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    138.11 करोड़ से टैप होंगे गंगा में गिर रहे नाले:सांसद ने पीएम को पत्र लिखा...राष्ट्रीय जलमार्ग-1 को कानपुर तक विस्तारित करने की मांग

    5 hours ago

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    कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी के प्रयासों से शहर को बड़ी उपलब्धियां मिली हैं। शहर के 14 प्रमुख नालों को टैप करने की परियोजना को 138.11 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति मिल गई है। यह स्वीकृति गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के राष्ट्रीय अभियान 'नमामि गंगे' को मजबूती प्रदान करेगी। इसके अलावा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (एनडब्ल्यू-1) को वाराणसी से कानपुर तक विस्तारित करने की मांग की है। अविरल गंगा का सपना होगा पूरा 14 नालों को टैप करने के लिए मिले 138.11 करोड़ रुपए से गंगा व अन्य नदियों में नाले का पानी जाने से रुकेगा। यदि नाले टैप हो जाते हैं तो सरकार का अविरल गंगा, निर्मल गंगा का सपना साकार होगा। नाले ट्रैप होने के बाद उनको ट्रीटमेंट प्लांट्स की ओर मोड़ा जाएगा। इससे नदियों में प्रदूषण की मात्रा काफी कम होगी, जल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। गंगा में जा रहा नालों का पानी वर्तमान की बात करें तो रानीघाट, गोलाघाट व डपकेश्वर घाट समेत कई घाटों से नाले का पानी गंगा में जाता है। हालांकि विभाग का दावा है कि इन नालों को गंगा में गिराने से पहले बायोरेमेडिएशन प्रोसेस से गुजारा जाता है, जिससे पानी साफ हो जाता है। लेकिन पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से जारी वाटर क्वालिटी रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता डी श्रेणी में ही मिलती है जो कि यह बताने के लिए काफी है कि बायोरेमेडिएशन भी नालों के पानी को साफ कर पाने में नाकाम हैं। कार्गो को आसान रास्ता मिलेगा सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर और जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात कर एनडब्ल्यू-1 को कानपुर तक विस्तारित करने की मांग की थी। यह परियोजना विधानसभा चुनाव से पहले पूरी होने की उम्मीद के साथ रखी गई है। वर्तमान में यह जलमार्ग वाराणसी से कोलकाता तक संचालित है, लेकिन कानपुर तक लगभग 200 किलोमीटर के अतिरिक्त विस्तार से कानपुर, लखनऊ, आगरा, उन्नाव, मुरादाबाद, फिरोजाबाद और कन्नौज जैसे शहरों के कार्गों को आसान और सस्ता परिवहन मिलेगा।
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