Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    15 बीघा में आश्रम...500 लोगों के साथ रहेंगे PK:फूस की झोपड़ी के साथ मॉडर्न तंबू, शेखपुरा हाउस छोड़ बिहटा में क्या ‘खिचड़ी’ पकाने पहुंचे प्रशांत किशोर

    1 day ago

    1

    0

    ‘अगर आप सोच रहे होंगे कि मैं बिहार छोड़ दूंगा। ये बिल्कुल नहीं होगा। बिहार सुधारने की जिद के आगे कुछ भी नहीं है। दोगुनी मेहनत करके पूरी ताकत से लगेंगे। जब तक बिहार को सुधारने के अपने संकल्प को पूरा न कर लें पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।’ विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ये बात कही थी। तब 238 सीट पर कैंडिडेट उतारने वाले प्रशांत किशोर के 236 यानी 99 फीसदी कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी। अब चुनाव के 6 महीने बाद प्रशांत किशोर हार के आस्पेक्ट का अध्ययन करने के बाद एक बार फिर से ग्राउंड पर अपनी सियासी पकड़ मजबूत बनाने की जुगत में जुट गए हैं। इस बार तैयारी 5 साल की है। अपनी प्लानिंग को जमीन पर उतारने के लिए प्रशांत किशोर ने नया ठिकाना तैयार किया है। शहर की शोरगुल से दूरे पटना शहर से 32KM दूर बिहटा में इन्होंने अपना नया ठिकाना बनाया है। नाम रखा है, ’बिहार नव निर्माण आश्रम’। प्रशांत अगले 5 साल तक यहीं से बिहार भर में अपनी जमीन मजबूत करेंगे। 500 कार्यकर्ताओं के साथ इसी आश्रम में रहेंगे। ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़िए, प्रशांत के हाईटेक आश्रम में क्या खास है, यहां से क्या करने वाले हैं… सबसे पहले आश्रम को जानिए, फूस की झोपड़ी से जर्मन हैंगर के मॉडर्न तंबू भी प्रशांत किशोर एक साल के भीतर दूसरा आश्रम बनवा रहे हैं। चुनाव से पहले उन्होंने गंगा के किनारे एलसीटी घाट पर बिहार सत्याग्रह आश्रम बनवाया था। अब चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर गंगा किनारे की जगह अमहारा गांव में अपना आश्रम बनवा रहे हैं। IIT पटना कैंपस के ठीक बगल में इस हाईटेक आश्रम को तैयार किया जा रहा है। अब जानिए, आश्रम में क्या होगा कार्यकर्ताओं को जनसुराज के पॉलिसी की जानकारी दी जाएगी जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने भास्कर को बताया, ’यह आश्रम लंबे समय के लिए बनाया जा रहा है। इस आश्रम में जो लोग सक्रिय कार्यकर्ता। नए कार्यकर्ताओं को स्ट्रक्चर्ड तरीके से ट्रेनिंग दी जाएगी। बिहटा का कैंप लॉन्ग टर्म विजन के साथ बिहार नव निर्माण के लिए काम करेगा। इसमें नए-नए ग्रुप को लाकर ट्रेंड किया जाएगा। इन्हें बिहार बदलाव या बिहार नव निर्माण के लिए हमारी पॉलिशी, हमारा एक्शन प्लान आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए छोटे-छोटे मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। सबसे पहले 40 लाख एक्टिव मेंबर को ट्रेनिंग दी जाएगी मनोज भारती ने बताया, ’बिहार नव निर्माण अभियान के तहत अगले 4-6 महीने में हर बूथ, बार्ड और गांव में कम से कम 15 पक्के जनसुराजी तैयार करेंगे। इन्हें हम पूरी तरह जनसुराज के रंग में रंग देंगे। वे केवल कागज पर जनसुराज के सदस्य नहीं रहेंगे, बल्कि पार्टी के मिशन की पूरी जानकारी उन्हें दी जाएगी।’ नए प्राथमिक सदस्य को चुनने से पहले उनसे लंबी बातचीत होगी। जनसुराज को समझने के लिए उन्हें कन्विंस किया जाएगा। प्राथमिक सदस्य बनने के बाद उन्हें विधिवत इस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी कि संगठन को उनसे क्या जरूरत है। संगठन को कैसे आगे बढ़ाना है। पंचायत से प्रदेश स्तर तक चयनित समिति होंगे मनोज भारती ने बताया, ’पुराने सभी कार्यकर्ताओं की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। अब सभी को नए सिरे से सदस्य बनाया जा रहा है। नया सदस्यता अभियान शुरू कर दिया गया है। इसमें पुराने लोग भी होंगे और नए लोग भी आएंगे। इसके तहत सवा लाख प्राथमिक सदस्य होंगे, जो पदाधिकारी भी होंगे। इनके अलावा 40 लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।’ मनोज भारती ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश से लेकर ग्राम पंचायत तक चुनी हुई समिति तैयार की जाए। इसमें हर वार्ड के लोग हिस्सा लेंगे और ग्राम पंचायत की समिति का चयन करेंगे। अभी तक मनोनित हैं। हम चुनी हुई समितियां तैयार करेंगे। सभी सदस्यों को आश्रम में ट्रेंड किया जाएगा। ये सच्चे जनसुराजी होंगे। इन्हें इस बात की पूरी समझ होगी कि जनसुराज क्यों आया था। क्या करना चाहता है। किस तरीके से बिहार में व्यवस्था को बदलने वाला है। वर्कशॉप के माध्यम से रोजगार की ट्रेनिंग दी जाएगी जनसुराज की कोर टीम के एक मेंबर ने हमें बताया कि कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं को यहां स्किल और राइट्स की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए समय-समय पर वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को बताया जाएगा कि उनका संवैधानिक अधिकार क्या है। इसके लिए जनसुराज की टीम की तरफ से कुछ संवैधानिक अधिकार को आइडेंटिफाई किया गया है। इसके बारे में न केवल उन्हें जानकारी दी जाएगी बल्कि प्रैक्टिकल करके भी बताया और समझाया जाएगा। युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से पैसा कमाना है या फिर सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए, ये सब बताया जाएगा। इसके अलावा उनकी दिलचस्पी के हिसाब से कैपिसिटी डेवलप करने की जानकारी भी दी जाएगी। आश्रम बनाने के लिए बिहटा का ही चयन क्यों? इस सवाल के जवाब में मनोज भारती ने बताया, ‘इसकी कोई खास वजह नहीं है। हम पटना के चारों तरफ जमीन ढूंढ़ रहे थे। हमें अपनी जरूरत के हिसाब से बिहटा में जमीन मिली। पहले कम जगह मिली, इसके बाद और लोगों ने भी हमसे संपर्क किया और हम इसका विस्तार करते चले गए।’ हालांकि इस आश्रम के इलाके को देखें तो एक तरह से ग्रामीण इलाके में है। ये बिहार में भूमिहारों के बड़े गांवों में से एक अमहारा में है। स्वामी सहजानंद सरस्वती का आश्रम प्रशांत किशोर के आश्रम से 1 KM की दूरी पर है। यह IIT पटना कैंपस के ठीक बगल में है। बिहार सत्याग्रह आश्रम और बिहार नव निर्माण आश्रम में क्या अंतर है? बिहार नव निर्माण आश्रम और बिहार सत्याग्रह आश्रम लगभग एक ही तरह के हैं। दोनों के बनने में एक साल का अंतर है। बेसिक अंतर इतना सा है कि बिहार सत्याग्रह आश्रम छोटा और अस्थायी था। यह मात्र 2 एकड़ में बना हुआ था। बिहार नव निर्माण आश्रम स्थायी और इससे कई गुणा बड़ा है। इसमें सारी व्यवस्था लॉन्ग टर्म को ध्यान में रख कर किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी इसकी कंटीले तारों से फैंसिंग की गई है। यहां स्टेज की जगह दो फूस की झोपड़ी भी बनाई गई है। 27 मई से आश्रम की होगी विधिवत शुरुआत अभी आश्रम के कई काम बाकी हैं। इसका मेन गेट भी अभी आकार नहीं ले पाया है। इसकी आधिकारिक शुरुआत की तारीख 27 मई निर्धारित की गई है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इस दिन अपने 5 साल की योजनाओं का ब्लू प्रिंट भी लोगों के सामने रखेंगे। पहले भी वे इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि सरकार के 100 दिन पूरा होने के बाद वे चुनाव में की गई एक-एक वादों का हिसाब लेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन भी करेंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    हिमाचल के शहरी बिजली कंज्यूमर को झटका:किराएदारों की सब्सिडी खत्म; लैंडलॉर्ड को राहत बरकरार, अप्रैल में जिनका बिल ₹750, मई में ₹1850 दिया
    Next Article
    हिमाचल में बारिश के बाद मौसम सुहावना:गर्मी से मिली राहत, आज भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट; ऊना का पारा 44.3॰C पहुंचा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment