Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आजमगढ़ में सैकड़ो युवाओं को ठगने वाले तीन गिरफ्तार:सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक वसूले

    5 hours ago

    1

    0

    आजमगढ़ में सेना और पुलिस बल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करके ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इन आरोपियों ने आजमगढ़ बलिया, गाजीपुर, गोंडा सहित प्रदेश के कई जिलों में अपने नेटवर्क फैला रखे थे। इस पूरे मामले में कदम कदम पर थाने की लापरवाही सामने आई। हालांकि इन आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय भेजा गया था जहां आरोपियों पर दर्ज मुकदमों में सजा का प्रावधान देते हुए मुचलके पर थाने से रिहा करने का निर्देश देने के साथ वापस कर दिया गया था। जिसके पास शनिवार को धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए आरोपियों को पुनः न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान रानी की सराय थाने की पुलिस बैक फुट पर नजर आई। संगठित गिरोह बनाकर होती थी ठगी इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए पीड़ित पंकज यादव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा सेवा में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रूपए लिए गए। जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित अपना पैसा वापस मांगने लगे पर आरोपी पैसा वापस नहीं कर रहे थे। पीड़ित पंकज यादव का कहना है कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर आजमगढ़ गाजीपुर गोंडा बलिया सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ ठगी की घटना को अंजाम दिया है। जेल से भी भेज दिया गया था वापस पुलिस ने इस घटना में गिरफ्तार राहुल कुमार,राकेश यादव और प्रदीप यादव को लेकर इटौरा जेल पहुंची तो वहां से भी इन आरोपियों को वापस भेज दिया गया। इसके बाद रानी की सराय स्वास्थ्य केंद्र पर इनका परीक्षण कराया गया। जहां से फिर जेल रवाना किया गया। इस मामले में विद्यासागर, राहुल और वीरेंद्र यादव फरार चल रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है। बैकफुट पर नजर आई थाने की पुलिस इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जब पुलिस न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया तो दर्ज मुकदमों मे धारा मे सजा प्रावधान को देखते हुए यह कर वापस कर दिया गया कि इसमे सजा का प्रावधान सात वर्ष से कम है। ऐसे में थाने से मुचलके पर छोड दिया जाय। पुलिस थाने लेकर आरोपियों को चली आई और शनिवार को फिर धारा बढोत्तरी कर न्यायालय मे प्रस्तुत किया। आरोपियों पर पुलिस ने यह धाराएं लगाई थी। 319(2),318(4),336(4),340(2),61(2),351(3),352 बीएन एस। असम मे तैयार कराते थे निवास प्रमाण पत्र पुलिस के हत्थे चढे आरोपित भारत के खासतौर से आसाम में सेंटिंग कर यह गिरोह चलाते थे।यहा युवाओं से पाच से दस लाख तक सौदा कर पैसा लेते थे फिर फर्जी दस्तावेज के सहारे भर्ती करा देते थे। निवास प्रमाण पत्र के चलते बनने वाली क्षैक्षिक मेरिट मे लाभ मिलता था और आसानी से भर्ती करा देते थे। आनलाइन मंगवाते थे दूसरे के खाते मे पैसा गिरोह मे शामिल राकेश यादव समेत अन्य अलग अलग जनसेवा केन्द्र के माध्यम से पैसे का लेनदेन करते थे जिससे लेन देन के आधार पर शक न हो। स्थानीय के अलावा अन्य जनपदो के युवाओं से भी पैसा इसी तरह वसूलते थे। गिरोह का फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास ही बिफल हो गया और यही से पैसा देने वाले युवक दबाव बनाने लगा। पैसा न मिलने पर मामला पुलिस के पहुचा और हत्थे चढ गये। इन दिनो आसाम मे निवास बनाने की प्रक्रिया मे परिवर्तन हो गया जिससे गिरोह भी दस्तावेज नही बनवा सका। यही कारण है कि इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर किडनी कांड के 2 और आरोपी अरेस्ट:अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में थी अहम भूमिका, अब तक 13 आरोपी भेजे गए जेल
    Next Article
    वाराणसी पहुंचे तेज प्रताप यादव:विश्वनाथ मंदिर में किया जप, बोले- मन भटक रहा था बाबा का आशीर्वाद लेने आया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment