Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    यूपी विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव:कामकाज संभालने के लिए ग्राम पंचायतों में 'प्रशासक' बनाए जाएंगे, 26 मई से पहले पूरी होगी नियुक्ति

    1 hour ago

    1

    0

    यूपी में पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद होंगे। प्रदेश की 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। इसके चलते सरकार ने पहली बार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त करने का फैसला लिया है। 26 मई तक प्रदेशभर में प्रशासकों की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी। कुछ दिन पहले ही पंचायतीराज विभाग ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद कामकाज संभालने के लिए प्रशासक की नियुक्ति या प्रशासनिक समिति के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा था। विभाग के निदेशक अमित सिंह ने कहा था- ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। शासन स्तर से प्रशासक की नियुक्ति होगी। पंचायतों के ‘ग्राम पंचायत सहायक’ को ही ‘प्रशासक’ नियुक्त करने का प्रावधान है। जब तक चुनाव नहीं होते तब तक प्रशासक ही ग्राम पंचायत का कामकाज संभालता है। प्रधान संघ की मांग- ‘प्रशासनिक समिति’ गठित हो राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह कहते हैं- संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 20 अप्रैल को सीएम योगी से मुलाकात करके प्रशासनिक समिति गठित करने की मांग की थी। 16 मई को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात कर उनके सामने भी यही मांग रखी थी। संगठन के उपाध्यक्ष ललित कुमार शर्मा बताते हैं- पंचायत चुनाव समय पर न होने पर राज्य सरकार या जिलाधिकारी, पंचायतीराज एक्ट 1947 की धारा- 12 की उपधारा 3A के तहत प्रशासक या प्रशासनिक समिति गठित कर सकते हैं। प्रशासनिक समिति में ग्राम प्रधान या सरकार की ओर से निर्धारित अध्यक्ष होते हैं। वहीं, ग्राम प्रधान समेत पंचायत के वार्ड सदस्य, ग्राम पंचायत सहायक को सदस्य नियुक्त किया जाता है। प्रशासक नियुक्त होने से आती हैं व्यावहारिक कठिनाइयां प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह बताते हैं- ग्राम पंचायतों में सरकारी कर्मचारी को प्रशासक नियुक्त करने से ग्रामीणों के सामने कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं आती हैं। प्रशासक नियुक्त किए जाने की 3 वजहें… 1. पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन अभी तक नहीं हुआ। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक है, जबकि लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 10 जून को होगा। 2. पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर हो चुका है। आयोग गठन के 3 से 6 महीने के अंदर रिपोर्ट पेश करेगा। इसके बाद चुनाव के लिए आरक्षण का निर्धारण होगा। इसमें 6 महीने का समय लग सकता है। 3. सरकार पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव के बाद कराने पर विचार कर रही है। राजनीतिक दल भी सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं, लेकिन मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… चिराग पासवान के पोस्टर लगे- क्यों मांगे नेता उधार…:संजय निषाद की सीटों पर भी खतरा, यूपी में चुनाव लड़ेंगी बिहार की पार्टियां क्यों मांगे नेता उधार, जब अपना नेता है तैयार… चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इसी स्लोगन के साथ लखनऊ में पोस्टर लगाए हैं। इनमें चिराग पासवान हाथ जोड़कर खड़े दिख रहे हैं। पार्टी से जुड़े बड़े नेताओं की तस्वीरें भी इस पोस्टर पर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    पुलवामा वाले हमजा के जनाजे में भी धुरंधर का खौफ! ISI ने दी मिट्टी, आतंकियों की फौज संग था सलाउद्दीन
    Next Article
    1300 ग्राम अवैध ओजी/एजी के साथ दो गिरफ्तार:एएनटीएफ की कार्रवाई में पकड़े गए, झारखंड का है सरगना

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment