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    बीवी-बच्चे को छोड़ AIIMS आया छात्र, लगाया उत्पीड़न का आरोप

    AIIMS मदुरै के दिव्यांग छात्र अरविंद कुमार ने वीडियो जारी कर संस्थान में मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाया. छात्र ने कहा कि उन्हें दिव्यांग होने के कारण परेशान किया जा रहा है और साथी छात्र उन्हें कॉलेज छोड़ने के लिए कहते हैं. उन्होंने वीडियो में मानसिक रूप से परेशान होने और आत्महत्या के विचार आने की बात भी कही. मामला सामने आने के बाद इंडिया टुडे ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद मदुरै पुलिस कॉलेज पहुंची और फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की. 

    8.94 करोड़ रुपये के हवाला मामले में Yasin Malik पर चलेगा मुकदमा, PMLA के तहत तय हुए आरोप

    एक विशेष NIA अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक और छह अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह मामला पाकिस्तान से हवाला के जरिए कथित विदेशी फंडिंग से जुड़ा है। अदालत ने निर्देश दिया है कि 19 नवंबर से अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज किए जाएं। प्रतिबंधित संगठन 'जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट' (JKLF) के चेयरमैन यासीन मलिक, दिल्ली की तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए और उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उन्होंने अदालत से कहा कि वह इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे। यह सुनवाई बंद कमरे में हुई।इसे भी पढ़ें: Bahraich POCSO Court ने बच्चे से कुकर्म के दोषी को सुनाई 20 वर्ष कारावास की सजाप्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि आरोपियों ने अपराध के जरिए 8.94 करोड़ रुपये की रकम जुटाई और हासिल की। ​​एजेंसी के अनुसार, यह पैसा हवाला के जरिए भेजा गया और इसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और विध्वंसक गतिविधियों को फंड देने के लिए किया गया। ED के आरोपों के अनुसार, कैश पहुंचाने वालों ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से पैसे लिए और उन्हें हुर्रियत नेताओं तक पहुंचाया। एजेंसी का आरोप है कि यह पैसा पाकिस्तानी प्रतिष्ठान (पाकिस्तानी तंत्र) से आया था और इसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया गया था।यह मामला 2017 में दर्ज NIA की एक जांच से जुड़ा है। ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में 14 जून 2017 को अपनी शिकायत दर्ज की थी। ये आरोप अभियोजन पक्ष के मामले का हिस्सा हैं और मुकदमे के दौरान इनकी जांच की जाएगी। 9 सितंबर को, विशेष NIA अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सात आरोपियों के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत आरोप तय किए जाएं। अदालत ने माना कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से आरोपियों के खिलाफ गहरा संदेह पैदा होता है, जिससे अब मामले की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।इसे भी पढ़ें: Sabarimala Temple के लिए 11,000 लीटर Milma Ghee हेराफेरी मामले में ठेकेदार गिरफ्तारयासीन मलिक के अलावा, आरोपियों में जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम और अब्दुल रशीद शेख शामिल हैं। इस मामले में नवल किशोर कपूर और ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी मुकदमा चल रहा है। यासीन मलिक फिलहाल तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्हें 2022 में टेरर-फंडिंग (आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने) के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। 

    जिहाद का जमाना आ गया है...मुंबई ATS को मिली बड़ी कामयाबी, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध को दबोचा

    महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) द्वारा मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने के बाद, कुछ ऐसी टिप्पणियां जांच के दायरे में आ गई हैं जिनमें कथित तौर पर जिहाद का आह्वान किया गया, मुसलमानों से हथियार उठाने को कहा गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की वकालत की गई। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है, और उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' से जुड़े होने का संदेह है। ATS की कालाचौकी यूनिट ने एक गुप्त सूचना के आधार पर माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से अख्तर को गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, वह रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के रूप में काम करता था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देने, सांप्रदायिक नफरत फैलाने और देश-विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए करता था। जांचकर्ताओं ने एक्स और इंस्टाग्राम पर उससे जुड़े अकाउंट्स से किए गए कई कमेंट्स की पहचान की है।इसे भी पढ़ें: Manoj Jarange के 500 करोड़ रुपये वाले ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराएगी महाराष्ट्र सरकारजिहाद, हथियारों और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर किए गए कमेंट्स जांच के दायरे में हैंजांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, अख्तर ने कथित तौर पर धार्मिक विवादों, सांप्रदायिक घटनाओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आई खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जवाब में कमेंट्स किए थे। 15 मई 2026 को, 'द मुस्लिम' (@TheMuslim786) नाम के एक अकाउंट ने X पर 'कमल मौला मस्जिद' फैसले और उसकी तुलना 'बाबरी मस्जिद' मामले से करते हुए एक पोस्ट की थी। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर लिखा, "अब जिहाद का ज़माना आ गया है।" उसी दिन, उसने 'वकार हसन' (@WaqarHasan1231) के एक पोस्ट पर भी कमेंट किया। यह पोस्ट ओडिशा में VHP और बजरंग दल द्वारा आयोजित 'शौर्य प्रशिक्षण शिविर 2026' के बारे में थी। बताया जाता है कि इस शिविर में हिंदू युवाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर कमेंट किया हर मुस्लिम को भी हथियार रखना चाहिए, उठाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: Supriya Sule के Spycam Pen वाले आरोप पर Devendra Fadnavis का तंज, बोले- यह डिवाइस क्या है?27 सितंबर 2026 को, 'द मुस्लिम' ने 600 साल पुरानी 'शाही मस्जिद' को बचाने के लिए स्थानीय लोगों के इकट्ठा होने के बारे में एक पोस्ट की थी। इसके जवाब में आरोपी ने लिखा, "जिहाद करो भाई लोग, अल्लाह के लिए, अगर हिंदुस्तान में इस्लाम, मस्जिद और मदरसे देखना चाहते हो तो।" जांचकर्ताओं ने 26 सितंबर, 2026 को किए गए एक कमेंट की ओर भी ध्यान दिलाया। यह कमेंट एक न्यूज़ पोर्टल द्वारा शेयर की गई उस रिपोर्ट के जवाब में किया गया था, जिसमें राजस्थान में एक पुलिस स्टेशन के बाहर एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या की बात कही गई थी। आरोपी ने कथित तौर पर लिखा था, "फिर हम आतंकवादी होंगे, तो ये लोग परेशान होंगे।इंस्टाग्राम पर किए गए एक कमेंट में कथित तौर पर पीएम मोदी पर हमले की बात कही गई हैजांच के दौरान @hasanshaikh6603 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट की भी पड़ताल की गई, जिसे ATS ने आरोपी से जुड़ा बताया है। अन्य अकाउंट्स के कंटेंट पर किए गए कई कमेंट्स को चिह्नित (flag) किया गया है। 8 सितंबर 2026 को, 'dcn_Mumbai' नाम के अकाउंट ने पीएम मोदी के मुंबई दौरे से पहले सुरक्षा में चूक को लेकर एक पोस्ट शेयर की। इसमें बताया गया कि BKC वेन्यू पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और एक बंदूक जब्त की गई है। इसके जवाब में, आरोपी ने कथित तौर पर कमेंट किया, कुछ करना था इंदिरा गांधी की तरह मोदी को भी, भाई लोग। यह कमेंट पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर हुए हमले की तरह ही, पीएम मोदी पर भी हमले का आह्वान करता हुआ प्रतीत होता है। बता दें कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर किया गया यह कमेंट आरोपी का ही है। 

    US में पकड़ा गया मोस्ट वांटेड हिमांशु भाऊ, डिपोर्टेशन की तैयारी में Haryana STF

    मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया ने विदेश से अपना काम चलाते हुए, गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदली और फर्जी पासपोर्ट हासिल किए। अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा जारी नई जानकारी से पता चला है कि 22 अक्टूबर को अमेरिका में पकड़े जाने से पहले, ये दोनों किस तरह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नज़र से बचकर रहने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली जैसे कई आपराधिक मामलों में वांछित इन दोनों गैंगस्टरों ने अपनी असली पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। हिमांशु भाऊ ने 'हिमांशु सिग्रोहा' नाम से पासपोर्ट बनवाया था, जबकि नीरज फरीदपुरिया ने 'नीरज कौशिक' नाम का इस्तेमाल किया। इंडिया टुडे को यह भी पता चला है कि फरीदपुरिया 2025 के आखिरी महीनों में पुर्तगाल से अमेरिका चला गया था।इसे भी पढ़ें: पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई, DGP Gaurav Yadav ने दी सख्त चेतावनीइन दोनों को पकड़ने का ऑपरेशन ICE की मदद से चलाया गया। दोनों गैंगस्टर फिलहाल अमेरिका के नेवादा में हेंडरसन काउंटी डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। दो लोगों को अमेरिका में पकड़ा गया था। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उन्हें भारत वापस लाने (डिपोर्टेशन) के लिए अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। इससे पहले, अगस्त 2023 में, भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध पर भाऊ के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। वह नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की 'वांटेड' सूची में भी शामिल रहा है। उस समय, पुलिस ने बताया था कि वह 18 मामलों में वांछित (वांटेड) था।'रेड नोटिस' का उद्देश्य सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने में मदद मांगना है, ताकि प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्यवाही पूरी होने तक उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके। यह कोई अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है; उस व्यक्ति के खिलाफ कोई भी कार्रवाई उसी देश के कानूनों के अनुसार होगी, जहां वह पाया जाता है।कौन है हिमांशु भाऊ?हरियाणा का गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, जिसका असली नाम हिमांशु रितोलिया है, भारत के सबसे वांछित भगोड़ों में से एक है। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का विरोधी है। हरियाणा के रोहतक का रहने वाला भाऊ, विदेश में रहकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में एक आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोपी है। 2002 में जन्मा भाऊ किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में आ गया था। 2020 में वह अन्य कैदियों के साथ एक बाल सुधार गृह से भाग गया था। पुलिस ने उसे हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, अवैध हथियारों और आपराधिक साजिश के मामलों से जोड़ा है। पुलिस का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए अपने साथियों के जरिए भारत में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था। 

    Sonia Gandhi ने याद की पहली मुलाकात, Rajiv Gandhi की सौम्यता ने छू लिया था दिल

    कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने अपने दिवंगत पति एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से पहली मुलाकात और उनके प्रेम संबंध की शुरुआत के दिनों को याद करते हुए शनिवार को कहा कि राजीव बेहद सौम्य और आकर्षक थे तथा उनकी सौम्यता ने उन्हें पहली मुलाकात में ही प्रभावित कर दिया था। सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी आगामी आत्मकथा से जुड़ा एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात और उनके प्रेम संबंध की शुरुआत के दिनों को याद किया। इंस्टाग्राम के बाद सोनिया गांधी अब ‘एक्स’ पर भी आ गई हैं और यह इस मंच पर उनकी पहली पोस्ट है।उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कैम्ब्रिज के एक छोटे से यूनानी रेस्तरां में मेरी प्रेम यात्रा शुरू हुई।’’ सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘राजीव और मैंने प्रेम, खुशी और यादों से भरी अपनी एक दुनिया बनाई। मैं 10 नवंबर को उस दुनिया को आप सबके साथ साझा करूंगी।’’ उनकी आत्मकथा ‘‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’’ 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। वीडियो में सोनिया गांधी ने इंग्लैंड में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय वहां का खाना उन्हें पसंद नहीं था और आज की तरह इतने अधिक रेस्तरां भी नहीं हुआ करते थे।उन्होंने कहा कि वह लगातार ऐसे रेस्तरां की तलाश में रहती थीं, जहां उन्हें अपनी पसंद का, खासकर इतालवी खाना मिल सके। सोनिया गांधी ने कहा कि इसी तलाश के दौरान उन्हें कैम्ब्रिज में एक यूनानी रेस्तरां मिला, जहां कई छात्र भोजन करने आया करते थे। उन्होंने कहा कि वहां यूरोपीय छात्रों के अलावा बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी आते थे और इसी रेस्तरां में उनकी पहली मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी।सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘जब मैं उनसे पहली बार मिली तो मुझे उसी समय महसूस हुआ कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ मैं जिंदगी गुजारना चाहूंगी। बाद में मुझे पता चला कि उनकी भी मेरे प्रति यही भावना थी।’’ उन्होंने अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए यह भी कहा कि उनके और राजीव गांधी के एक साझा मित्र ने दोनों का परिचय कराया था। सोनिया गांधी ने कहा कि इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और वे दोस्तों के साथ पार्टियों में जाने तथा विभिन्न जगहों पर घूमने लगे।उन्होंने उस समय की एक ‘वैलेंटाइन पार्टी’ का भी जिक्र किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। सोनिया ने राजीव गांधी के व्यक्तित्व के बारे में कहा, ‘‘वह बेहद सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक, वह बहुत आकर्षक थे लेकिन उनकी सौम्यता साफ झलकती थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसी बात थी जिसने मेरे दिल को वास्तव में छुआ और मुझे प्रभावित किया।’’ सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव गांधी से अपनी पहली मुलाकात के उन पलों को वह कभी नहीं भूल सकतीं।

    Sonia Gandhi ने X पर किया डेब्यू, अपनी पहली किताब से दुनिया को कराया रूबरू

    कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कदम रखा। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपनी प्रेम कहानी को याद किया और बताया कि उनकी पहली मुलाकात कैम्ब्रिज के एक ग्रीक रेस्तरां में हुई थी। यह वीडियो उनकी संस्मरण पुस्तक 'बिनांगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) के रिलीज़ होने से पहले शेयर किया गया है। इसमें राजीव के साथ उनके शुरुआती रिश्ते की झलक मिलती है—जैसे कि उन्हें राजीव की कौन सी बात सबसे पहले अच्छी लगी और कैसे उनकी दोस्ती आगे बढ़ी।इसे भी पढ़ें: Sonia Gandhi ने Instagram पर किया डेब्यू, अपनी किताब की पहली झलक की साझासोनिया गांधी ने X पर अपनी पहली पोस्ट में लिखा कि कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां में मेरी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई। उन्होंने आगे कहा कि राजीव और मैंने प्यार, हंसी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई। 10 नवंबर को, मैं उस दुनिया को आपके साथ साझा कर रही हूं। वीडियो में सोनिया पुरानी तस्वीरें देखती हुई नज़र आ रही हैं, और साथ ही वह इंग्लैंड में अपने विद्यार्थी जीवन और उन हालात को याद कर रही हैं, जिनकी वजह से राजीव के साथ उनकी पहली मुलाक़ात हुई थी।उन्होंने बताया कि उस समय इंग्लैंड में खाना बहुत अलग हुआ करता था, इसलिए वह ऐसे रेस्तरां खोजने लगीं जहाँ उन्हें इटैलियन खाने जैसा कुछ मिल सके, जिसकी उन्हें आदत थी। उन्होंने याद करते हुए कहा कि उन दिनों इंग्लैंड में खाना बहुत खराब होता था। तब आज की तरह इतने सारे रेस्तरां नहीं हुआ करते थे। अपनी तलाश के दौरान वह कैम्ब्रिज के एक ग्रीक रेस्तरां तक ​​पहुँच गईं, जो वहाँ के यूरोपीय और भारतीय छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय था।इसे भी पढ़ें: संसदीय सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी, Rahul Gandhi के आवास पर जुटे INDIA के दिग्गजउन्होंने बताया कि यह एक ग्रीक रेस्तरां था जहाँ कई छात्र—खासकर यूरोपीय और भारतीय छात्र—खाना खाने जाया करते थे। और इसी रेस्तरां में मेरी मुलाकात राजीव से हुई। राजीव के बारे में अपनी पहली छाप को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें तुरंत ही एक खास जुड़ाव महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार उनसे मिली, तो मुझे तुरंत ही लग गया कि ये वो इंसान हैं जिनके साथ मैं रहना चाहूँगी। और बाद में मुझे पता चला कि उनके मन में भी बिल्कुल ऐसा ही था। In a small Greek restaurant in Cambridge my journey of love began. Rajiv and I created a world filled with love, laughter and memories. On 10th November, I share that world with you. https://t.co/zvN5Rqqstf— Sonia Gandhi (@SoniaGandhi) October 24, 2026

    तुर्की-कतर-इंडोनेशिया के साथ पाक का नया समझौता, क्या भारत के लिए खतरा? देखें कूटनीति

    पाकिस्तान ने अपनी सैन्य साझेदारियों को बढ़ाने का एक और नया रास्ता निकाल लिया है. इस नए समीकरण में तुर्किये के पास सैन्य तकनीक है, कतर के पास पैसों की ताकत है, इंडोनेशिया के पास रक्षा निर्माण का अनुभव है और पाकिस्तान के पास अपना सैन्य ढांचा और हथियारों के नए सप्लायर जुटाने की मजबूरी. चार देश, एक नया रक्षा समझौता और एक बेहद ऐतिहासिक नाम- 'बद्र'. कूटनीति में आज बात दोहा में हुए 'बद्र' रक्षा समझौते, पाकिस्तान की नई घेराबंदी और भारत पर इसके असर की.

    दिल्ली की हवा में मामूली सुधार: AQI 'खराब' से सुधरकर 'मध्यम' श्रेणी में पहुँचा; जानें अपने इलाके का हाल और GRAP-I की पाबंदियां

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में शनिवार सुबह मामूली सुधार दर्ज किया गया। शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 190 दर्ज किया गया, जिससे हवा का स्तर 'खराब' श्रेणी से सुधरकर वापस 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में आ गया है। हालांकि, राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी चिंताजनक बना हुआ है, जहाँ AQI 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इससे पहले शुक्रवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 223 और गुरुवार को 226 दर्ज किया गया था—जो दोनों ही 'खराब' (Poor) श्रेणी में आते हैं।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह सुधार तब आया है जब शुक्रवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 223 और गुरुवार को 226 दर्ज किया गया था - ये दोनों ही 'खराब' श्रेणी में आते हैं। शनिवार को जहां कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों ने हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' बताई, वहीं कई अन्य जगहों पर प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना रहा।आज दिल्ली का AQI: अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता अलग-अलग है, जो 'मध्यम' और 'खराब' श्रेणियों में बंटी हैCPCB के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को जहांगीरपुरी में AQI 276, पंजाबी बाग में 251 और रोहिणी में 239 दर्ज किया गया - ये सभी 'खराब' श्रेणी में आते हैं। अन्य इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' रही, जिनमें अलीपुर (258), बवाना (246), NIH नरेला (244), नॉर्थ कैंपस (दिल्ली यूनिवर्सिटी - 229), IIT दिल्ली (227), चांदनी चौक (208), पटपड़गंज (201) और आरके पुरम (250) शामिल हैं।इसके विपरीत, कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' रही। आनंद विहार में AQI 175, IGI एयरपोर्ट (T3) पर 174, JNU में 179 और इग्नू मैदान गढ़ी में 146 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रही, जहां AQI क्रमशः 159 और 189 दर्ज किया गया।प्रदूषण को लेकर दिल्ली के लोग क्या कह रहे हैं? प्रदूषण के आंकड़ों के बावजूद, कुछ निवासियों का कहना है कि उन्हें हालात बहुत चिंताजनक नहीं लगे। स्थानीय निवासी तुषार ने ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें कोई खास प्रदूषण महसूस नहीं हुआ और विजिबिलिटी (दृश्यता) भी साफ थी।तुषार ने कहा, "मैं अक्सर दिल्ली और कानपुर के बीच आता-जाता रहता हूँ। यहाँ के मौसम को देखते हुए, मुझे कोई खास प्रदूषण नहीं दिख रहा है। हो सकता है कि दिवाली के बाद पटाखों की वजह से कुछ असर दिखे, लेकिन अभी मुझे प्रदूषण के स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं लग रहा है। इसलिए मुझे लगता है कि अभी मौसम ठीक है और विजिबिलिटी भी काफी साफ है।"एक अन्य निवासी, कमल ने प्रदूषण के स्तर को 'मध्यम' बताया और कहा कि अभी सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। कमल ने कहा, "अभी प्रदूषण मध्यम स्तर पर है, बहुत ज्यादा नहीं है। इस समय आप आसानी से सांस ले सकते हैं, प्रदूषण उतना ज्यादा नहीं है।"दिल्ली-NCR में GRAP का पहला चरण (Stage-I) लागूहवा की गुणवत्ता 'खराब' (poor) श्रेणी में रहने के कारण, 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने बुधवार को दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) का पहला चरण (Stage-I) लागू कर दिया। यह फैसला GRAP उप-समिति की समीक्षा के बाद लिया गया, जिसने पूरे क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और प्रदूषण को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार किया।इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP के पहले चरण (Stage-I) के उपायों को लागू करने की समीक्षा के लिए अंतर-राज्य समन्वय बैठक की। इसमें दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का पालन न करने वाली बसों को दूसरे रास्तों पर भेजने, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू करने, प्रदूषण प्रमाणपत्रों की जांच करने, और सड़क की धूल तथा निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे CAQM के दिशानिर्देशों को तय समय के भीतर लागू करें और आपसी तालमेल को बेहतर बनाएं। इसका मकसद नियमों का सख्ती से पालन कराना और हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है।शुक्रवार को दिल्ली का AQI: कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अधिक रहाशुक्रवार के लिए CPCB के आंकड़ों से पता चला कि दिल्ली के कई हिस्सों में AQI का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में 284, रोहिणी में 281, पंजाबी बाग में 275 और बवाना में 269 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 263, अलीपुर में 257, चांदनी चौक में 245 और आया नगर में 231 दर्ज हुआ। ये सभी इलाके 'खराब' (poor) श्रेणी में आते हैं।CPCB के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 0 से 50 तक के AQI को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है। शनिवार सुबह दिल्ली का कुल AQI 'मध्यम' श्रेणी में आ गया, लेकिन अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े बताते हैं कि पूरी राजधानी में प्रदूषण का स्तर एक समान नहीं है।

    ASI को खंभे से बांधकर पीटा, ग्रामीणों ने कहा- नशे में हंगामा कर रहे थे

    झारखंड के साहिबगंज में पुलिस की वर्दी पहने एक ASI को ग्रामीणों ने बिजली के खंभे से बांधकर पीटा. घटना तालझारी थाना क्षेत्र के मोतीझरना बाजार की है. ASI चिंटू कुमार पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में हंगामा करने का आरोप लगा है. घटना का वीडियो वायरल है. पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने ASI को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

    सऊदी छोड़िए अब तो रेंज में UAE, हूती तो गजब कर रहे हैं, कांप गए अंसारुल्लाह के दोनों दुश्मन

    यमन के अंसारुल्ला और सऊदी अरब के दरमियान जंग बढ़ती ही जा रही है। हूती सऊदी के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा हमलावर हो रहे हैं। अब उनकी दबिश सऊदी के तेल फैसिलिटी को ठिकाने लगाने की है। लगातार इससे जुड़ी खबरें आ रही हैं। सऊदी के पोर्ट और ऑयल फील्ड पर हमले बढ़े हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में जो सबसे बड़ा हमला हुआ है हूतियों का वह सऊदी अरब की अलशबा ऑयल फील्ड पर हुआ है। अलशबा सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित एक विशाल और रणनीतिक कच्चे तेल का उत्पादन केंद्र है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे गर्म रेगिस्तानों में से एक रूब अलखाली के उत्तरी किनारे पर मौजूद है। कहा जाता है कि 1 मिलियन बैरल पर डे की इसकी ऑयल प्रोडक्शन है। तो इस अलशबा ऑयल फील्ड को हूतियों ने हैवी ड्रोन और मिसाइलों से टारगेट किया है। एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे यह भी पता चल रहा है कि टेरिटोरियल गेंस बढ़ा है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा रहा है कि हूती कौन से ड्रोन और मिसाइल यूज़ कर रहे हैं सऊदी के खिलाफ। यानी हूती जहां मौजूद हैं, वहां से अलशबा ऑयल फील्ड 1100 कि.मी. की दूरी पर है। हूतियों की मिसाइल रेंज करीब 1000 किमीकी है। इसका मतलब यह हुआ कि वो सऊदी के और करीब आ रहे हैं और अपनी 1000 किमी की रेंज वाली मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल करने की स्थिति में आ गए हैं। तभी यह मिसाइलें वहां पहुंच भी पा रही हैं। इसे भी पढ़ें: सुरक्षा कारणों से IndiGo ने Saudi Arabia की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रोकींखास बात यह है कि सऊदी की अलशबा ऑयल फील्ड यूएई से सिर्फ 23 किमी की दूरी पर है। यानी कुछ ही मिनट की दूरी से यूनाइटेड अरब अमीरात शुरू हो जाता है। जानकार कहते हैं कि यही वजह है कि यूएई अंसारुल्लाह के खिलाफ सऊदी के फेवर में खुलकर लड़ना नहीं चाहता है। क्योंकि उसे पता है कि अगर सऊदी के इन इलाकों तक अंसारुल्ला के मिसाइल और ड्रोन पहुंच रहे हैं तो उससे 2025 किमी आगे यूएई तक भी पहुंच सकते हैं। यूएई जानता है कि अगर ऐसा हुआ तो तबाही मच जाएगी। अलशबा के आसपास यूएई के कई ऑयल फील्ड हैं। मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एंबेसी से अपने एंप्लाइज और उनकी फैमिली को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का हुक्म दे दिया है। जिस तरह हूतियों से उलझ कर सऊदी अरब को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उससे अमेरिका को खदशा पैदा हो गया है कि कहीं हूती उसके ठिकानों पर मारना ना शुरू कर दें। अभी तक अमेरिका हूती सऊदी जंग में सीधे नहीं उतरा है और यमन में हूतियों से भिड़ने का उसका पुराना अनुभव बहुत ही खराब रहा है। इसे भी पढ़ें: Yemen Coast पर 14 भारतीयों वाली नौका की घटना पर दूतावास जुटा रहा तथ्यहूती लड़ाकों ने सऊदी के एयरपोर्ट तेल फैसिलिटी और बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन मारे हैं। बुधवार को भी जो हमले हुए थे उनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। इनमें दम्माम के इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हमला और एक तेल फैसिलिटी पर किया गया ड्रोन अटैक शामिल रहा। ना सऊदी का कोई कोना बचा है ना ही कोई एयरपोर्ट बचा है। लगातार हमलों के बीच सऊदी समर्थित सेना पूरी तरीके से असहाय नजर आने लगी है। पुती ना सिर्फ सऊदी के अंदर तक हमले कर रहे हैं बल्कि सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेना के कब्जे वाले इलाके भी अब हाथ से छूटते जा रहे हैं। हजारों के ड्रोन से करोड़ों के सामान तबाह किए जा रहे हैं। हूतियों की ओर से जारी नए फुटेज ने दुनिया को हैरान कर दिया। परेशान कर दिया। यमन के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक मारी व मोर्चे से जारी इस खौफनाक फुटेज ने अमेरिका, इसराइल और सऊदी अरब की सैन्य रणनीतियों की धज्जियां उड़ाकर रख दी। हूतियों ने यह दिखाया कि कैसे दुनिया के सबसे आधुनिक हथियार यमनियों के देसी हथियार से कबाड़ किए जा सकते हैं।इसे भी पढ़ें: Yemen Coast पर 14 भारतीयों वाली नौका की घटना पर दूतावास जुटा रहा तथ्यअंसारुल्ला यानी हूती लड़ाकों ने अपनी लेटेस्ट और घातक शुद्ध फाइबर ऑप्टिक एफपीवी ड्रोन टेक्नोलॉजी का ऐसा लाइव ऑपरेशन जारी किया है जिसे देखकर बड़े-बड़े डिफेंस एक्सपर्ट के भी पसीने छूट गए हैं। सामने आए इस वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे अंसारुल्लाह के ऑपरेटर्स ने पीएलसी और सऊदी समर्थित फौजों के सबसे मजबूत माने जाने वाले T5 एएम2 टैंक को बख्तरबंद गाड़ियों, तकनीकी वाहनों और सीमा पर गश्त लगा रहे जवानों को चुन चुनकर अपना निशाना बना लिया। इतना ही नहीं दूसरे ड्रोन से इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। 

    रेस्टोरेंट और ऑनलाइन फूड की बाइट में खतरा? अंडरकवर पड़ताल में उड़े होश

    दिल्ली के कई फूड जॉइंट्स पर हुई अंडरकवर पड़ताल के दौरान किचन की सफाई, खाने की चीजों के रखरखाव, हेडकवर के इस्तेमाल, पेस्ट कंट्रोल और निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल किए गए.