Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    8 बार से जनता चुन रही, यही मेरे नंबर:बांसी विधायक जय प्रताप बोले- कच्ची सड़कें पक्की कराई, सिद्धार्थनगर में उद्योगों की कमी दूर करने का प्रयास करेंगे

    3 hours ago

    1

    0

    सिद्धार्थनगर की बांसी विधानसभा से आठ बार विधायक जय प्रताप सिंह प्रदेश की राजनीति का अनुभवी और मजबूत चेहरा माने जाते हैं। 1989 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राजनीति शुरू करने वाले जय प्रताप सिंह 2017 से 2022 तक योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उनका कहना है कि 3 दशक से ज्यादा हो गए। जनता लगातार समर्थन कर रही है यही मेरे नंबर हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…। सवाल: अपने कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब : नंबर देना जनता का काम है। 1989 से आज तक जनता का आशीर्वाद लगातार मिलता रहा है, यही मेरे काम की सबसे बड़ी पहचान है। मेरे लिए राजनीति चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का रास्ता रही है। मैंने हमेशा ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है। जनता का भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: 2022 से 2026 के बीच आपका सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: 2017 के बाद प्रदेश में विकास को नई गति मिली। बांसी विधानसभा में आज कच्ची सड़कें लगभग खत्म हो चुकी हैं। सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है। अगर एक बड़े काम की बात करूं, तो बांसी में 50 बेड के सरकारी अस्पताल की स्थापना मेरे लिए सबसे अहम उपलब्धि है। पहले यहां केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था, लेकिन अब इसे विकसित कर बेहतर अस्पताल बनाया गया है। यहां रोज 800 से 1000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और ऑपरेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ता। सवाल: कौन से काम अभी अधूरे हैं? जवाब: विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। आज सबसे बड़ी जरूरत रोजगार और कौशल विकास की है। हमारे यहां के बच्चे पढ़-लिखकर बाहर चले जाते हैं, क्योंकि स्थानीय स्तर पर अवसर कम हैं। सिद्धार्थनगर में उद्योगों की कमी है। नेपाल बॉर्डर के करीब होने और बेहतर कनेक्टिविटी के बावजूद यहां औद्योगिक विकास नहीं हो पाया है। सबसे बड़ी समस्या लैंड बैंक की है। अगर जमीन चिन्हित कर उद्योगों को सुविधाएं दी जाएं, तो रोजगार के बड़े अवसर बन सकते हैं। इसके अलावा, मेरी प्राथमिकता है कि कोटा, लखनऊ और दिल्ली जैसी कोचिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर विकसित हों, ताकि बच्चों को बाहर न जाना पड़े। सवाल: 2027 के चुनाव को लेकर क्या माहौल देखते हैं? जवाब: मुझे पूरा विश्वास है कि 2027 में फिर से डबल इंजन की सरकार बनेगी। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। गांव-गांव तक योजनाएं पहुंची हैं। चौपाल के जरिए लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और उनका समाधान हो रहा है। बिजली, सड़क, आवास, राशन और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं ने लोगों के जीवन में बदलाव लाया है। सवाल: क्या 2027 में आपको फिर से भाजपा का टिकट मिलेगा? जवाब: यह निर्णय पूरी तरह पार्टी का होता है। मैं लंबे समय से पार्टी से जुड़ा हूं और आठ बार विधायक रह चुका हूं। लेकिन टिकट देना या न देना संगठन तय करता है। मेरे लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण पार्टी, उसकी विचारधारा और जनता की सेवा है। पार्टी जो भी निर्णय करेगी, वह मेरे लिए सम्मानजनक होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दीपक-कुल्हड़ बनाए VIDEO:कानपुर में बोले- शिल्पकार आत्मनिर्भर भारत की ताकत, कुम्हार के घर पहुंच, खुद चलाया चाक
    Next Article
    कांग्रेस राज में गैस कनेक्शन के लिए जमीन बेचनी पड़ती:मंत्री दिनेश प्रताप बोले- अब हर घर तक पहुंच रही गैस, विकास नई ऊंचाइयों को छू रहा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment