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    2027 से पहले पिचकारियों में उतरा चुनाव का रंग:लखनऊ में पीएम मोदी, धनुष-बाण पिचकारी; सफेद शर्ट पानी पड़ते ही होगी रंगीन

    2 hours ago

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    2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से करीब 1 साल पहले होली से माहौल बन रहा है। लखनऊ की दुकानों में पिचकारियां आ गई हैं। इनमें मोदी-योगी छाप और धनुष-बाण छाप पिचकारी की धूम है। गुलाल वाले पटाखे भी आ गए हैं। बच्चों को ये सभी पिचकारियां भा रही हैं। होली की पिचकारी पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ ‘हिंदुस्तान की बोली - घर-घर होली’ जैसे स्लोगन प्रिंट हैं। पिचकारी में पीएम नरेंद्र मोदी, ब्रह्मोस, कुल्हाड़ी, हथौड़ा और म्यूजिकल ट्रेंड में हैं। इसके अलावा ऐसी सफेद टीशर्ट आई है जो पानी पड़ते ही रंगीन हो जाएगी। तीन फ्लेवर का आइसक्रीम पटाखा भी पसंद होली के इस खास मौके पर सर्राफा मार्केट भी चहक रहा है। चांदी से बनी पिचकारी, बाल्टी, लड्डू गोपाल, काजू कतली और लड्डू खूब चर्चा में हैं। इस होली पर दिवाली का फील देने के लिए कलर पटाखे लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। रंगीन विग के साथ अलग-अलग डिजाइन के फेस मास्क मार्केट में आए हैं। कुल्हड़ अनार, 5 से लेकर 16 शॉट वाला स्मोक पटाखा मिल रहा है। इसके साथ ही तीन फ्लेवर वाला आइसक्रीम पटाखा लोगों को खूब भा रहा है, जिसमें से वैनिला, स्ट्रॉबेरी और चॉकलेट के तीन रंगों के साथ खुशबू भी फूटती है। 5 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए दुकानदारों ने जो कहा… दामाद को चांदी की पिचाकरी देने की परंपरा सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी ने बताया कि इस बार चांदी की पिचकारी और बाल्टी का ट्रेंड खासतौर पर देखा जा रहा है। यह होली को और भी भव्य और यादगार बना रहा है। चांदी की पिचकारी सिर्फ एक परंपरागत उपहार ही नहीं बल्कि भविष्य के लिए एक आकर्षक निवेश भी मानी जा रही है। इसे नए जोड़ों और खासकर दामाद को गिफ्ट देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। भगवान के साथ होली खेलने के लिए भी चांदी की पिचकारी का विशेष डिमांड है जिसके लिए लोग लड्डू गोपाल भी खूब खरीद रहे हैं। चांदी की बाल्टी-पिचकारी में इन्वेस्टमेंट विनोद माहेश्वरी ने बताया कि चांदी की पिचकारी की कीमत 5 हजार से 1 लाख रुपए तक है। चांदी की बाल्टी की 5 हजार से लेकर 2लाख तक है। इसके अलावा लड्डू गोपाल के साथ पिचकारी, काजू-कतली, लड्डू, रंग भरने के लिए छोटी कटोरी का पूरा सेट है जिसकी कीमत 1 लाख 80 हजार रुपए है। उन्होंने बताया कि सोना चांदी की मार्केट में जो उतार चढ़ाव आया उसका त्योहार पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। क्योंकि, त्योहार बहुत कम समय के लिए होता है इसलिए लोग इसमें इन्वेस्टमेंट के नजरिये से खरीदारी करते हैं। 2000 रुपए तक में मिल रहे हैं रंग रंग व्यापारी आकाश ने बताया कि बाजार में आइसक्रीम रंगीन पटाखा की डिमांड अधिक है। हरा, गुलाबी, लाल, पीला, नीला सहित आधा दर्जन गुलाल हैं। लेकिन, डिमांड केसरिया रंग की अधिक है ये साधारण रंगों से थोड़ा महंगा होता है। स्पेशल गिफ्ट पैक आए हैं, जिनकी कीमत 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक है। उन्होंने बताया कि थोक में गुलाल की कीमत 20 रुपए से लेकर 200 रुपए प्रति किलो है। पक्का रंग 200 से लेकर 2000 रुपए प्रति किलो है। 500 प्रकार की पिचकारी मार्केट में रंग-पिचकारी व्यापारी आलोक ने बताया कि ये उनका पुश्तैनी धंधा है उनका परिवार 50 सालों से इस काम में है। अगले साल चुनाव है इसलिए मोदी-योगी पिचकारी की डिमांड है। इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल पिचाकरी की भी चर्चा है। इसके अलावा छोटे बच्चे म्यूजिक पिचाकरी खूब पसंद कर रहे हैं। पहली बार मार्केट में चाइनीज टी-शर्ट आई है। पानी पड़ते ही वह सफेद से रंगीन हो जाएगी। 3 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक में पिचकारी मिल रही है। अगर वैरायटी की बात करें तो 500 से अधिक प्रकार की इस बार पिचकारियां हैं। नेपाल तक जाता है लखनऊ का रंग आलोक ने बताया कि लखनऊ की यहियागंज मार्केट से यूपी के विभिन्न जनपदों में माल जाता है। इसके अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में थोक विक्रेता यहीं से माल ले जाते हैं। इस साल घाघरा का पुल बंद होने की वजह से जो गोंडा बहराइच और नेपाल के व्यापारी अभी तक नहीं आ पाए हैं। इस वजह से इस साल व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस त्यौहार पर 3 महीने पहले तैयारी शुरू कर देते हैं और स्टॉक जमा कर लेते हैं। 3 महीने का माल मात्र 15 दिन में ही बिक जाता है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए… काशी के हरिश्चंद्र घाट पर मसाने की होली : गले में नरमुंड, हाथ में कपाल; डीजे पर झूमते युवाओं ने खेली चिता भस्म वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर मसाने की होली खेली जा रही है। बाबा मसाननाथ के अभिषेक और आरती के बाद भस्म की होली शुरू हुई। लोग डीजे पर बज रहे भजन और गानों पर नाच रहे हैं। हरिश्चन्द्र घाट पर बड़ी संख्या में लोग अघोर वेश भूषा में पहुंचे हैं। घाट पर चिता की राख और अबीर-गुलाल के साथ होली खेली जा रही है। (पूरी खबर पढ़िए)
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