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    4 महीने बाद जेल से बाहर आए अनंत सिंह:बोले- मैं 4Km दूर खड़ा था, मुझे दुलारचंद हत्याकांड में मुझे फंसाया गया; समर्थकों ने की आतिशबाजी

    16 hours ago

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    मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह 4 महीने बाद सोमवार 23 मार्च को बेऊर जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने नारेबाजी की। बाहुबली लैंड क्रूजर से जेल से घर के लिए निकले। उनके साथ 50 गाड़ियों का काफिला था। जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह सीधे विधायक आवास पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है और वे घटना के समय स्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर थे। उन्होंने कहा, “हम जल्दी कैसे छूट गए, ये सब कल बताएंगे।” रिपोर्टर के इस सवाल पर कि बार-बार उन्हें ही क्यों फंसाया जाता है, अनंत सिंह ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “बार-बार काहे फंसाया गया, हम बताएं? तुम ही जाकर पूछो। सब लोग जानते हैं कि हम 4 किमी दूर थे।” उन्होंने आगे बताया कि वे कल बड़हिया जाएंगे और देवी मां की पूजा करेंगे। इधर, अनंत सिंह के आवास को फूल-मालाओं से सजाया गया। समर्थकों के लिए दावत का भी इंतजाम किया गया है। इसके तहत करीब 3 लाख रसगुल्ले तैयार किए गए हैं। साथ ही समोसा, पुड़ी, सब्जी, पुलाव समेत अन्य व्यंजन भी बनाए जा रहे हैं। अनंत सिंह की रिहाई के बाद जश्न की तस्वीरें… मोकामा में रोड शो करेंगे अनंत सिंह अनंत सिंह पटना वाले आवास से मंगलवार (24 मार्च) को मोकामा के लिए रवाना होंगे। अपने विधानसभा में 50km लंबा रोडशो करेंगे। इस दौरान बड़हिया महारानी स्थान मंदिर तक मोकामा सड़क मार्ग से जाएंगे। रास्ते में कई जगह समर्थक उनका स्वागत करेंगे। 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। जिसके बाद 1 नवंबर को पटना SSP ने मोकामा आवास से विधायक को अरेस्ट किया था। कोर्ट में पेशी के बाद 2 नवंबर को अनंत सिंह को बेऊर जेल भेजा गया, लगभग 4 महीने बाद 20 मार्च को राजद नेता को दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली है। पटना के माल रोड स्थित अनंत सिंह के आवास पर जोरदार तैयारियां अनंत सिंह के रिहा होने की खुशी में अनंत सिंह के पटना के माल रोड स्थित आवास पर भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। पटना आवास पर बड़ा-सा पंडाल बनाया गया है। करीब 1 से डेढ़ हजार कुर्सियां मंगाई गई हैं। गर्मी को देखते हुए बड़े-बड़े पंखे-कूलर भी मंगाए जा रहे हैं। ताकि उनके समर्थकों को परेशानी न हो। यहां कल करीब 10-15 हजार से अधिक समर्थकों के जुटने की संभावना है। 3 लाख रसगुल्ले, कई तरह के व्यंजन बन रहे हजारों की संख्या में जुटने वाले समर्थकों के लिए अनंत सिंह के पटना आवास पर भोज की भी तैयारी की जा रही है। लोगों के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए हैं। तकरीबन दो से तीन लाख में रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। अब जानिए दुलारचंद हत्याकांड की पूरी कहानी हत्या के दूसरी रात हुई थी गिरफ्तारी 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। करीब 4 महीने से वो जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में अनंत सिंह के वकील ने बेल को लेकर पटना हाईकोर्ट में 4 दलील रखी थी। पटना HC में रखी गई 4 दलीलें… 1. अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव के बाएं पैर की ऐड़ी में खुद गोली मारी थी। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण में लाठी से मारना और गाड़ी से कुचलने का जिक्र है। 2. महत्वपूर्ण दलील यह दी कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए गए थे और किसी ने भी अपने बयान में ये नहीं कहा कि अनंत सिंह ने गोली चलाई थी। 3. दुलारचंद के जिस पोते के बयान पर केस दर्ज हुआ, उसने अपने पिता को जब पहला कॉल किया था तब कहा कि दादा जी की मौत हो गई है, ये नहीं कहा कि उनकी हत्या हुई है। 4. अनंत सिंह एक पॉलिटिशियन हैं और इस वजह से भी लोग उनके ऊपर बेवजह का आरोप लगाते रहते हैं। दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं। खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’ चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं अनंत सिंह जदयू विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कहा है कि वो अब विधानसभा चुनाव का चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग करने के बाद जब वो बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से बात की। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि, 'नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा।' निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए।
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