Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Iran-US में लेबनान पर बनी बात? 60 दिन का प्लान हो गया तैयार

    21 minutes ago

    2

    0

    स्विट्जरलैंड से आई एक बड़ी खबर ने पूरी दुनिया की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। सालों की दुश्मनी, प्रतिबंधों और सेनेट टकराव के बाद अब अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। स्विट्जरलैंड के बर्गन स्टॉक में घंटों चली हाई लेवल बैठक के बाद दोनों देशों ने 6 दिनों के अंदर एक फाइनल समझौते तक पहुंचने के लिए रोड मैप तैयार करने पर सहमति जताई है। क़तर और पाकिस्तान ने इस बैठक को उत्साहजनक और सकारात्मक बताया है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पिछले कुछ महीनों में मिडिल ईस्ट युद्ध होर्मुज स्टेट पर तनाव, इजराइल, लेबनान संघर्ष और ईरान अमेरिका के बीच लगातार बढ़ती बयानबाजी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था। लेकिन अब पहली बार ऐसा लग रहा है कि दोनों देश टकराव के बजाय बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: ट्रेड डील करने भारत आ रहा US, अमेरिकी राजदूत का बड़ा ऐलानअमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की। जबकि ईरान की तरफ से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीवाफ ने मोर्चा संभाला। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख असीम मुनीर और क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अलथानी ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। बैठक में तय हुआ कि एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। न्यूक्लियर प्रोग्राम, आर्थिक प्रतिबंधों और विवाद निपटारे जैसे संवेदनशील मुद्दों के लिए अलग-अलग वर्किंग ग्रुप बनाए जाएंगे। दोनों देशों के बीच गलतफहमी रोकने के लिए एक सीधा कम्युनिकेशन चैनल भी तैयार किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस बातचीत का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा असर मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्ग माना जाता है। सऊदी अरब, ईरानक, कुवैत, यूएई और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते से दुनिया को तेल सप्लाई करते हैं। पिछले कुछ महीनों में इस जलमार्ग को लेकर पैदा हुआ तनाव ने तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया था। अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है तो हुमूज स्टेट को लेकर भी अनिश्चितता कम हो सकती है। इस बीच लेबनान में भी हालात कुछ बेहतर होते दिखाई दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Iran US Peace Deal Cancel: तेल लेने गई डील, नेतन्याहू में अब कहां धमाका कर दिया?ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया है कि पाकिस्तान और क़तर की मध्यस्था से लेबनान युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। इजराइल ने सीमावर्ती इलाकों में कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। हालांकि उसने यह भी साफ़ कर दिया कि सुरक्षा खतरा खत्म होने तक उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी। दूसरी तरफ हिजबुल्ला ने कहा कि वह तभी पूरी तरह हमले रोकेगा जब इजरायल सैनिकों की वापसी का भरोसा देगा। यानी शांति की उम्मीद जरूर जगी है लेकिन रास्ता अभी आसान नहीं है। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों की वापसी, प्रॉक्सी समूह की गतिविधियां और इजराइल लेबदनान विवाद जैसे कई मुद्दे हैं जिन पर अभी अंतिम सहमति बननी बाकी है। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि बर्निन स्ट्रोक की यह बैठक अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक नई शुरुआत का संकेत दे रही है। आने वाले 60 दिन तय करेंगे कि यह कूटनीतिक पहल मिडिल ईस्ट को स्थाई शांति की ओर ले जाती है या फिर यह उम्मीद भी पिछले प्रयासों की तरह अधूरी रह जाती है। इसे भी पढ़ें: दम है तो करो हमला...खुला चैलेंज, ईरान ने कर दी ट्रंप की बोलती बंदइधर स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका कतर पाकिस्तान की मिडिएटरशिप में बात कर रहे थे। उधर कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान में भयंकर धमाका हो गया। पहले से ही ईरान के हमलों में तबाह हुए रास लाफान प्लांट में जो धमाका हुआ है वो इतना जबरदस्त था कि 18 लोगों का पता ही नहीं चल रहा है कि वह कहां गायब हो गए। या तो वह पूरी तरह राख में तब्दील हो गए या फिर भाप ही बन गए। इस धमाके में कम से कम 54 लोगों के जख्मी होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक होर्मुज की नाकेबंदी हटने के बाद टर्मिनल को दोबारा चलाने के लिए तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान भीषण धमाका हुआ और आग लग गई। क़तर की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि यह विस्फोट तकनीकी खराबी के कारण रास लफान औद्योगिक शहर में हुआ। इसके बाद लापता लोगों की तलाश के लिए नागरिक सुरक्षा टीमों ने क़तर के अंतरराष्ट्रीय खोज एवं बचाव समूह के साथ मिलकर अभियान शुरू किया। Stay updated with Latest International News in Hindi https://www.prabhasakshi.com/international on Prabhasakshi 
    Click here to Read more
    Prev Article
    11 देशों के सामने धुरंधर स्टाइल में NSA डोभाल ने दिया धांसू बयान, हर तरफ होने लगी चर्चा!
    Next Article
    बलूचिस्तान की शेरनी से क्यों डरी मुनीर की आर्मी? उम्रकैद की सजा का ऐलान होते ही पाकिस्तान में भड़की आग

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment