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    अंबेडकरनगर में बनेंगे दो बड़े क्षमता वाले गोदाम:चावल ढुलाई पर सालाना 24.88 करोड़ रुपये की होगी बचत, जमीन चिह्नित

    2 hours ago

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    अंबेडकरनगर जिले में दो बड़े क्षमता वाले गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इन गोदामों के बनने से चावल को अन्य जनपदों तक पहुंचाने और वापस लाने में होने वाले परिवहन खर्च में प्रतिवर्ष 24.88 करोड़ रुपये की बचत होगी। वर्तमान में जिले में केवल 10 हजार मीट्रिक टन (एमटी) क्षमता के गोदाम उपलब्ध हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 1,58,000 एमटी है, जिसके सापेक्ष 1,10,000 एमटी चावल भेजा जाता है। शेष चावल जौनपुर के शाहगंज डिपो (50 हजार एमटी), एफसीआई अयोध्या (20 हजार एमटी) और डिपो चकवल आजमगढ़ (30 हजार एमटी) भेजा जाता है। टांडा में 5600 एमटी और बेलांगर में 4000 एमटी के छोटे गोदाम भी उपलब्ध हैं। प्रस्तावित नए गोदामों में से एक टांडा के ब्राहिमपुर कुसुमा में 30 हजार एमटी क्षमता का होगा, जिसके लिए 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। दूसरे गोदाम के लिए भीटी ब्लॉक के परवरभारी गांव में भूमि की तलाश जारी है। फिलहाल, जिले से कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) बाहर भेजने पर 10 लाख एमटी पर लगभग छह करोड़ रुपये का परिवहन व्यय होता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिले का मासिक आवंटन 9 से 10 हजार एमटी है, जिसे शाहगंज डिपो से उठाने में प्रतिमाह 70 लाख रुपये का भाड़ा लगता है। नए गोदाम बनने पर यह भाड़ा घटकर 30 लाख रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, शाहगंज डिपो पर पंजाब से प्रतिवर्ष 48 रैक चावल आता है, जिस पर प्रति रैक 37 से 40 लाख रुपये खर्च होते हैं। इस प्रकार, नए गोदामों से एक वर्ष में 17.76 करोड़ रुपये के भाड़े की अतिरिक्त बचत होगी। जिले में धान का कुल क्षेत्रफल 1,38,191 हेक्टेयर है, जिससे 7,56,189 एमटी का उत्पादन होता है। इसी तरह, गेहूं का कुल क्षेत्रफल 1,19,261 हेक्टेयर है, जिसका कुल उत्पादन 4,91,935 एमटी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी के प्रयासों से ब्राहिमपुर कुसुमा में एक गोदाम के लिए भूमि मिल गई है, और भीटी में भी भूमि की तलाश जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों गोदामों के निर्माण से प्रतिवर्ष कुल 24.88 करोड़ रुपये के परिवहन और अन्य खर्चों की बचत होगी।
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