Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आगरा में युवक ने मलाशय में डाली बोतल:36 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा, ऑपरेशन के बाद निकाली गई

    4 hours ago

    1

    0

    आगरा में एक युवक ने अपने मल द्वार में एक लीटर की पानी की प्लास्टिक की बोतल अंदर घुसा ली। बोतल मलाशय में फंस गई। 36 घंटे तक बोतल मलाशय में फंसी रही। दर्द होने पर युवक निजी अस्पताल पहुंचा। जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बोतल को बाहर निकाला। रविवार को युवक को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टर ने बताया कि युवक साइको सेक्सुअल डिसआर्डर एनल एयरोटिसिस्म से पीड़ित है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला एक घंटे तक चली सर्जरी, फिर निकली बोतल साकेत कालोनी में रहने वाला एक 38 साल का युवक मंगलवार को नवदीप हास्पिटल पहुंचा। वह असहनीय दर्द से कराह रहा था। उसने डॉक्टर को बताया कि उसके मलाशय में पानी की बोतल घुस गई गई। डॉक्टरों ने उसका एक्सरे किया। एक्सरे में दिखा कि उसके मलाशय में एक लीटर की पानी की बोतल फंसी हुई थी। हास्पिटल के निदेशक वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि युवक को तत्काल इमरजेंसी में भर्ती किया। यहां पर उसकी सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान ध्यान रखा गया कि बोतल को निकालते समय मलाशय फट न जाए और जख्म ना हों। करीब एक घंटे 10 मिनट में सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद बोतल को बाहर निकाल लिया गया। 4 दिन तक अस्पताल में चला इलाज इसके बाद चार दिन तक उसका इलाज चला। सिग्मोइडोस्कोपी से मलाशय की जांच की गई। मलाशय के घाव भरने तक उसे अस्पताल में रखा गया। रविवार को डॉक्टर ने युवक से पूछा कि शौच करने में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है? युवक ने बताया कि नहीं, अब कोई दिक्कत नहीं है। सब नॉर्मल है। इसके बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टर ने बताया कि युवक शादीशुदा है। उसे साइको सेक्सुअल डिसआर्डर एनल इरोटिसिम (गुदा कामुकता) है। यह समस्या पश्चिमी देशों में ज्यादा मिलती है। इससे पीड़ित मरीजों को गुदा द्वार को स्पर्श करने से आनंद मिलता है। डॉक्टर बोले- युवक को साइको सेक्सुअल डिसआर्डर एनल इरोटिसिम इससे पीड़ित मरीज बाहरी वस्तु को खुद ही अपने गुदा द्वार में डालते हैं। इन मरीजों में एचआइवी, हेपेटाइटिस सेक्सुअली ​ट्रांसमिटेड डिजीज होने का खतरा रहता है। ऐसे मरीजों की काउंसिलिंग की जाती है। जिससे वे इस आदत को छोड़ देते हैं। सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. दीपक , डॉ. भुवेश, राजेंद्र, गजेंद्र, शादाब और रोहतांग शामिल रहे। …………….. ये खबर भी पढ़िए- खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला, सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    योगी बोले- खिलजी खानदान को कोई जानने वाला नहीं:प्रताप-पद्मिनी की वंशावली हमारे सामने, चित्तौड़गढ़ का किला भारत की अस्मिता का प्रहरी
    Next Article
    बेहटा में बम विस्फोट की सूचना से हड़कंप:दो पक्षों में विवाद के चलते महौल बिगाड़ने की साजिश, जांच में जुटी टीम

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment