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    आगरा नगर निगम की बैठक में माइक तोड़ा, हंगामा:BJP वाले छाती पीटकर रोए, मेयर ने पुलिस बुलाई; बसपा पार्षद को निष्कासित किया

    1 day ago

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    आगरा नगर निगम के 17वें अधिवेशन में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक शुरू होते ही भाजपा और बसपा पार्षद आमने-सामने आ गए। बसपा पार्षद सुनील शर्मा ने पहले बात रखने की बात कही। लेकिन मेयर हेमलता दिवाकर ने उन्हें बाद में बोलने को कहा। इस पर वह भड़क गए। हंगामा शुरू हो गया। इसी दौरान बसपा पार्षद यशपाल सिंह ने माइक उठाकर जमीन पर फेंक दिया। सुनील शर्मा ने आंखों पर काली पट्टी बांध ली। वह वेल में जाकर बैठ गए। उनके समर्थन में बसपा के अन्य पार्षद भी वेल में धरना-प्रदर्शन करने लगे। हंगामा बढ़ा तो मेयर को पुलिस बुलानी पड़ी। फिर मेयर ने बसपा पार्षद को निष्कासित कर दिया। वहीं भाजपा पार्षदों ने माइक की प्रतीकात्मक अर्थी बनाई। फूलों का हार चढ़ाया। फिर छाती पीट-पीटकर रोने लगे। मेयर ने समझाने की कोशिश की। लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। मेयर गुस्से में उठकर सदन से बाहर चली गईं। फिर कुछ देर बाद बसपा पार्षद मेयर को मनाकर सदन ले आए। माइक फेंकने पर मेयर ने किया निष्कासित दोपहर करीब 12 बजे निगम सभागार में मेयर हेमलता दिवाकर पहुंची। उन्होंने कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा। तभी बसपा पार्षद सुनील शर्मा ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने अपनी बात रखने की मांग की। मेयर ने उन्हें बैठने और बाद में बोलने को कहा, लेकिन वह नहीं बैठे। वह अपनी बात पर अड़ गए। इसको लेकर भाजपा और बसपा पार्षद आमने-सामने आ गए। विरोध में सुनील शर्मा ने आंखों पर काली पट्टी बांध ली और वेल में जाकर बैठ गए। उनके समर्थन में बसपा के अन्य पार्षद भी वेल में पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। दोनों दलों के बीच बहस शुरू हो गई। बसपा दल के नेता यशपाल सिंह ने विरोध करते हुए माइक उठाकर जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। माइक टूटते ही सदन में हंगामा और बढ़ गया। हंगामे के बीच मेयर ने अनुशासनहीनता के आरोप में यशपाल सिंह को पूरी सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया। इस फैसले के बाद बसपा पार्षदों का विरोध और तेज हो गया। बसपा पार्षद सुनील शर्मा ने कहा कि उनके दल के 25 पार्षदों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्हें जेल भेजा जाए। हम सब इसके लिए तैयार हैं। उनका आरोप था कि बसपा पार्षदों को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। भाजपा पार्षदों ने लगाए नारे, माइक की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी हंगामे के दौरान भाजपा पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। इसके जवाब में बसपा पार्षद अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख मेयर को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने टूटे हुए माइक की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। भाजपा पार्षद राकेश कनौजिया ने माइक की अर्थी पर माला चढ़ाकर शोक जताया। फिर पार्षद छाती पीट पीटकर रोने लगे। मेयर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन हंगामा नहीं रुका। इसके बाद वह सदन से उठकर चली गईं। कुछ देर बाद बसपा पार्षद मेयर को मनाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हंगामे से ज्यादा जरूरी लोगों की समस्याओं पर बात करना है। जो हुआ, वह गलत हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए था। बसपा पार्षदों ने मेयर को मनाया, फिर शुरू हुई बैठक इसके बाद मेयर सदन में लौटीं। यशपाल सिंह और सुनील शर्मा ने कहा कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। अगर किसी को ठेस पहुंची है, तो हम लोगों को खेद है। मेयर ने कहा कि आज की घटना निंदनीय है। यह माफी के योग्य नहीं है। लेकिन आप दोनों भी सदन के सदस्य हैं, इसलिए माफ किया जाता है। माइक तोड़ने का मामला जांच का विषय है। निर्णय जांच के बाद होगा। इसके बाद सदन दोबारा शुरू हो सका।
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