगा।बहरहाल, पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार की सैन्य हिमाकत, आतंकवादी दुस्साहस या भारत की संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश की गई, तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देने में कोई संकोच नहीं करेगा। पिछले वर्षों में भारत ने यह दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है और भविष्य में भी किसी भी खतरे को मिट्टी में मिलाने की पूरी ताकत और इच्छाशक्ति रखता है।

    ‘PM की अपील अलग, कंपनियों की जिद अलग!’ WFH पर सोशल मीडिया में चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वर्क फ्रॉम होम' सुझाव के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन बचाने की अपील के बीच पीएम मोदी ने लोगों से जहां संभव हो घर से काम करने की सलाह दी थी. इसके बाद इंटरनेट पर मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगे.

    UP में 'Yogi 2.0' का पूर्ण विस्तार: 60 मंत्रियों के साथ तैयार हुई 2027 की चुनावी टीम!

    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के तीसरे और अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. नए मंत्रिमंडल में ओबीसी, दलित, जाट और ब्राह्मण समुदायों को संतुलित प्रतिनिधित्व दिया गया है. पार्टी ने सामाजिक और जातीय समीकरण साधने के लिए कई नए चेहरों को मौका दिया. राजनीतिक विश्लेषक इसे समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण की काट के तौर पर देख रहे हैं.

    अपने ही पैर पर खुद मारी कुल्हाड़ी, किस टीम के लिए प्लेऑफ बना टेढ़ी खीर

    आईपीएल में इस साल राजस्थान रॉयल्स ने कमाल की शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद टीम की गाड़ी पटरी से उतर गई। टीम सात में ​से पिछले पांच मैच हार चुकी है और प्लेऑफ का रास्ता मुश्किल होता जा रहा है।

    सूजी-बेसन छोड़िए, इस बार बनाएं कद्दू के बीज का हलवा; शाही है स्वाद

    Kaddu Ke Beej Ka Halwa: क्या आप भी कद्दू के बीजों को कूड़ा समझकर फेंक देते हैं? अगर हां तो आप बहुत कुछ मिस कर रहे हैं. आप कद्दू के बीजों से स्वादिष्ट हलवा बना सकते हैं. ये न केवल स्वाद में कमाल होता है, बल्कि बहुत पौष्टिक भी होता है.

    Turkish Airlines Fire | काठमांडू एयरपोर्ट पर टर्किश एयरलाइंस के विमान में लगी आग, बाल-बाल बचे 277 यात्री

    नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (TIA) पर सोमवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब इस्तांबुल से आ रहे टर्किश एयरलाइंस के एक विमान में लैंडिंग के दौरान आग लग गई। विमान में सवार सभी 277 यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना के कारण हवाई अड्डे को उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार इस्तांबुल से आ रहा एक विमान काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जहां उसके दाहिने लैंडिंग गियर पर आग और धुआं दिखाई दे रहा था।इसे भी पढ़ें: Numerology 11 May: किन मूलांक वालों को मिलेगा Money और बंपर Success? जन्मतिथि से जानें अपना भविष्यफल  उन्होंने बताया कि आपात दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना के बाद सोमवार सुबह हवाई अड्डा बंद कर दिया गया। एयरबस 330 विमान में 277 यात्री सवार थे। अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने और हवाई अड्डे पर उपलब्ध एकमात्र रनवे को खाली कराने के प्रयास के दौरान यहां आने वाले कई विमानों को रोक दिया गया। नेपाल में पर्वतीय क्षेत्र होने और परिवर्तनशील मौसम से उड़ान परिस्थितियां कठिन होती हैं और अपेक्षाकृत अधिक विमान दुर्घटनाएं होती हैं। पुरानी यादें हुई ताज़ा:यह पहली बार नहीं है जब टर्किश एयरलाइंस के साथ काठमांडू में ऐसा हुआ हो।साल 2015 की घटना: घने कोहरे के बीच लैंडिंग करते समय टर्किश एयरलाइंस का एक विमान रनवे से फिसल गया था। उस हादसे के कारण हवाई अड्डा कई दिनों तक बंद रहा था।विमान बना संग्रहालय: 2015 की उस दुर्घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ था, और बाद में उस विमान को हटाकर काठमांडू में ही एक विमान संग्रहालय (Aviation Museum) में तब्दील कर दिया गया था।इसे भी पढ़ें: Somnath Amrit Mahotsav LIVE: सोमनाथ मंदिर के 75 साल; PM Modi की मौजूदगी में 11 तीर्थों के जल से होगा महा-कुंभाभिषेक फिलहाल तकनीकी टीम विमान की जांच कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके। यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और रनवे को जल्द ही सामान्य परिचालन के लिए खोलने की उम्मीद है। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi