Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    5 बागी पार्षदों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष से शिकायत की:जिलाध्यक्ष बोले-मंडल मंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं, नगर निगम में बंटी ने की थी अभद्रता

    1 day ago

    1

    0

    कानपुर नगर निगम मुख्यालय में सदन की बैठक के दौरान भाजपा के कौशलपुरी मंडल मंत्री मनीष बाजपेई के साथ हुई घटना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। रविवार को भाजपा के बागी पांच पार्षदों ने कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू से शिकायत कर पूरे मामले में जांच की मांग की। दूसरी ओर महापौर प्रमिला पांडेय ने भी कहा है कि वह इस मामले को भाजपा संगठन के सामने रखेंगी और इन पार्षदों की शिकायत सबूतों के साथ करेंगी। पार्षदों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर शिकायत की दरअसल, शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में सदन की बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान भाजपा के कौशलपुरी मंडल मंत्री मनीष बाजपेई नगर निगम के समिति कक्ष पार्षद पवन गुप्ता का एक कागज रिसीव कराने पहुंचे थे। आरोप है कि यहां महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी ने उन्हें रोक लिया और उनका मोबाइल छीनकर बैठा लिया। घटना के बाद भाजपा संगठन में हलचल बढ़ गई। रविवार को पार्षद विकास जायसवाल, आलोक पांडेय, हरि स्वरूप तिवारी, लक्ष्मी कोरी और पवन गुप्ता ने क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू से मुलाकात कर शिकायत की और मामले की जांच की मांग उठाई। 'क्या बेइज्जती कराने के लिए महापौर को दो बार चुनाव लड़ाया?' घटना को लेकर मंडल मंत्री मनीष बाजपेई ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर संगठन के लिए काम करने वाले पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो वह संगठन में किस हैसियत से काम करेंगे। उन्होंने बताया कि वह करीब 10 साल से संगठन के लिए काम कर रहे हैं और महापौर को दोनों बार चुनाव लड़ाने में संगठन के स्तर पर काम किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्होंने महापौर को दो बार चुनाव इसलिए लड़ाया था कि बाद में उनकी बेइज्जती हो। उनका कहना है कि संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ता और पदाधिकारी के सम्मान की जिम्मेदारी भी संगठन की है। अब गुंडागर्दी पर आमादा हो गए- आलोक पांडेय पार्षद आलोक पांडेय ने आरोप लगाया कि मंडल मंत्री मनीष बाजपेई महापौर के कार्यालय में पार्षद पवन गुप्ता का पत्र रिसीव कराने गए थे। इसी दौरान उनके साथ घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगल भवन की कमेटी भंग होने के बाद इन लोगों में खिसियाहट आ गई है। क्योंकि कई बड़े लोगों के साथ इन लोगों ने संपर्क करके ही यह कमेटी बनाई थी। उनका कहना है कि कमेटी को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। आलोक पांडेय ने आरोप लगाया कि अब इसी नाराजगी के चलते पार्षदों और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। 'मंडल मंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं' भाजपा के उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मंडल या जिले का कोई भी पदाधिकारी हो, अगर उसके अपमान की कोशिश की जाती है तो संगठन की दृष्टि से इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नगर निगम में सदन के दौरान कौशलपुरी मंडल मंत्री मनीष बाजपेई के साथ हुई घटना निंदनीय है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अमित पांडेय किस हैसियत से नगर निगम के समिति कक्ष में मौजूद थे। अगर कोई कर्मचारी किसी पर आरोप लगाता तो वह जांच का विषय होता, लेकिन जिस तरह से मनीष संगठन में मंडल मंत्री हैं, वैसे ही उसे बैठालने वाले महापौर के बेटे अमित पांडेय भी सामान्य आदमी ही हैं। अनिल दीक्षित ने कहा कि वह किस हैसियत से नगर निगम में बैठे थे, इसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि बाहरी आदमी को दखलंदाजी करने का कोई अधिकार नहीं है। मंडल मंत्री का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए। महापौर बोलीं- संगठन के सामने रखेंगी पूरा मामला वहीं महापौर प्रमिला पांडेय ने जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह उनके बयान से आहत हैं। महापौर ने कहा कि अगर जिलाध्यक्ष ने उनसे संपर्क किया होता तो वह उन्हें पूरे मामले की वास्तविक स्थिति बतातीं। उन्होंने दावा किया कि कई बार फोन किया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। महापौर ने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी के चुनाव के दौरान चार पार्षदों ने तनाव पैदा करने की कोशिश की थी। लेकिन जब वह इसमें सफल नहीं हुए तो अब साजिश के तहत मनगढ़ंत मुद्दे को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। महापौर ने कहा कि पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को बंधक नहीं बनाया गया था। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अगर कोई पत्र या शिकायत देनी थी तो वह सीधे उन्हें दे सकते थे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वह भाजपा संगठन के सामने अपना पक्ष रखेंगी। महापौर ने कहा कि वह इन पार्षदों की शिकायत भी संगठन के सामने सबूतों के साथ करेंगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रायबरेली में दुष्कर्म का आरोपी पकड़ा गया:नाबालिग को भगाकर ले जाने और दरिंदगी का आरोप, एक वारंटी भी गिरफ्तार
    Next Article
    कानपुर में थार बिजली पोल से टकराकर पलटी:एयरफोर्स हॉस्पिटल प्रयागराज के 4 कर्मचारी थे सवार, सभी बाल-बाल बचे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment