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    '50 लाख में समझौता करने का लग रहा आरोप':लैंबॉर्गिनी केस के पीड़ित बोले- हमारी बुलेट अब तक थाने में कैद, पुलिस टरका रही

    1 hour ago

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    8.30 करोड़ की भारी–भरकम जमानत पर लैंबॉर्गिनी के रिलीज होने से पीड़ितों में आक्रोश देखने को मिला। हादसे के शिकार हुए अधिवक्ता शनिवार को सामने आए और उन्होंने कहा कि आरोपी की कार को तो रिलीज कर दिया गया, लेकिन अब तक हमारी बुलेट थाने में कैद है। उनकी ओर से लिखित शिकायत भी की गई थी, जिस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। उन लैंबॉर्गिनी के मालिक से 50 लाख रुपए लेकर समझौता करने का आरोप लग रहा है। यह था पूरा प्रकरण 8 फरवरी को आर्य नगर के प्रसिद्ध तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा अपनी लैंबॉर्गिनी कार से जा रहे थे। भैरोघाट चौराहे के पास कार की चपेट में आने से चमनगंज निवासी तौफीक अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। साथ ही ग्वालटोली निवासी अधिवक्ता विशाल त्रिपाठी, उनके भाई सोनू त्रिपाठी भी मामूली रूप से चुटहिल हुए थे। हादसे में उनकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस मामले में पहले चालक ने सरेंडर किया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में शिवम मिश्रा की भूमिका सामने आई थी। हालांकि कोर्ट ने शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए उन्हें 20 हजार के मुचलके पर रिहा किया था। शुक्रवार को सीजेएम सूरज मिश्रा की अदालत ने ग्वालटोली थाने में सीज खड़ी करोड़ों रुपये की लैंबॉर्गिनी कार को अवमुक्त (रिलीज) करने के आदेश जारी किए थे। रिलीज करने के लिए कोर्ट ने मालिक को 8 करोड़ 30 लाख रुपये की भारी-भरकम जमानत और एक अंडरटेकिंग कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार देर रात तंबाकू कारोबारी को कार सुपुर्द कर दी गई। कार रिलीज होने की जानकारी पर शनिवार को हादसे के पीड़ित अधिवक्ता विशाल त्रिपाठी और उनके भाई सोनू सामने आए, उन्होंने कहा कि एक्सीडेंट में हम लोग बाल–बाल बच गए थे, जिसके बाद बाउंसरों ने बदतमीजी की थी। पहले पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी थी, फिर पुलिस वाले दोबारा ले गए। इसके बाद अब तक बुलेट नही छूटी। आज हम लोगों को पता चला कि लैंबॉर्गिनी छोड़ दी गई है। कई लोग आरोप लगा रहे हैं कि तुम लोगों ने 50 लाख रुपए लेकर समझौता कर लिया, वरना कार नहीं छूटती। उन्होंने कहा कि हम लोगों की गाड़ी में एक्सीडेंट भी हुआ, उसके बाद भी हम लोगों की गाड़ी नही छोड़ी जा रही है। 3–4 बार थाने जा चुके है, लेकिन पुलिस वाले कहते है कि कोर्ट की कार्रवाई के बाद गाड़ी छोड़ी जाएगी।
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