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    10 बीघा जमीन, मुआवजे और मकान का विवाद:नोएडा में 5 लोगों की मौत पर उठे सवाल, भाभी ने कहा- जहर दिया गया

    5 hours ago

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    नोएडा के रबूपुरा के नगला श्रीपदम गांव में महेश (37), पत्नी ललिता (35), बेटे लड्डू (11), साक्षत (3) और बेटी मिष्टी (7) की मौत के बाद पैतृक संपत्ति का विवाद सामने आया है। महेश की भाभी नीरजा ने सास चंद्रावती, ननदों और ननदोई पर साजिश के तहत जहरीला पदार्थ खिलाने की बात कही। ललिता के मायके पक्ष ने भी साजिश की आशंका जताई है। वहीं, डीआईजी राजीव नारायण मिश्र ने बताया- शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग का मामला लग रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। देर रात तक पांचों शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक ही परिवार की 5 अर्थियां एक साथ उठने से गांव का हर शख्स दुखी नजर आया। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास करीब 10 बीघा जमीन थी। जमीन के अधिग्रहण पर वर्ष 2009 में यमुना प्राधिकरण से मुआवजा मिला था। इससे बिलासपुर और सिकंदरपुर में भी जमीन खरीदी। अब चर्चा है कि महेश की मां चंद्रावती ने जमीन और मकान अपनी तीन बेटियों के नाम कर दिए थे। इसे लेकर मां-बेटे के बीच अनबन की बात सामने आई है। 10 बीघा जमीन और मुआवजे को लेकर सवाल महेश के पिता किशनलाल रेलवे में कार्यरत थे। करीब 20 साल पहले वह पत्नी चंद्रावती के साथ दिल्ली के खेड़ाकला गांव से नगला पदम आकर रहने लगे थे। यहां किशनलाल ने चंद्रावती के नाम 2000 से 2005 के बीच नगला पदम सिंह गांव में करीब 10 बीघा जमीन खरीदी थी। 2009 में यमुना प्राधिकरण से जमीन के बदले करीब 1.25 करोड़ रुपए मुआवजा मिलने का दावा किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि मुआवजे की रकम किशनलाल ने अपनी तीनों बेटियों को दी थी। 2023 किशनलाल की मौत हो गई थी। इसके बाद महेश की मां चंद्रवती ने दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान भी बेटियों के नाम कर दिया था। आरोप है कि 18 अगस्त 2025 को 167 वर्गमीटर का मकान भी एक बेटी को बेच दिया गया। महेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इसी मकान में रहते थे। 6 महीने पहले छोटी बेटी के नाम किया मकान ग्रामीणों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले चंद्रावती ने गांव में स्थित पैतृक मकान छोटी बेटी के नाम कर दिया था। बताया जा रहा है कि महेश को इसकी जानकारी कुछ दिन पहले हुई थी। इसके बाद मां-बेटे के बीच तनाव बढ़ने की चर्चा है। महेश मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। ऐसे में जमीन और मकान को लेकर चल रहा विवाद परिवार के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया था। हालांकि, मकान किस दस्तावेज के आधार पर छोटी बेटी के नाम किया गया और संपत्ति का वास्तविक बंटवारा कैसे हुआ, इसकी पुष्टि होना बाकी है। संपत्ति विवाद का मौतों से क्या संबंध? परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। क्या महेश को पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं मिल रहा था? क्या जमीन और मकान के नामांतरण को लेकर परिवार में तनाव बढ़ा था? क्या संपत्ति विवाद का पांचों की मौत से कोई संबंध है? फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। मेले से लौटकर खाए नूडल्स, सुबह मिले शव शुक्रवार यानी 16 अक्टूबर की रात महेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रबूपुरा अनाज मंडी में चल रही रामलीला और काली के मेले में गया था। रात करीब 10 से 10:30 बजे परिवार घर लौटा। इसके बाद सभी ने मैगी खाई और सो गए। शनिवार सुबह करीब आठ बजे महेश के बड़े बेटे लड्डू का दोस्त उसे स्कूल जाने के लिए बुलाने पहुंचा। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो घर में पांच लोगों की मौत का पता चला। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। महेश के मोबाइल में मिला ऑडियो, परिचितों को ठहराया मौत का जिम्मेदार जांच के दौरान पुलिस के हाथ महेश का मोबाइल लगा है जिसमें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने की बात सामने आ रही है। चर्चा है कि इस ऑडियो में महेश ने कुछ परिचितों को अपनी और अपने परिवार की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस इन 3 एंगल से मामले की जांच कर रही --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मेरठ सांप कांड-जज ने फैसले में 4 बड़ी हत्याएं गिनाईं:दामिनी, इल्मा, सोनम, सिया का नाम लिया; जानिए कौन हैं ये लड़कियां मेरठ के सांप कांड में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को 16 अक्टूबर को सजा-ए-मौत दी गई। जजमेंट में जज ने सिर्फ रविता केस का जिक्र नहीं किया। देश में सामने आए ऐसे कई मामलों को भी फैसले का हिस्सा बनाया, जिनमें प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश पत्नी ने रची। पढ़िए पूरी खबर
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