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    10वीं में कानपुर की दिशा पांडेय जिला टॉपर:पिता कपड़े की दुकान में करते काम...अंजलि की मां ने रस्सी फैक्ट्री में किया काम

    8 hours ago

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    यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हुआ। पारितोष इंटर कॉलेज हंसपुरम, नौबस्ता की दिशा पांडेय ने 96.83% अंक के साथ जिला टॉप किया। प्रदेश में 6वीं रैंक मिली। इनके कुल 600 में 581 नंबर आए हैं। इस साल हाईस्कूल में 46432 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें 44074 ने परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम में 41959 छात्र छात्राएं पास हुए हैं जो कि 95.20 परसेंट है।18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित परीक्षा में 124 परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई है। इस बार मूल्यांकन खत्म होने के 19 दिन के भीतर परिणाम जारी हुआ है। आईएएस बनना चाहती हैं दिशा दिशा पांडेय ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा- मैं 5-6 घंटे रेगुलर पढ़ाई करती थी। एग्जाम के समय 10-12 घंटे पढ़ाई करने लगी। आगे मैं IAS बनना चाहती हूं। मां-पिता का नाम रोशन करना चाहती हूं, उन्हें हर सुख-सुविधा देना चाहती हूं। मैंने सेल्फ स्टडी और स्कूल में पढ़ाई की है। कोचिंग नहीं की। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। इनके पिता मिलन पांडेय कपड़े की दुकान में काम करते व मां ज्योति पांडेय ग्रहणी हैं। पिता ने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर काफी सीरियस थी। कई बार तो पारिवारिक आयोजनों में भी नहीं जाती थी। बेटी के सिटी टाप करने पर मां ज्योति ने कहा कि उनको अपनी बेटी से उम्मीद थी। वहीं उसने कर दिखाया। इनकम टैक्स आफिसर बनना लक्ष्य पारितोष इंटर कालेज के अनुराग मिश्रा ने कुल 600 में 580 अंक पाकर जिले में दूसरा नंबर प्राप्त किया। प्रदेश में 7वीं रैंक पाई है। इनके 96.67% अंक हैं। बातचीत में बताया कि स्कूल वालों ने जैसे गाइ़ड किया उन्होंने वैसे ही पढ़ाई की है। सुबह जल्दी उठकर पढ़ता था। दिन में टारगेट बनाता था। उसे पूरा करनाा मेरा लक्ष्य था। मैं इनकम टैक्स आफिसर बनना चाहता हूं। यह गुंजन विहार के रहने वाले हैं। इनके पिता उमेश कुमार मिश्रा प्राइवेट कर्मी व मां प्रभा मिश्रा ग्रहणी हैं। यूट्यूब से ली मदद पटेल सरस्वती विद्या मंदिर गांधी ग्राम के राज चौधरी ने 600 में 578 नंबर के साथ 96.33% अंक पाए हैं। इनकी प्रदेश में नौंवी व जिले में तीसरी रैंक है। राज इनकम टैक्स ऑफिसर का बनना चाहते थे। इन्होंने बताया कि कुछ कुछ विषयों के टॉपिक क्लियर न होने पर यूट्यूब से मदद लेते थे। इनके पिता राकेश कुमार रूमा स्थित पन्नी फैक्ट्री में कर्मचारी के रूप में काम कर रहें हैं। इसके अलावा परिवार में मां ममता देवी (ग्रहणी) है, छोटा भाई नैतिक चौधरी इसी कॉलेज में इस बार 9वीं कक्षा पास करके 10वीं में पहुंचा है। इंजीनियरिंग करना चाहते हैं आलोक नौबस्ता बंबा निवासी आलोक शाक्य ने 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में नौंवी और जिले में तीसरी रैंक पाई है। बातचीत में बताया कि वह रेगूलर पढ़ाई करते थे। हर दिन सिलेबस को तय करने के बाद उसको पूरा करते थे। यह भविष्य में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। पिता विकास की मोबाइल शाप व मां भावना कुमारी ग्रहणी हैं। हार्ड वर्क और अनुशासन के पाए अंक पारितोष इंटर कालेज के अशिकेत सोनकर ने 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में नौंवी और जिले में तीसरी रैंक पाई है। बातचीत में बताया कि हार्ड वर्क, अनुशासन और रेगूलर पढ़ाई की बदौलत उनके यह अंक आए हैं। भविष्य में एसएससी का एग्जाम पास करके अधिकारी बनना चाहते हैं। पिता रामबाबू यूपी पुलिस में एसआई व मां पुष्पा देवी ग्रहणी हैं। रस्सी फैक्ट्री में काम करके मां ने पढ़ाया पारितोष इंटर कालेज हंसपुरम नौबस्ता की अंजलि सोनकर ने 96.17% अंक पाकर प्रदेश में 10वीं और जिले में चौथी रैंक पाई है। वह सोशल मीडिया को यूज नहीं करना चाहती हैं। बातचीत में बताया कि उनकी मां डिंकी सोनकर ने रस्सी की फैक्ट्री में काम करके उनको पढ़ाया है। भविष्य में वह अपनी मां को ऐशोआराम से रखना चाहती हैं। इनके पिता स्व. विनोद सोनकर की कई साल पहले मौत हो चुकी है। मां डिंकी सोनकर ने बताया कि उन्होंने एक टाइम बनाकर तीन टाइम खाया है। बेटी ने बेहतर अंक लाकर सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। बिना कोचिंग आई 5वीं रैंक ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन जवाहर नगर के श्रेयस पाठक ने 96 प्रतिशत मार्क्स के साथ जिले में 5वीं रैंक पाई है। बातचीत में बताया कि बगैर कोचिंग के घर पर जा कर पढ़ाई करते थे। जो स्कूल में पढ़ते थे। उसको रिवाइज किया है। पेपर तो सही थे, लेकिन परसेंटेज उतने नहीं आए, जितने सोचा था। वह अब 12वीं में इससे बेहतर अंक के लिए पढ़ाई करेंगे। टीचर व पैरेंट्स ने किया सहयोग ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन की वंशिका निगम ने 94.83 प्रतिशत अंक के साथ जिले में 10वीं रैंक पाई है। बातचीत में बताया कि टीचरों ने सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। उसके बाद पेरेंट्स का सपोर्ट रहा है। दोनों ने मेंटली बहुत सपोर्ट किया है। 3 से 4 घंटे की पढ़ाई बहुत है। अब जो भी है, उसमें सेटिसफाइड रहना चाहिए। शुरु कर दी आईआईटी में एडमिशन की तैयारी आदर्श ने 94.83 मार्क्स के साथ जिले में 10वीं रैंक पाई है। यह ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन के छात्र हैं। बातचीत में बताया रोज 4 से 5 घंटे पढ़ाई करता था। टीचरों ने बहुत सपोर्ट किया है। उसके बाद गार्जियन का भी अच्छा सपोर्ट मिला है। हम इस समय इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे है। IIT के एग्जाम के लिए तैयारी कर रहे है। अब 12 वीं में इससे अच्छा करने की उम्मीद है। हम माधौगढ़ जालौन के रहने वाले है। दो-दो घंटे के स्लॉट में करते थे पढ़ाई ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन के आदित्य राजपूत ने ने 94.83% मार्क्स के साथ जिले में 10वीं रैंक पाई है। बताया कि कभी कभी पढ़ाई मे मन कम लगता था। लेकिन मैं उसको अगले दिन कवर करता था। सबसे ज्यादा फोकस मुझे साइंस के लिए करना पड़ा था। साइंस में बायो का पार्ट मुझे ज्यादा कठिन लगता था। मैं शाम को 6 बजे के लगभग पढ़ने के लिए बैठता था। लेकिन मैं हमेशा सें स्लॉट में पढ़ता था। हम दो- दो घंटों के स्लॉट में पढ़ता था। मैं आगे इंजीनियरिंग के फील्ड में जाना चाहता हूं। जिले के हाईस्कूल टॉपर्स को जानिए- कानपुर में 46159 छात्रों ने दी थी परीक्षा इस साल हाईस्कूल में 46432 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें 44074 ने परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम में 41959 छात्र छात्राएं पास हुए हैं जो कि 95.20 परसेंट है।18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित परीक्षा में 124 परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई है। इस बार मूल्यांकन खत्म होने के 19 दिन के भीतर परिणाम जारी हुआ है। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें फेल स्टूडेंट्स भी हो सकेंगे पास, कंपार्टमेंट के लिए आवेदन करना होगा यूपी बोर्ड रिजल्ट-2026 जारी होने के बाद जो एक या दो विषयों में फेल हो जाएंगे, ऐसे स्टूडेंट्स को भी पास होने का एक मौका रहेगा। नतीजे जारी होने के बाद UPMSP की ओर से कंपार्टमेंट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। छात्र तय डेट में फॉर्म भरकर दोबारा फेल होने वाले विषय की परीक्षा दे सकेंगे। इससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र किसी विषय में प्राप्त नंबर से संतुष्ट नहीं होगा तो वे स्क्रूटिनी के लिए भी आवेदन कर सकेगा। इसके बाद कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी। सभी छात्रों को स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम में प्राप्त अंक ही अंतिम माने जाएंगे। पहले डिजिलॉकर पर मिलेगी मार्कशीट, बाद में हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी यह दूसरी बार होगा कि रिजल्ट जारी किए जाने के बाद मार्कशीट डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पहले की तरह स्कूलों के जरिए हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
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