Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    11 इंटर कॉलेजों में 18 शिक्षकों की नियुक्ति घोटाला:बलरामपुर में प्रबंधकों-प्रधानाचार्यों और फर्जी टीचरों पर मुकदमा दर्ज

    1 hour ago

    1

    0

    बलरामपुर में माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (पीजीटी) और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती में फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी पाने का बड़ा घोटाला सामने आया है। विजिलेंस जांच के आधार पर 30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन कई प्रबंधक और प्रधानाचार्य अभी भी कार्रवाई की जद से बाहर हैं। बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज, बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बाजार और मोहनलाल रामलाल इंटर कॉलेज शिवपुरा के प्रबंधक व प्रधानाचार्य अब तक कार्रवाई से बचे हुए हैं। यह स्थिति तब है जब मोहनलाल रामलाल इंटर कॉलेज शिवपुरा के दो शिक्षकों पर पहले ही मामला दर्ज हो चुका है। इसी तरह, बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज की एक शिक्षिका को जेल भेजा जा चुका है और बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के एक शिक्षक पर भी मुकदमा दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, यदि फर्जीवाड़े से जुड़े अभिलेखों की गहराई से जांच की जाए, तो विभाग के कई लिपिक और प्रबंध तंत्र से जुड़े अन्य लोग भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2021 में सामने आया था, जब माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाणपत्रों और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे कई लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। आरोप है कि उस समय जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में तैनात बाबुओं ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन नहीं कराया। इसके बजाय, उन्होंने मैनुअल तरीके से जांच की और बाद में संबंधित शिक्षकों का वेतन भी बहाल कर दिया। लगभग दो वर्ष बाद जब यह मामला उजागर हुआ, तो विभाग ने अशासकीय सहायता प्राप्त 11 इंटर कॉलेजों में नियुक्त 18 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। इनमें से सात शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जिनमें से तीन को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बाद, सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 अन्य आरोपित शिक्षकों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू की। इस जांच के दायरे में आने के बाद डीआईओएस कार्यालय के तीन पटल सहायकों सहित कई अन्य लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान की जांच के आधार पर प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    चाइनीज मांझे से युवक की गर्दन कटी, गंभीर:गले में टांके लगे, रोक के बावजूद कानपुर में बिक्री हो रही
    Next Article
    छेड़छाड़ के आरोपी को महिलाओं ने चप्पलों से पीटा, VIDEO:रायबरेली में ग्रामीणों ने सड़क पर घसीटा, सीओ ने पुलिस टीम को भेजा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment