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    11 देशों के सामने धुरंधर स्टाइल में NSA डोभाल ने दिया धांसू बयान, हर तरफ होने लगी चर्चा!

    20 minutes ago

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    ब्रिक्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक चल रही है। यह बैठक बहुत अहम है। दो दिनों की इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। इसमें समूह के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख शामिल हो रहे हैं। इन देशों में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई भी शामिल है। यह बैठक बहुत खास है। इस बैठक में भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि मित्रों, हम बहुत ही उथल-पुथल भरे समय में मिल रहे हैं। दुनिया सैन्य संघर्षों और जटिल सुरक्षा समस्याओं से घिरी हुई है। यह भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्थिक तनावों और विघटनकारी तकनीकों का सामना कर रही है। ब्रिक्स (BRICS) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा मामलों के लिए जिम्मेदार उच्च पदस्थ अधिकारियों की 16वीं बैठक में आप सभी का स्वागत है। आज आपकी उपस्थिति और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के प्रति आपकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए मैं आप में से प्रत्येक को धन्यवाद देता हूं।इसे भी पढ़ें: डोभाल की बैठक में 11 देश शामिल, चीन-ईरान सबका लगा जमावड़ान केवल खतरे बढ़ रहे हैं, बल्कि हमारे साधन और संस्थागत तंत्र भी इन संघर्षों को हल करने या कम करने के लिए तेजी से अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। बहुपक्षवाद (Multilateralism) कमजोर हो रहा है। ब्रिक्स की कल्पना एक अधिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं के एक अनौपचारिक समूह के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना और 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की आवाज को मजबूत करना था। इसने वैश्विक शासन में सुधार और संस्थागत सुधारों की भी परिकल्पना की थी। ब्रिक्स देशों का यह समूह एक बहुत ही विशेष गठबंधन है, जो शांति, प्रगति, विकास और सहयोग में विश्वास रखता है। और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि यह दिन-प्रतिदिन मजबूत होता जा रहा है।इसे भी पढ़ें: दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू, BRICS ने पलट दी बाजी! भारत पहुंचते ही चीन का बड़ा ऐलानयह कोई साधारण समूह नहीं है। यह 4.1 अरब (4.1 बिलियन) लोगों का घर है, जो वैश्विक आबादी का लगभग 49% यानी करीब आधा हिस्सा है। साथ मिलकर, यह वैश्विक संपत्ति के निर्माण में 31 से 32 ट्रिलियन डॉलर (यानी $31.5 ट्रिलियन) का योगदान देता है। यह जीडीपी (GDP) वैश्विक हिस्सेदारी के 30% से भी अधिक है। इसके पास 42 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक का भूभाग है, जो हमारे ग्रह का 28% हिस्सा है। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका वैश्विक विस्तार है।Stay updated with Latest International News in Hindi https://www.prabhasakshi.com/international on Prabhasakshi 
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