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    आकाश ने मायावती के पैर छुए, 10-सेकेंड सिर झुकाए रखा:बसपा सुप्रीमो ने पीठ थपथपाई; माफी मांगने के बाद पहली बार साथ दिखे

    19 hours ago

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    बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को BSP के संस्थापक कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। भतीजे आकाश आनंद भी उनके साथ नजर आए। उन्होंने बुआ के पैर छुए और हाथ जोड़कर 10 सेकेंड तक सिर झुकाए रखा। मायावती ने आकाश के सिर पर हाथ रखा और पीठ थपथपाकर आशीर्वाद दिया। मायावती की तरफ से माफ किए जाने और पार्टी में वापसी के बाद यह पहला मौका है, जब आकाश बुआ के साथ दिखाई दिए। मायावती ने सुबह 9 बजे बसपा के प्रदेश कार्यालय में कांशीराम की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। इसके बाद उन्होंने आकाश को इशारा कर श्रद्धांजलि देने के लिए कहा। आकाश आगे बढ़े और तस्वीर पर फूल चढ़ाए। उन्होंने झुककर कांशीराम को प्रणाम किया। सूत्रों के मुताबिक, मायावती ने गुरुवार रात भतीजे आकाश को खासतौर पर दिल्ली से लखनऊ बुलाया था। वहीं, उनके भाई आनंद कुमार और छोटे भतीजे ईशान आनंद दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इसके अलावा, कांशीराम की पुण्यतिथि पर बसपा के एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में जुटे। 2 तस्वीरें देखिए- मायावती की 4 बड़ी बातें 1. कांशीराम को भारत रत्न दे केंद्र सरकार मायावती ने केंद्र सरकार से बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा- कांशीराम जी ने अपना जीवन सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को समर्पित कर दिया। उनके ऐतिहासिक योगदान और बहुजन समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए। कांशीरामजी का मानना था कि बहुजन समाज को सत्ता किसी की मेहरबानी या दया से नहीं, बल्कि संविधान से मिले वोट के अधिकार की ताकत से हासिल होगी। इस अधिकार की रक्षा करना भी जरूरी है। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के करोड़ों लोग ही उनका असली परिवार हैं। उनका हित, कल्याण और अस्मिता उनके लिए सर्वोपरि है। कांशीराम ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया था। वह उनके विश्वास को कभी आंच नहीं आने देंगी। 2. बसपा को परिवारवाद से मुक्त रखा मायावती ने कहा कि कांशीराम के नक्शेकदम पर चलते हुए बसपा और बहुजन आंदोलन को परिवारवाद से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है। बहुजन समाज के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। बसपा ने उत्तर प्रदेश में चार बार सरकार बनाई है। 3. महंगाई-बेरोजगारी से परेशान हैं देश के लोग मायावती ने कहा कि देश में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा और पिछड़ेपन जैसी गंभीर समस्याओं से सभी वर्गों के लोग परेशान हैं। कुछ मुट्ठी भर लोगों के लिए अच्छा माहौल बनाकर देश को सुखी और संपन्न नहीं बनाया जा सकता। सरकार ठोस कदम उठाए, जिससे लोगों को रोजगार मिले और वे स्वाभिमानी बन सकें। बसपा प्रमुख ने कहा कि सरकार को निजी क्षेत्र पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों के दम पर काम करना चाहिए। केवल हवाई दावों से समस्याएं हल नहीं होंगी। इसके लिए सही नीयत और नीति के साथ कदम उठाने होंगे। जिन मुद्दों को बसपा लंबे समय से उठाती रही है, उन्हें अब Gen-Z और Gen-Alpha भी मुद्दा बना रहे। 4- सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना जरूरी मायावती ने यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ जुटने की अपील की। कहा- शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना जरूरी है। इसके लिए बहुजन समाज को अपने वोट की ताकत पहचाननी होगी। इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- बसपा समर्थकों ने क्या कहा, पढ़िए आकाश की माफी के बाद मायावती ने पार्टी में वापस लिया था मायावती ने 5 अक्टूबर को भतीजे आकाश को 31 दिन बाद BSP का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया था। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया था। मायावती अब तक 3 बार आकाश को पद से हटा चुकी हैं। हर बार उन्हें वापस पद दिया गया है। 2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने X पर मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और "बुआ मां" बताया था। उन्होंने लिखा था कि बसपा ही उनका परिवार है। उन्होंने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले का भी समर्थन किया था। आकाश को फिर से पार्टी में वापस लेने के फैसले पर मायावती ने सफाई भी दी थी। कहा था कि आकाश आनंद को शादी से पहले कभी पार्टी से नहीं निकालना पड़ा। शादी के बाद ससुर अशोक सिद्धार्थ ने आकाश को बरगलाया। मायावती ने आकाश को कब-कब जिम्मेदारी दी और कब हटाया? जानिए आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्री​​ ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- आकाश आनंद 31 दिन बाद फिर बसपा के राष्ट्रीय संयोजक:मायावती ने भतीजे को 3 बार पद से हटाया, ससुर ने राजनीति छोड़ी तब पद दिया बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को 31 दिन बाद पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया था। तब उन्होंने कहा था- आकाश को अभी और अधिक मैच्योर होने की जरूरत है। मायावती अभी तक 3 बार आकाश को पद से हटा चुकी हैं। तीनों बार उन्हें वापस पद दिया गया है। पूरी खबर पढ़िए
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