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    आप ने मोदी-ट्रंप ट्रेड डील रद्द करने की मांग की:किसानों-नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

    22 hours ago

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    आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की। आप ने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील की शर्तों, संभावित लाभार्थियों और दूरगामी प्रभावों के बारे में न तो संसद को विश्वास में लिया गया और न ही जनता के सामने पूरी पारदर्शिता बरती गई। पार्टी ने इस समझौते पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भारतीय उद्योग समूहों, विशेषकर अडानी समूह, के खिलाफ चल रही जांचों और वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि अडानी को अमेरिका में समन जारी होने और एप्स्टीन प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी का नाम आने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। आप ने राफेल सौदे के दौरान अनिल अंबानी की 12 दिन पुरानी कंपनी को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने पर उठे सवालों को भी याद दिलाया। पार्टी ने आशंका व्यक्त की कि मोदी-ट्रंप ट्रेड डील भी किसी विशेष उद्योग समूह को लाभ पहुंचाने की मंशा से की गई हो सकती है। आप ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकारी नीतिगत निर्णयों के माध्यम से चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचा रही है। आप का मुख्य आरोप है कि मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है। पार्टी के अनुसार, इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैक्स वसूलेगा। इसके अतिरिक्त, भारत का कृषि बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है। आप ने बताया कि अमेरिकी किसानों को लगभग 80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसानों को ऐसी कोई सब्सिडी नहीं मिलती। ऐसे में भारतीय किसानों के लिए अमेरिकी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होगा। आलोचकों ने यह भी कहा कि इस डील में 'और अन्य उत्पाद' जैसे शब्दों का उपयोग करके भविष्य में और अधिक क्षेत्रों को खोलने की गुंजाइश रखी गई है, जिससे देश की आर्थिक और खाद्य सुरक्षा दोनों पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
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