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    अपनी पहचान बतानी होगी...सबूत दीजिए! पूर्व नौसेना प्रमुख Admiral Arun Prakash को चुनाव आयोग का नोटिस, SIR पर खड़े हुए बड़े सवाल

    3 hours from now

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    भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) के तहत नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) को एक नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी पहचान और निवास की पुष्टि करने को कहा गया है। एडमिरल अरुण प्रकाश, जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से पिछले कई वर्षों से गोवा में स्थायी रूप से रह रहे हैं, ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद से गोवा में रह रहे एडमिरल प्रकाश ने कहा कि यदि एसआईआर प्रपत्र अपेक्षित जानकारी नहीं जुटा रहे हैं तो उनमें संशोधन किया जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: लाडकी बहिण को लखपति दीदी बनाने वाले पार्षदों को NMC में मिलेंगे अच्छे पद: Fadnavis हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 2002 में अंतिम बार अद्यतन मतदाता सूची में उनके विवरण दर्ज नहीं हैं और वह ‘अनमैप’ श्रेणी में आते हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कुछ लोगों ने सवाल किया कि पूर्व नौसेना प्रमुख का पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) और जीवन प्रमाणपत्र पहले से सरकारी डेटाबेस में उपलब्ध हैं तो एसआईआर टीम को और क्या चाहिए। दक्षिण गोवा की जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ज्यादातर ऐसे मामलों में यही हो रहा है। एडमिरल प्रकाश ‘अनमैप’ श्रेणी में आते हैं।’’इसे भी पढ़ें: MNREGA बचाओ प्रदर्शनकारियों पर ‘बर्बर लाठी चार्ज’ के लिये कांग्रेस ने उप्र सरकार की आलोचना की  दक्षिण गोवा की जिलाधिकारी क्लीटस ने कहा कि वह नौसेना के पूर्व अधिकारी के प्रपत्र को सोमवार को देखेंगी और प्राधिकारी उनसे संपर्क करेंगे। भारत-पाकिस्तान के 1971 के युद्ध में अपनी भूमिका के लिए वीर चक्र से सम्मानित एडमिरल प्रकाश को एसआईआर ‘सुनवाई नोटिस’ के तहत अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उपस्थित रहने को कहा गया है। इस नोटिस को लेकर ऑनलाइन चर्चा शुरू होने के बाद एडमिरल प्रकाश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मुझे न तो किसी विशेष सुविधा की जरूरत है, न ही मैंने 20 साल पहले सेवानिवृत्ति के बाद कभी ऐसी कोई मांग की है। मैंने और मेरी पत्नी ने आवश्यकतानुसार एसआईआर प्रपत्र भरे थे और ईसी वेबसाइट पर गोवा की प्रारूप मतदाता सूची 2026 में अपने नाम देखकर प्रसन्न थे। हालांकि, हम ईसी नोटिस का पालन करेंगे।’’ उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘‘क्या मैं निर्वाचन आयोग को यह इंगित कर सकता हूं कि (क) यदि एसआईआर प्रपत्र आवश्यक जानकारी नहीं जुटा रहे हैं तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए; (ख) बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) ने हमसे तीन बार मुलाकात की और वे अतिरिक्त जानकारी मांग सकते थे; (ग) हम 82 एवं 78 वर्ष के हैं और हमें 18 किलोमीटर दूर दो अलग-अलग तिथियों पर उपस्थित होने को कहा गया है।’’ लेफ्टिनेंट कर्नल टी. एस. आनंद (सेवानिवृत्त) ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘‘मुझे लगता है कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ होगा, लेकिन यदि ऐसा नोटिस आता है तो हर नागरिक, जिसके दस्तावेज ठीक हैं, वह जाकर दिखा सकता है, इसमें कुछ गलत नहीं है। इसलिए एडमिरल अरुण प्रकाश सर के मामले में उनका पीपीओ/वेटरन कार्ड पर्याप्त प्रमाण है और प्रोटोकॉल के अनुसार एसआईआर टीम उनके घर जा सकती है।’’ खुद को ‘ऑपरेशन विजय’ और ‘ऑपरेशन मेघदूत’ में भाग लेने वाला सैन्यकर्मी बताते हुए एक अन्य ‘यूजर’ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मेरा, उनका और आपका पीपीओ और जीवन प्रमाणपत्र पहले से सरकारी डेटाबेस में है। एसआईआर टीम को प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कीबोर्ड पर कुछ कुंजियां दबानी हैं। सामान्य समझ की कमी है।विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का महत्वनिर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य निम्नलिखित है:दोहरे पंजीकरण को हटाना: एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में न हो।मृतकों के नाम का विलोपन: मतदाता सूची को अपडेट रखना ताकि फर्जी वोटिंग रोकी जा सके।पते का सत्यापन: यह सुनिश्चित करना कि मतदाता वास्तव में उसी पते पर रह रहा है जहाँ वह पंजीकृत है।निष्कर्षयद्यपि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन एडमिरल अरुण प्रकाश जैसे सम्मानित व्यक्तित्व को जारी किया गया यह नोटिस तंत्र की खामियों की ओर इशारा करता है। यह मामला दर्शाता है कि 'डिजिटल इंडिया' के दौर में भी निर्वाचन आयोग को अपनी जमीनी प्रक्रियाओं को और अधिक 'यूजर-फ्रेंडली' और आधुनिक बनाने की आवश्यकता है। News Source- PTI Information No flying displays in times of COVID. But mini celebration at home: with two serving White Tigers - Lt Nitin, Master-Chief Manoj - & cake. Big Brother watching from next frame. https://t.co/XSY4UghRmN pic.twitter.com/FhvbreL1Pl— Adm. Arun Prakash (@arunp2810) July 7, 2021
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