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    आखिरी समय कंफर्म हुआ था आशुतोष महाराज का टिकट:विजयवाड़ा के यात्रियों को अलॉट थी सीट, सहयात्री बोला- हमला होते नहीं देखा

    1 hour ago

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    शंकराचार्य पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर 8 मार्च (रविवार) को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष महाराज का वेटिंग का टिकट था। लेकिन, 2 यात्री समय से नहीं पहुंचे। इसके बाद आशुतोष महाराज और उनके साथी को सीट अलॉट हो गई थी। आशुतोष महाराज ने हमले के बाद बताया था कि H1 बोगी के 15-16 सीट पर ट्रैवल करके वह रीवा एक्सप्रेस से आ रहे थे। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि उन्होंने आशुतोष और सुधांशु नाम पर दो टिकट लिए थे। लेकिन, टिकट वेटिंग का था। 15-16 नंबर की सीट विजयवाड़ा के रहने वाले 2 यात्रियों ने बुक कराई थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में उस यात्री ने बताया- हमारा टिकट था। हमने दिल्ली से रीवा तक के लिए बुक किया था। लेकिन, देर से स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन छूट गई थी। इस वजह से ट्रैवल नहीं कर पाए। वही सीट आखिरी समय में आशुतोष महाराज और उनके शिष्य सुधांशु को अलॉट हो गई। हमने आशुतोष महाराज के पड़ोस की सीट पर सफर करने राजरूपपुर (प्रयागराज) में रहने वाले एक अन्य यात्री से भी बातचीत की। वह दिल्ली से प्रयागराज के लिए सफर कर रहे थे। नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया- जिस समय यह हुआ, मैं सो रहा था। हमला होते समय नहीं देखा। लेकिन वो (आशुतोष महाराज) बाथरूम से चिल्लाते हुए आए और कोच का दरवाजा खोला, तब मेरी तो नींद खुली। मैंने उनके चेहरे और शरीर पर खून लगा था, वो चिल्ला रहे थे। विस्तार से पढ़िए यात्री ने जो कुछ बताया.. भास्कर: आप रविवार को रीवा एक्सप्रेस से आ रहे थे। क्या हुआ था? यात्री: मैं जब रीवा एक्सप्रेस से आ रहा था, तो उस समय मैंने देखा कि बाबाजी खून से लथपथ थे। भास्कर: क्या हमला होते हुए आपने देखा? यात्री: नहीं, फर्स्ट एसी का कूपा बंद होता है। घटना टॉयलेट के पास हुई थी। टॉयलेट के पास मैं नहीं था। भास्कर: आपने टॉयलेट के पास जो हुआ, नहीं देखा था? यात्री: नहीं, मैं सो रहा था। जब ये (अशुतोष महाराज) दरवाजा खोलकर अंदर घुसे चिल्लाते हुए, तब नींद खुली। तब देखा कि चेहरे पर खून लगा हुआ था, शरीर पर भी खून लगा था। मैंने सामने से देखा था। भास्कर: 4 यात्री थे, क्या सब सो रहे थे? इनके साथ वाला भी सो रहा था? यात्री: हां, सभी सो रहे थे। सुबह के 4-5 बजे सब सो रहे थे। सब चिल्लाने की आवाज सुनकर उठे। रिपोर्टर: चिल्लाते हुए आए, उसके बाद क्या हुआ? यात्री: चिल्लाते हुए आए तो सबने देखा कि चेहरे और कपड़ों में खून लगा हुआ था। वह बैठ गए और इधर-उधर फोन करते रहे। प्रयागराज पहुंचे, तो जीआरपी वालों ने लिखा-पढ़ी की। रिपोर्टर: कोच अटेंडेंट नहीं था क्या? यात्री: कोच अटेंडेंट तो बाद में आया। जब बाबा अंदर आ गए तो अंदर बेल लगी होती है। हम लोगों ने काफी देर बजाई। गेट बंद करके बेल बजाई, तो भी नहीं आया। बाबा के साथ जो लड़का था, उसने जाकर कोच अटेंडेंट को उठाया। तब वह आया। उसके बाद टीटीई को बुलाया। फिर एक पुलिस वाला आया। सुबह की घटना है, तो सभी सोए रहते हैं, अच्छी नींद में। भास्कर: क्या ट्रेन में गेट खुला था? यात्री: हमने तो नहीं देखा, लेकिन बाबा का कहना है गेट दोनों तरफ से खुले थे। फर्स्ट एसी के बाद दूसरी तरफ जनरल कोच तो लॉक था। लेकिन जो उतरने-चढ़ने वाले गेट होते हैं, वो खुले थे। कोच अटेंडेंट और टीटीई भी आया, तो बताया कि गेट खुले थे। हमने नहीं देखा, हम अपनी सीट पर बैठे रहे। बैठे-बैठे सिराथू से प्रयागराज आ गए। बाबा सब जगह फोन पर बात करते रहे। फिर स्टेशन पर जीआरपी वालों ने पूछताछ की। इसके बाद मुझे नहीं पता, क्या हुआ? 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज पर 8 मार्च की सुबह करीब 5 बजे हमला हुआ था। उस समय आशुतोष महाराज रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे। शिकायत में उन्होंने बताया था कि कौशांबी जिले में फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच जब वह ट्रेन के टॉयलेट की ओर गए, तभी किसी ने उन पर हमला कर दिया। वहीं, जांच कर रही जीआरपी की टीम ने अभी तक 200 से ज्यादा CCTV खंगाले हैं। लेकिन, किसी भी फुटेज में हमला करते समय या कोई भी हमलावर चढ़ते-उतरते समय नहीं दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ जांच में आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपना बयान देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने जांच बदलने के लिए केंद्रीय गृह सचिव को लिखा पत्र है। स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत ‘21 लाख रुपए के लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया है। आशुतोष, रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। पढ़ें पूरी खबर
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