Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    60 साल बाद इस देश का बड़ा ऐलान, रातों-रात बदली भारत की किस्मत!

    4 hours from now

    2

    0

    करीब 60 साल बाद एक देश ने ऐसा फैसला लिया है जिसने पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। यह फैसला कई देशों की गुंडागर्दी खत्म कर देगा लेकिन भारत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा क्योंकि जिस देश ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, वह भारत का बहुत बड़ा स्ट्रेटेजिक पार्टनर है। संयुक्त अरब अमीरात की जहां कुछ दिन पहले भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल मौजूद थे और अब इसी मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही संयुक्त अरब अमीरात ने ऐलान किया है कि वह तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर निकल रहा है। 1 मई 2026 से संयुक्त अरब अमीरात दुनिया भर में तेल के दामों और प्रोडक्शन को निर्धारित करने वाले ओपेक का सदस्य नहीं रहेगा। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात की पूरी कैबिनेट 2 घंटों के लिए पीएम मोदी से मिलने आई थी।इसे भी पढ़ें: UAE का मास्टरस्ट्रोक: अब Hormuz Strait को बायपास कर Fujairah से आएगा तेल, भारत की टेंशन खत्मअगले महीने अपनी यूरोप यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 घंटों के लिए अबू धाबी में रुकेंगे और हाई प्रोफाइल मीटिंग करेंगे। संयुक्त अरब अमीरात ने जो ऐलान किया है वो रातोंरात भारत की किस्मत बदल सकता है। यह जानने के लिए आप वीडियो को देखिए। दरअसल ईरान अमेरिका जंग की वजह से मुस्लिम देश बिखर गए हैं। सऊदी अरब पाकिस्तान की तरफ झुक गया तो संयुक्त अरब अमीरात भारत के और नजदीक आ गया। संयुक्त अरब अमीरात वो देश है जिस पर ईरान ने सबसे ज्यादा हमले किए। लेकिन कोई भी आसपड़ोस का मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात के साथ नहीं खड़ा हुआ। संयुक्त अरब अमीरात नाराज़ था कि किसी भी मुस्लिम देश ने ईरान को मुंहत जवाब नहीं दिया। इन देशों ने जमकर अमेरिकी हथियार और लड़ाकू विमान खरीदे लेकिन उनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया बल्कि पाकिस्तान, तुर्की, क़तर और सऊदी अरब जैसे देशों ने मौके का फायदा उठाकर संयुक्त अरब अमीरात की तरक्की को चोट पहुंचाने के लिए अबू धाबी और दुबई जैसे बड़े शहरों की छवि खराब करनी शुरू कर दी। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात ने ऐलान कर दिया कि वह ओपेक से बाहर जा रहा है। इसे भी पढ़ें: UAE का मास्टरस्ट्रोक: अब Hormuz Strait को बायपास कर Fujairah से आएगा तेल, भारत की टेंशन खत्मजानकारी के लिए बता दें कि ओपेक में सऊदी अरब के बाद संयुक्त अरब अमीरात ही सबसे ताकतवर सदस्य था। बहरहाल अब आपको बताते हैं कि संयुक्त अरब अमीरात के इस फैसले का फायदा किसे मिलने वाला है। दशकों तक ओपेक ने ऐसे कार्टेल की तरह काम किया जो एक कमरे में बैठकर तेल की सप्लाई को कंट्रोल करता रहा। कीमतों को मैनेज करता रहा और दुनिया को अपने हिसाब से ढलने पर मजबूर करता रहा। ओपेक ही यह तय करता था कि संयुक्त अरब अमीरात समेत बाकी सदस्य देश कितना तेल उत्पादन करेंगे और कितने में बेचेंगे। सब कुछ ऐसे ही चलता रहा। संयुक्त अरब अमीरात मुनाफा कमाने के लिए अपनी मर्जी से तेल प्रोडक्शन नहीं बढ़ा पा रहा था। लेकिन जब ईरान अमेरिका जंग में साथी मुस्लिम देशों ने धोखा दिया तो संयुक्त अरब अमीरात ने खुद को ओपेक की जंजीरों से आजाद करवा लिया। अब संयुक्त अरब अमीरात मन मुताबिक तेल प्रोडक्शन कर सकता है और बेच भी सकता है। जाहिर सी बात है कि भारत संयुक्त अरब अमीरात का सबसे बड़ा तेल इंपोर्टर बन सकता है। आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात अपनी हबशान फुजेराह तेल पाइपलाइन के जरिए भारत तक जमकर तेल पहुंचा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गिरगिट भी शर्मा जाए... विधानसभा में विपक्ष पर बरसे योगी आदित्यनाथ, गेस्ट हाउस कांड याद दिलाकर सपा-कांग्रेस को किया 'निर्वस्त्र'
    Next Article
    Iran को अमेरिका की अब तक की सबसे हिला देने वाली धमकी, चौंक गई दुनिया!

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment