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    आवास विकास के नोटिस के बाद सेटबैक का ध्वस्तीकरण शुरू:मेरठ की सेंट्रल मार्केट में खुद अपने मकान- दुकान तोड़ रहे लोग, बोले सब बर्बाद हो गया

    2 hours ago

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    मेरठ की सेंट्रल मार्केट में 15 दिन तक चले धरने के खत्म होने के बाद आवास विकास ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार नोटिस चस्पा करने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत अब जिनको नोटिस मिले हैं उन्हें नियमानुसार सेटबैक छोड़कर अपने नक्शे तैयार करने होंगे साथ ही आवासीय में चल रही कॉर्मशियल गतिविधियां भी बंद करनी है। लोगों ने शुरू किया ध्वस्तीकरण जिन लोगों को आवास विकास ने नोटिस देने शुरू किए हैं उनमें से बहुत लोगों ने उनका पालन भी करना शुरू कर दिया है। लोगों ने नियमानुसार सेटबैक के तहत अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। यदि दिए गए समय में कार्रवाई पूरी नहीं होती है तो आवास विकास खुद मकानों को तोड़ने का काम करेगा। उजड़ गया सेंट्रल मार्केट का अस्तित्व सेंट्रल मार्केट जहां एक समय में मेरठ के मुख्य बाजारों में रहता था लेकिन आज उसका अस्तित्व खत्म हो गया है। मार्केट के एक कॉम्पलेक्स में बनी 22 दुकानों को पहले ही पूर्ण रूप से ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद 44 संपत्तियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सील कर दिया गया, साथ ही बीती 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बाकी संपत्तियों को भी सेटबैक के तहत अपने मकान दुकान तोड़न होंगे। आठ टीमें कर रही नोटिस चस्पा आवास विकास द्वारा जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा है उसके तहत आवास विकास ने आठ टीमों में यह काम बांटा है। इसको पूरा करने के लिए अन्य जिलों से भी स्टाफ मेरठ में यह कार्रवाई कर रहा है। अब जानिए सेट बैक की शर्तें सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)। रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी। साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी। स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक - रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक - कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
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