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    100 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का खुलासा:एसटीएफ ने पुणे से आरोपी दबोचा, इंदिरानगर में दर्ज हुआ था मुकदमा

    1 hour ago

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    यूपी एसटीएफ ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में बनाकर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट आईटीसी बेचकर करोड़ों की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने गिरोह के एक सदस्य को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जीएसटी चोरी से संबंधित इंदिरानगर थाने में भी मामला दर्ज हुआ था। जीएसटी विभाग की तरफ से प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज मुकदमों के तहत इंदिरा नगर थाने में दर्ज केस की जांच में एसटीएफ लगी थी। इस दौरान में एसटीएफ की टीम शनिवार को पुणे में जांच कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह का एक सदस्य पुणे के विमान नगर इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों रईस, केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली और मुन्तजिर के साथ मिलकर महाराष्ट्र और गुजरात में अकाउंटेंसी का काम करते हुए फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। ऐसे होता था पूरा खेल गिरोह कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था। इसके बाद बिना किसी वास्तविक खरीद के फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर उन्हें जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किया जाता था। असली कारोबारी इन फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर टैक्स बचाते थे। वास्तविक फर्म संचालक अपने जीएसटी नंबर और माल का विवरण व्हाट्सएप के जरिए गिरोह को भेजते थे, जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिए जाते थे। बैंक खातों के जरिए लेन-देन को वैध दिखाया जाता था, जबकि असल में रकम नकद या सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए समायोजित की जाती थी। कई राज्यों में फैला नेटवर्क जांच में सामने आया कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और बेंगलुरु समेत कई राज्यों में दर्जनों बोगस फर्में खड़ी कर रखी थीं। आरोपी के मोबाइल में 15 से अधिक ईमेल आईडी लॉगिन मिली हैं, जिनका इस्तेमाल फर्म रजिस्ट्रेशन, फर्जी बिलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के ओटीपी लेने में किया जाता था। लखनऊ के इंदिरा नगर पते पर ‘आराध्या इंटरप्राइजेज’ समेत SM Traders, Rathod Enterprises और Gaud Trading जैसी कई फर्में भी फर्जी दस्तावेजों से पंजीकृत कराई गई थीं। 100 करोड़ से ज्यादा की GST चोरी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने बोगस फर्मों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया है। एसटीएफ गिरोह सदस्यों की तलाश कर रही है।
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